मुंबई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। इस बार का आईपीएल केवल मैदान पर रनों की बारिश के लिए ही नहीं, बल्कि BCCI द्वारा लागू किए गए 7 नए और कड़े नियमों के लिए भी चर्चा में है। बोर्ड ने सभी 10 टीमों के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।
ये नियम खेल की तकनीक से ज्यादा टीमों के अनुशासन, प्रैक्टिस और मैनेजमेंट से जुड़े हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वे 7 प्रमुख नियम:
1. मैच के दिन ‘नो प्रैक्टिस’ रूल
BCCI के पहले नियम के मुताबिक, अब किसी भी टीम को उसके मैच वाले दिन मैदान पर प्रैक्टिस या ट्रेनिंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। खिलाड़ियों को मैच के लिए पूरी तरह फ्रेश रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
2. प्रैक्टिस मैचों पर लगा पहरा
अब टीमें अपनी मर्जी से अनगिनत प्रैक्टिस मैच नहीं खेल सकेंगी। नए नियम के तहत:
- कोई भी टीम 2 से ज्यादा प्रैक्टिस मैच नहीं खेल सकती।
- इसके लिए BCCI से लिखित अनुमति लेनी होगी।
- प्रैक्टिस मैच की अवधि साढ़े 3 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3. ‘अपना नेट, अपना अभ्यास’
नेट प्रैक्टिस को लेकर भी बोर्ड सख्त हो गया है। कोई भी टीम दूसरी टीम के साथ प्रैक्टिस नेट्स शेयर नहीं करेगी। हर टीम को अभ्यास के लिए नया नेट दिया जाएगा। अगर किसी दूसरी टीम का नेट खाली भी है, तो भी दूसरी टीम उसका उपयोग नहीं कर सकेगी।
4. पिच की सुरक्षा के लिए ‘4 दिन’ का बैन
जिस पिच पर होम टीम का पहला मैच होना है, उस पर मैच से 4 दिन पहले किसी भी तरह की ट्रेनिंग या प्रैक्टिस वर्जित होगी। खिलाड़ियों को रेंज हिटिंग, थ्रो डाउन और अन्य ड्रिल्स के लिए अलग से विकेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
5. होम टीम को प्राथमिकता
प्रैक्टिस शेड्यूल में हमेशा होम टीम को पहले अभ्यास करने की प्राथमिकता मिलेगी। यदि दो टीमें एक-दूसरे के ठीक बाद अभ्यास करती हैं, तो बोर्ड हर बार नई और तैयार पिच मुहैया कराएगा।
6. परिवार और दोस्तों के साथ सफर पर रोक
BCCI ने खिलाड़ियों के निजी जीवन और पेशेवर अनुशासन के बीच एक लकीर खींच दी है। अब खिलाड़ियों के परिवार और दोस्तों को उनके साथ टीम बस में ट्रेवल करने की इजाजत नहीं होगी।
7. टीम बस अनिवार्य
खिलाड़ी जब भी होटल से प्रैक्टिस या मैच के लिए निकलेंगे, उन्हें व्यक्तिगत वाहनों के बजाय अनिवार्य रूप से टीम बस का ही उपयोग करना होगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा और समय की पाबंदी को सुनिश्चित करना है।
क्यों लिए गए ये फैसले?
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि BCCI इन नियमों के जरिए टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करना चाहता है। साथ ही, नेट्स और पिच शेयरिंग पर रोक लगाकर टीमों के बीच किसी भी तरह के विवाद या जासूसी की संभावना को खत्म करने की कोशिश की गई है।











