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जमशेदपुर: रामनवमी पर मौसम के दो रंग; दोपहर में 38.5°C की तपिश, तो शाम को आंधी-बारिश ने बिगाड़ा अखाड़ों का खेल

जमशेदपुर:

लौहनगरी में रामनवमी का पावन पर्व भक्ति, उत्साह और मौसम की लुका-छिपी के बीच संपन्न हुआ। जहां दिनभर सूरज की तपिश ने श्रद्धालुओं को बेहाल किया, वहीं शाम ढलते ही अचानक आए मौसम के बदलाव ने अखाड़ा समितियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया। तेज आंधी और हल्की बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख अखाड़ों के मंच क्षतिग्रस्त हो गए।n7062381401774670059148ac7904d1aaf47225960cae22affb7284a9478e03877f8c98897185fa347d5886

दोपहर में गर्मी का सितम, भक्ति का जज्बा कायम

​शुक्रवार को दिनभर आसमान से आग बरसती रही। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से पूरा शहर गुंजायमान रहा, हालांकि लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और शरबत का सहारा लेते नजर आए।1002518072

शाम को ‘कयामत’ बनकर आई आंधी, टूटे अखाड़ों के मंच

​शाम होते ही मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस प्राकृतिक बदलाव ने उत्सव की तैयारियों को काफी नुकसान पहुंचाया:

  • क्षतिग्रस्त मंच: ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह अखाड़ा, जंबू अखाड़ा और रोहन अखाड़ा जैसे बड़े अखाड़ों के स्वागत मंच के ऊपरी हिस्से तेज हवा के दबाव में टूट गए।
  • श्रद्धालुओं की मशक्कत: कई जगहों पर श्रद्धालु और समिति के सदस्य रामनवमी के झंडों को गिरने से बचाने के लिए उन्हें पकड़कर घंटों खड़े रहे। देर रात तक अखाड़ा समितियों द्वारा मंचों को दोबारा दुरुस्त करने का कार्य जारी रहा।

मौसम विभाग का अलर्ट: आज भी रहेगा ‘येलो अलर्ट’

​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कोल्हान समेत पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले के लिए चेतावनी जारी की है:

  • शनिवार का पूर्वानुमान: आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन में तेज धूप रहने की संभावना है, लेकिन शाम को एक बार फिर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है।
  • अगली तारीख: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 31 मार्च को एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह

​मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए जुलूस में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने साथ छाता या रेनकोट जरूर रखें। साथ ही, अखाड़ा समितियां अपने बिजली के कनेक्शन और ऊंचे झंडों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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