जमशेदपुर: लौहनगरी में शनिवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ अटूट श्रद्धा और अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर के कोने-कोने से कुल 162 लाइसेंसधारी अखाड़ा समितियों की भव्य शोभायात्राएं निकलीं। जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप से पूरी लौहनगरी भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई।
बारिश ने डाली बाधा, पर अडिग रहे रामभक्त
शाम पांच बजे के बाद जब विसर्जन जुलूस अपने पूरे शबाब पर था, तभी करीब साढ़े छह बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण करीब आधे घंटे तक जुलूस की गति थम गई और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए। हालांकि, जैसे ही बारिश थमी, रामभक्तों का जोश फिर से हिलोरे मारने लगा और दोगुने उत्साह के साथ शोभायात्राएं अपने गंतव्य की ओर बढ़ चलीं।
प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा और निगरानी
शांतिपूर्ण विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
- कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी और सिटी एसपी कुमार शिवाशिष स्वयं कंट्रोल रूम में डटे रहे और सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन के जरिए भीड़ और जुलूस की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।
- फील्ड पर सतर्कता: संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता के कारण शहर के सभी हिस्सों में कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
स्वर्णरेखा घाट पर हुआ विसर्जन
देर रात तक साकची स्थित स्वर्णरेखा घाट पर श्रद्धा और भक्ति के साथ विभिन्न अखाड़ों के पावन ध्वज (झंडों) का विसर्जन किया गया। घाट पर भी प्रशासन ने सुरक्षा और प्रकाश की व्यापक व्यवस्था की थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने अगले वर्ष और भी भव्य आयोजन के संकल्प के साथ इस महापर्व का समापन किया।
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