रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से आहुत ‘झारखंड बंद’ का जमशेदपुर में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही शहर के विभिन्न मंडलों में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने की अपील करते नजर आए।
सुबह 8 बजे से ही सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
सुबह 8:00 बजे से ही बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में झंडे-बैनर लेकर शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर निकल गए थे। हालांकि, सुबह 11:00 बजे तक बंद का कोई व्यापक प्रभाव देखने को नहीं मिला है। अधिकतर इलाकों में स्थिति सामान्य बनी हुई है और लोग रोजमर्रा के काम के लिए बिना किसी रुकावट के निकल रहे हैं।
स्कूल और मेडिकल सेवाएं बंद से मुक्त
आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने स्कूल, कॉलेज और मेडिकल दुकानों सहित सभी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। सड़कों पर ऑटो, बस और अन्य यात्री वाहन सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
शहर के कुछ क्षेत्रों में बंद का आंशिक असर जरूर दिखाई दिया है, लेकिन कुल मिलाकर पूरे जमशेदपुर में जनजीवन सामान्य ढर्रे पर चल रहा है। पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहा आंदोलन और उग्र हो गया है। सोमवार को हुए विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की और झड़प के बाद पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र व JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत गंभीर हो गई है। उन्हें रांची सदर अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
कपड़े और डंडे की पालकी से पहुंचे थे विधानसभा
अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो का स्वास्थ्य पहले से ही नाजुक बना हुआ था। इसके बावजूद समर्थक उन्हें एंबुलेंस से आंदोलन स्थल लेकर पहुंचे।
जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोका: प्रशासन द्वारा एंबुलेंस को जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोके जाने पर समर्थकों ने हिम्मत नहीं हारी और कपड़े व डंडों से देसी पालकी बनाकर उन्हें विधानसभा गेट तक पहुंचाया।
बातचीत के दौरान बढ़ा विवाद: शाम को जब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता चल रही थी, तभी किसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों ने सड़क से हटने से मना कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज: कई छात्र व एक पुलिसकर्मी घायल
सड़क खाली कराने के प्रयास के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
लाठीचार्ज का आरोप: आंदोलनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने अचानक बल प्रयोग और लाठीचार्ज कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। हालांकि, प्रशासन की तरफ से लाठीचार्ज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अस्पताल में भर्ती: घटना में देवेंद्र नाथ महतो सहित कई अभ्यर्थियों और एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं। जम्मू की छात्रा रीना जसलुटिया भी घायल हुईं, जिन्हें पारस अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
सदर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम मुस्तैद, परिसर में पुलिस बल तैनात
देवेंद्र नाथ महतो और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल छात्रों को रांची सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद देवेंद्र महतो को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल किसी गंभीर अंदरूनी चोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 9 दिनों के अनशन के कारण शरीर बेहद कमजोर है।
अधिकारियों ने लिया जायजा: सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह ने इमरजेंसी पहुंचकर घायलों के इलाज का जायजा लिया।
सुरक्षा सख्त: घटना की खबर मिलते ही समर्थकों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में जुटने लगी, जिसके बाद एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों का यह आंदोलन राज्य में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हो रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में जारी है। अभ्यर्थी पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। पुलिस बल और तीन स्तरीय बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए प्रदर्शनकारी छात्र इतिहास में पहली बार झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंचने में कामयाब रहे।
दिनभर संयम, रात ढलते ही बदला माहौल
सुबह से ही आंदोलनकारी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। पुलिस ने शुरुआती चरण में छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। हालांकि, जैसे ही शाम ढली और बारिश शुरू हुई, पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई।
मौके पर अचानक अफरातफरी मच गई और पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
छात्राओं पर भी कार्रवाई का आरोप, भारी तनाव
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि रात के अंधेरे और बारिश के बीच पुलिस ने बर्बरता की हदें पार कर दीं।
छात्राओं से मारपीट: छात्रों का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी हाथापाई व लाठीचार्ज किया गया।
दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा: पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर अभ्यर्थियों को विधानसभा गेट परिसर से बाहर खदेड़ दिया।
स्थल पर तनाव: इस कार्रवाई के बाद देर रात तक विधानसभा के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन और रांची DC को घेरा
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बैक-टू-बैक कई पोस्ट कर सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर हमला: सांसद ने आरोप लगाया कि युवाओं के रोजगार और न्याय के वादे करने वाली गठबंधन सरकार अपने ही राज्य के छात्रों पर लाठियां बरसा रही है।
रांची DC पर निशाना: उन्होंने रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।
पारदर्शिता की मांग: उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार संवाद करने के बजाय बल प्रयोग क्यों कर रही है?
क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगे?
झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से इस आंदोलन में शामिल हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
JPSC और JSSC की हालिया विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द करना।
भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार और धांधली की सीबीआई (CBI) या निष्पक्ष एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनिमियताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। बंद को देखते हुए राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और रांची पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के संवेदनशील इलाकों और मुख्य चौक-चौराहों पर करीब 3000 जवानों की तैनाती की है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने और गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि 10 अगस्त को JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च का प्रयास किया था, जिसे रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इसी घटनाक्रम के विरोध में और बीजेपी नेताओं (नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी व अन्य विधायकों) को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ पार्टी ने यह बंद बुलाया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को बहाल रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जमशेदपुर: शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण और पैसों की ठगी करने के मामले में मानगो थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थाना प्रभारी नित्यानंद प्रसाद के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने परसुडीह, विद्यासागर पल्ली निवासी दिवेन्दु दास रॉय (पिता- श्रुसन्तो दास रॉय) को धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता द्वारा दायर कोर्ट परिवाद के आधार पर मानगो थाना में कांड संख्या 37/2026 (दिनांक 17 फरवरी 2026) दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा था। मामले की जांच के दौरान 9 अगस्त 2026 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है; उसके खिलाफ पुरुलिया के कोर्टशिला थाना में वर्ष 2024 में धारा 498ए और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है।
इस छापामारी दल में थाना प्रभारी नित्यानंद प्रसाद के अलावा पु.अ.नि. मो. जफर अली, पु.अ.नि. रविशंकर कुमार, स.अ.नि. राजेश कुमार, हवलदार शैलेन्द्र कुमार सिंह और आरक्षी दिलीप कुमार उपाध्याय मुख्य रूप से शामिल थे।
झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो चुका है। आंदोलनरत परीक्षार्थियों और युवाओं पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी ‘झारखंड बंद’ का बड़ा ऐलान किया है। बंद का आह्वान सोमवार को रांची स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान किया गया, जिसकी अगुआई नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की।
‘हेमंत सरकार की दमनकारी नीति बर्दाश्त नहीं’
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कई सालों से JPSC और JSSC द्वारा आयोजित लगभग सभी भर्ती प्रक्रियाओं में भारी गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी वाजिब मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतरे, तो सरकार ने उनसे बात करने के बजाय आंसू गैस, वाटर कैनन और बेरहमी से लाठीचार्ज करवाया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और आंदोलन स्थल से उनका पंडाल तक हटा दिया गया।
CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग
भाजपा ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर देते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है:
विवादित परीक्षाओं की CBI जांच: JSSC-CGL, 14वीं JPSC PT, सहायक आचार्य, PGT और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत तमाम संदेहास्पद परीक्षाओं की जांच राज्य की CID एजेंसी के बजाय CBI से कराई जाए।
दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई: विवादों में घिरी आउटसोर्सिंग कंपनियों और भू-माफियाओं/पेपर लीक गिरोहों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
छात्रों से वार्ता: अनशन पर बैठे छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों से तत्काल बातचीत कर विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
11 अगस्त बंद का खाका: क्या खुला रहेगा और क्या बंद?
भाजपा के मुताबिक, 11 अगस्त को सुबह 8:00 बजे से देर रात तक पूरे झारखंड में व्यापक बंद रखा जाएगा।
आपातकालीन और धार्मिक छूट:
आम जनता को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सेवाओं (अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा दुकानें) को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा है। इसके अलावा, श्रावणी मेले के तहत देवघर व अन्य धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के आवागमन पर बंद का कोई असर नहीं पड़ेगा।
राजनीतिक तपिश बढ़ी
सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को हिरासत में भी लिया गया था। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दमनकारी नीति बंद नहीं की और छात्रों की मांगें नहीं मानीं, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र रूप धारण करेगा। अब मंगलवार को होने वाले बंद का राज्य के जनजीवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और परिवहन पर कितना असर पड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत परसुडीह थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने खकड़ीपाड़ा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और आधा किलो गांजे के साथ एक युवक को धर दबोचा।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पुलिस को खकड़ीपाड़ा इलाके में गांजे की अवैध बिक्री किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि होते ही परसुडीह थाना पुलिस ने त्वरित रणनीति बनाई और चिन्हित स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान संदिग्ध स्थिति में घूम रहे शशि कुमार भगत नामक युवक को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई, जिसके पास से करीब आधा किलो गांजा बरामद हुआ।
आर्थिक तंगी का हवाला, गोलमुरी से लाता था खेप
पुलिस पूछताछ में आरोपी शशि कुमार भगत ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह टाटा मोटर्स में ठेका कर्मी के रूप में काम करता है। आर्थिक तंगी के कारण वह कम समय में अधिक पैसे कमाने के लिए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में उतर गया। उसने स्वीकार किया कि वह गोलमुरी निवासी बबलू सिंह से गांजा खरीदकर स्थानीय युवाओं और ग्राहकों को बेचता था।
मुख्य सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस आरोपी के खुलासे के आधार पर गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। पुलिस अब गोलमुरी निवासी बबलू सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपी शशि कुमार भगत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जारी व्यापक छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। झारखंड CID ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राजधानी रांची की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विधानसभा घेराव के लिए मार्च कर रहे हैं।
7 घंटे की गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते CID के सामने पेश हुए थे। लगभग 7 घंटे तक चली पूछताछ के बाद शाम करीब 6 बजे CID ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह पूछताछ JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और आउटसोर्सिंग प्रक्रियाओं की जांच के सिलसिले में की गई। इस दौरान जांच एजेंसी ने राज्य में कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की है।
जुलाई में दिया था चेयरमैन पद से इस्तीफा
गौरतलब है कि परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच तेज होने के बीच एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई 2026 को आयोग के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके कार्यकाल में आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। हाल ही में आयोग के तीन अन्य सदस्यों द्वारा दिए गए इस्तीफे के बाद CID की इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सड़कों पर छात्रों का आक्रोश, CBI जांच की मांग
उधर, राजधानी रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र संगठन भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक व धांधली की स्वतंत्र CBI जांच और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को विधानसभा घेराव मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस बल के बीच भारी तनाव की स्थिति बनी रही। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर कड़े इंतजाम किए थे।
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले 17 दिनों से चल रहा छात्रों का आक्रोश सोमवार को बेकाबू होकर सड़कों पर उतर आया। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में जब हजारों की संख्या में उग्र अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करने निकले, तो धुर्वा मोड़ पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। लेकिन पुलिसिया तंत्र की भारी घेराबंदी और तीखे तनाव के बीच सड़कों से एक ऐसी अतरंगी और अदम्य साहस वाली तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को दंग कर दिया।
वाटर कैनन चला तो भागे नहीं… पानी की धार के नीचे ही शुरू कर दिया तांडव!
आंदोलनकारियों के सैलाब को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए प्रशासन ने जैसे ही धुर्वा मोड़ पर वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल शुरू किया, पुलिस का यह पैंतरा छात्रों के जुनून के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। 17 दिनों के लंबे आंदोलन और एक हफ्ते की कड़ी भूख हड़ताल के बाद भी पस्त होने के बजाय अभ्यर्थी वाटर कैनन के पानी के नीचे ही लामबंद हो गए। छात्र पीछे हटने के बजाय पानी की तेज बौछारों के बीच हाथ उठाकर और गमछा लहराते हुए झूमकर नाचने लगे।
बिहार के छात्र आंदोलन की यादें हुईं ताजा
धुर्वा मोड़ पर बने इस अभूतपूर्व नजारे ने हाल ही में बिहार में हुए उग्र छात्र आंदोलनों की याद ताजा कर दी, जहां लाठियों और पानी की बौछारों के सामने भी युवाओं का तेवर कभी ढीला नहीं पड़ा था। पुलिस के सख्त रवैये और पानी की तेज बौछारों के बीच छात्रों का यह बेबाक अंदाज साफ बयां कर रहा था कि सरकारी मशीनरी का खौफ अब उनके सिर से उतर चुका है।
मामले में ED की एंट्री, JPSC के तीनों सदस्यों का इस्तीफा
इधर, परीक्षाओं में धांधली की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। ED ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा और अन्य परीक्षाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए CID में दर्ज FIR संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज कर ली है।
लगातार बढ़ते जनआक्रोश के बीच JPSC के तीनों सदस्यों—अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद—ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया है। इससे पहले CID ने पेपर लीक मामले में पूछताछ के लिए तीनों को समन जारी किया था। JMM नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से आज सोमवार को पूछताछ तय है, जबकि जमाल अहमद को 12 अगस्त और अनिमा हांसदा को 14 अगस्त को तलब किया गया है। आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते 22 जुलाई को ही इस्तीफा दे चुके हैं।
छठे दौर की वार्ता बेनतीजा, छात्र CBI जांच पर अड़े
रविवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच छठे दौर की वार्ता हुई जो पूरी तरह बेनतीजा रही। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच की मांग पर पेंच फंसा हुआ है।
दूसरी ओर, छात्र नेता रवींद्र पासवान और जयपाल सिंह स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो का साफ रुख है कि जब तक सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को नहीं सौंपी जाती, तब तक यह लड़ाई न तो थमेगी और न ही वे किसी समझौते के आगे झुकेंगे।
जमशेदपुर: धनबाद स्थित सर्वमंगला पब्लिक स्कूल में 7 से 9 अगस्त तक आयोजित 26वीं सीनियर क्योरुगी, 15वीं सीनियर एवं 12वीं कैडेट क्योरुगी तथा 11वीं कैडेट पूमसे स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026 का सफल समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में राज्यभर के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी खेल क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
तारापुर स्कूल एग्रिको की छात्रा दिव्याना अग्रवाल की शानदार उपलब्धि
प्रतियोगिता में जमशेदपुर के एग्रिको स्थित तारापुर स्कूल की 8वीं कक्षा की छात्रा दिव्याना अग्रवाल ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल जमशेदपुर, बल्कि पूरे झारखंड राज्य का मान बढ़ाया है। दिव्याना के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से उनके विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर पिता बंटी अग्रवाल और माता प्रिया अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कोच और अधिकारियों ने दी बधाई
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कोच श्वेता सिंह ने किया, जबकि टूर्नामेंट डायरेक्टर के रूप में गोपाल कुमार की देखरेख में यह राज्य स्तरीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के समापन पर आयोजकों, खेल प्रेमियों और विद्यालय परिवार ने दिव्याना अग्रवाल सहित सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों को बधाई दी।