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एक नई सोच, एक नई धारा

पूर्व सीएम सह राज्यपाल रघुबर दास, झारखंड की सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते है, देश में कई राज्यपाल कर चुके है राजनीति में इंट्री

रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास को एक बार फिर से राजनीति में लौट सकते है. ओबीसी का बड़ा चेहरा. भाजपा का दमदार नेता. झारखंड के इकलौते मुख्यमंत्री जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. उनके नेतृत्व क्षमता का लाभ भाजपा उठाना चाहती है. यहीं वजह है कि उनकी सक्रिय राजनीति में फिर से वापसी कराने को लेकर तैयारी की जा रही है. हालांकि, अभी उनका राज्यपाल बने ज्यादा समय नहीं बिता है. बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव के पहले उनकी इंट्री करायी जा सकती है. वैसे राज्यपाल बनने के बाद कई नेता देश में ऐसे है, जो सक्रिय राजनीति में वापसी की है. इसमें भाजपा के कद्दावर नेता कल्याण सिंह शामिल है, जिनको राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया था.

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2019 में वे फिर से राजनीति में आये और भाजपा की सदस्यता ली. इसके अलावा राम नाइट को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया था, लेकिन बाद में वे फिर से चुनावी राजनीति में आ गये. वे केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे. इसी तरह सुशील कुमार शिंदे को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था. बाद में वे राजनीति में वापसी की और वे केंद्रीय गृह मंत्री बने. इसी तरह मोतीलाल वोरा 1993 से 1996 तक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे और फिर वे सक्रिय राजनीति में आये और मुख्यमंत्री के तौर पर आसीन हुए.

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एसएम कृष्णा भी राज्यपाल महाराष्ट्र के थे और बाद में वे राजसभा गये और राजनीति में आये. कांग्रेसी नेता अर्जुन सिंह भी राजयपाल बनाये गये और फिर से कांग्रेस की सदस्यता हासिल की. सी विद्यासागर राव भी भाजपा के ही नेता थे, जिनकी वापसी राजनीति में करायी गयी जबकि वे लंबे समय तक राज्यपाल रहे. शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल रही और फिर वे दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ा और उनको कांग्रेस ने टिकट दिया. सी राजगोपालाचारी जैसे कद्दावर नेताओं की वापसी होती रही है. रामगोपालाचारी मदरा के मुख्यमंत्री बने. वे राज्यपाल भी रहे थे. ओडिशा और हरियाणा के राज्यपाल रहने के बाद वे मद्रास के मुख्यमंत्री बने थे. ऐसे में रघुबर दास की इंट्री फिर से संभव हो सकती है, इसके कयास को बल मिल रहा है. राज्य में ओबीसी चेहरा के तौर पर उनको जाना जाता है जबकि कुशल प्रशासक भी रहे है. ऐसे में उनको एक बार फिर से इंट्री के बारे में बातचीत चल रही है. सूत्र बताते है कि इसको लेकर आलाकमान के स्तर पर बातचीत भी हुई है.

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