जमशेदपुर : विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर शहर की सामाजिक तनाव निवारण संस्था जीवन ने शनिवार, काशीडीह हाई स्कूल के इंटरेक्ट क्लब के तत्वाधान में एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी देना था जिसमें कक्षा नौवीं एवं दसवीं के छात्रों ने भाग लिया। इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता जीवन संस्था की आउटरीच कार्यक्रम की उप निर्देशिका श्रीमती गुरप्रीत कौर भाटिया एवं उनकी सहयोगी श्रीमती सी एच माधुरी उपस्थित रहीं। श्रीमती गुरप्रीत कौर भाटिया ने विद्यार्थियों को तनाव को समझने एवं उसे दूर करने के उपायों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अस्थाई समस्या का स्थायी समाधान आत्महत्या नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समय प्रबंधन के महत्व को समझाया। इस कार्यक्रम में काशीडीह हाई स्कूल के प्राचार्य श्री फ्रांसिस जोसेफ,वरिष्ठ संयोजिका श्रीमती बर्निता बसु शिक्षकगणों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया।
जमशेदपुर : भाजपा नेता सह पूर्व डीआइजी राजीव रंजन सिंह ने जमशेदपुर के कदमा वसंत विहार जाकर तीन दिन पूर्व हुए अग्निकांड की पीड़ितों से मिलने के लिए पहुंचे। ये लोग तीन दिनों से सामुदायिक केंद्र में थे। वे बसंत बिहार अपार्टमेंट जाकर भाजपा नेता सह पूर्व डीआईजी ने वहां की निवासी भाजपा नेत्री सीमा जायसवाल और अन्य सभी वहां के लोगों से मिले और घटित दुःखद घटना कि विस्तृत जानकारी लिया। बातचीत के क्रम में वहां के लोगों द्वारा बताया गया कि पुलिस द्वारा स्वीकृति नहीं दिए जाने चलते पानी के फटा पाइप रिपेयर नहीं होने के कारण वहां के निवासी अपने फ्लैट में नहीं जा पा रहें हैं और सामुदायिक भवन में रहने के लिए मजबूर है। राजीव रंजन सिंह ने तुरंत थाना प्रभारी से बात कर दुर्घटनाग्रस्त फ्लैट पुलिस को खोलने हेतु कहा। (जारी…)
थाना प्रभारी के आने में काफी विलंब होने लगी तो उन्होंने फिर एसपी सिटी से बात किए और वहां के पीड़ित लोगों के साथ सामुदायिक भवन में बैठ गए और बोले कि जब तक थाना के पदाधिकारी आकर फ्लैट के ताला नहीं खोला देते तब तक वह वही रुकेंगे। करीब एक घंटे विलंब के बाद थाना प्रभारी आए और देर रात्रि प्लंबर बुलाकर पाइप का रिपेयर शुरू कराया गया। इस मौके पर भाजपा कदमा मंडल कार्यालय प्रभारी डीएन सिंह, युवा मोर्चा महामंत्री विक्की यादव, महिला मोर्चा की सीमा जायसवाल, स्थानीय निवासी पंकज लाल, सत्येन समानता एवं अन्य उपस्थित थे। इसके बाद वसंत विहार के स्थानीय निवासियों ने इस कार्य के हेतु पूर्व डीआईजी राजीव रंजन सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया।
जमशेदपुर : सीजीपीसी द्वारा संचालित सिख विजडम के सिख छात्र-छात्राओं ने शनिवार को आयोजित वर्कशॉप में गणित के जटिल सवालों को हल करने का गुर सिखा। शहर के समाजसेवी और राजनीतिज्ञ अमरप्रीत सिंह काले ने मुख्य अतिथि के रूप में बच्चों की हौसला अफजाई की। जमशेदपुर के शैक्षणिक संस्थान मास्टर माइंड्स के मनदीप सिंह भाटिया ने कार्यशाला के दौरान बच्चों के सवालों का हल बताया।
शिक्षा को नयी दिशा दे रहा है सिख विजडम: काले
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अमरप्रीत सिंह काले ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सिख विजडम शिक्षा को नयी ऊँचाई और दिशा दे रही है इसलिए और सिख बच्चों को भी इससे जुड़ना चाहिये। सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) शिक्षा का लंगर लगाने के लिए तत्पर है। (जारी…)
इस मौके पर कुलविंदर सिंह पन्नू, गुरचरण सिंह बिल्ला और अर्जुन वालिया ने भी अपने विचार रखे। सिख विजडम की शिक्षिकाओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यशाला को सफल बनाने में मास्टर माइंड्स के मनदीप सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नु, अर्जुन सिंह वालिया, गुरचरण सिंह बिल्ला, हरविंदर सिंह गुल्लू समेत सिख विजडम के बच्चों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
भारतीय जनता पार्टी नेता एवं युवा सिख नेता सरदार सतबीर सिंह सोमू ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत आइएनडीआइए की सरकार तुष्टीकरण के रास्ते पर चल रही है और इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में उठाना पड़ेगा। उन्होंने झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन में जमशेदपुर के सिखों की अनदेखी करने के साथ ही झारखंड राज्य के अल्पसंख्यक जैन बौद्ध पारसी धर्मावलंबी के साथ ही बांग्ला उड़िया तेलुगू गुजराती तमिल मलयाली जैसी अल्पसंख्यक भाषा भाषी समूह के साथ भेदभाव किया गया है। (जारी…)
जमशेदपुर से सिखों का प्रतिनिधित्व झारखंड अलग राज्य गठन से होता रहा है और इस बार गायब हो गया है। अल्पसंख्यक धर्म एवं भाषाई समूह की अनदेखी हुई है और जनता चुनाव में अच्छी तरह सबक सिखाएगी। सोमू के अनुसार आयोग का गठन लॉलीपॉप मात्र से ज्यादा नहीं है। इस सरकार का कार्यकाल डेढ़ साल लगभग रह गया है और ऐसे में केवल खास वोट बैंक को बेवकूफ बनाने का काम किया गया है। (जारी…)
उनके अनुसार जमशेदपुर के हिदायतुल्ला खान एवं रांची के ज्योति सिंह माथारू को बधाई देते हैं परंतु यह काम तो 3 साल पहले हो जाना चाहिए था। पिछले 3 साल से अल्पसंख्यकों के हितों के लिए एक भी काम नहीं हुआ है। अल्पसंख्यक ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं चुनाव से पहले वायदे किए गए थे कि जो दो दो तीन तीन पीढियां से यहां बसे हुए हैं उन्हें स्थाई अधिवास प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जातिगत प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। (जारी…)
केंद्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं पूरे देश में चल रहे हैं परंतु झारखंड में धरातल पर सरकार की नाकामियों के कारण नहीं उतर पाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल समावेशी विकास के पक्षधर होते तो छोटे-छोटे धार्मिक एवं भाषाई समूह को भी हिस्सेदारी देते लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
झारखण्ड : विगत आठ सितम्बर को झारखण्ड के कई प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण एवं पदोन्नति की गई। जिसमें जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार की जगह पर राँची के एसएसपी कौशल किशोर को लाया गया। जिसके बाद सियासी गलियारा काफी गर्म हो गया और समय पहले हुई इस स्थानांतरण को लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। इस बाबत जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय में झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर इस मामले पर कई सवाल उठाते हुए सरकार को घेरने का कार्य किया और स्थानांतरण की वजह को जगजाहिर करने की मांग की। (जारी…)
उन्होंने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को सम्बोधित करते हुए लिखा कि आप अवगत हैं कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के अपरिपक्व स्थानांतरण सरकार द्वारा कर दिये जाने के विषय में दिनांक 31.07.2023 को विधानसभा में पूछे गये मेरे एक अल्प सूचित प्रश्न का उत्तर सरकार ने दिया था। उत्तर में सरकार ने मेरे प्रश्न की कंडिका-1, 2 और 3 का उत्तर स्वीकारात्मक बताया था। प्रश्न की कंडिका-4 के उत्तर में सरकार ने बताया था कि वर्ष 2020 मे 65, 2021 मे 69 और 2022 मे 80 प्रशासनिक पदाधिकारियों का स्थानांतरण राज्य सरकार ने उनके कार्यकाल की निर्धारित न्यूनतम अवधि पूरा होने के पहले किया है और ये स्थानांतरण सिविल सर्विसेज़ बोर्ड में समीक्षोपरांत किये गये हैं। (जारी…)
इसके कुछ दिन पहले कार्यकाल की निर्धारित अवधि पूरा होने के काफ़ी पहले पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त का स्थानांतरण भी सरकार ने कर दिया था। कल दिनांक 8 सितंबर 2023 को पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक और राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण भी उनके कार्यकाल की न्यूनतम निर्धारित अवधि पूरा होने के पहले कर दिया गया। सरकार का यह निर्णय एक केन्द्रीय अधिनियम के तहत जारी भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 28.01.2014 और इसके आलोक में झारखंड सरकार द्वारा दिनांक 24.02.2015 को निर्गत अधिसूचना के तहत गठित सिविल सर्विसेज़ बोर्ड के प्रावधानों का उल्लंघन है तथा जिस भावना से ये अधिसूचनाएँ निर्गत की गई हैं उस भावना के भी विपरीत है। यहाँ यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि इन दोनों स्थानांतरणों में राजनीतिक हस्तक्षेप की बू आती है। (जारी…)
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अनुचित एवं मनमाना राजनीतिक हस्तक्षेप से संरक्षण देना और उन्हें विधि सम्मत दायित्व का निर्वहन करने का अवसर देना ही केन्द्र द्वारा प्रासंगिक अधिनियम को पारित करने एवं उपर्युक्त अधिसूचनाओं को निर्गत करने का उद्देश्य है। अफ़सोस है कि राज्य सरकार एतदसंबंधी दायित्व का पालन करने के प्रति गंभीर नहीं प्रतीत हो रही है। इससे पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों का मनोबल टूटेगा, वे हतोत्साहित होंगे जिसका प्रतिकुल प्रभाव जनहित पर होगा। (जारी…)
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखते हुए पूछा कि आप कृपया मुझे यह जानकारी उपलब्ध कराने का कष्ट करेंगे कि अपने पद पर न्यूनतम निर्धारित अवधि पूरा करने के काफ़ी पहले इन दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण करने के बारे में बोर्ड की मीटिंग में क्या कारण अंकित किये गये हैं। सुलभ संदर्भ हेतु मैं इस बारे में बोर्ड द्वारा विचार करने हेतु अधिसूचित प्रक्रिया के प्रासंगिक अंश को निम्नवत उद्धृत कर रहा हूँ –
Methodology/Process
a. Will obtain detailed justification from the concerned administrative department of the government for transfer of any officer before the prescribed tenure. i) Shall consider the report of the Administrative Department along with other inputs received by it from other reliable sources. ii) – Obtain comments from the officer proposed to be transferred to the Board regarding the circumstances presented to the Board as justification for the proposal. iii) Shall not recommend such transfer without being satisfied with the reasons for the premature transfer.
Submit a quarterly report to the Central Government in cases it deems fit, giving clear details of the officers recommended for transfer before the minimum prescribed tenure and the reasons therefor.
सरयू राय ने आगे पूछा कि क्या उपर्युक्त दोनों पुलिस पदाधिकारियों के समय पूर्व स्थानांतरण में उपर्युक्त विधिक प्रक्रिया का पालन किया गया है? यदि किया गया है तो क्या आप इससे मुझे अवगत कराने अथवा इसे सार्वजनिक करने की कृपा करेंगे। (जारी…)
उन्होंने निवेदन कर्तव्य हुए अपने पत्र के जरिये यह कहा कि बिना विस्तार में गये निवेदन है कि निहित स्वार्थ प्रेरित अनुचित राजनीतिक दबाव मे पुलिस एवं प्रशासन के ज़िम्मेदार पदाधिकारियों के समय पूर्व स्थानांतरण पर रोक लगाएँ और सुनिश्चित करें कि बोर्ड इस बारे में समुचित प्रक्रियाओं का पालन करे। साथ ही जमशेदपुर और राँची के वरीय पुलिस अधीक्षकों के समय पूर्व स्थानांतरण के साथ ही विधानसभा मे मेरे प्रश्न के उत्तर में सरकार ने विगत तीन वर्षों में समय पूर्व स्थानांतरित किए गए पदाधिकारियों की जो संख्या दिया है उनके स्थानांतरण में बोर्ड ने जो कारण अंकित किया है उनसे भी मुझे अवगत कराने कराने और/अथवा उन्हें सार्वजनिक करने का निर्देश सक्षम पदाधिकारी को दें। अनुरोध है कि हाल में हुए अपरिपक्व स्थानांतरणों को स्थगित करने तथा भविष्य के स्थानांतरणों में सिविल सर्विसेज़ बोर्ड के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना चाहेंगे।
बहरहाल अधिसूचना जारी होने के साथ जमशेदपुर और रांची के सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है देखना है कि सरकार विधायक सरयू राय के पत्र को कितनी गंभीरता से लेती है।
झारखण्ड : स्वास्थ्य विभाग द्वारा 108 एंबुलेंस सेवा का विस्तार करते हुए हाल ही में 206 नई एंबुलेंस इसमें जोड़ी गई। पूर्व से संचालित 337 एंबुलेंस में 206 को जोड़ने के बाद कुल संख्या 543 हो गई। इसके बावजूद लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। पहले की तुलना में मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाने का अनुपात भी कम हुआ है। इसका बड़ा कारण पड़ताल के दौरान सामने आया। मालूम चला कि 543 में से करीब 400 गाड़ियां ही सड़कों पर दौड़ रही हैं, बाकी गाड़ियां चलने की स्थिति में नहीं हैं। इनमें आधी ब्रेक डाउन हैं, जबकि आधी में बैटरी की समस्या और इंजन की प्रॉब्लम है। (जारी…)
बताते चलें कि 18 अगस्त को ही पुरानी एजेंसी ने 108 सर्विस का काम नई एजेंसी ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज को सौंपा है। इस दौरान कॉल सेंटर के साथ-साथ एंबुलेंस भी नई एजेंसी को सौंपनी थी। लेकिन पुरानी एजेंसी ने 337 की जगह अब तक 292 एंबुलेंस ही नई एजेंसी को सौंपी है। (जारी…)
शेष 45 गाड़ियां हैंडओवर के दौरान चलने की अवस्था में नहीं मिली, जिसके बाद पुरानी एजेंसी उसे सर्विस कराने के बाद नई एजेंसी को सौंपने के लिए तैयार हुई है। वहीं, सौंपी गई 292 गाड़ियों में भी करीब 70 गाड़ियां ऐसी हैं, जिनमें आधी की बैटरी डेड है। मेंटेनेंस के अभाव में कई गाड़ियों के इंजन में प्रॉब्लम आ गई है। यदि बगैर सर्विसिंग इसे सड़क पर उतारा गया, तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। 337 में से 85 एंबुलेंस की स्थिति ऐसी है कि इनमें एसी तक काम नहीं करती।
गिरिडीह : डुमरी विधानसभा उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा की बेबी देवी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी आजसू की यशोदा देवी को 17,100 वोट से पराजित किया। इस जीत के बाद बेबी देवी ने कहा कि वह अपने दिवंगत पति के कार्यों को जारी रखेंगी। इंडिया प्रत्याशी बेबी देवी को 1,35,480 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनडीए की यशोदा देवी को 1,18,380 वोट मिले। डुमरी में 22वें राउंड के बाद इंडिया की बेबी देवी ने 15,873 वोटों की बढ़त बना ली। उन्हें 93,906 वोट मिले वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी आजसू (एनडीए) की यशोदा देवी को 78,035 वोट मिले। बेबी देवी की जीत की घोषणा होते ही झामुमो सहित पूरे इंडिया गठबंधन में खुशी की लहर दौड़ गई। झामुमो समर्थक ढोल नगाड़ों के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए खुशियां मना रहे हैं तो इंडिया गठबंधन के नेता इसे 2024 के चुनावों के पूर्व संकेत बता रहे हैं। (जारी…)
झामुमो की बेबी देवी मतगणना के आरंभिक दौर से ही अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी आजसू (एनडीए) की यशोदा देवी पर बढ़त बना ली थी। तीसरे दौर की गिनती के बाद बेबी देवी को कुल 11495 मत मिले थे, किन्तु यशोदा देवी को कुल 8805 मत मिले थे। इसी तरह चौथे राउंड की मतगणना के बाद बेबी देवी की बढ़त बरकरार रही। इस राउंड की गिनती के बाद बेबी देवी जहां 14661 मत पर पहुंच गयीं वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी यशोदा देवी 13991 मत पर रहीं। किन्तु पांचवें राउंड में आजसू (एनडीए) की यशोदा देवी का पलड़ा भारी होता दिखा। पांचवें राउंड की गिनती के बाद यशोदा देवी को जहां 18446 मत पर पहुंच गयीं वहीं बेबी उनसे लगभग एक हजार मत पीछे 17356 मत तक ही पहुंच सकीं। (जारी…)
यशोदा देवी की बढ़त छठे दौर की मतगणना के बाद भी बरकरार रही जहां उनको मिले मतों का आंकड़ा 22772 मत तक पहुंच गया, जबकि बेबी देवी 20303 मत तक ही पहुंच सकीं। सातवें राउंड में भी बेबी देवी पिछड़ती दिखीं, हालांकि अंतर कुछ कम हुआ। सातवें दौर की मतगणना के बाद यशोदा देवी को कुल 25557 मत पर पहुंच गयीं वहीं बेबी देवी उनके मुकाबले 24006 मत तक ही पहुंच सकीं। 8वें राउंड के अंत में यशोदा देवी 29634 मत तक पहुंच गयीं जबकि बेबी देवी और पिछड़ कर मात्र 26794 मत तक ही पहुंच सकीं। ग्यारहवें राउंड की मतगणना पूरी होने तक झामुमो की बेबी देवी और पिछड़ती नजर आयीं। ग्यारहवें राउंड की मतगणना के बाद बेबी देवी जहां 36875 मत तक पहुंचीं जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी आजसू की यशोदा देवी उनसे 5627 मत आगे 42502 मत तक पहुंच गयीं। 12वें एवं 13वें राउंड में भी यशोदा देवी ने बेबी देवी पर बढ़त बरकरार रखी। इस राउंड की मतगणना के बाद यशोदा देवी को कुल 49,441 मत मिले जबकि यूपीए की बेबी देवी 46,397 मत तक ही पहुंच पायीं। (जारी…)
लेकिन चौदहवें राउंड में आते आते झामुमो की बेबी देवी ने मतों का अंतर काफी कम करती दिखीं, जहां यशोदा देवी उनसे मात्र 312 मत आगे रह गयीं। इस राउंड तक यशोदा देवी को जहां 52,731 वोट मिले वहीं बेबी देवी भी 52,419 वोट तक पहुंच गयीं, लेकिन पंद्रहवें राउंड ने झामुमो की बेबी देवी एक बार फिर आगे निकल गयीं, जहां उन्होंने यशोदा देवी पर 1561 मतों की बढ़त बना ली। पंद्रहवें राउंड की मतगणना के अंत में बेबी देवी को कुल 57330 मत मिल चुके थे जबकि आजसू की यशोदा देवी 55778 मत तक सिमट गयीं। इसके बाद सत्रहवें राउंड से बेबी देवी की बढ़त बढ़ती चली गयी। सत्रहवें राउंड के अंत में बेबी देवी जहां 66,708 मत तक पहुंच गयीं, वहीं आजसू की यशोदा देवी 62,665 मत तक ही रह गयीं। इसी तरह 18वें राउंड की मतगणना के बाद बेबी देवी जहां 72,042 वोट तक पहुंच गयीं, वहीं यशोदा देवी 65,506 मत तक ही पहुंचीं। 20वे एवं 21वें राउंड में भी बेबी देवी की बढ़त बरकरार रही. 21वें राउंड के अंत तक बेबी देवी ने 11452 मतों की बढ़त बना ली. 21वें राउंड के अंत में बेबी देवी 86848 मत तक पहुंच गयीं जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी यशोदा देवी 75395 वोट तक सिमट गयीं। 24वे राउंड की गणना के बाद चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, झामुमो की बेबी देवी को कुल 1 लाख 317 मत हासिल हुए जबकि आजसू की यशोदा देवी को कुल 83 हजार 164 मत हासिल हुए। 17 हजार 153 मतों से बेबी देवी विजेता बनी. तीसरे नंबर पर नोटा रही, यानी 3650 लोगों ने कोई प्रत्याशी को पसंद नहीं किया जबकि चौथे नंबर पर एआइएमआइएम रही।
किस प्रत्याशी को कितना मत मिला, फाइनल रिजल्ट :
बेबी देवी, झामुमो-100317 यशोदा देवी, आजसू-83164 अब्दुल मोबिन रिजवी, एआइएमआइएम-3472 रोशन लाल तुरी, निर्दलीय-1898 कमल प्रसाद साहू, निर्दलीय-713 नारायण गिरी, निर्दलीय-612 नोटा (कोई प्रत्याशी नहीं चाहिए)-3650
चाकुलिया : झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर स्टार्क राइज पेपर मिल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रहे अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन के चौथे दिन भी कोई विभागीय पहल नहीं हुई। इस कारण सभी ग्रामीण और किसानों ने निर्णय लिया है कि शनिवार सुबह 8 बजे से ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में जामडोल ग्रामीण सड़क को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाएगा।
इसमें झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति बहरागोड़ा विधानसभा के सभी सक्रिय सदस्य समर्थन में रहेंगे। इसकी सूचना अनुमंडल दंडाधिकारी घाटशिला एवं अंचलाधिकारी चाकुलिया को दी गई है। यह जानकारी समिति के सदस्य कलन महतो ने विज्ञप्ति जारी कर दी है।
जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का वार्षिक चुनाव 26 सितंबर (मंगलवार) को होगा। उक्त जानकारी चैंबर के मानद महासचिव मानव केडिया ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि सत्र 2023-25 के लिए पांच ट्रस्टी, 11 पदाधिकारियों सहित 30 कार्यसमिति सदस्यों का चुनाव होना है। (जारी…)
चुनाव के लिए नौ सितंबर से नामांकन फार्म उपलब्ध होगा। 12 एवं 13 सितंबर को सुबह 11 से शाम 7 बजे तक नामांकन किया जा सकता है। वहीं 15 सिंतबर को नामांकन फार्म की स्क्रूटनी की जाएगी एवं रात्रि 8 बजे योग्य उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा। नामांकन वापस लेने की तिथि 16 सितंबर है। उसी दिन रात्री 9 बजे उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। (जारी…)
उन्होंने बताया कि रिमोट ई वोटिंग के लिए 23 सितंबर को सुबह 10 बजे से 25 सितंबर संध्या 5 बजे तक साईट खुला रहेगा। वहीं 26 सितंबर को चैंबर भवन में सुबह 11 बजे से संध्या 5 बजे तक मतदान होगा। चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए सीए एनके जैन, आरके झुनझुनवाला, अधिवक्ता पीएस सेन, सीए रमाकांत गुप्ता, अधिवक्ता एसएन खंडेलवाल को संयुक्त रूप से चुनाव अधिकारी बनाया गया है।
जमशेदपुर : भाजमो द्वारा जमशेदपुर में जन सुविधाओं के क्षेत्र में फैली अव्यवस्था के खिलाफ शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जमशेदपुर महानगर अंतर्गत विभिन्न मंडलों से सैकड़ो की संख्या में महिला, युवा, वरिष्ठजनों ने हाथ में तख्ती, बैनर लेकर साकची पुराना किताब गोलचक्कर से साकची बंगाल क्लब होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। (जारी…)
इसमें सैकड़ों की संख्या में शामिल लोगों ने शहर में जन-सुविधाओं के घोर अभाव और इस कारण शहर में विकराल रूप धारण कर चुके डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ जन-आक्रोश व्यक्त करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लोगों ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्य व जिले में अपाहिज हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पूर्णतः जिम्मेवार मंत्री बन्ना गुप्ता की इस्तीफे की मांग की। इस दौरान भाजमो के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। (जारी…)
इस अवसर पर भाजमो के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से नागरिक सुविधाओं का घोर अभाव, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित वायरल फीवर से परेशान जनता की समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से उन्हें बताया गया कि शहर के तीन निकायों के द्वारा ना तो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है, ना तो लार्वा प्रतिरोधक की व्यवस्था की जा रही है। घरों के आगे जलजमाव से लोग परेशान है। जर्जर सड़कों की उनकी अविलंब मरम्मत करवाने एवं कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम की लचर व्यवस्था की जांच की मांग की गई है। (जारी…)
इस अवसर पर प्रमुख रूप से केंद्रीय उपाध्यक्ष राम नारायण शर्मा, अजय सिन्हा, मुकुल मिश्रा, कुलविंदर सिंह पन्नू, मनोज सिंह उज्जैन, विकास गुप्ता, राजेश कुमार, धर्मेंद्र प्रसाद, अमित शर्मा, मंजू सिंह, पी विजय राव, बंदना नमाता, प्रकाश कोया राजेश प्रसाद, रमेश कुंवर, सुधीर सिंह, हरेराम सिंह, अशोक सिंह, दुर्गा राव, बिनोद यादव, शंकर कर्मकार , विजयनारायण सिंह, विनोद राय, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, कैलाश झा, असीम पाठक, काकुली मुखर्जी, अभय सिंह, शेषनाथ पाठक, प्रेम सक्सेना, जयप्रकाश सिंह, कन्हैया ओझा, किरण सिंह, काशीनाथ प्रधान, तिलेश्वर प्रजापति, मनोरंजन सिन्हा, सत्येंद्र सिंह, पुतुल सिंह, सुनीता सिंह, रचित जयसवाल, इंदू देवी, शेखर राय ,जितेंद्र ,अजय रजक,मोनी नाग, प्रदीप राय, संजय कालिंदी,अजीत डे, सत्येंद्र सिंह, विकाश सरकार, एस ऐन मिश्रा, महेश राव, अशोक कुमार, श्यामल राय, खोकन गोराई, साकेत उज्जैन,रोशन सिंह,भारत पांडे,गणेश दास, सिम्मी कच्छप,आशा शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।