झारखंड में नक्सल हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को गृह, कारा एवं आपदाझारखंड के पलामू जिले में दो लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को सोमवार को पांडू-छतरपुर रोड से पकड़ा गया है।

आरोपियों के पास से पिस्तौल बरामद हुई है। वहीं दूसरी खबर में झारखंड सरकार द्वारा नक्सल हिंसा में मारे गए लोगों को मुआवजा देने की बात सामने आई है।
SDPO आलोक कुमार टुट्टी ने कहा, “हमें टिप मिली थी कि ये दोनों राज्य में कोई बड़ी घटना करने वाले हैं, जिसके बाद हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।” SDPO ने आगे बताया कि पांडू पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है। दोनों आरोपियों के पास से पिस्तौल बरामद की गई है।
झारखंड में नक्सल हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मुआवजा देने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय एक दशक से अधिक समय बाद लिया गया है। राज्य सरकार ने चाईबासा, गुमला, लातेहार और देवघर जिलों में नक्सल संघर्ष के दौरान मारे गए पांच लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
मारे गए पांचों पीड़ितों में देवघर जिले के विष्णु प्रसाद शामिल हैं, जो 8 नवंबर 2008 को नक्सली हमले में मारे गए थे। उनकी पत्नी हमेंती देव्या को मुआवजा मिलेगा। चाईबासा जिले के बुधनाथ हस्सा पूर्ति 28 जून 2012 को नक्सल हिंसा का शिकार हुए थे, उनकी पत्नी रामदी सोए को एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
गुमला जिले के रितु बढ़ई 12 अगस्त 2013 को नक्सली हमले में मारे गए थे। उनकी पत्नी बालो सोय को मुआवजा दिया जाएगा। लातेहार जिले के सलमान अंसारी भी 18 अगस्त 2013 को नक्सल हिंसा में शिकार हुए थे, और उनकी पत्नी शब्बा प्रवीण को भी यह राशि मिलेगी। इसके अलावा, चाईबासा जिले के केलमेंट बरजो 30 अगस्त 2016 को नक्सली हिंसा का शिकार हुए थे, और उनकी पत्नी सुनीता को भी एक लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।










