रांची | तीसरी धारा न्यूज: झारखंड सरकार ने राज्य के चतुर्थवर्गीय कर्मियों (Group-D) के लिए करियर में तरक्की का बड़ा रास्ता खोल दिया है। राज्य सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और समाहरणालयों (Collectrate) में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मी अब सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से कनीय सचिवालय सहायक और निम्न वर्गीय लिपिक (LDC) के पदों पर नियुक्त हो सकेंगे। तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग ने इस नई नियमावली को अधिसूचित कर दिया है।


15% पदों पर होगी सीधी भर्ती, अपने ही कार्यालय में मिलेगी नियुक्ति
नई नियमावली के तहत कनीय सचिवालय सहायक और लिपिक के कुल रिक्त पदों में से 15 प्रतिशत पद सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए भरे जाएंगे। खास बात यह है कि इस परीक्षा में सफल होने वाले कर्मियों की नियुक्ति उनके अपने ही कार्यालय में की जाएगी।
योग्यता और पात्रता की शर्तें:
- अनुभव: केवल वही कर्मी परीक्षा में बैठ सकेंगे जिन्होंने न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो।
- शैक्षणिक योग्यता: सचिवालय सहायक के लिए स्नातक (Graduate) और क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिक पद के लिए इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- कंप्यूटर ज्ञान: परीक्षा ऑनलाइन (CBT) होगी, इसलिए कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान जरूरी है।
परीक्षा का स्वरूप: दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित यह परीक्षा दो चरणों में होगी:
- प्रथम चरण (लिखित परीक्षा): यह 100 अंकों की वस्तुनिष्ठ (Objective) परीक्षा होगी। हर सही उत्तर पर 3 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे होगी।
- द्वितीय चरण (टंकण परीक्षा): लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को हिंदी टंकण (Typing) परीक्षा पास करनी होगी।
पाठ्यक्रम: क्या और कितना पूछा जाएगा?
तीसरी धारा न्यूज के पाठकों के लिए विस्तृत सिलेबस यहाँ दिया गया है:
| विषय | प्रश्नों की संख्या |
| सामान्य अध्ययन, विज्ञान, गणित और समसामयिक घटनाएं | 25 |
| झारखंड राज्य से संबंधित सामान्य ज्ञान | 15 |
| हिंदी व्याकरण, शब्द ज्ञान और वाक्य रचना | 20 |
| कार्यालय संचालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी | 20 |
| कंप्यूटर का मूलभूत ज्ञान, MS Office और इंटरनेट | 20 |
नोट: प्रश्नों की कठिनाई का स्तर मैट्रिकुलेशन (10वीं) के समकक्ष होगा। रिक्तियों की गणना प्रत्येक वर्ष की पहली जनवरी से की जाएगी। इस बदलाव से राज्य के हजारों कर्मियों को पदोन्नति के साथ बेहतर भविष्य का अवसर मिलेगा।











