ताजा खबर
‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ ने झारखंडवासियों को दी दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं, डीसी-एसएसपी से सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग•L4 एरिया दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: डीसी राजीव रंजन और टाटा स्टील वीपी डीबी सुंदररामम ने किया संयुक्त रूप से श्रीगणेश•चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) का ऐलान, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट•धर्म, अध्यात्म और पर्यावरण का अद्भुत संगम: बागबेड़ा के भव्य पूजा पंडाल का हुआ उद्घाटन•गारावासा लाल बिल्डिंग नवयुवक संघ के पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ थीम बनी मुख्य आकर्षण•नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में ड्रेस न खरीदने पर छात्र को निष्कासित करने का मामला: शिक्षा के नाम पर मनमानी कब तक?•जमशेदपुर में त्योहारी सीजन में सक्रिय हुआ ठग गिरोह: पुलिसकर्मी बनकर सोने के गहने उड़ा रहे शातिर, जिला पुलिस ने जारी की चेतावनी•शहीद देवेंद्र माझी की 32वीं पुण्यतिथि: गोईलकेरा में उमड़ा जनसैलाब, जल-जंगल-जमीन के नायक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि•टाटा स्टील यूटिलिटी सर्विसेज के जीएम आर.के. सिंह ने किया कालीमाटी विद्यालय का दौरा, बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करने का दिया भरोसा•बागबेड़ा दुर्गा पूजा पंडाल: प्रकृति की रक्षा, आंतरिक शक्ति और शिव-शक्ति के अटूट संबंध का मिलेगा दर्शन, डॉ. कविता परमार ने दी जानकारी‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ ने झारखंडवासियों को दी दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं, डीसी-एसएसपी से सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग•L4 एरिया दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: डीसी राजीव रंजन और टाटा स्टील वीपी डीबी सुंदररामम ने किया संयुक्त रूप से श्रीगणेश•चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) का ऐलान, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट•धर्म, अध्यात्म और पर्यावरण का अद्भुत संगम: बागबेड़ा के भव्य पूजा पंडाल का हुआ उद्घाटन•गारावासा लाल बिल्डिंग नवयुवक संघ के पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ थीम बनी मुख्य आकर्षण•नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में ड्रेस न खरीदने पर छात्र को निष्कासित करने का मामला: शिक्षा के नाम पर मनमानी कब तक?•जमशेदपुर में त्योहारी सीजन में सक्रिय हुआ ठग गिरोह: पुलिसकर्मी बनकर सोने के गहने उड़ा रहे शातिर, जिला पुलिस ने जारी की चेतावनी•शहीद देवेंद्र माझी की 32वीं पुण्यतिथि: गोईलकेरा में उमड़ा जनसैलाब, जल-जंगल-जमीन के नायक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि•टाटा स्टील यूटिलिटी सर्विसेज के जीएम आर.के. सिंह ने किया कालीमाटी विद्यालय का दौरा, बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करने का दिया भरोसा•बागबेड़ा दुर्गा पूजा पंडाल: प्रकृति की रक्षा, आंतरिक शक्ति और शिव-शक्ति के अटूट संबंध का मिलेगा दर्शन, डॉ. कविता परमार ने दी जानकारी

एक नई सोच, एक नई धारा

निजी खर्च से विद्यालय में लगवाई लाइटें: पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने दूर की वर्षों पुरानी समस्या

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर–1 स्थित प्राथमिक विद्यालय में महीनों से चली आ रही प्रकाश व्यवस्था की गंभीर समस्या का आखिरकार स्थायी समाधान हो गया है। स्थानीय पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने अपने निजी खर्च से पहल करते हुए विद्यालय में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराई, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है।IMG 20260724 WA0032

​झरना मिश्रा ने विद्यालय के दोनों कक्षाओं (कमरों) में चार एलईडी ट्यूब लाइट तथा विद्यालय परिसर के बाहर सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक हैलोजन लाइट लगवाई।IMG 20260724 WA0034

​बैठक में मिला था आश्वासन, निभाया वादा

​उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा स्कूल परिसर में पंचायत प्रतिनिधियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में अध्यापकों ने पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पठन-पाठन में आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था। समस्या की गंभीरता को समझते हुए झरना मिश्रा ने तत्काल अपने निजी मद से लाइटें लगवाने की घोषणा की थी। शुक्रवार को अपने इस वादे को पूरा करते हुए उन्होंने विद्यालय को जगमग कर दिया।

​बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षा में सुधार

​विद्यालय में लाइटें लगने से जहाँ एक ओर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर और उज्ज्वल माहौल मिलेगा, वहीं शिक्षकों को भी अध्यापन कार्य में सुगमता होगी। इसके अतिरिक्त, स्कूल परिसर के बाहर हैलोजन लाइट लगने से शाम के समय अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों के जुटने की समस्या पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

​“विद्यालय की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी मैं लगातार प्रयासरत रहूंगी, ताकि हमारे बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।”

— झरना मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य

IMG 20260724 WA0033

​शिक्षकों और ग्रामीणों ने जताया आभार

​इस सराहनीय पहल पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उषा कुमारी एवं शिक्षिका सरिता कुमारी ने झरना मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए उनके इस कदम की खुले दिल से प्रशंसा की।

​इस अवसर पर मुख्य रूप से पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, वार्ड सदस्य उमेश पांडे, सीमा पांडे, प्रधानाध्यापिका उषा कुमारी, शिक्षिका सरिता कुमारी समेत कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज

NEET पेपर लीक मामले पर एक्शन में केंद्र: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट; जानें 2024 के नए सख्त कानून में क्या हैं कड़े प्रावधान

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

​देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका देने वाले नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।file 000000007d9882069d4f4d0f9805ed89

​पीएम की घोषणा का कानूनी महत्व: ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024’ को मिलेगी नई गति

​प्रधानमंत्री की यह घोषणा महज एक बयान नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] को धरातल पर कड़ाई से लागू करने की प्रशासनिक पहल है।

​यह कानून 21 जून 2024 से प्रभावी है और इसके नियम 23 जून 2024 को अधिसूचित किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा माफिया पर नकेल कसना और केंद्र सरकार की सभी प्रमुख भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।

​क्या हैं इस कानून में सख्त सजा और जुर्माने के प्रावधान?

​नए कानून के तहत पेपर लीक, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, हैकिंग और संगठित धोखाधड़ी को गंभीर संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य अपराध बनाया गया है:

  • ​व्यक्तिगत संलिप्तता पर: यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक की कैद और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  • ​संगठित गिरोह (सिंडिकेट) पर: यदि अपराध किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिया जाता है, तो दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की कठोर कैद और न्यूनतम ₹1 करोड़ का जुर्माना देने का प्रावधान है।
  • ​संस्थागत कार्रवाई: यदि किसी परीक्षा कराने वाली एजेंसी या कोचिंग संस्थान की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनकी संपत्ति जब्त करने के साथ-साथ परीक्षा आयोजन में हुआ पूरा खर्च वसूला जाएगा।

​किन-किन परीक्षाओं पर लागू होता है यह कानून?

​यह कानून केवल नीट (NEET) ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं पर प्रभावी है:

परीक्षा एजेंसी / संस्था

कवर की जाने वाली प्रमुख परीक्षाएं

NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी)

NEET, JEE, CUET आदि

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)

सिविल सेवा, CDS, NDA आदि

SSC (कर्मचारी चयन आयोग)

CGL, CHSL, जीडी कांस्टेबल आदि

RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड)

रेलवे की सभी तकनीकी व गैर-तकनीकी भर्तियां

IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)

बैंक पीओ और क्लर्क भर्ती परीक्षाएं

नोट: राज्य सरकारों की परीक्षाओं पर यह कानून स्वतः लागू नहीं होता, लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अपने स्तर पर इसे अपना सकती हैं या नया कानून बना सकती हैं।

 

​सख्त क्रियान्वयन और त्वरित न्याय ही सबसे बड़ी चुनौती

​कानून में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान यह साबित करता है कि सरकार पेपर लीक को सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि देश के खिलाफ एक संगठित अपराध मानती है। अब सबसे बड़ी चुनौती इन कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू कर नीट पेपर लीक के असली गुनाहगारों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द सजा दिलाने की है।

​– तीसरी धारा न्यूज

आदित्यपुर: मेडिट्रीना अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, समय रहते सुरक्षित निकाले गए मरीज

आदित्यपुर | तीसरी धारा न्यूज

​आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में शुक्रवार की सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस अगलगी की घटना में अस्पताल प्रबंधन को लाखों रुपये की क्षति हुई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अस्पताल प्रबंधन और अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से समय रहते सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।WhatsApp Image 2026 07 24 at 10.35.22 AM

​शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह, मरीजों को दूसरे वार्ड में किया गया शिफ्ट

​घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन के स्थानीय हेड राजीव कुमार ने बताया कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे आईसीयू वार्ड को भारी नुकसान पहुंचा है।

​उन्होंने बताया कि जैसे ही आग की लपटें और धुआं उठता दिखा, एहतियात के तौर पर आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों को तुरंत दूसरे सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। शुरुआती चरण में अस्पताल के अपने फायर सेफ्टी उपकरणों के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत झारखंड अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।

​एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

​सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग और अस्पताल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। यदि समय रहते मरीज और परिजनों को बाहर निकालकर आग बुझाने की कवायद शुरू नहीं की जाती, तो दिल्ली और मुजफ्फरपुर के अस्पतालों जैसी दर्दनाक घटना दोहराई जा सकती थी।

​परिजनों ने जताया भगवान का आभार, पुलिस जांच में जुटी

​अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने किसी के हताहत न होने पर राहत की सांस ली और ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। वहीं, अगलगी की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच कर रही है।

​– तीसरी धारा न्यूज

डिमना डैम हादसे में दुखद अंत: एमजीएम के दोनों जूनियर डॉक्टरों समीर और सक्षम के शव 6 घंटे बाद बरामद, पसरा मातम

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डिमना डैम स्थित तालाब में डूबे एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों—डॉ. समीर और डॉ. सक्षम के शवों को शुक्रवार को करीब 6 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। दोनों होनहार डॉक्टरों की असामयिक मौत की खबर से एमजीएम अस्पताल परिसर, चिकित्सा जगत और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।mgm doctor 1784871043238 m

​परिजनों में मचा कोहराम, काशीडीह स्थित घर पर पसरा मातम

​हादसे की खबर जैसे ही डॉ. समीर कुमार के परिजनों को मिली, उनके काशीडीह स्थित आवास पर कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों का हाल देखकर आसपास का माहौल भी गमगीन हो गया। होनहार बेटे को खोने के बाद पूरे परिवार और काशीडीह इलाके में गहरा शोक छाया हुआ है।

​सिविल डिफेंस के मजदूरुल बारी ने लगातार मशक्कत के बाद निकाले शव

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। तालाब में पानी की गहराई और चुनौतियों के बावजूद करीब छह घंटे तक लगातार खोजबीन चलती रही।

​टाटा स्टील के सिक्योरिटी विभाग में कार्यरत एवं सिविल डिफेंस से जुड़े जांबाज मजदूरुल बारी ने लगातार मशक्कत के बाद दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला।

​बोड़ाम पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा, जांच जारी

​शव बरामद होने के बाद बोड़ाम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। बोड़ाम थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस हादसे के कारणों और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल में जुटी है।

​– तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला में झामुमो का जोरदार प्रदर्शन: NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ फूंका शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला

सरायकेला | तीसरी धारा न्यूज

​NEET परीक्षा पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित गैराज चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं मोदी सरकार का पुतला दहन किया।IMG 20260724 WA0003

​”छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”: शुभेंदु महतो

​प्रदर्शन के दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष शुभेंदु महतो ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नीट और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है जिसे झामुमो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

​उन्होंने कहा:

​”अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर जंतर-मंतर पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इस पुतला दहन कार्यक्रम के जरिए हम केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि छात्रों के अधिकारों का हनन तुरंत बंद किया जाए।”

 

​केंद्र सरकार के खिलाफ गूंजे नारे

​कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

​ये प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद

​इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

  • ​झामुमो जिलाध्यक्ष: शुभेंदु महतो
  • ​केंद्रीय सदस्य: गणेश माहली, सुधीर महतो, विशु हेंब्रम, रानी हेंब्रम
  • ​सरायकेला नगर पंचायत: अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष अविनाश कवि
  • ​जिला उपाध्यक्ष: भोला महंती, धरमू गोप
  • ​मोर्चा अध्यक्ष: हरि लोहार (व्यवसाय मोर्चा जिलाध्यक्ष), भुगलू सोरेन (युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष)
  • ​नगर व प्रखंड अध्यक्ष: शंभू आचार्य (नगर अध्यक्ष), सुरेश हेंब्रम (प्रखंड अध्यक्ष)
  • ​अन्य प्रमुख प्रतिनिधि: विधायक प्रतिनिधि (स्वास्थ्य) अनूप कुमार सिंहदेव, कृष्णा राणा, नरेन महतो सहित भारी संख्या में झामुमो नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
NEET पेपर लीक मामला: 26 दिनों के लंबे अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा उपवास, केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद बनी बात

नई दिल्ली/गुरुग्राम:

NEET पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रख्यात शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 दिनों तक चला अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना उपवास तोड़ा।6a62773b925de sonam wangchuk 231902371 16x9 1

​केंद्रीय मंत्रियों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया फैसला

​मेदांता अस्पताल में आधी रात के करीब हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और लेह-लद्दाख के शीर्ष निकाय (एपक्स बॉडी) के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद रहे।

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा,

​“अभी-अभी केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।”

 

​सरकार की ओर से मिले इन बड़े भरोसे

​सूत्रों और नेताओं के बयानों के मुताबिक, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है:

  • ​मुकदमे वापस लेने पर सकारात्मक रुख: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सरकार पूरी तरह सकारात्मक है।

  • ​संसद में चर्चा और सख्त कानून: सरकार ने पहले ही परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मुद्दों पर संसद के आगामी सत्र में सार्थक चर्चा कराने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में जल्द ही एक कड़ा एंटी-पेपर लीक बिल लाने के संकेत दिए हैं।

  • ​पीड़ित परिवारों को मुआवजा: हाल ही में NEET पेपर लीक और उपजे हालातों के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।

​देश में शांति की अपील और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

​सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय देश में संभावित हिंसा को टालने और लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों और देशवासियों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न होने दें।

​वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके अनशन समाप्त करने का स्वागत करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा,

​“मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी नियमितचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना स्वास्थ्य सुधारें।”

 

​– तीसरी धारा न्यूज

वरिष्ठ नागरिक से ₹45 लाख की धोखाधड़ी: 8 महीने से इंसाफ के लिए भटक रही पीड़ित महिला, बैंक मैनेजर और IO की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

जमशेदपुर : बी सुशीला देवी जीवन के इस पड़ाव में शांति और अपनों के साथ की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन आज वह और उनका बेटा अपने ही घर में खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। दामाद की धोखाधड़ी, बैंक के एक जिम्मेदार अधिकारी की कथित संलिप्तता और पुलिस प्रशासन की लचर कार्यशैली ने एक पूरे परिवार को मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से तोड़कर रख दिया है।IMG 20260723 WA0079

₹45.08 लाख का गबन: जून 2025 में हुआ खुलासा

मामले की शुरुआत तब हुई जब बी. सुशीला देवी के दामाद एस. योगेंद्र राव के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा। शक होने पर जब सुशीला देवी ने अपने बैंक ऑफ इंडिया (टेल्को ब्रांच) के अकाउंट का विवरण निकाला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
अकाउंट से कुल ₹45,08,000 की बड़ी रकम गायब थी। जांच में आरोप सामने आया कि एस. योगेंद्र राव ने सुशीला देवी की बेटी एस. वी. वी. लक्ष्मी को ढाल बनाकर इस पूरे गबन को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी धोखाधड़ी में बैंक ऑफ इंडिया, टेल्को ब्रांच के तत्कालीन चीफ मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिनकी मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी रकम का गबन संभव नहीं लगता।
आरोप है कि गबन किए गए इन्हीं पैसों से योगेंद्र राव ने अपना एक मकान भी बनवा लिया और काम निकल जाने के बाद अपनी ही बुजुर्ग सास को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।

बिरसानगर थाना की भूमिका संदिग्ध, 8 महीने से फाइल धूल फांक रही

धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद पीड़िता सुशीला देवी ने 24 दिसंबर 2025 को तत्कालीन एसएसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन अफसोस, महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले।
मामला बिरसानगर थाना में बीते 8 महीनों से लंबित है। केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) लालचंद बेदिया पर पीड़िता पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि:

• आईओ द्वारा अब तक कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
• शिकायतकर्ताओं को थाने से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।
• पीड़िता पक्ष का सीधा आरोप है कि जांच अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय हिंसा और दबंगई को बढ़ावा दे रहे हैं।

इंसाफ मांगने पर मिली मारपीट और धमकी

हद तो तब हो गई जब अपनी ही गाढ़ी कमाई गंवा चुकी बी. सुशीला देवी और उनके बड़े बेटे के साथ योगेंद्र राव और उसके साथियों ने मारपीट की। इस हिंसक वारदात की शिकायत भी तुरंत पुलिस और प्रशासन से की गई, लेकिन वहां भी उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी एस. योगेंद्र राव आए दिन शराब के नशे में धुत होकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है। सुशीला देवी के बड़े बेटे ने बताया कि वे लोग लगातार डर और आतंक के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अपनी और अपनी माँ की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

नए एसएसपी से उम्मीद की किरण

हाल ही में (दो दिन पूर्व) पीड़ित परिवार ने जमशेदपुर के नए एसएसपी से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। नए एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि:
• इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
• कार्य में लापरवाही बरतने वाले इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) के खिलाफ जांच/इन्क्वारी बैठाई जाएगी।
अब देखना यह है कि नए कप्तान द्वारा बी सुशीला देवी को न्याय मिलेगा या अभी भी उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी होगी।

इंकैब कर्मचारियों पर बढ़ा दोहरा आर्थिक बोझ: बिजली दर और सिक्योरिटी मनी में वृद्धि से गहराया संकट

जमशेदपुर: इंकैब (केबल कंपनी) के कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां उन्हें अपने क्लेम की हुई पूरी राशि मिलने का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ बिजली दर और सिक्योरिटी मनी में हुई भारी वृद्धि ने उनके समक्ष नया संकट खड़ा कर दिया है।file 00000000cee481fabcf8f6945a39b7d0

​अब केबल टाउन क्षेत्र में स्थित सभी 1050 फ्लैट, क्वार्टर और बंगलों में रहने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों को अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी।

​प्रत्येक परिवार पर पड़ेगा ₹2,500 से ₹3,000 का अतिरिक्त भार

​टाटा स्टील यूआईएसएल (TSUISL) पूरे इंकैब क्षेत्र को एक प्वाइंट मानकर बिजली कनेक्शन प्रदान करती है। इस बिजली आपूर्ति का प्रबंधन और वितरण स्थानीय 8 कमेटियों द्वारा किया जाता है। हाल ही में कंपनी प्रबंधन ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ सिक्योरिटी मनी की राशि में भी इजाफा कर दिया है।

  • ​कमिटी पर असर: प्रत्येक कमेटी को लगभग ₹5 लाख से ₹8 लाख तक अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी जमा करने का निर्देश मिला है।
  • ​निवासियों पर प्रभाव: इस वृद्धि के कारण हर परिवार पर ₹2,500 से ₹3,000 तक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
  • ​आगामी कदम: सभी 8 कमेटियां जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों के क्वार्टर व फ्लैट निवासियों के साथ बैठक कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करेंगी।

​इन 8 कमेटियों के अंतर्गत आती है बिजली आपूर्ति

  1. ​न्यू केबल टाउन
  2. ​ओल्ड केबल टाउन
  3. ​न्यू डीएस फ्लैट
  4. ​ओल्ड डीएस फ्लैट
  5. ​डी-4 बंगला
  6. ​ऑफिसर्स फ्लैट
  7. ​हरिजन बस्ती
  8. ​सी-टाइप सिक्योरिटी लाइन

​सिक्योरिटी मनी न देने पर काटी गई थी बिजली

​सिक्योरिटी मनी जमा न होने के कारण सोमवार (20 जुलाई) को कंपनी प्रबंधन द्वारा केबल टाउन क्षेत्र की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद दो कमेटियों द्वारा तीन महीने का पोस्ट-डेटेड चेक (Post-Dated Cheque) जमा कराए जाने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

​”केबल टाउन क्षेत्र में सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करने पर बिजली काट दी गई थी। सांसद-विधायक की पैरवी के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने छूट देने से इनकार कर दिया। इसलिए अब मजबूरी में सभी घरों से सिक्योरिटी मनी के रूप में अतिरिक्त राशि एकत्र कर जमा कराई जाएगी।”

— राजेश सिंह (कर्मचारी पुत्र)

 

​– तीसरी धारा न्यूज

नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की के विरोध में पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमेटी ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। 1784813099100

​पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (DC) के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

“लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़”: परविंदर सिंह

​ज्ञापन सौंपने के बाद युवा कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में नीट पेपर लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों परीक्षार्थियों के भविष्य और विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। वर्षों की कठिन मेहनत के बावजूद परीक्षा प्रणाली से छात्रों का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है।

​“पेपर लीक के सदमे के कारण कई होनहार छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना अत्यंत चिंताजनक है। यह स्थिति पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना पूरी तरह तानाशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।” — परविंदर सिंह, अध्यक्ष (जिला कांग्रेस)

fee3ea74b4d32086f7fd5588bd8b8507b2bff54fd760c3dbfb3822f68d234cae.0

​राष्ट्रपति से की गईं प्रमुख मांगें

​युवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगों पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है:

  • ​निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच: नीट सहित हाल के सभी पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • ​पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: भविष्य में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए परीक्षा प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
  • ​लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरतापूर्वक बलप्रयोग करने वाले दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • ​नैतिक जिम्मेदारी और इस्तीफे की मांग: परीक्षा प्रबंधन में गंभीर चूक की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पद से इस्तीफा दें।

​प्रदर्शन में ये प्रमुख नेता रहे उपस्थित

​उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा कांग्रेस के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें आशुतोष सिंह, फिरोज खान, संजीव राजन, रविंद्र मौर्या, बिरेंद्र तिवारी, राज किशोर, रियाजुद्दीन खान, रविन्द्र कुमार झा, राजेश कुमार और निखिल तिवारी सहित अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल थे।

​— रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर

जमशेदपुर: बागबेड़ा सड़क हादसे में घायलों का TMH में इलाज जारी, परिजनों ने पुलिस पर लगाया अनदेखी और दुर्व्यवहार का आरोप

जमशेदपुर: शहर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत डीबी रोड पर गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे के बाद अब पीड़ित परिजनों में पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में चल रहा है, जहाँ एक ओर इलाज के भारी-भरकम खर्च से परिजन परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी चालक की गिरफ्तारी न होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।39ea30b8a4260154628c8089a2380be5caf7835bc7e1b2045002e1ebc94e1a01.0

​8 लाख रुपये का बिल, पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का आरोप

​पीड़ित परिजनों के अनुसार, TMH प्रशासन द्वारा एक घायल के इलाज के लिए लगभग 8 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया है, जिसे चुकाने में परिवार पूरी तरह असमर्थ है।

​इसके साथ ही परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि:

  • ​हादसे के आरोपी चालक की पहचान अरुण के रूप में हुई है, जबकि कार मालिक का नाम अवधेश बताया जा रहा है।
  • ​घटना के बाद आरोपी खुद दूसरी गाड़ी में सवार होकर बागबेड़ा थाना पहुँचा था।
  • ​परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बावजूद पुलिस ने उसे हिरासत में नहीं लिया और न ही कोई पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी आराम से थाना परिसर से निकल गया।

​पुलिस की इस निष्क्रियता से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

​थाना प्रभारी पर दुर्व्यवहार का आरोप

​गुरुवार शाम अस्पताल और थाना परिसर में परिजनों का भारी हुजूम देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि बागबेड़ा थाना प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और यहाँ तक कह दिया कि “वे खुद आरोपी को पकड़कर लाएं।”

​हालाँकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

​कैसे हुआ हादसा?

​गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने सबसे पहले अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर लौट रहे एक TVS XL सवार को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद कार बेकाबू होकर तीन अन्य लोगों को रौंदती चली गई।

  • ​कुल घायल: 4 लोग (सभी की स्थिति गंभीर)
  • ​कार की स्थिति: दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग निकला था, जिसे बाद में पुलिस ने जब्त कर लिया।

​पुलिस का पक्ष

​बागबेड़ा थाना पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया गया है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि फरार चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

error: Content is protected !!