सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में एक कथित मानव तस्करी का मामला प्रकाश में आया था, जो अब पुलिसिया जांच के बाद पैसों के लेन-देन के विवाद के रूप में सामने आ रहा हैं। लड़की और उसके पति का आरोप है कि शादी के नाम पर उनसे ₹1.20 लाख रुपये लिए गए थे।
मामला मानव तस्करी का नहीं
आरोपित महिला पदमा तांती और युवक राम नायडू का कहना है कि यह मामला मानव तस्करी का नहीं, बल्कि पैसों के विवाद को लेकर है। पदमा तांती ने कहा, सीता लोहार ने अपनी मर्जी से राजस्थान के मुकुट नामक व्यक्ति से शादी की थी जिसके बाद उसने एक वीडियो में यह कहा था कि वह खुश है और एक-दो साल के बाद वह मायके लौट आएगी।
पदमा तांती का दावा है कि वह सीता को राजस्थान छोड़ने के लिए गए थे और वहां सीता के पति ने उसे ₹20,000 दिए थे जिसे मायके वालों तक पहुंचाना था, लेकिन वह रकम खर्च हो गई। उनका कहना है कि उन्होंने थाना परिसर में ही पूरे पैसे लौटा दिए थे।
लड़की के परिजनों का आरोप
वहीं, लड़की के परिजनों का आरोप है कि कुल ₹1.20 लाख रुपये लिए गए थे। राम नायडू का कहना है कि शादी में सीता के पति मुकुट की ओर से पार्टी आयोजन पर ₹1 लाख खर्च हुए थे। अब लड़की के पति और परिजनों ने राम की स्कूटी जब्त कर ली है और कहा है कि जब तक ₹1 लाख रुपये वापस नहीं किए जाते, स्कूटी नहीं लौटाई जाएगी।
पुलिस का कहना मामला मानव तस्करी का नहीं!
सरायकेला एसडीपीओ समीर कुमार सेवइयां ने बताया है कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा नहीं है, बल्कि शादी और पैसे लेनदेन को लेकर विवाद है जिस पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
आम जनता के लिए संदेश
शादी और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद को बढ़ाकर मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध का रूप देना समाज में भ्रम और अनावश्यक तनाव पैदा करता है। ऐसे मामलों में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय पुलिस जांच पर विश्वास करें और किसी भी तरह की आर्थिक लेन-देन की पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं, ताकि विवाद और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके।
बरवाअड्डा जीटी रोड पर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब असली किन्नरों ने नकली किन्नरों की जमकर पिटाई कर दी। सड़क पर काफी देर तक हंगामा और मारपीट होती रही। इसके बाद असली किन्नरों ने नकली किन्नरों को पकड़कर बरवाअड्डा थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, ये धनबाद में नकली किन्नर लंबे समय से ट्रक चालकों और राहगीरों को परेशान कर उनसे पैसे वसूल रहे थे। पुरुष भेष में किन्नर बनकर यह गिरोह पंडुकी से किसान चौक तक जीटी रोड पर सक्रिय था। लगातार शिकायतों के बाद दर्जनों असली किन्नर मौके पर पहुंचे और नकली किन्नरों को पकड़कर उनकी धुनाई कर दी।
इस घटना के बाद मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये युवक आए दिन किन्नर का भेष धरकर उगाही करते थे, जिससे आम लोगों और ड्राइवरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
झारखंड किन्नर बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने बताया कि पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक नकली किन्नर बनकर ट्रक चालकों को परेशान कर रहे हैं। आज सूचना पर पहुंचकर 8 नकली किन्नरों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित सागर होटल के पास रविवार को घरेलु कार्य से निकली युवती को पेट्रोल टैंकर ने कुचल दिया. प्रत्यक्षदर्शी ने बाताया कि युवती ने साकची सागर होटल के गोलचक्कर के पास गाड़ी मोरी ठीक उसी समय उसी मार्ग पर पेट्रोल टैंकर आई और युवती को कुचलते हुए आगे बढ़ गई. घटना तकरीबन रात साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है. घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद प्रत्यक्षदर्शीयों ने युवती को टीएमएच में भर्ती करवाया जहां रात को लगभग 12 बजे युवती की मौत हो गई.
दर्दनाक मौत के बाद टीएमएच नहीं दे रही परिजनों को लड़की की लाश : बताया जा रहा है कि युवती की दर्दनाक मौत के बाद टीएमएच प्रबंधन युवती के शव को परिजनों को नहीं सौंप रही है. प्रबंधन का कहना है कि पहले पूरा पैसा जमा करें इसके बाद ही युवती के शव को परिजनों को सौंपा जाएगा.
पेट्रोल टैंकर अब भी पकड़ से बाहर : बताया जा रहा है कि पेट्रोल टैंकर अब भी पकड़ के बाहर है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने पेट्रोल टैंकर वाले का पता लगाया है और उससे बात भी हुई है, लेकिन वह टालमटोल कर रहा है.
“लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान आपसी सहमति से शारीरिक संबंध को उसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। झारखंड हाई कोर्ट ने ये महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस आधार पर रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म की प्राथमिकी को निरस्त कर दिया। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस ए.के. चौधरी की अदालत ने एक अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में सहमति से बने शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।
दरअसल पूरा मामला एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित था, जिसमें उसने अपने साथी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और 406 (आपराधिक न्यासभंग) के तहत केस दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया था कि उसका साथी पिछले कई वर्षों से उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था और उसने उससे शारीरिक संबंध बनाए। इसके साथ ही उसने तीन लाख रुपये वापस न करने का आरोप भी लगाया।
इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपित मतीयस सांगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मतीयस सांगा ने झारखंड हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की। प्रार्थी के अधिवक्ता सूरज किशोर प्रसाद ने अदालत में दलील दी कि दोनों पक्ष वयस्क थे और 2014 से 2023 तक पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे।
यह स्पष्ट रूप से आपसी सहमति से बना संबंध था, जिसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि महिला द्वारा दिया गया तीन लाख रुपये एक दोस्ताना ऋण था, जिसे लौटाने में असमर्थता को आपराधिक अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।सरकार की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक ने इस याचिका का विरोध किया और कहा कि आरोपित के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, इसलिए प्राथमिकी को खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्ववर्ती निर्णयों – महेश्वर तिग्गा बनाम राज्य झारखंड और सोनू उर्फ सुभाष कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य – का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि यदि दो वयस्क लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हैं और उनके बीच शारीरिक संबंध बने हैं, तो ऐसे मामलों में सहमति स्वतः सिद्ध होती है।
जस्टिस चौधरी ने कहा कि इस तरह की आपराधिक कार्रवाई का जारी रहना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में लंबी जांच और मुकदमेबाजी न केवल अनावश्यक है बल्कि यह आरोपी के अधिकारों का हनन भी है। इसलिए अदालत ने प्राथमिकी और उससे संबंधित सभी कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया।
रांची : झारखंड में कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) का दर्जा देने की मांग पर सियासी और सामाजिक गोलबंदी तेज हो गई है. एक ओर जहां कुड़मी समाज के संगठन इस मांग पर झारखंड, ओडिशा और बंगाल में एक साथ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, वहीं आदिवासी संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं. हालात सामुदायिक टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं.
कुड़मी संगठनों ने इस मांग को लेकर रणनीति बना ली है. बीते हफ्ते दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विशाल धरने के दौरान ‘रेल रोको-रास्ता रोको’ (रेल टेका-डहर छेका) आंदोलन का फैसला लिया गया. आंदोलन को अनिश्चितकाल तक चलाने की तैयारी है.
संगठनों का कहना है कि जब तक कुड़मी जाति को आदिवासी का दर्जा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा. दूसरी ओर, आदिवासी संगठनों ने सोमवार को रांची में दो अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मांग का पुरजोर विरोध किया. पूर्व मंत्री देवकुमार धान, पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव और कई अन्य आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुड़मी समाज का यह दावा गलत है और आदिवासी हक पर सेंधमारी की कोशिश है.
उन्होंने आरोप लगाया कि “कुड़मी समाज के नेताओं का मकसद केवल विधायक, सांसद और मंत्री बनने का है, इसके लिए वे आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों पर कब्जा करना चाहते हैं.” गीताश्री उरांव ने कहा कि पिछले वर्ष कुड़मी समाज ने पांच दिन तक रेल रोको आंदोलन चलाया, लेकिन एक भी केस दर्ज नहीं हुआ.
उन्होंने कहा, “कुड़मी खुद को शिवाजी महाराज का वंशज और मराठा साम्राज्य से जुड़ा बताते हैं. ऐसे में उन्हें आदिवासी का दर्जा देना संभव नहीं है.” उन्होंने चेताया कि संविधान द्वारा मिले अधिकारों की रक्षा के लिए आदिवासी समाज हर स्तर पर संघर्ष करेगा. इसी क्रम में केंद्रीय सरना समिति ने 20 सितंबर को राजभवन के समक्ष धरना और 17 अक्टूबर को सभी जिलों में उपायुक्त कार्यालय घेराव का ऐलान किया.
समिति की महिला इकाई की अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि आदिवासी भारत के प्रथम नागरिक हैं और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी कुर्बानियां दीं. उन्होंने कहा, “कुड़मी, कुरमी और महतो तीनों एक ही हैं, कभी आदिवासी नहीं थे. यदि इन्हें आदिवासी का दर्जा मिला तो पूरे देश में आदिवासी अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.” इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति महासचिव संजय तिर्की, हर्षिता मुंडा, फूलचंद तिर्की, कुंदरसी मुंडा, निरंजना हेरेंज, डबलु मुंडा और लक्ष्मी नारायण मुंडा समेत कई आदिवासी नेता मौजूद रहे.
झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आने वाला है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से राज्यभर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
जानकारी के अनुसार, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी में और दूसरा नॉर्थ-ईस्ट बांग्लादेश के पास सक्रिय है. इसके कारण झारखंड में नमी बढ़ गई है और अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की भी अपील की.
रांची मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि बंगाल की खाड़ी में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, एक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में और दूसरा उत्तर-पूर्व बांग्लादेश के आसपास. इससे झारखंड में नमी बढ़ रही है, जिसके चलते हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है.
उन्होंने कहा कि सोमवार को दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद और गिरिडीह में भारी से अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची समेत अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट है. वहीं, मंगलवार को हजारीबाग, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, रांची, गढ़वा और पलामू के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है.
इसके अलावा, उन्होंने 15 और 16 सितंबर को निचले इलाकों में जलजमाव और कच्चे या टीन के मकानों को नुकसान होने की आशंका जताई. उन्होंने दावा किया कि अगले पांच दिनों तक गर्जन और 30-40 किमी/घंटा की हवा की गति की चेतावनी है.
अभिषेक आनंद ने आगे कहा कि 17 और 18 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि 17 सितंबर से बारिश में कमी आएगी और 20 सितंबर से मौसम में सुधार होगा.
सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के नगर बागूनहातू चौक में एक शराब दुकान खोले जाने को लेकर स्थानीय बस्ती वासियों ने सोमवार की सुबह कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। बस्ती वासियों का कहना था कि शराब दुकान के समीप सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर महिला कॉलेज, प्रसिद्ध मंदिर और एक कंपनी स्थित है, जिससे यह दुकान पूरी तरह से अनुचित व खतरनाक है।
प्रदर्शनकारी बस्ती वासियों ने बताया कि शराब दुकान सुबह से लेकर रात 11 बजे तक खुली रहती है, जिससे आसपास नशेड़ी लोगों का जमावड़ा रहता है। इससे जहां महिला कॉलेज में पढ़ाई के लिए आने-जाने वाली छात्राएं तथा मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाली महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, वहीं बस्ती के युवा भी नशे का शिकार बनते जा रहे हैं।
बस्ती वासियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी के पास काम करने वाले मजदूर अपने मेहनताना को शराब पीने में बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले भी इस समस्या को लेकर स्थानीय थाना प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई थी, लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।
इसलिए मजबूर होकर बस्ती वासियों ने आज विरोध प्रदर्शन कर शराब दुकान को बंद करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया जाएगा। इसके बावजूद यदि दुकान को बंद नहीं किया गया, तो वे लोग आंदोलन के तहत दुकान में तालाबंदी करने की चेतावनी भी दे चुके हैं।
बस्ती वासियों का कहना है कि उनके प्रयास सिर्फ समाज की भलाई के लिए हैं ताकि युवा वर्ग सुरक्षित रह सके और महिलाएं बिना भय के अपने काम-काज से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो सकें। अब प्रशासन पर सभी की नजरें टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में कितनी संवेदनशीलता और तत्परता से कदम उठाता है।
चक्रधरपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशन टाटानगर में यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा की शुरुआत की गई है। अब स्टेशन पर डिजिटल लोकर रूम उपलब्ध है, जो न केवल यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि सुविधा, सरलता और समय की बचत भी प्रदान करेगा। यह डिजिटल लोकर रूम चक्रधरपुर रेल मंडल का पहला ऐसा आधुनिक सुविधा केंद्र है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इससे रेलवे यात्री अपनी यात्राओं को और भी सहज और सुविधाजनक बना सकेंगे।
डिजिटल लोकर रूम की कार्यप्रणाली
इस नए डिजिटल लोकर रूम की खासियत यह है कि यात्री इसमें सामान रखने और निकालने की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर सकते हैं। इसके लिए एक मशीन लगाई गई है, जिस पर QR कोड स्कैन करने की सुविधा उपलब्ध है। यात्री QR कोड स्कैन कर अपने सामान को रखने के लिए समय सीमा निर्धारित करते हैं और उस हिसाब से शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इससे पारंपरिक पद्धति की तुलना में कहीं अधिक सहज, तेज और सुरक्षित तरीका विकसित हुआ है।
भुगतान दरें और सुविधाएँ
डिजिटल लोकर रूम में सामान रखने की दरें काफी स्पष्ट और पारदर्शी हैं। यात्री अपनी आवश्यकतानुसार समय सीमा चुनकर आसानी से भुगतान कर सकते हैं। दरें इस प्रकार हैं:
लार्ज सामान के लिए शुल्क 1 घंटे के लिए: ₹23.6 3 घंटे के लिए: ₹70.8 5 घंटे के लिए: ₹141.6 8 घंटे के लिए: ₹200.5 12 घंटे के लिए: ₹448.4
एस्ट्रा लार्ज सामान के लिए शुल्क 1 घंटे के लिए: ₹41.3 3 घंटे के लिए: ₹123.9 5 घंटे के लिए: ₹247.8 8 घंटे के लिए: ₹413 12 घंटे के लिए: ₹826
यदि कोई यात्री सामान को 12 घंटे से अधिक समय के लिए रखना चाहता है, तो अतिरिक्त शुल्क भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत: लार्ज सामान के लिए अतिरिक्त घंटे का शुल्क: ₹20 प्रति घंटे एस्ट्रा लार्ज सामान के लिए अतिरिक्त घंटे का शुल्क: ₹35 प्रति घंटे
यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि यात्री अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार समय सीमा निर्धारित कर सकें, साथ ही उन्हें पारदर्शी मूल्य निर्धारण का लाभ भी प्राप्त हो।
यात्री सुविधा में बढ़ोतरी
टाटानगर स्टेशन पर डिजिटल लोकर रूम के शुरू होने से यात्रियों को अब अपने भारी सामान या जरूरी दस्तावेज स्टेशन परिसर में सुरक्षित रखने में आसानी होगी। विशेष रूप से लंबी यात्रा करने वाले यात्री, जो स्टेशन पर लंबा समय बिताते हैं, वे अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं होंगे। डिजिटल लोकर रूम के माध्यम से वे समयबद्ध तरीके से सामान रखकर अपनी यात्रा का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, यह सुविधा उन यात्रियों के लिए भी उपयोगी साबित होगी, जो कुछ समय के लिए स्टेशन परिसर में रहकर आराम करना चाहते हैं या चाय-नाश्ता करने के बाद पुनः अपनी यात्रा में शामिल होना चाहते हैं।
प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित
इस डिजिटल लोकर रूम में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। QR कोड स्कैनिंग, डिजिटल भुगतान प्रणाली और स्वयं सेवा प्रणाली से यह सुविधा पूरी तरह से आधुनिक बन चुकी है। इससे मनुष्य-निर्भर प्रणाली से निजात मिली है, और चोरी या अन्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं से निजात मिली है। यात्रियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में अपने सामान को स्टोर करने की स्वतंत्रता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही डिजिटल लॉगर रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा, जिससे यात्री किसी भी समय सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
रेलवे प्रशासन की पहल
चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने इस नवीनतम सुविधा की शुरुआत को यात्रियों के लिए एक अहम कदम बताया है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा और सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोपरि है। डिजिटल लोकर रूम के माध्यम से हम पारंपरिक प्रणाली की तुलना में तेज, सुरक्षित और अधिक भरोसेमंद सेवा प्रदान कर पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो स्टेशन पर अधिक समय व्यतीत करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में और भी स्टेशनों पर इस सुविधा को लागू किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुविधा को बढ़ाया जा सके।
यात्रियों की डिजिटल लोकर को लेकर प्रतिक्रिया
नवीन डिजिटल लोकर रूम के उद्घाटन के बाद यात्रियों की प्रतिक्रियाएँ सकारात्मक रही हैं। संदीप मिश्रा, जो टाटानगर से नई दिल्ली की यात्रा कर रहे थे, ने बताया, “यह सुविधा वास्तव में मेरे लिए बहुत उपयोगी साबित हुई। मुझे अपने बड़े बैग को सुरक्षित रखने में अब परेशानी नहीं होती। मैं समय सीमा तय कर आसानी से भुगतान कर अपने सामान को लॉक कर सका।” इसी प्रकार, श्रीमती रेखा सिंह ने कहा, “इस सुविधा ने हमारी यात्रा को और भी आरामदायक बना दिया है। अब स्टेशन पर सामान को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।”
भविष्य की योजनाएँ
रेलवे प्रशासन की योजना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल लोकर रूम की सुविधा को अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी विस्तारित किया जाएगा। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि रेलवे के संचालन में भी दक्षता आएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सुविधा के लिए उपयोगकर्ता मैत्रीपूर्ण इंटरफेस का निर्माण किया गया है, ताकि तकनीकी ज्ञान न रखने वाले भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। साथ ही, सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता का विश्वास बना रहे।
डिजिटल लोकर रूम की यह पहल यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सुविधा साबित होगी। पारदर्शी मूल्य निर्धारण, उपयोग में सरलता, और सुरक्षित प्रणाली के कारण यह सुविधा तेजी से लोकप्रिय होगी। टाटानगर स्टेशन पर इसकी शुरुआत से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रेलवे के डिजिटलीकरण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। आने वाले समय में ऐसी सुविधाओं के विस्तार से भारतीय रेलवे और अधिक यात्री मैत्रीपूर्ण और आधुनिक बनकर उभरेगा।
जमशेदपुर : घाटशिला के बनकाटी काकड़ीशोल निवासी डॉली महतो के नवजात शिशु का इलाज मर्सी अस्पताल में चल रहा था. दुर्भाग्यवश बच्चे का निधन हो गया. परिवार आर्थिक तंगी के कारण अस्पताल के शेष 76,555/- रुपये का बिल चुकाने में असमर्थ था. इस पीड़ा भरे समय में, झारखंड युवा मोर्चा के सक्रिय सदस्य विद्युत महतो ने झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी को इस स्थिति से अवगत कराया. इसके बाद श्री षाड़ंगी ने मानवीय आधार पर तुरत अस्पताल प्रबंधन से बात की. अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बकाया 76,555/- रुपये का शुल्क माफ कर दिया और परिजनों को पार्थिव शरीर सौंप दिया. शोकाकुल परिवार ने संकट की इस घड़ी में मदद और संवेदनशीलता दिखाने के लिए पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी का हृदय से आभार जताया है.
जमशेदपुर : दुर्गावाहिनी-मातृशक्ति जमशेदपुर महानगर की बिस्टुपुर तुलसी भवन मे हुई प्रेस वार्ता मे नारी शक्ति ने कहा कि इस नवरात्र मे दुर्गापूजा के डांडिया आयोजन करने वाले सभी आयोजक गैर हिंदूओं का प्रवेश वर्जित करें। अक्सर बीते वर्ष मे कुछ ऐसे मामले जानकारी मे मिली है कि हिंदू लडकियों को निशाना बनाते हुए गैर हिंदू लड़के लव जिहाद के षड्यंत्र के तहत ऐसे बड़े आयोजन मे नाम बदलकर शामिल हो जाते है और अश्लील हरकत करते है। जो इस बार बर्दाश्त नही किया जायेगा इसलिए दुर्गावाहिनी सभी आयोजको को सनातन धर्म का पालन सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम करने का सुझाव देती है।
सभी दुर्गापूजा समिति के आयोजकों से दुर्गावाहिनी आग्रह करती है कि पूजा पंडाल का उद्घाटन फीता काटकर अंग्रेजी पद्धति से नही करके पंडित द्वारा पूजा पद्धति तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रीफल देकर किया जाये। साथ ही सभी पूजा पंडालों और विसर्जन मे अश्लील फिल्मी गाने नही बजे और न ही कोई समिति का सदस्य नशीली चीज का सेवन कर विसर्जन मे शामिल हो। 22 सितंबर से प्रारंभ होने वाले नवरात्र , दुर्गा पूजा, काली पूजा, दीपावली और छठ पर्व तक सनातन हिंदू समाज से विश्व हिंदू परिषद – दुर्गावाहिनी जमशेदपुर आग्रह करती है। पूजा विधि मे उपयोग मे आने वाली सभी पूजा तथा फल सामग्री हिंदू विक्रेताओं से खरीदे और उनकी घर की खुशियां बढाये।
प्रेस वार्ता मे सबिता सिंह विहिप जमशेदपुर उपाध्यक्ष, महानगर दुर्गावाहिनी संयोजिका सुधा जौहरी, सह संयोजिका ज्योत्सना सरकार, सह संयोजिका मनुश्री, अर्चना सिंह, मल्लिका प्रमाणिक, प्रियंका शर्मा, बबिता अग्रवाल, मोनिका पुरान, ईशा दास, मीना साहू संग कई दुर्गावाहिनी की बहने उपस्थित रही।