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बजट का झटका: सिगरेट और तंबाकू उत्पाद हुए बेहद महंगे, 25% तक बढ़ी कीमतें

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जमशेदपुर/नई दिल्ली: सिगरेट पीने वालों और तंबाकू का सेवन करने वालों की जेब पर अब भारी बोझ पड़ने वाला है। केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर (Health Cess) लागू किए जाने के बाद, रविवार से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।

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​सिगरेट की कीमतों में 22 से 55 रुपये तक की वृद्धि

​बाजार सूत्रों के अनुसार, 10 सिगरेट वाले पैकेट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं प्रीमियम श्रेणी की सिगरेट के दाम आसमान छू रहे हैं:

  • मध्यम श्रेणी (विल्स नेवी कट): जो पैकेट पहले 95 रुपये का मिलता था, अब उसकी कीमत लगभग 120 रुपये हो गई है।
  • प्रीमियम श्रेणी (गोल्ड फ्लेक लाइट्स, क्लासिक): 170 रुपये वाला पैकेट अब 220 से 225 रुपये के बीच मिलेगा (लगभग 50-55 रुपये की वृद्धि)।
  • पतली सिगरेट (क्लासिक कनेक्ट): 20 सिगरेट वाले पैकेट की कीमत 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये तक पहुँचने की संभावना है।

​क्यों बढ़े दाम? (नया टैक्स ढांचा)

​यह बढ़ोतरी 1 फरवरी से लागू हुए नए नियमों के कारण हुई है:

  1. जीएसटी और उपकर: अब इन उत्पादों पर उच्चतम 40% जीएसटी के साथ-साथ अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लगाया गया है।
  2. MRP आधारित मूल्यांकन: खैनी, गुटखा और जर्दा जैसे उत्पादों के लिए अब जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के आधार पर किया जाएगा, जिससे टैक्स की चोरी रुकेगी और कीमतें बढ़ेंगी।

​बाजार की स्थिति

​फिलहाल कंपनियों ने आधिकारिक रूप से नई एमआरपी घोषित नहीं की है, लेकिन वितरकों (Distributors) ने खुदरा विक्रेताओं को पुराने स्टॉक की बिलिंग 40% जीएसटी के साथ करना शुरू कर दिया है। थोक व्यापारियों का मानना है कि सोमवार से बाजार में पूरी तरह से नई दरों वाला माल उपलब्ध होगा और महीने के अंत तक नई एमआरपी वाले पैकेट बाजार में आ जाएंगे।

विशेष नोट: विशेषज्ञों का मानना है कि इन हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाना सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित किया जा सके।

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