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झारखंड के अस्पतालों में AI से होगा इलाज: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को अमेरिका का बुलावा, दो चरणों में बदलेगी चिकित्सा प्रणाली

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रांची/नई दिल्ली: झारखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से हाई-टेक बनाने की तैयारी में है। अब राज्य के मरीजों का इलाज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत डिजिटल तकनीकों के माध्यम से होगा। इसी सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को अमेरिकी कंपनी एक्टयूवी (ActUV) के सीईओ ड्रैगन स्मिथ ने डलास, टेक्सास (USA) के दौरे के लिए आमंत्रित किया है।

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मई में ‘टेक्सास’ जाएगी स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम

​प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मई 2026 में झारखंड स्वास्थ्य मंत्रालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाएगा। वहां की टीम:

  • ​उन्नत चिकित्सा अवसंरचना (Medical Infrastructure) का अध्ययन करेगी।
  • डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम और AI समर्थित डायग्नोस्टिक मॉडल को समझेगी।
  • ​झारखंड के ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक तकनीक आधारित इलाज पहुंचाने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।

भारत मंडपम में झारखंड की उपस्थिति

​नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हेल्थ एवं टेक्नोलॉजी समिट में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ ही वैश्विक स्तर के इंटेलिजेंट डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म और टेलीमेडिसिन मॉड्यूल का प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा सत्र में व्यस्तता के कारण अपनी टीम को इन नवाचारों के अध्ययन के लिए भेजा है।

दो चरणों में लागू होगा ‘AI हेल्थ मॉडल’

​स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में एआई-समर्थित प्रणाली दो चरणों में जमीन पर उतारी जाएगी:

  1. प्रथम चरण: राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को डिजिटल रेडियोलॉजी, पैथोलॉजिकल ऑटोमेशन और क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (CDSS) से जोड़ा जाएगा।
  2. द्वितीय चरण: जिला और सदर अस्पतालों को इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। इससे कैंसर, हार्ट अटैक (कार्डियोवैस्कुलर) और स्ट्रोक जैसी जटिल बीमारियों का शुरुआती दौर में ही सटीक पता लगाया जा सकेगा।

सुदूर क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

​स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रिसिजन डायग्नोस्टिक्स (सटीक जांच) और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग के जरिए इलाज की गुणवत्ता सुधारना है। अमेरिकी कंपनी के सीईओ ड्रैगन स्मिथ ने भी झारखंड के इन प्रयासों की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।

स्वास्थ्य मंत्री का संदेश: “हमारा लक्ष्य चिकित्सा सेवाओं को न केवल आधुनिक बनाना है, बल्कि इसे गरीब और ग्रामीण आबादी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाना भी है।”