धनबाद/जमशेदपुर: रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे ने गोमो और बोकारो होकर चलने वाली कई प्रीमियम और महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में स्थाई बदलाव (Permanent Diversion) करने का निर्णय लिया है। अब भुवनेश्वर-नई दिल्ली तेजस राजधानी, टाटा-पटना वंदे भारत और नीलांचल एक्सप्रेस जैसी 12 ट्रेनें अपने पुराने रूट ‘मूरी’ के बजाय चांडिल और पुरुलिया होकर चलेंगी।

रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। मार्ग परिवर्तन के बाद अब इन ट्रेनों की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी।
क्यों बदला गया रूट?
रेलवे के अनुसार, यह निर्णय यात्री सुविधाओं और रेल परिचालन को सुगम बनाने के लिए लिया गया है। मूरी रेल खंड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चांडिल-पुरुलिया रेल मार्ग का उपयोग किया जाएगा, जो अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन के लिए पूरी तरह सक्षम है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव भी कम होगा।
इन 12 ट्रेनों का बदला रास्ता:
- 22823/22824 भुवनेश्वर-नई दिल्ली-भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस
- 22805/22806 भुवनेश्वर-आनंद विहार-भुवनेश्वर सुपरफास्ट
- 18427/18428 पुरी-आनंद विहार-पुरी एक्सप्रेस
- 12875/12876 पुरी-आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस
- 21895/21896 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस
- 20893/20894 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस
नोट: रेलवे जल्द ही इन ट्रेनों का नया टाइम टेबल और बदलाव की प्रभावी तिथि जारी करेगा।
धनबाद स्टेशन का होगा कायाकल्प: सुविधाओं पर जोर
दूसरी ओर, धनबाद स्टेशन के पुनर्विकास (Redevelopment) को लेकर हलचल तेज हो गई है। बुधवार को पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (CCM) अमिताभ प्रभाकर ने डीआरएम कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- स्टेशन के दोनों छोर पर दो चरणों में होने वाले कार्यों के मास्टर प्लान पर चर्चा।
- यात्री सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश।
- स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क










