झारखंड में अब लोगों को प्रधानमंत्री आवास से बड़ा मकान मिलेगा. राज्य सरकार बनाकर देगी. ‘अबुआ आवास’ योजना के तहत न केवल लोगों को पीएम आवास से बड़ा मकान मिलेगा, बल्कि उसमें सुविधाएं भी ज्यादा होंगी.
लोग स्वाभिमान के साथ इस मकान में रह सकेंगे. सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार (18 अक्टूबर) को कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कैबिनेट की हर बैठक में ऐतिहासिक फैसले होते रहे हैं. इस बार झारखंड सरकार ने गरीबों के लिए अबुआ आवास योजना शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी’ योजना शुरू होगी. इसके तहत लोग बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. खासकर बुजुर्ग, महिला, विद्यार्थी, आंदोलनकारी और स्वतंत्रता सेनानी.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का फायदा झारखंड के कम से कम एक करोड़ लोगों को मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शहर जाने में. एक गांव से दूसरे गांव जाने में सहूलियत होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में इन दो अहम फैसलों के साथ-साथ कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
साइंस जादू-टोना, तंत्र-मंत्र को नहीं मानता. उस पर कभी यकीन नहीं करता. लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि एक यूनिवर्सिटी जादू-टोने का कोर्स शुरू करने जा रही है. चुड़ैल से लेकर ड्रैगन तक सब कोर्स में शामिल हैं. छात्रों को इनके बारे में बताया जाएगा. तंत्र मंत्र कैसे होता है, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी. वह भी बिल्कुल प्रशिक्षित ट्रेनर्स के द्वारा. इतना ही नहीं, 2 साल का कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स को पीजी की डिग्री भी मिलेगी. आप जानकर और भी हैरान होंगे कि सदियों से जिस मुल्क के लोग तंत्र मंत्र का मजाक उड़ाया करते थे, वहां इसकी पढ़ाई होने जा रही है. (जारी…)
आप सोच रहे होंगे कि क्या सच में ऐसा कोई स्कूल हो सकता है? तो हम बता दें कि बिल्कुल ऐसा होने जा रहा है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की एक्सेटर यूनिवर्सिटी जादू और गुप्त विज्ञान का कोर्स शुरू करने जा रही है. यह शायद दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी होगी जहां, इस तरह की पढ़ाई कराई जाएगी. यहां की प्रोफेसर एमिली सेलोवे ने बताया कि जादू टोना और तंत्र विद्या में दिलचस्पी रखने वालों की कोई कमी नहीं. कई लोग इसे सीखना भी चाहते हैं. ऐसे में इस तरह का कोई कोर्स चलाया जाए तो बहुत सारे स्टूडेंट्स आएंगे. इसे देखते हुए हम एक पीजी कोर्स शुरू करने जा रहे हैं.
इस्लामी परंपराओं में तंत्र मंत्र के बारे में जानेंगे
एमिली सेलोवे यूनिवर्सिटी एक्सेटर में मध्यकालीन अरबी साहित्य पढ़ाती हैं और उन्हें ही इस कोर्स का कोआर्डिनेटर बनाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, पढ़ाई के दौरान छात्र यहूदी, ईसाई और इस्लामी परंपराओं में तंत्र मंत्र के बारे में जानेंगे. उसके वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में समझेंगे. समाज पर जादू टोने का क्या असर होता है, इसके बारे में भ्ज्ञी बताया जाएगा. इसमें ड्रैगन और चुड़ैलों पर स्टडी की जाएगी और मध्यकालीन युग में महिलाएं किस तरह जादू टोना करती थीं, उसके बारे में भी बताया जाएगा. यह एक यूनिक कोर्स होगा.
नए और रचनात्मक समाधान तलाश रहे
एमिली सेलोवे ने कहा, अगर हम एक समाज के रूप में जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए वास्तव में नए और रचनात्मक समाधान तलाश रहे हैं तो दिक्कत क्या है. हमें इसके प्रति साहसी होना होगा. कुछ आजमाए गए पुराने तरीकों के बारे में जानना होगा. हम सावधानी पूर्वक इनका प्रयोग करें तो कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं. सेलोवे ने कहा, जादू और तंत्र-मंत्र में लोगों की व्यापक रुचि है. खासकर युवा और महिलाएं इसके बारे में खूब तलाश कर रही हैं. टिकटॉक पर #WitchTok हैशटैग की पापुलैरिटी इसका सबूत है कि लोग चुड़ैलों के बारे में कितना जानना चाहते हैं. इस हैशटैग से 50 मिलियन बार मैसेज किए गए हैं.
जमशेदपुर : केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी ट्राइफेड द्वारा लगाए गए आदि महोत्सव में काफी भीड़ हो रही है। शहरवासियों के उत्साह को देखते हुए आदि महोत्सव को 20 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। ट्राइफेड के क्षेत्रीय प्रबंधन शैलेन्द्र कुमार राजू ने बताया कि आदि महोत्सव में रविवार शाम को अलग अलग राज्यों के कलाकारों के लगाए गए स्टॉलों पर शहरवासियों ने खरीदारी की। (जारी…)
इसमे बांस, कुश से बने सजावट के सामान, खूंटी के महिलाओं द्वारा त्वरित बनाकर दिए जाने वाले लाह की चूड़ियां, खादी और शिल्क के कपड़े, कुर्ते, कुर्तियां, साड़ी, अचार, उत्तराखंड और सिक्किम के बने कपड़ों की काफी डिमांड दिखी। वहीं, झारखंड के कलाकारों के बनाए गए वाद्य यंत्र बनाम, नगाडों के स्टॉल पर भी लोग जानकारी लेते रहे। दूसरी ओर, अलग-अलग प्रदेशों के व्यंजन के स्टॉलों पर भी भीड़ दिखी। इसमे झारखंड का धुसका, चिल्का रोटी, मालपुआ, छत्तीसगढ़ के स्टॉल पर पोहा जैसे लोकल खाने की वस्तुओं का लुत्फ लोग लेते दिखे। (जारी…)
150 से अधिक स्टॉल आदि महोत्सव में कुल 150 स्टॉल लगे हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण इसमें सिक्किम, छत्तीसगढ़, बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के जनजातीय कलाकार पहुंचे हैं। शाम को जनजातीय समूहों ने नृत्य प्रस्तुत किया। संताली, संबलपुरी और नागपुरी गीतों पर स्थानीय कलाकारों ने नृत्य से सभी को मुग्ध किया। इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।
जमशेदपुर : बागबेड़ा महानगर विकास समिति के द्वारा सामाजिक सहयोग से शुरू किया गया सफाई अभियान लगातार दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा. समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में बागबेड़ा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से कचरे के अंबर को हटाया गया. (जारी…)
बागबेड़ा गांधीनगर रामनगर के पास, बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर 1 के समीप, बजरंगी खेल मैदान, सिदो-कान्हू मैदान के ऊपरी भाग में जेसीबी के माध्यम से कचरों की सफाई की गई. सुबोध झा ने कहा कि अभी कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगा हुआ हैं. उन क्षेत्रों की भी सफाई कराई जायेगी. इधर, रविवार को सफाई अभियान में बागबेड़ा के थाना प्रभारी कौशलेंद्र कुमार ने भी अपना योगदान दिया. उन्होंने जहां-जहां से कचरा उठाव करना था वहां-वहां खुद जेसीबी को लेकर पहुंचे. (जारी…)
दूसरे दिन के कार्यक्रम में बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सह भाजपा नेता सुबोध झा, संजय सिंह, संतोष गुप्ता, रितु सिंह, राम जी ठाकुर, विनय सिंह, उपेंद्र कुमार, राम सिंह एवं अन्य सदस्य गण शामिल थे.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देवघर के सारठ की सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का सोमवार को शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि हर खेत को पानी मिले और सिंचाई को लेकर किसानों को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसी प्रतिबद्धता के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं.
आने वाले दिनों में गंगा नदी का पानी भी पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा. लोगों की भावनाओं, उम्मीदों और जरूरतों को ध्यान में रखकर सरकार कार्य योजना बना रही है. किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार संकल्पित है. सभी योजनाएं समय पर पूरी हों. ये सरकार की प्राथमिकता है. तमाम चुनौतियों के बीच वे विकास की गति को रफ्तार दे रहे हैं. हर खेत को पानी मिले. इसी प्रतिबद्धता के साथ वे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इसी कड़ी का हिस्सा बनने जा रही है सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना. इस सिंचाई योजना में भूमिगत पाइपलाइन के जरिए खेतों में पटवन का पानी पहुंचेगा और फसलें लहलहाएंगी. उन्होंने कहा कि आनेवाले दिनों में किसान टांड़ में भी सालोंभर खेती कर सकेंगे, क्योंकि सरकार यहां भी सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई परियोजनाओं के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि पानी का बेहतर और समुचित इस्तेमाल होने के साथ खेत-खलियान डूब क्षेत्र में ना आएं. सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत अजय नदी बराज से भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी. इस योजना पर 484 करोड़ 35 लाख रुपए खर्च होंगे. निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा होगा.
पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन पूरा होने में कई वर्ष लग जाते थे
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पहले भी सिंचाई के लिए कई योजनाएं बनीं. उसका क्रियान्वयन भी हुआ, लेकिन उसके पूर्ण होने में 30 से 40 साल लग गए. कई योजनाएं तो आज भी अधूरी हैं. योजनाओं के पूरा होने में ज्यादा समय लगने से उसकी लागत बढ़ जाती थी. सबसे बड़ी बात है कि जिन लोगों की जमीन, खेत-खलिहान इन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित किए गए थे, उनका लाभ लेने के लिए वे लंबे समय तक इंतजार करते रहे पर उन्हें निराशा हाथ लगी, लेकिन हमारी सरकार सिंचाई समेत तमाम परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि लोगों को उसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके.
पानी का समुचित इस्तेमाल हो सकेगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार सिंचाई परियोजनाओं के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि पानी का बेहतर और समुचित इस्तेमाल होने के साथ खेत-खलियान डूब क्षेत्र में ना आएं, इसलिए मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के तहत भूमिगत पाइपलाइन के जरिए नदी, डैम और बराज का पानी खेतों में पहुंचाया जा रहा है. इस कड़ी में राज्य के पहले मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना की आधारशिला दुमका के मसलिया में रखी गई थी और आज देवघर के सारठ में सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है. मुझे इस बात की खुशी है कि इसी स्थान पर वर्ष 2013-14 में मैंने अजय बराज का उद्घाटन किया था.
गंगा का पानी भी पाइपलाइन से खेतों में पहुंचाएंगे
झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमेशा यह बात सुनने को मिलती थी कि झारखंड के डैम, बराज और वॉटर रिजरवॉयर के पानी का इस्तेमाल झारखंड के किसान नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के द्वारा किया जा रहा है. ऐसे में यहां के पानी का इस्तेमाल यहां के लोग करें. इस दिशा में कार्य योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. आने वाले दिनों में गंगा नदी का पानी भी पाइपलाइन के जरिए खेतों में पहुंचेगा. इस दिशा में भी सरकार कार्य योजना बनाने की तैयारी में लग गई है.
लोगों की भावनाओं और जरूरत के हिसाब से बना रहे हैं कार्य योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों के भावनाओं को समझते हैं. उनकी जरूरत को जानते हैं और उनकी समस्याओं से भी वाकिफ हैं. ऐसे में हमारी सरकार लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य योजना बनाकर काम कर रही है.
सरकार बनाते ही चुनौतियों से सामना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में जैसे ही हमारी सरकार बनी तो चुनौतियों से सामना शुरू हो गया. सबसे पहले वैश्विक महामारी कोरोना ने हमें अपनी गिरफ्त में ले लिया. कोरोना से निकले तो सुखाड़ का सामना करना पड़ा. लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बीच हमारी सरकार विकास की गति को रफ्तार देने का काम कर रही है.
सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को जानिए
सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत अजय नदी बराज से भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी. इस योजना पर 484 करोड़ 35 लाख रुपए खर्च होंगे. निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा होगा. देवघर जिले के सारठ और करों तथा जामताड़ा जिला के विद्यासागर और जामताड़ा प्रखंड की 27 पंचायतों के 1 लाख 11 हज़ार 174 किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे. 13 हज़ार 164 हेक्टेयर कृषि भूमि में पटवन की सुविधा उपलब्ध होगी. धान के अतिरिक्त दलहन और तिलहन के साथ रागी, ज्वार -मक्का जैसे फसलों की खेती के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. अगर कभी भारी वर्षा हो और खेतों को उतनी पानी की जरूरत नहीं है तो उस पानी को अगल-बगल के जलाशयों में डाइवर्ट कर भरा जाएगा, ताकि उसका अन्य कार्यों में इस्तेमाल हो सके.
मौके पर ये थे मौजूद
इस अवसर पर कृषि मंत्री बादल, पर्यटन, कला-संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री हफीजुल हसन, विधायक इरफान अंसारी, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, जल संसाधन सचिव प्रशांत कुमार और देवघर तथा जामताड़ा जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रही जंग के बीच भारतीयों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। दरअसल, इजराइल में रह रहे सभी 18 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित हैं और वे इंडियन एम्बेसी के संपर्क में हैं।
भारतीय दूतावास ने भी सभी भारतीयों से सतर्क रहने की अपील की है। इजराइल में इस समय करीब 900 स्टूडेंट हैं। वहीं काफी संख्या में IT प्रोफेशनल भी हैं। करीब 85 हजार भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं।
गाजा पट्टी में 500 ठिकानों पर हमला किया गया
इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा कि शनिवार से लेकर सोमवार तक आतंकियों ने गाजा पट्टी में 500 से अधिक हमास और इस्लामिक जिहाद के ठिकानों पर अटैक किया। गाजा बॉर्डर पर करीब 6 जगह लड़ाई जारी है। रविवार रात को 70 आतंकवादियों ने बेरी में घुसपैठ की। इजराइल में गाजा स्थित किबुत्ज रीम के पास एक पार्टी में चल रही थी। जश्न का माहौल था कि हमास के लड़ाकों ने हमला कर दिया। मिसाइलों और बंदूकों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी।
पार्टी में हमले के बाद लोगों ने भागकर बचाई जान
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रविवार रात हुए इस हमले में 260 लोगों को मौत के घाट उतारा गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अरिक नैनी शुक्रवार की रात अपना 26वां जन्मदिन मनाने के लिए दक्षिणी इजराइल में एक डांस पार्टी में गई थी, लेकिन वह पार्टी नरसंहार का स्थान बन गई। 23 वर्षीय जोहर मारीव ने कहा कि हमले के बाद भागने के लिए कई लोगों के साथ एक कार में चढ़ गई। कार कुछ दूर चली तो उसमें आग लग गई। इसके बाद सभी लोग कार से उतर कर अपनी जान बचाने के लिए भागे।
गाजा पर हमले में करीब 700 इजराइली मारे गए
रिपोर्ट में बताया गया है कि गाजा में कम से कम 700 इजराइली मारे गए हैं और कई लोगों का अपहरण कर लिया गया है। इससे उस देश को गहरा झटका लगा, जो लंबे समय से अपनी अत्यधिक कुशल सैन्य और सुरक्षा के लिए जाना जाता है। इसके बाद अब तक इजराइली पार्टी में एक साथ 260 शव मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है और इजरायली जेट विमानों ने गाजा पर लगातार बमबारी की है, जिसमें 400 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
भारत को सालाना आधार पर सूचनाओं के ऑटोमैटिक एक्सचेंज सिस्टम के तहत स्विट्जरलैंड से अपने नागरिकों और संगठनों के स्विस बैंक खातों का नया ब्योरा मिला है।
स्विट्जरलैंड ने 104 देशों के साथ करीब 36 लाख फाइनेंशियल अकाउंट की डिटेल शेयर की है। अधिकारियों ने बताया कि स्विट्जरलैंड और भारत के बीच सूचनाओं का यह पांचवां सालाना एक्सचेंज है। भारतीय अधिकारियों के साथ शेयर की गई नई डिटेल सैकड़ों वित्तीय खातों से संबंधित हैं, जिनमें कुछ लोगों, कॉरपोरेट और ट्रस्ट से जुड़े खातों की जानकारी है।
कौन-कौन सी है जानकारी
शेयर की गई डिटेल में पहचान, खाता और वित्तीय जानकारी शामिल है, जिसमें नाम, पता, देश और टैक्स आईडी नंबर के अलावा रिपोर्टिंग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूश, अकाउंट बैलेंस और कैपिटल इनकम से संबंधित जानकारी शामिल है।
राशि का नहीं हुआ खुलासा
अधिकारियों ने सूचना के आदान-प्रदान की गोपनीयता से जुड़े नियमों और आगे की जांच पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का हवाला देते हुए मिली जानकारी या किसी अन्य डिटेल में शामिल राशि का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस ब्योरे का इस्तेमाल टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और आंतकवाद की फाइनेंसिंग सहित अन्य गलत कामों की जांच के लिए किया जाएगा।
कब मिला ये डेटा
अधिकारियों ने बताया कि यह एक्सचेंज पिछले महीने हुआ। स्विट्जरलैंड द्वारा अब सितंबर, 2024 में फिर से ऐसी जानकारियां साझा की जाएंगी। अधिकारी इस जानकारी के आधार पर यह वेरिफाई कर पाएंगे कि क्या टैक्सपेयर्स ने अपने आयकर रिटर्न में अपने फाइनेंशियल अकाउंट की सही घोषणा की है।
104 देशों के साथ फाइनेंशियल अकाउंट का ब्योरा शेयर किया गया
स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में संघीय कर प्रशासन (एफटीए) की ओर से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, सूचना के स्वत: आदान-प्रदान (एईओआई) पर वैश्विक मानक के ढांचे के भीतर 104 देशों के साथ फाइनेंशियल अकाउंट का ब्योरा साझा किया गया है। इस साल कजाकिस्तान, मालदीव और ओमान को 101 देशों की पिछली सूची में जोड़ा गया। फाइनेंशियल अकाउंट की संख्या में करीब दो लाख की वृद्धि हुई है।
वनडे वर्ल्ड कप 2023 की धमाकेदार शुरुआत हो चुकी है। इस टूर्नामेंट के तीसरे दिन आज साउथ अफ्रीकी टीम का सामना श्रीलंका से हो रहा है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी टीम ने श्रीलंकाई टीम को जमकर धोया।
अफ्रीकी पारी के दौरान तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े। जिनमें एक उनके कप्तान एडेन मारक्रम का भी था। मारक्रम ने इसी के साथ वनडे वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक भी ठोक दिया है।
वर्ल्ड कप में मारक्रम का जलवा
एडेन मारक्रम ने मात्र 49 गेंदों पर श्रीलंका के खिलाफ अपना शतक पूरा कर लिया। अपनी इस पारी में उन्होंने 14 चौके और 3 छक्के लगाए। मारक्रम ने इस रिकॉर्ड के मामले में आयरलैंड के केविन ओ ब्रायन को पीछे छोड़ा। ओ ब्रायन ने ये रिकॉर्ड 2011 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 50 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की थी। मारक्रम के अलावा साउथ अफ्रीका के लिए इस पारी में क्विंटन डी कॉक (100) और रासी वैन डेर ड्यूसेन (108) ने भी शतक लगाए थे।
साउथ अफ्रीका ने बनाया वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर
इस मैच में साउथ अफ्रीकी टीम ने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साउथ अफ्रीकी टीम ने श्रीलंका के खिलाफ मात्र 5 विकेट खोकर बोर्ड पर 428 रन लगा दिए। इससे बड़े स्कोर वर्ल्ड कप इतिहास में आजतक कभी नहीं बना। साउथ अफ्रीका के लिए इस मैच में क्विंटन डी कॉक ने 100 रन, रासी वैन डेर ड्यूसेन ने 108 और कप्तान मारक्रम ने 106 रन की पारी खेली। इसके अलावा हेनरिच क्लासेन ने 32 और डेविड मिलर ने नाबाद 39 रन की पारी खेली।
झारखंड : बढ़ती महंगाई के बीच हम आपके लिए राहत की खबर लेकर आए हैं. दरअसल, हर रोज की तरह पेट्रोल-डीजल के दाम जारी कर दिए गए हैं. आज राज्य के कई जिलों में पेट्रोल डीजल के दाम गिरे हैं. हालांकि, कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां फ्यूल रेट्स बढ़े हैं. आज देवघर में पेट्रोल-डीजल की दर सबसे कम है. वहीं, बोकारो, रांची, खूंटी और सरायकेला में भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के नीचे है. आइए जानते हैं कि आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के भाव घटे हैं या बढ़े हैं-
आज जारी हुए रेट्स के मुताबिक, झारखंड के 7 जिलों में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हैं. वहीं, 7 जिले ऐसे भी हैं जहां फ्यूल रेट्स में गिरावट देखने को मिली है. जबकि 10 जिलों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिले. सभी जिलों के दाम पर गौर करें तो आज गढ़वा में पेट्रोल-डीजल सबसे महंगा है. गढ़वा में पेट्रोल की कीमत करीब 102.30 रुपये है. वहीं, देवघर में आज पेट्रोल-डीजल की कीमत अन्य जिलों के मुकाबले सबसे कम है. राज्य के 24 जिलों में 19 जिले ऐसे हैं, जहां पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार और डीजल 95 रुपये पार है.
जमशेदपुर में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, शहर के अस्पतालों में डेंगू से मौतें हो रही है. इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा निजी एवं सरकारी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि बच्चों को फुल शर्ट एवं पैंट पहन कर आने को कहे.
वहीं स्कूल में क्लास रूम की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी ने कहा कि अब तक 45 स्कूल विजिट किया गया है. बच्चों एवं शिक्षकों को डेंगू के लक्ष्ण एवं बचाव के उपाय के संबंध में जानकारी दी गई है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वयस्क की अपेक्षा बच्चों की इम्युनिटी पावर थोड़ी कम होती है, इसलिए डेंगू पीडित बच्चों की स्थिति थोड़ी गंभीर हो रही है. डेंगू से होने वाली बच्चों की मौत के पीछे यही कारण है. उन्होंने कहा कि सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा की यह डेंगू कौन सा वेरियंटहै. हालांकि बिहार एवं अन्य स्थानों पर जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई है उससे लगता है की यह डेंगू का सेकंड वेरियंट या थर्ड वेरियंट हो, लेकिन अभी कहना कुछ भी कहना सही नहीं है.
उन्होंने कहा कि डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंतित है. इसे कैसे कम किया जा सकता है, इसके लिए कई स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं. इसके तहत अब डेंगू से स्वस्थ हो चुके मरीजों से फीडबैक लिया जा रहा है. अस्पताल से डिस्चार्ज मरीजों को सर्विलांस विभाग के कर्मी फोन कर यह जानकारी ले रहे हैं कि उन्हें दोबारा बुखार तो नहीं आया. साथ ही घर के अन्य सदस्यों को बुखार या डेंगू का कोई लक्षण तो नहीं है. सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू से बचाव का एक मात्र उपाय घर एवं आसपास सफाई रखना और पानी जमने ना देना है. उन्होंने घर में फुल बांह के कपड़े पहनने व मच्छरदानी का प्रयोग करने की अपील की.
फिजिशियन डॉ विजय कुमार ने बताया कि डेंगू में तीन तरह के बुखार होते हैं, जिसमें दो बुखार जानलेवा माना जाता है. क्लासिकल डेंगू फीवर, डेंगू हैमरेजिक फीवर और डेंगू शॉकसिंड्रोम. इन तीनों में से सबसे ज्यादा खतरनाक हेमोरेजिक फीवर और शॉक सिंड्रोम को माना जाता है. अगर समय पर मरीज को भर्ती नहीं कराया गया तो उनकी मौत तक हो सकती है. डेंगू का भी कोई स्पष्ट इलाज नहीं है. मरीज में डेंगू की पुष्टि होने के बाद उसके लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. डेंगू के साथ-साथ अन्य बीमारियां होने से मरीज का मल्टी आर्गेन भी फेल हो जाता है.
जिले में 05 अक्टूबर को किए गए सैम्पल जांच में 20 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए है. अबतक कुल 9020 सैम्पल की जांच में 1188 लोग डेंगू पॉजिटिव मिले हैं. वर्तमान में 213 लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा, 10 आईसीयू में, 203 नॉर्मल वार्ड में भर्ती हैं.