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एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) में ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के भूगोल, कृषि, प्राणीशास्त्र और वनस्पति विज्ञान विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराना और एक स्थायी भविष्य की नींव रखना था।IMG 20260422 WA0002

​प्रतीकात्मक शुरुआत और वृक्षारोपण
​कार्यक्रम का आगाज प्रकृति के साथ सद्भाव और समृद्धि के प्रतीक ‘जौ के बीज’ बोने की रस्म के साथ हुआ। इसके पश्चात, विश्वविद्यालय परिसर में एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का जिम्मा भी लिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​बौद्धिक विमर्श और रचनात्मक प्रतियोगिताएं
​इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान सत्र में विशेषज्ञों ने पर्यावरण की वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि आधुनिक समय में पर्यावरणीय समस्याओं को सुलझाने के लिए भौगोलिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मेल अनिवार्य है।
​विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें छात्रों ने कला के माध्यम से पृथ्वी को बचाने के अभिनव और आधुनिक समाधान पेश किए।
​कविता के जरिए प्रकृति से जुड़ाव
​प्रकृति और मानव के गहरे संबंधों को उजागर करते हुए भूगोल विभाग के छात्र हरीश भुइयां ने एक हृदयस्पर्शी कविता का पाठ किया। उनकी ने उपस्थित जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा के लिए प्रेरित भी किया।

​नेतृत्व का संदेश: “पृथ्वी दिवस एक जीवनशैली हो”

​विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा:
​”पृथ्वी दिवस केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। हमें विज्ञान-आधारित समाधानों और सामूहिक प्रयासों के जरिए अपनी धरती को सुरक्षित करना होगा।”
​वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भूगोल और कृषि जैसे विभागों का यह प्रयास छात्रों को व्यावहारिक रूप से प्रकृति के करीब लाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी को पर्यावरण रक्षा की शपथ भी दिलाई।
​समापन
​कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नवीनीकृत संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य करने का भरोसा दिया।
​ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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