जमशेदपुर : कांग्रेस प्रत्याशी डा. अजय कुमार ने बुधवार को टिनप्लेट,भुईंयाडीह और भालूबासा में जनसम्पर्क अभियान चलाया गया. इस दौरान लोगों ने कहा कि इस बार अजय कुमार को बोट करेंगे. लोगों डा. अजय का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. 25 वर्षों के कुशासन का जिक्र करते हुए लोगों ने इससे मुक्ति दिलाने की डा. अजय से की.
मौके पर डा. अजय ने कहा कि जमशेदपुर से गुंडागर्दी हटाने के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करुंगा. सीएम मॉडल स्कूल औऱ नियमित रुप से मेडिकल कैंप का आयोजन मेरी पहली प्राथमिकता है. वहीं महिलाओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सभी सामुदायिक केंद्र में रोजगार अधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सुरक्षित एवं विकसित जमशेदपुर बनाना मेरा सपना है जो आपके समर्थन और सहयोग से ही पूरा होगा. बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है. बस्तियों में उच्च स्तरीय नागरिक सुविधा उपलब्ध कराउंगा. आप लोगों ने मेरे संसदीय कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को देखा है. 24 घंटे विधायक कार्यालय का संचालन किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में आपकी समस्याओं का समाधान किया जा सके.
जमशेदपुर : जमशेदपुर बार एसोसिएशन वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने इसे दुर्भाग्यजनक बताया कि जो काम राज्य सरकार और उसकी मशीनरी को करना चाहिए वह कार्य अपने मुवक्किल की ओर से न्यायालय में करना पड़ रहा है।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की युगल खंडपीठ ने हेट स्पीच भड़काऊ भाषण को लेकर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार को आदेश जारी किया था कि ऐसे तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करनी है। ऐसे मामलों में केस दर्ज करने में देरी होने पर इसे अदालत की ओर से अवमानना माना जाएगा लेकिन अफसोस है कि झारखण्ड सरकार ने इस मामले में उदासीनता बरती है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ एवं जस्टिस बीवी नागरत्ना की खंडपीठ में यह भी आदेश दिया था की कार्रवाई करते समय बयान देने वाले के धर्म की परवाह नहीं करनी है। झारखंड में पिछले दो-तीन महीने से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनीतिक दल के आला नेताओं के द्वारा वोटो का ध्रुवीकरण अपने पक्ष में करने के लिए लगातार हेट स्पीच दिए जा रहे हैं। प्रशासन खामोश बैठा हुआ है। अभी चुनावी आदर्श आचार संहिता लगी हुई है और ऐसे में प्रशासन को अपनी सक्रियता दिखाते हुए आम जनता का विश्वास जीतना चाहिए।
जमशेदपुर: जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय उम्मीदवार सौरभ विष्णु ने बुधवार को बारीडीह, सिदगोड़ा, गोलमुरी आदि इलाके में जनसंपर्क अभियान चलाया। जनसंपर्क अभियान के दौरान सौरभ विष्णु को जमकर जन समर्थन मिला। सौरभ विष्णु ने बताया कि लोग काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस बार वह युवा चेहरे को चांस देंगे। जो उनकी समस्याओं को हल कर सके।
सौरभ विष्णु ने ही जनता से वादा किया है कि वह क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करेंगे। इलाके में मोहल्ला क्लीनिक खोलेंगे। रोजगार का इंतजाम करना उनकी प्राथमिकता है। इसके अलावा महिला सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं। सौरभ विष्णु का कहना है कि महिला सुरक्षा के लिए वह एक ऐसी प्रक्रिया अपनाएंगे। जिसके तहत उनके विधायक कार्यालय में सूचना आते ही प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो जाएगा और महिला को फौरन मदद पहुंचाई जाएगी।
गौरतलब है कि सौरभ विष्णु ने क्षेत्र के मालिकाना हक के लिए भी संघर्ष शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया है। कोर्ट में केस किया है। सौरभ विष्णु का कहना है कि क्षेत्र को टाटा मोटर्स और अन्य कंपनियों से वह काफी सुविधा दिलाएंगे। क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करेंगे। लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा और जिन बस्तियों में अभी जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। वहां भी पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट को बुधवार को जानकारी दी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही एक जनहित याचिका पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता की सीबीआई जांच शुरू की गई है.
याचिकाकर्ता कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा कि उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है तो मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि वह नहीं चाहता कि कोई विरोधाभासी आदेश पारित किया जाए.
पीठ ने एस विग्नेश शिशिर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनकी जनहित याचिका के बाद प्रासंगिक घटनाक्रम पर एक हलफनामा दायर करने की अनुमति देते हुए कहा, कार्रवाई के एक ही कारण पर दो समानांतर याचिकाएं नहीं हो सकतीं.
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर था, जिन्होंने राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग करने वाले उनके प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को निर्देश देने की मांग की थी.
बीजेपी नेता ने अपनी याचिका में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल के खिलाफ उनके द्वारा दायर अभ्यावेदन पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश देने की भी मांग की. जबकि स्वामी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष मामले का उनके मामले से कोई लेना-देना नहीं है और दोनों अदालतों में दाखिल अर्जियां पूरी तरह से अलग हैं. एस. विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि स्वामी की याचिका के कारण बहुलता और समानांतर कार्यवाही हुई.
6 दिसंबर को होगी सुनवाई
अदालत ने शिशिर को उसके समक्ष याचिका में पक्षकार बनने के लिए आवेदन दायर करने को कहा और मामले को 6 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया.
सुनवाई के दौरान, शिशिर ने कहा कि उनकी याचिका पर आखिरी बार 24 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई की थी और मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है. चूंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष मामला “बहुत उन्नत चरण” पर था.
उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में सीबीआई के सामने भी पेश हुआ और इस मामले के संबंध में अपने बेहद गोपनीय सबूत पेश किए. फिलहाल मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है.”
HC को मेल पर भेजे डॉक्टूमेंट्स
शिशिर ने कहा, “देश की विभिन्न जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं. मैंने अपनी आपत्तियां दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को एक ईमेल के जरिए भेज दी हैं.”
पीठ ने बाद में टिप्पणी की कि डॉक्यूमेंट्स को अदालत की रजिस्ट्री के जरिए से दाखिल किया जाना आवश्यक है, न कि ईमेल के जरिए से.
स्वामी ने दोनों याचिकाओं के बीच अंतर करते हुए कहा कि शिशिर की याचिका में आपराधिक मुकदमा शुरू करने की मांग की गई थी, जबकि उनकी याचिका में केवल यह कहा गया था कि राहुल गांधी भारत के नागरिक नहीं बल्कि “ब्रिटेन के नागरिक” थे.
बीजेपी नेता ने तर्क किया कि पक्षपाती मत बनो और कहो कि प्रार्थनाएं समान हैं और हम पर टिके रहें. यह स्पष्ट है कि वह दो देशों का नागरिक नहीं हो सकता है. हमने इसे दस्तावेजों के माध्यम से साबित कर दिया है जहां वह ब्रिटेन के साथ-साथ भारत का भी नागरिक होने का दावा करता है. हालांकि, पीठ ने कहा कि उस याचिका में प्रार्थनाएं बहुत व्यापक हैं. इसलिए उन्हें (शिशिर को) वे दस्तावेज़ दाखिल करने दें जो वह चाहते हैं.”
दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले आदेश के बाद स्वामी ने राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित याचिका की एक प्रति दायर की थी.
6 अगस्त 2019 को भेजा मंत्रालय को पत्र
अधिवक्ता सत्य सभरवाल द्वारा दायर स्वामी की याचिका में कहा गया है कि 6 अगस्त, 2019 को मंत्रालय को एक पत्र भेजा गया था. जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश सरकार को “स्वेच्छा से खुलासा” किया था कि वह ब्रिटिश राष्ट्रीयता के नागरिक थे जो ब्रिटिश पासपोर्ट रखने के बराबर था.
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या उसने नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत दायर शिशिर के अभ्यावेदन पर कोई निर्णय लिया है. जिसमें आरोपों की जांच करने के लिए कहा गया था.
शिशिर ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने के बारे में “विस्तृत पूछताछ” की थी और कई नए इनपुट प्राप्त किए थे. दूसरी ओर स्वामी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने एक भारतीय नागरिक होने के नाते, भारतीय नागरिकता अधिनियम के साथ पढ़े जाने वाले संविधान के अनुच्छेद 9 का उल्लंघन किया है और वह भारतीय नागरिक नहीं रहेंगे.
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत की स्थिति के बारे में जानने के लिए मंत्रालय को कई अभ्यावेदन भेजे थे, लेकिन न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही उन्हें कोई सूचना मिली.
रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी इतिहास में सबसे अविश्वसनीय राजनीतिक वापसी में से एक में सभी स्विंग राज्यों में जीत हासिल करते हुए दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में वापसी करने के लिए तैयार हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प की जीत से रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।
ग्रोवर क्लीवलैंड के बाद ट्रम्प गैर-लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले केवल दूसरे राष्ट्रपति होंगे, यह उपलब्धि आखिरी बार 132 साल पहले हासिल की गई थी। ग्रोवर क्लीवलैंड अमेरिका के 22वें और 24वें राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 1885 से 1889 और 1893 से 1897 तक सेवा की। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प का पहला कार्यकाल 2016 और 2020 के बीच था। हालांकि, 2020 के चुनावी दौड़ में जो बिडेन से हारने के बाद वह लगातार दूसरा कार्यकाल जीतने में असफल रहे।
78 साल की उम्र में वे अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति चुने जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति होंगे। जो बिडेन, जो 20 नवंबर को 82 साल के हो जाएंगे, सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं। इसके अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रम्प 20 वर्षों में लोकप्रिय वोट जीतने वाले पहले रिपब्लिकन बनेंगे।
दो बार महाभियोग का सामना कर चुके राष्ट्रपति
अगर वे व्हाइट हाउस की दौड़ जीत जाते हैं, तो ट्रंप अमेरिकी इतिहास में अपने कार्यकाल के दौरान दो बार महाभियोग की कार्यवाही का सामना करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति बन जाएंगे। हालांकि, दोनों मामलों में सीनेट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था। पहला महाभियोग 2019 में उन आरोपों पर लगाया गया था कि ट्रम्प ने फिर से चुनाव जीतने की अपनी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए यूक्रेन से गुप्त रूप से मदद मांगी थी।
यह आरोप लगाया गया था कि ट्रम्प ने अपने यूक्रेनी समकक्ष ज़ेलेंस्की से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सबसे आगे के उम्मीदवारों में से एक की जांच करने का आग्रह किया था। यह बताया गया कि ट्रम्प ने यूक्रेन को दी जाने वाली 400 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता रोक दी थी, जो रूस के साथ युद्ध में शामिल है।
ट्रम्प पर दूसरी बार 13 जनवरी, 2021 को, उनके कार्यकाल की समाप्ति से एक सप्ताह पहले, यूएस कैपिटल पर 6 जनवरी के हमले को कथित रूप से भड़काने के लिए महाभियोग लगाया गया था।
पद संभालने वाले पहले दोषी अपराधी
ट्रम्प, जिन्हें इस साल की शुरुआत में 34 गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था, कानूनी अभियोग का सामना करते हुए पद संभालने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी होंगे। ट्रम्प को मई में न्यूयॉर्क में दोषी ठहराया गया था, लेकिन अभी तक उन्हें सज़ा नहीं सुनाई गई है, और 26 नवंबर को सुनवाई होनी है।
ट्रम्प पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले वयस्क फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को पैसे देने से जुड़े व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप है। हालाँकि, ट्रम्प ने आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है।
जमशेदपुर : नए अस्पताल, बेहतर सरकारी स्कूल और खिलाड़ियों को आधारभूत संरचना प्रदान करने के साथ-साथ 86 बस्तियों में बिजली, पानी और रोजगार के नए अवसर पैदा करना ही प्राथमिकता होगी. य़ह संकल्प है जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय चुनाव लड़े रहे पूर्व बीजेपी नेता शिव शंकर सिंह का. बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव को लेकर अपना संकल्प पत्र जारी करते हुए उन्होंने यह बातें कही. उन्होंने कहा कि बीते 30 सालों में जिन लोगों के हाथों में इस विधानसभा क्षेत्र की कमान थी उन्होंने आज तक यहां एक अदद अस्पताल की स्थापना क्यों नहीं की, बच्चों के लिए एक बेहतर सरकारी स्कूल भी नहीं बनवा सके. गैर टिस्को क्षेत्र में बिजली और पानी के लिए लोग आखिर क्यों तरस रहे हैं.
प्रेस कांफ्रेंस में महिलाओं और युवाओं को रोजगार व आय के साधन उपलब्ध नहीं कराने और युवाओं के पलायन करने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पूर्वी की जनता यदि उन्हें एक बार अपने प्रतिनिधित्व का मौका देती है तो वह शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य, रोजगार,नागरिक सुविधाएं और खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे और इसके तहत क्षेत्र की जनता से जुड़कर उनके लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. संकल्प पत्र में उन्होंने बिरसा नगर में 11 हजार वोल्ट वाले बिजली तारों को हटाने का भी वादा किया है तो वहीं खिलाड़ियों के लिए नए खेल मैदान व खेल छात्रवृत्ति देने, पटरी दुकानदारों का नियमितीकरण करने, बंद पड़ी केबल कंपनी को पुनः चालू करने और पांच साल में 50 हजार महिलाओं को स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराने की भी बात कही है. प्रेस कांफ्रेंस में प्रसिद्ध मुम्बई से आये भोजपुरी फिल्म निर्माता एवं बीम्पा के अध्यक्ष अभय सिन्हा, भोजपुरी समाज के महामंत्री प्रदीप सिंह भोजपुरिया, कैलाश झा,राजेश सिंह समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.
रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, सेल्फी लेने को आतुर दिखे लोग
भोजपुरी लोक गायिका देवी ने जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार शिव शंकर सिंह के लिए 20 किलोमीटर से अधिक लंबा रोड शो किया और मतदाताओं से शिव शंकर सिंह के पक्ष में गैस चूल्हा निशान पर भारी मतदान कर जिताने की अपील की. इस दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन सिंह समेत हजारों कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे. रोड शो क दौरान जगह-जगह महिलाओं के साथ साथ युवाओं ने गायिका देवी व शिव शकंर सिंह का जोरदार स्वागत व अभिनंदन किया। इस दौरान कई लोगों ने माला पहनाकर स्वागत किया तो कही-कहीं लोग सेल्फी भी लेते नजर आए.
रोड शो गोलमुरी स्थित केबल कंपनी गेट से शुरू होकर बर्मामाइंस ट्यूब कंपनी गेट, मानीफिट, आजाद बस्ती, जेम्को, प्रेम नगर, मिश्रा बागान,रामाधीन बागान, लक्ष्मी नगर, झगरू बागान, नामदा बस्ती, बजरंगी बागान, ग्वाला बस्ती होते हुए नीलडीह, बारीडीह, बागुनहातु, सिदगोड़ा, एग्रीको और गोलमुरी मार्केट के बाद वापस प्रधान चुनावी कार्यालय़ पहुंची। पूरे रोड शो के दौरान सैकड़ों की संख्या में शामिल युवाओं का जोश कम नहीं दिखा और जमकर शिव शंकर सिंह के पक्ष में नारे लगे.
छठ गीतों से बांधा शमां
रोड शो के दौरान जब काफिला लक्ष्मीनगर पहुंचा तो वहां गायिका देवी के आने की सूचना पर उनके पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग जमा थे. मौजूद लोगों में बड़ी संख्या महिलाओं और युवतियों की भी थी. लोगों ने देवी और निर्दलीय उम्मीदवार शिव शंकर सिंह का माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया. भोजपुरी गायिका देवी को देखकर लोग बेहद उत्साहित नजर आए. इस मौके पर पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन सिंह ने कहा कि परिवारवाद के खिलाफ शिव शंकर सिंह की लड़ाई में वह शामिल होने आए हैं. भाजपा ने जिसे उम्मीदवार बनाया है, आखिर उनकी राजनीतिक य़ोग्यता और समझ कितनी है. वहीं शिव शंकर सिंह ने भी इस मौके पर कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला लक्ष्मीनगर की जनता है और इस फैसले का वह सम्मान करते हुए चुनाव मैदान में हैं.
इस दौरान कई महिलाओं ने छठ महापर्व के खरना होने को लेकर छठ गीत की फरमाईश की तो गायिका देवी ने कई छठ गीतों को गुनगुनाया और राजनीति में अच्छे लोगों के आने की बात कहते हुए निर्दलीय उम्मीदवार शिव शंकर सिंह को चुनाव चिह्न गैस चूल्हा छाप पर बटना दबाकर वोट करने व उन्हें जिताने की अपील की। रोड शो के पहले प्रधान चुनावी कार्यालय में सुर साम्राज्ञी स्व. शारदा सिन्हा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई.
जमशेदपुर : असम के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हेमंत विश्व शर्मा के खिलाफ स्थानीय अदालत में परिवार दाखिल हुआ है। एआइएमआइएम नेता एवं जमशेदपुर पश्चिम के प्रत्याशी बाबर खान की ओर से वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने तथा सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने की धारा के तहत परिवाद दाखिल कर आजाद नगर पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश देने का आग्रह किया है।
राशिद हुसैन उर्फ बाबर खान के अनुसार 25 अक्टूबर के दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 24 अक्टूबर को साकची बोधि टेंपल मैदान में अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के हर कोने में जहां बाबर बसे हैं उन्हें ढूंढ ढूंढ कर लात मार कर देश से भगाया जाएगा। झारखंड में हेमंत सोरेन का बन्ना गुप्ता की सरकार ने संथालपरगना से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाने के लिए कुछ नहीं किया है। हमारी सरकार बनेगी तो हम घुसपैठियों को लात मार मार कर झारखंड से बाहर निकालेंगे। झारखंड में हिंदुओं और आदिवासियों की सरकार बनेगी तभी यह संभव है। झारखंड में वर्तमान में घुसपैठियों माफिया व दलालों की सरकार चल रही है।
इन शब्दों का प्रयोग कर उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है और सांप्रदायिक विद्वेष को बढ़ाने का काम किया है। उनका मकसद मुसलमान की धार्मिक भावनाओं को जान बूझकर चोट पहुंचाना रहा है। बाबर खान के अनुसार उन्होंने इस घटना के खिलाफ आजाद नगर थाना में लिखित शिकायत दी परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्हें अपने वकील की मदद से अदालत की शरण लेनी पड़ी है। इस मामले में अधिवक्ता जाहिद इकबाल, अधिवक्ता कुलविंदर सिंह, अधिवक्ता कुलसुम नाज ओरिया अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू के साथ अदालत में थे।
झारखंड के चुनाव में बागियों ने एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों की नाक में दम कर रखा है. बीजेपी के बड़े नेता ऑपरेशन बागी क्लीन के जरिए नाराज नेताओं को मनाने मैदान में उतरे, लेकिन हिमंता सहित शिवराज सिंह चौहान और बीएल संतोष सरीखे नेता भी सबको समझाने में कामयाब नहीं हो सके.
यही वजह है कि नॉमिनेशन से नाम वापस करने की तारीख बीत जाने के बाद बीजेपी को तकरीबन तीस नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने को लेकर पार्टी से बाहर करना पड़ा है. यही हाल इंडिया ब्लॉक का भी है 12 सीटों पर बागियों ने अपने गठबंधन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि बागी किसको ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे ये सोचकर झारखंड की मुख्य राजनीतिक पार्टियों के हौसले पस्त हो रहे हैं.
एनडीए को बागी से कितना बड़ा खतरा ?
झारखंड जीतना एनडीए के लिए बेहद अहम है. इसलिए पार्टी ने विनेबलिटी को प्रमुख आधार बनाकर सबकुझ झोंक दिया है. बीजेपी में ही इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि बीजेपी के तरफ से 68 उम्मीदवार मैदान में उतारे गए हैं जिनमें 35 आयातित उम्मीदवार हैं. ज़ाहिर है ऐसे में बीजेपी के लिए सालों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं में निराशा का भाव है. इसलिए कई सीटों पर कार्यकर्ता और नेता अपनी ही पार्टी के खिलाफ मैदान में उतरकर बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने मैदान में उतर गए हैं.
इन नाराज नेताओं में रविन्दर राय का नाम भी आ रहा था जो गिरिडिड जिले के एक विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी बनने की चाहत में बगावत करने की तैयारी में थे. रविन्दर राय पूर्व सांसद हैं और बीजेपी के बड़े नेताओं ने उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर समझा बुझा लिया है, लेकिन लुईस मरांडी,केदार हाजरा सरीखे कई नेता जेएमएम से टिकट पाकर अब बीजेपी का खेल खराब करने में जुट गए हैं. ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती है.
नॉमिनेशन वापस करने का अंतिम दिन बीत जाने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता और उम्मीदवारों को 30 की संख्या में बाहर कर बीजेपी सीधा पैगाम देने के प्रयास में है. जमशेदपुर पूर्वी का सीट हो या फिर रांची ग्रामीण, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, खूंटी, हजारीबाग, गढ़वा, चतरा, जमशेदपुर महानगर, पलामू सहित तीस सीटे हैं जहां से बीजेपी के ही कार्यकर्ता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए थे. इन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
पार्टी के लिए चुनौती बने ये नेता
कई सीटों पर परिवारवाद के खिलाफ बीजेपी से ताल्लुक रखने वाले नेता ही मैदान में उतरे हैं जो कह रहे हैं कि उनकी लड़ाई पार्टी से नहीं बल्कि उस व्यक्ति से है जो परिवारवाद के नाम पर टिकट पाने में कामयाब हुई हैं. ऐसे नेताओं में नाम शिवशंकर सिंह का आ रहा है जो जमशेदपुर पुर्वी से रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास के खिलाफ मैदान में उतरकर पार्टी के लिए चुनौती बन गए हैं.
इसी तरह पोटका सीट से अर्जुन मुंडा की पत्नी मैदान में हैं लेकिन वो बीजेपी से निर्दलीय उम्मीदवार बनने वाले कैंडिडेट को मनाने में सफल रही हैं. लेकिन बीजेपी शिमोन मालतो का समझाने में विफल रही है जो अब जेएमएम के पाले में जा चुके हैं. शिमोन मालतो बरहेट से टिकट चाहते थे लेकिन नहीं मिलने पर वो अपने समर्थकों के साथ जेएमएम में शामिल हो गए हैं. परिवारवाद और वंशवाद का विरोध करने वाली पार्टी परिवारवाद और वंशवाद की चपेट में पूरी तरह फंसती दिख रही है. यही वजह है कि बीजेपी में अंसतुष्टों की संख्या दूसरे दलों से कहीं ज्यादा है.
राजनीतिक विश्लेषक डॉ संजय कुमार कहते हैं कि परिवारवाद झारखंड में हावी हर दल में है. इसलिए ये मुद्दा बीजेपी के लिए कारगर रहेगा इसकी उम्मीद दूर दूर तक नहीं दिख रही है. दरअसल बीजेपी हर हाल में झारखंड जीतकर केन्द्र सरकार की मजबूती को बरकरार रखना चाह रही है. इसलिए टिकट बांटने के पीछे विनेबलिटी को देखते हुए पार्टी ने अपने उसूलों के साथ जोरदार समझौता किया है.
बीजेपी के घटक दल आजसू में भी बगावत है चरम पर
गठबंधन के तहत आजसू को दस टिकट एनडीए में मिली हैं. लेकिन आजसू के विरोध में 16 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं ऐसा दावा राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि सुदेश महतो की पार्टी में बगावत सबसे ज्यादा है जो घटक दल के तौर पर एनडीए के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जाहिर है साल 2019 में आजसू के साथ बीजेपी का तालमेल नहीं हो सका था. इसलिए बीजेपी अकेले चुनाव में उतरकर सरकार बनाने में नाकामयाब रही थी. इसबार आजसू गठबंधन की हिस्सा है. लेकिन पार्टी के भीतर भयानक बगावत एनडीए के लिए सिरदर्द बनता दिख रहा है.
इंडिया ब्लॉक में भी है भयानक बिखराव, कैसे सामना करेगी हेमंत सरकार ?
इंडिया ब्लॉक में सपा झारखंड में इंडिया अलायंस की हिस्सा नहीं है. गौरतलब है कि हरियाणा में दर्जन भर से ज्यादा सीटों पर सपा और आप ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया था. इसलिए कांग्रेस वहां सरकार बना पाने में असफल रही थी. झारखंड में भी सपा इंडिया से अलग चुनाव लड़ रही है. वहीं तीन सीटों पर आरजेडी,जेएमएम और सीपीआई एम के साथ फ्रेंडली फाइट हो रही है. कहा जा रहा है कि इंडिया ब्लॉक भी तकरीबन 20सीटों पर निर्दलीय और घटक दल के बगावती तेवर से परेशान है. इसलिए ऊंट किस करवट बैठेगा इसको लेकर राजनीतिक पंडित सहित सियासी पार्टियां साफ साफ दावा करने से बचने लगी है.
कांग्रेस को भी निकालने पड़े हैं अपने तीन नेता
कांग्रेस पार्टी ने तीन नेताओं को पार्टी विरोधी कार्रवाई के लिए बाहर का रास्ता दिखाया है. इनमें देवेंद्र सिंह पांकी से, मुनेश्वर उरांव लातेहार से और इसराफिल अंसारी को गोमियां से बाहर किया गया है. कांग्रेस पहले से ही चुनाव प्रचार में शिथिलता बरतती दिख रही है. वैसे में बाबू लाल मरांडी सरीखे नेताओं के खिलाफ जेएमएम और सीपीआई एमएल ने अपने अपने कैंडिडेट उतारकर इंडिया ब्लॉक के भीतर की कड़वाहट को जाहिर कर दिया है.
जमशेदपुर : झारखंड भाजपा ने बड़ी कार्रवाई की है. पार्टी से बागी बनकर चुनाव लड़ने वाले जमशेदपुर महानगर के चार नेताओं को पार्टी की सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. जमशेदपुर पश्चिम से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले विकास सिंह को निष्कासित कर दिया गया है. वे एनडीए के जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी सरयू राय के खिलाफ नामांकन भरा और अब चुनाव लड़ रहे है. इसको देखते हुए उनको पार्टी ने निष्कासित कर दिया है. अब उनका भाजपा के साथ कोई ताल्लुकात नहीं रहा है.
इसी तरह जुगसलाई से निर्दलीय उम्मीदवार बने विमल बैठा, जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय प्रत्याशी शिवशंकर सिंह और राजकुमार सिंह को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. ये दोनों नेता भी जमशेदपुर पूर्वी से बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. इन चारों को लेकर अलग-अलग लेटर भी जारी कर दिया गया है. भाजपा अभी और ऐसे नेताओं की पहचान कर रहा है, जो पार्टी के खिलाफ काम कर रहे है. ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की गयी है. बता दें कि गत विस चुनाव में भी पार्टी से बगावत करने वाले बड़े चेहरों को निष्कासित किया गया था. पांच साल बाद आज वे फिर अपनी जगह में बन गए हैं।
जमशेदपुर : पूर्व डीआईजी राजीव रंजन सिंह पूर्वी जमशेदपुर से निर्दलीय प्रत्याशी शिव शंकर सिंह के पक्ष नीलगिरी अपार्टमेंट एवं जोजोबेड़ा में सभाएं में सम्मिलित हुए। श्री सिंह ने शिवशंकर सिंह के विषय में कहा कि यह लड़ाई भाजपा से नहीं है,सिर्फ और सिर्फ परिवारवाद के खिलाफ है। जनता ऐसे प्रत्याशी को चुनेगी जो उनके बीच का हो और 5 सालों से उनके लिए कार्य कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वे भाजपा के विरोधी नहीं है, बस परिवारवाद से जो पार्टी की नितियां खराब हो गई है, उसके खिलाफ है लड़ रहे है,उनकी विचारधारा भी संघ की ही है।पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अभी अपनी किताब में लिखा है कि अगर शीर्ष नेतृत्व अगर विचारधारा से भटक जाए तो कार्यकर्ताओं को सही रास्ता दिखाना जरूरी है।