एक नई सोच, एक नई धारा

1001970876
झारखंड में दर्दनाक हादसा, वंदे भारत से कटकर रेलवे इंजीनियर समेत 2 की मौत

झारखंड में दर्दनाक हादसा सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिले में रेलवे इंजीनियर समेत दो लोगों की वंदे भारत ट्रेन से कटकर मौत हो गयी। पहली घटना चाकुलिया और कानीमहुली स्टेशनों के बीच हुई।

गुरुवार रात हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के कमारीगोड़ा निवासी संतोष दास (34 वर्ष) नामक युवक की मौत हो गई। मृतक पेट्रोल पंप पर काम करता था और घर से काम के लिए निकला था। यह घटना कैसे हुई, पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार सुबह जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेजा।

1001970876

दूसरी घटना सीनी-गम्हरिया रेलवे स्टेशनों के बीच बीरबांस में पोल संख्या 266 के समीप हुई। शुक्रवार दोपहर देवघर जिला निवासी इंजीनियर मनोज दास (45 वर्ष) की वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।

बताया जाता है कि डाउन लाइन पर कार्य चल रहा था। इस दौरान वंदे भारत की चपेट में आ गये। वह रेलवे पीडब्ल्यूआई में इंजीनियर थे। थाना प्रभारी सरायकेला विनय कुमार ने कहा कि परिजनों के आने के बाद शव सौंप दिया जाएगा।

छह वर्ष से आदित्यपुर में मनोज दास थे तैनात

मनोज दास छह वर्ष से आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के पीडब्ल्यूआई में इंजीनियर थे। बताया जा रहा है कि जिस लाइन पर ड्यूटी पर लगायी गयी थी, वहां से दूसरी लाइन पर चले आये थे। वे बतौर टीएम टू के पद पर तैनात थे। परिवार गम्हरिया में रहता है।

1001968295
200 यूनिट फ्री योजना के बावजूद 150 यूनिट पर आया 3.24 लाख का बिल

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कदमा के भाटिया बस्ती निवासी श्यामल प्रमाणिक को विभाग की ओर से ऐसा बिजली बिल मिला है, जिसने उन्हें सकते में डाल दिया है।

श्यामल प्रमाणिक मोहन पथ स्थित अपने दो कमरों के छोटे से घर में पत्नी के साथ रहते हैं, जबकि उनके दो बेटे पढ़ाई के सिलसिले में बाहर हैं। घर में टीवी तक नहीं है। बिजली उपकरणों के नाम पर केवल एक पंखा, ट्यूब लाइट और एक फ्रिज है।

हर महीने 150 से 170 यूनिट के बीच रहता है बिल :

सरकार की ओर से 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने की घोषणा के बाद से श्यामल के घर का बिजली उपभोग हर महीने 150 से 170 यूनिट के बीच ही रहा है। इसलिए अब तक उनका बिल शून्य आता था।

1001968295

मीटर जांच के बाद कोई बिल नहीं दिया :

लेकिन 21 अक्टूबर को बिजली विभाग का रीडिंग कर्मचारी उनके घर पहुंचा, मीटर जांच की, पर कोई बिल नहीं दिया। तीन दिन बाद मोबाइल पर बिल मैसेज आया, जिसमें 3,24,515 रुपये का बकाया दिखाया गया। जबकि यूनिट और केवीए दोनों शून्य दर्शा रहे थे। इस भारी-भरकम बिल को देखकर श्यामल के होश उड़ गए।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई :
श्यामल प्रमाणिक ने तुरंत कदमा स्थित बिजली विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने बिल देखकर लिखित शिकायत देने को कहा। श्यामल ने ऐसा किया भी, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

विभाग ने बिल भुगतान का अल्टीमेटम दिया :
अब विभाग की ओर से छह नवंबर तक बिल भुगतान का अल्टीमेटम दिया गया है। श्यामल परेशान हैं कि जब उनका उपभोग ही 200 यूनिट से कम है और बिजली फ्री है, तो इतने बड़े बिल की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने विभाग से त्वरित समाधान की मांग की है ताकि आम उपभोक्ताओं को ऐसी परेशानी से राहत मिल सके।

बिल भेजने में गलती हुुई है :

रीडर द्वारा प्वाइंट को अंक में जोड़ देने के कारण गलती हुई है। यह बात सही है कि अक्तूबर में श्यामल को 3,24,515 रुपये का बिल भेजा गया है। इसकी जांच के बाद शुक्रवार को समस्या का निदान करा दिया जाएगा।

1001968274
कंसल्टेंसी की आड़ में बेच रहे जाली डिग्रियां, पाक के लिए जासूसी करने वालों के हैं मददगार

जमशेदपुर के मानगो स्थित एशिया इंटरनेशनल ह्यूमन रिसोर्स कंसल्टेंसी का संचालक मोनाजिर खान सिर्फ जासूसों का मददगार ही नहीं, बल्कि एक ऐसी फैक्ट्री चला रहा था जहां चंद हजार रुपयों में किसी को भी ”वैज्ञानिक” बनाया जा सकता था।

मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनाजिर ने परमाणु जासूसी के आरोपी अख्तर हुसैन को महज 19 हजार रुपये में एक नई पहचान ”एलेक्जेंडर पामर” दी। उसने न सिर्फ अख्तर के लिए एक नहीं, बल्कि तीन-तीन फर्जी पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड बनाए, बल्कि उसे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) का वैज्ञानिक साबित करने के लिए फर्जी डिग्रियों की पूरी खेप तैयार की थी।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने 25 अक्टूबर को मोनाजिर को उसके मानगो चौक स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर कार्यालय से सात डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, कंप्यूटर और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

1001968274

जांच में पता चला है कि मोनाजिर ने 2016-17 में अख्तर के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया था। अख्तर की साख को मजबूत दिखाने के लिए उसने 10वीं, 12वीं, बीएससी, बीई (मैकेनिकल) और यहां तक कि एमबीए की फर्जी डिग्रियां भी तैयार की थीं।

इन्हीं दस्तावेजों के सहारे अख्तर 2017 से 2025 के बीच कई देशों की यात्रा करने में सफल रहा। जांच एजेंसियों को अब शक है कि मोनाजिर का गोरखधंधा सिर्फ हुसैनी बंधुओं तक ही सीमित नहीं था।

उसके कार्यालय से मिले सबूत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि वह झारखंड में बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और पहचान पत्र बेचने का रैकेट चला रहा था। पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस का फारेंसिक विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोनाजिर ने और कितने लोगों को इस तरह के फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए हैं और वे लोग कौन हैं।

मोनाजिर शनिवार तक मुंबई पुलिस की हिरासत में है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी ने जमशेदपुर में चल रहे कंसल्टेंसी सेंटरों की आड़ में होने वाले फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है।

यह मामला अब सिर्फ जासूसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बहु-राज्यीय फर्जीवाड़ा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन गया है, जिसकी जांच मुंबई, दिल्ली और झारखंड पुलिस मिलकर कर रही है।

1001968251
14 से 23 नवंबर तक 39वां पुस्तक मेला का होगा आयोजन

टैगोर सोसाइटी के महासचिव आशीष चौधुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 39वां पुस्तक मेला 14 नवंबर से 23 नवंबर तक रवीन्द्र भवन परिसर, साकची में आयोजित होगा. इसमें दिल्ली, कोलकाता, पटना, गिरीडीह, गोरखपुर, रांची, झाड़ग्राम के नामी प्रकाशकों के साथ ही विश्व प्रसिद्ध प्रकाशनों के वितरक भी भाग लेंगे. ये मेले शहरवासियों के लिए पुस्तकों की एक बड़ी श्रंखला प्रस्तुत करेगा, जिससे पुस्तक प्रेमी अपनी पसंद की किताबों को एक ही जगह देखकर खरीद सकेंगे.

1001968251

आयोजन में सभी उम्र और रुचि के पाठकों के लिए विविध भाषाओं और विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जिससे यह मेला ज्ञान और साहित्य का प्रमुख केंद्र बन जाएगा. आशीष चौधुरी ने पाठकों से आग्रह किया है कि वे इस दौरान अपना समय सुनिश्चित करें ताकि वे पूरी तरह से पुस्तक मेला का लाभ उठा सकें और मनपसंद पुस्तकों की खरीददारी कर सकें.

पिछले वर्षों की भांति इस बार भी पुस्तक मेला रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित होगा और यह दस दिन तक चलेगा. यह आयोजन शहर में पुस्तक प्रेमियों के लिए विशेष अवसर होगा जहाँ वे अनेक प्रकार की पुस्तकों को देख और खरीद सकते हैं.

error: Content is protected !!