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ईरान-इजरायल युद्ध: कैसे ढेर हुए अयातुल्ला खामेनेई? ट्रैफिक कैमरों की हैकिंग और AI ने लिखी मौत की पटकथा

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तेहरान/तेल अवीव: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। शनिवार की सुबह, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान स्थित अपने सुरक्षित किलेनुमा दफ्तर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई।

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​यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि इसने ईरान के सुरक्षा घेरे की धज्जियां उड़ा दीं। आइए जानते हैं कैसे इजरायली खुफिया एजेंसी ने इस असंभव मिशन को अंजाम दिया।

ट्रैफिक कैमरों से मिली ‘किलर’ लोकेशन

​फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली इंटेलिजेंस ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों पहले ही हैक कर लिया था।

  • ​इन कैमरों की फुटेज एन्क्रिप्ट होकर सीधे इजरायल के सर्वर पर जा रही थी।
  • ​एक विशेष कैमरा एंगल सीधे खामेनेई के ‘पाश्चर स्ट्रीट’ स्थित कंपाउंड पर नजर रख रहा था।
  • ​इससे इजरायल को यह पता चल गया कि कौन सा बॉडीगार्ड कब आता है, गाड़ियां कहां पार्क होती हैं और खामेनेई के ऑफिस में रहने का सटीक समय क्या है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल

​इस मिशन में AI एल्गोरिदम ने रीढ़ की हड्डी का काम किया। AI की मदद से सुरक्षाकर्मियों के पते, उनकी ड्यूटी के घंटे और उनके आने-जाने के रास्तों का डेटा तैयार किया गया। एक इजरायली अधिकारी ने गर्व से कहा, “हम तेहरान की गलियों को यरुशलम की तरह जानते थे।”

‘स्पैरो मिसाइल’: डाइनिंग टेबल जितना सटीक निशाना

​इजरायल ने इस हमले में अपनी अत्याधुनिक ‘स्पैरो’ (Sparrow) मिसाइल का इस्तेमाल किया। यह मिसाइल 1000 किलोमीटर दूर से किसी डाइनिंग टेबल जितने छोटे लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मिसाइल ईरान के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम की पकड़ में भी नहीं आई।

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बंकर के बजाय ऑफिस में क्यों थे खामेनेई?

​विशेषज्ञों के लिए यह सबसे बड़ा सवाल है कि युद्ध के तनाव के बीच 86 वर्षीय खामेनेई सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर के बजाय अपने ऑफिस में क्यों थे। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने हमले के लिए शनिवार सुबह का समय इसलिए चुना क्योंकि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि खामेनेई और उनके सभी सीनियर अधिकारी एक साथ कंपाउंड में मौजूद होंगे। अगर वे एक बार बंकर में चले जाते, तो उन्हें ढूंढना और मारना नामुमकिन हो जाता।

पहले छीनी ईरान की ‘आंखें’

​इस हमले से पहले इजरायल ने साइबर हमलों और ड्रोन के जरिए ईरान के एयर डिफेंस को पंगु बना दिया था। एक सैन्य अधिकारी के शब्दों में, “हमने हमला करने से पहले उनकी आंखें (रडार) छीन ली थीं।”

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