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एक नई सोच, एक नई धारा

इनकमिंग कॉल्स (Incoming Calls) एसएमएस (SMS) इमरजेंसी कॉल्स (Emergency SOS) यानी सुरक्षा से जुड़ी ये जरूरी सेवाएं हर हाल में चालू रहेंगी. रिकवरी एजेंटों पर नकेल और प्राइवेसी की सुरक्षा RBI ने साफ निर्देश दिया है कि बैंक रिकवरी एजेंटों को ग्राहकों या गारंटरों की उतनी ही पर्सनल डिटेल्स देंगे, जितनी रिकवरी के लिए बहुत जरूरी हो. बेवजह डेटा शेयरिंग पर रोक लगा दी गई है ताकि आपकी प्राइवेसी सुरक्षित रहे. इसके अलावा, डिवाइस लॉक करने के लिए जिस भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होगा, उसका डिवाइस बनाने वाली कंपनी (OEM) या ऑपरेटिंग सिस्टम से सर्टिफाइड होना अनिवार्य होगा. मई 2026 में आए ड्राफ्ट के बाद अब RBI ने फाइनल नियम जारी कर दिए हैं. 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन नियमों का मकसद रिकवरी प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाना है. अब कोई भी बैंक या एजेंट टेक्नोलॉजी का गलत फायदा उठाकर ग्राहकों पर दबाव नहीं बना सकेगा.

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तीसरी धारा न्यूज

7 अगस्त 2026, जमशेदपुर।

​न्यूज डेस्क:

अगर आपने कभी पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन लिया है और किसी वजह से आपकी EMI मिस हो गई है, तो रिकवरी एजेंटों के कड़े और मनमाने रवैये से आप जरूर वाकिफ होंगे। कई मामलों में तो रिकवरी एजेंट हद पार करते हुए ग्राहकों का पर्सनल मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप तक सॉफ्टवेयर के जरिए लॉक कर देते थे। लेकिन अब लोन डिफॉल्टर्स और आम ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस तरह के हथकंडों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।n7223958541786093759396d78d4a71add2ff470dfb3cd007c013a281f992367cca0e3fd79e751d80f4e73c

​RBI के नए नियमों के अनुसार, सिर्फ लोन न चुका पाने की वजह से कोई भी बैंक या फाइनेंस कंपनी (NBFC) आपका पर्सनल फोन, टैबलेट या लैपटॉप ब्लॉक नहीं कर सकती। रिजर्व बैंक का यह आदेश लोन रिकवरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मानवीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​RBI को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?

​बीते कुछ समय से रिजर्व बैंक को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रिकवरी एजेंट लोन वसूली के लिए गलत रास्ते अपना रहे हैं। इसमें ग्राहकों को डराना-धमकाना, सोशल मीडिया के जरिए मानसिक दबाव बनाना, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना और रिमोट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डिजिटल डिवाइसेज को लॉक कर देना शामिल था। इन्हीं गंभीर शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए RBI ने लोन रिकवरी गाइडलाइंस को संशोधित किया है। यह नई नियमावली 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।b 1

​किन लोन पर लागू होगा यह नियम?

​अगर किसी व्यक्ति ने सामान्य पर्सनल लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन या होम लोन लिया है और किसी कारणवश किश्त भरने में असमर्थ है, तो बैंक उसके निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर को लॉक या ब्लॉक करने के लिए किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

​कब और किस स्थिति में लॉक हो सकता है डिवाइस?

​RBI ने इस नियम में एक स्पष्ट अपवाद (Exception) भी रखा है:

  • ​कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन (Consumer Durable Loan): अगर ग्राहक ने उसी विशिष्ट मोबाइल या लैपटॉप को खरीदने के लिए फाइनेंस या लोन लिया है और उसकी EMI नहीं चुका रहा है, तो संबंधित बैंक या फाइनेंस कंपनी उस डिवाइस की सुविधाओं को सीमित कर सकती है।
  • ​चरणबद्ध कार्रवाई: डिवाइस लोन के मामले में भी बैंक एक बार में पूरा फोन बंद नहीं करेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से एक्सेस सीमित करेगा।a 2

​इमरजेंसी कॉल्स और बेसिक सर्विसेज रहेंगी चालू

​डिवाइस लोन डिफॉल्ट के मामले में अगर फोन पर रिस्ट्रिक्शन लगाए भी जाते हैं, तब भी RBI के नियमानुसार निम्नलिखित बेसिक सुविधाएं किसी भी स्थिति में बंद नहीं की जा सकतीं:

  1. ​इनकमिंग कॉल्स (Incoming Calls)
  2. ​जरूरी एसएमएस (SMS)
  3. ​इमरजेंसी कॉल्स (Emergency SOS Services)

​अर्थात, आपातकालीन और सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं हर हाल में एक्टिव रहेंगी ताकि ग्राहक किसी बड़ी विपत्ति में न पड़े।

​डेटा प्राइवेसी और सर्टिफाइड सॉफ्टवेयर अनिवार्य

​RBI ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे रिकवरी एजेंटों के साथ ग्राहकों या गारंटरों की केवल उतनी ही पर्सनल डिटेल्स शेयर करें, जितनी रिकवरी प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी हो। बिना वजह डेटा शेयरिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

​इसके अलावा, डिवाइस लोन मामलों में एक्सेस सीमित करने के लिए जिस भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा, उसका डिवाइस बनाने वाली मूल कंपनी (OEM) या ऑपरेटिंग सिस्टम से आधिकारिक रूप से सर्टिफाइड होना अनिवार्य होगा।

​मई 2026 में जारी किए गए ड्राफ्ट गाइडलाइंस के बाद अब RBI ने यह फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन दिशानिर्देशों से डिजिटल रिकवरी के नाम पर होने वाली मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।

​तीसरी धारा न्यूज

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