कानपुर/जादूगोड़ा | 15 फरवरी, 2026
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा की रहने वाली और IIT कानपुर में कार्यरत 26 वर्षीय अंजू ने शनिवार (वैलेंटाइन डे) को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस वक्त हुई जब मंगेतर से फोन पर हुई एक बहस के बाद अंजू ने आत्मघाती कदम उठाने की बात कहकर कॉल काट दिया।

फोन पर विवाद और फिर मौत का लाइव थ्रिलर
जादूगोड़ा निवासी राजनंदन रविदास की बेटी अंजू पिछले तीन वर्षों से IIT कानपुर के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में जूनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर तैनात थी।
- विवाद की वजह: शनिवार सुबह वैलेंटाइन डे के मौके पर अंजू की बातचीत ओडिशा में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात उसके मंगेतर प्रताप से हो रही थी।
- कहासुनी: बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्साई अंजू ने सुसाइड की चेतावनी देते हुए फोन काट दिया।
- नाकाम कोशिश: घबराए प्रताप ने तुरंत कैंपस में रहने वाले अंजू के दोस्त सूरज को फोन कर कमरे पर भेजा, लेकिन तब तक अंजू अंदर से दरवाजा बंद कर चुकी थी। अंततः पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
भाई की मौत का गम और मानसिक अवसाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से एक दुखद पहलू सामने आया है। ADCP पश्चिम कपिल देव सिंह के अनुसार:
- अंजू अपने जुड़वां भाई की मौत के बाद से गहरे अवसाद (Depression) में थी। डेढ़ साल पहले उसका भाई UPSC की तैयारी के दौरान जान दे चुका था।
- अंजू इस घटना के लिए खुद को जिम्मेदार मानती थी और भावनात्मक रूप से काफी कमजोर हो चुकी थी। मंगेतर प्रताप के मुताबिक, उसकी पहले काउंसिलिंग भी कराई गई थी।
[A solitary candle and a diary on a wooden table, symbolizing mourning]
डायरी के फटे पन्ने और अनसुलझे सवाल
फॉरेंसिक टीम को मौके से अंजू की एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें सुसाइड से ठीक पहले लिखे गए कुछ पन्ने फटे हुए थे।
”डायरी के फटे टुकड़ों का मिलान किया जा रहा है। शुरुआती जांच में कुछ शेरो-शायरी जैसे अंश मिले हैं। मोबाइल फोन और डायरी की गहन जांच से मौत की असली वजह और स्पष्ट होगी।” — पुलिस प्रशासन
नवंबर में होनी थी शादी
अंजू और प्रताप की सगाई पिछले साल 25 सितंबर को IIT के गेस्ट हाउस में ही बड़े धूमधाम से हुई थी। दोनों इस साल नवंबर में शादी के बंधन में बंधने वाले थे, लेकिन एक पल के आवेश ने दो परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया।










