जमशेदपुर:
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर ने तकनीकी शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को पाटने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्थान ने बजाज ऑटो फाउंडेशन (BAF) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत परिसर में “बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग (BEST)” कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।
इस साझेदारी के माध्यम से जमशेदपुर के इंजीनियरिंग छात्रों को अब विश्वस्तरीय और उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
₹9 करोड़ का निवेश और अत्याधुनिक लैब
बजाज ऑटो ने अपनी CSR पहल के तहत एनआईटी जमशेदपुर में एक समर्पित BEST सेंटर स्थापित करने के लिए 9 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
- अवसंरचना: इस राशि से केंद्र को उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक मशीनों से सुसज्जित किया जाएगा।
- पाठ्यक्रम: ट्रेनिंग प्रोग्राम को बजाज ऑटो के वरिष्ठ इंजीनियरों और विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है, ताकि छात्रों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं को सुलझाने का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

छात्रों को क्या होगा फायदा?
यह कार्यक्रम केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एनआईटी के नियमित शैक्षणिक ढांचे में शामिल किया जाएगा:
- रोजगार क्षमता में वृद्धि: छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों और व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी जॉब मार्केट में वैल्यू बढ़ेगी।
- विशेषज्ञ मार्गदर्शन: एनआईटी के प्राध्यापक बजाज ऑटो के विशेषज्ञों से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर इस कोर्स को संचालित करेंगे।
- प्रमाणन: कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को बजाज ऑटो और एनआईटी द्वारा संयुक्त प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान बजाज ऑटो की ओर से सुधाकर गुडिपाटी (उपाध्यक्ष, CSR) और विनिता शेखावत उपस्थित थे।
संस्थान का प्रतिनिधित्व निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार, उप-निदेशक प्रो. राम विनय शर्मा, और कुलसचिव प्रभारी प्रो. सरोज कुमार सारंगी समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और डीन्स ने किया।
राष्ट्रीय कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने इस सहयोग को संस्थान की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी, बल्कि भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय कौशल विकास’ मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगी।
तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट











