पटना/डेस्क: घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत और बुकिंग को लेकर असमंजस में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के प्रतिबंध नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बना दिया है। नए नियमों के लागू होने से अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
क्या हैं बुकिंग के नए नियम?
नए सरकारी निर्देश के अनुसार, अब गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के लिए लाभार्थियों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- सामान्य उपभोक्ता (Non-PMUY): गैर-प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना वाले उपभोक्ता अब 25 दिनों के अंतराल पर दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
- उज्ज्वला योजना लाभार्थी (PMUY): प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए यह समय-सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है।
श्रेणीगत प्रतिबंध हुए समाप्त
इस बदलाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब वितरण प्रणाली में शहरी (Urban), ग्रामीण (Rural) और दुर्गम (Inaccessible) क्षेत्रों के आधार पर लागू अलग-अलग प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
साईं गैस एजेंसी के संचालक नीरज कुमार लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले मार्केट टाइप के आधार पर नियमों में असमानता थी, जिससे वितरण में तकनीकी समस्याएं आती थीं। अब पूरे देश में एकसमान नियम लागू होने से वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
आम जनता को क्या होगा लाभ?
- भ्रम की स्थिति खत्म: पहले अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग नियम होने से उपभोक्ताओं में असमंजस रहता था, जो अब दूर हो जाएगा।
- कृत्रिम किल्लत पर रोक: बुकिंग प्रक्रिया सरल होने से सिलेंडरों की कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत पर अंकुश लगेगा।
- बेहतर समन्वय: गैस एजेंसियों और ग्राहकों के बीच तालमेल बेहतर होगा, जिससे समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों को राहत: दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब शहरी उपभोक्ताओं के समान ही पारदर्शी सेवा मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय
स्थानीय उपभोक्ताओं और गैस एजेंसी संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन नियमों का सख्ती से पालन किया गया, तो आने वाले समय में गैस आपूर्ति की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा और एजेंसियों पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज











