गोमिया (बोकारो): झारखंड के बोकारो जिले का गोमिया प्रखंड इन दिनों हाथियों के भीषण आतंक से थर्रा उठा है। पिछले 48 घंटों के भीतर हाथियों ने अलग-अलग गांवों में हमला कर 5 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। गुरुवार रात गांगपुर गांव में दादा-पोते की मौत के साथ ही इस क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।

गांगपुर में आधी रात का कहर: दादा और पोते की जान गई
महुआटांड़ पंचायत के गांगपुर गांव में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तीन हाथियों का झुंड अचानक घुस आया। गांव में बिजली नहीं होने के कारण अंधेरे का फायदा उठाकर हाथियों ने घरों पर हमला करना शुरू कर दिया।
- मृतक: 60 वर्षीय सोमर साव और उनका 8 वर्षीय पोता अमन कुमार (आयुष)।
- घायल: हाथियों ने घर की दीवारें तोड़कर अंदर मौजूद लोगों को निशाना बनाया, जिसमें 10 वर्षीय राहुल कुमार, शांति देवी और राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
- लापता: ग्रामीणों के अनुसार एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसकी तलाश वन विभाग और स्थानीय लोग कर रहे हैं।
बड़की पन्नू गांव: एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचला
इससे पूर्व बुधवार देर रात करीब 3 बजे बड़की पन्नू गांव में हाथियों के पांच सदस्यीय झुंड ने भीषण तबाही मचाई थी। यहाँ हाथियों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बेरहमी से मार डाला:
- गंगवा करमाली: घर से बाहर भागते समय हाथियों ने सूंड में लपेटकर पटक दिया।
- कमली देवी: पति की चीख सुनकर बाहर निकलीं पत्नी को भी हाथियों ने कुचल दिया।
- भगिया देवी: जान बचाने की कोशिश कर रही गंगवा करमाली की भाभी को भी हाथियों ने अपना शिकार बनाया।
प्रशासनिक विफलता और अंधेरे का फायदा
ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- गांवों में बिजली की अनुपलब्धता के कारण हाथियों की आवाजाही का पता नहीं चल पाता।
- हाथी घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़कर सीधे रिहायशी इलाकों में हमला कर रहे हैं।
- वन विभाग की गश्त और हाथियों को भगाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।












