रुड़की/जमशेदपुर: तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी (NIT) जमशेदपुर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने देश के अग्रणी संस्थान आईआईटी (IIT) रुड़की के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और शोध सहयोग को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के उद्देश्य से किया गया है।


निदेशकों ने किया समझौते पर हस्ताक्षर
20 मार्च 2026 को रुड़की में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार और आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सूरजित कुंडू और आईआईटी रुड़की के डॉ. साई रामुडु मेका भी उपस्थित रहे।
इन क्षेत्रों में होगा विशेष सहयोग:
इस MoU के तहत दोनों संस्थान मिलकर निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करेंगे:
- संयुक्त शोध परियोजनाएं: जटिल तकनीकी समस्याओं पर दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ मिलकर रिसर्च करेंगे।
- पीएच.डी. मार्गदर्शन: छात्रों को दोनों संस्थानों के वरिष्ठ संकायों से संयुक्त रूप से मार्गदर्शन (Co-guidance) प्राप्त होगा।
- छात्र एवं संकाय विनिमय: विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक-दूसरे के संस्थानों के संसाधनों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा।
- स्टार्टअप और नवाचार: स्टार्टअप इनक्यूबेशन और इनोवेशन केंद्रों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
“जमीनी स्तर पर दिखेगा असर” — प्रो. गौतम सुत्रधार
इस अवसर पर प्रो. सुत्रधार ने विश्वास दिलाया कि इस समझौते को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे वास्तविक रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “एनआईटी जमशेदपुर के कई शिक्षक आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र रहे हैं, जिससे हमारा शैक्षणिक रिश्ता पहले से ही मजबूत है। अब इस MoU के जरिए हम अनुसंधान पार्क और नवाचार केंद्रों का प्रभावी उपयोग कर छात्रों को सीधा लाभ पहुँचाएंगे।”
संस्थानों का दौरा और भविष्य की योजनाएं
समझौते के बाद प्रो. सुत्रधार और डॉ. कुंडू ने आईआईटी रुड़की के टिंकरिंग लैब, डिजाइन एवं नवाचार केंद्र और CSIR–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) का दौरा किया। उन्होंने वहां की आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया और भविष्य में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
इस सहयोग से आने वाले समय में जमशेदपुर और झारखंड के छात्रों के लिए शोध और करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।











