जमशेदपुर: ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच, झारखंड के बैनर तले मंगलवार को टाटा पावर गेट के समक्ष मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। सैकड़ों की संख्या में जुटे श्रमिकों और विभिन्न यूनियन पदाधिकारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रबंधन और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।

मजदूरों के शोषण का आरोप: “पेमेंट स्लिप मांगी तो नौकरी से निकाला”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन नेता अंबुज ठाकुर ने मजदूरों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
- मानदेय में देरी: श्रमिकों को समय पर उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है।
- दस्तावेजों का अभाव: कई संस्थानों में मजदूरों को ‘पेमेंट स्लिप’ तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
- दमनकारी नीति: यदि कोई मजदूर अपने हक की पेमेंट स्लिप मांगता है, तो उसे नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। ठाकुर ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण करार दिया।
12 फरवरी को थमेगा झारखंड: राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा
मजदूरों के हितों की रक्षा और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मंच ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
”हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इसके विरोध में 12 फरवरी को झारखंड की सभी ट्रेड यूनियनें एकजुट होकर एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल करेंगी।” – अंबुज ठाकुर, ट्रेड यूनियन नेता
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह धरना तो महज एक शुरुआत है। यदि मजदूरों की समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
हालाँकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन गेट पर उमड़ी भीड़ और मजदूरों के नारों ने प्रशासन और प्रबंधन की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
प्रमुख माँगें एक नजर में:
| क्रम | मुख्य मांग |
|---|---|
| 1 | समय पर उचित मानदेय का भुगतान |
| 2 | अनिवार्य रूप से पेमेंट स्लिप मुहैया कराना |
| 3 | छंटनी और गैरकानूनी निष्कासन पर रोक |
| 4 | श्रमिक अधिकारों का पूर्ण अनुपालन |










