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पटना: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। बहुमत परीक्षण की यह प्रक्रिया ध्वनि मत से संपन्न हुई, क्योंकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मत विभाजन (वोटिंग) की मांग नहीं की।
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी सरकार के पास प्रचंड बहुमत है। वर्तमान में सदन की प्रभावी संख्या 242 है (बांकीपुर से विधायक रहे नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद)। सरकार को बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कुल 201 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से भी कहीं ज्यादा है।
विश्वास मत के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ‘इलेक्टेड सीएम’ और ‘सेलेक्टेड सीएम’ का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने सम्राट चौधरी की पगड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पगड़ी संभाल कर रखनी चाहिए। साथ ही तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक ताकत को खत्म कर दिया है।
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 से 2030 तक की सरकार नीतीश कुमार के ही मार्गदर्शन में चलेगी। उन्होंने कहा कि 2020 में कम सीटें आने के बावजूद बीजेपी ने जेडीयू के प्रति उदारता दिखाई थी। उन्होंने सम्राट चौधरी को सत्ता के सहज हस्तांतरण को एक ‘ऐतिहासिक फैसला’ करार दिया।
विपक्ष द्वारा वोटिंग की मांग न किए जाने से सरकार को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है। इस विश्वास मत के पारित होने के साथ ही बिहार में सम्राट चौधरी सरकार की स्थिरता पर कानूनी और संवैधानिक मुहर लग गई है। एनडीए के घटक दलों ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री और बिजेंद्र यादव व विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
मुंबई: महाराष्ट्र में महिलाओं के विरुद्ध कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। नासिक स्थित टीसीएस (TCS) प्रकरण के बाद अब मुंबई की एक प्रतिष्ठित कॉरपोरेट कंपनी से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक हिंदू महिला टेलीकॉलर को उसके मुस्लिम सहकर्मी द्वारा अश्लील मैसेज भेजने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में थर्ड-पार्टी टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत है। आरोपी सहकर्मी अशरफ पर आरोप है कि उसने पीड़िता को लगातार अश्लील मैसेज भेजे और यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोपी ने अन्य महिला सहकर्मियों के बारे में भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और अश्लील तस्वीरें साझा कीं।
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। महिला के मुताबिक, जब उसने आरोपी अशरफ को बताया कि वह हिंदू है, तो उसने कथित तौर पर उत्तर दिया कि “आजकल हिंदू लड़कियां मुसलमानों को ज्यादा पसंद करती हैं।” इस बयान के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
पीड़िता की शिकायत पर अगरिपाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78(2) और 70, तथा IT एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ को लेकर पहले से ही सियासत गर्म है। हाल ही में नासिक के टीसीएस बीपीओ यूनिट में भी हिंदू महिलाओं को टारगेट किए जाने के दावे किए गए थे, जिसकी जांच एसआईटी (SIT) कर रही है। अब मुंबई की इस घटना ने निजी क्षेत्र में महिला सुरक्षा और वैचारिक संघर्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
टेक डेस्क: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने भारतीय यूजर्स के लिए एक गेम-चेंजर फीचर पेश किया है। अब यूजर्स को अपना प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज करने के लिए किसी अन्य पेमेंट ऐप या वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी। WhatsApp ने अब ऐप के भीतर ही सीधे मोबाइल रिचार्ज करने की सुविधा शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप का यह अपडेट इसे सिर्फ एक चैटिंग ऐप से बदलकर एक शक्तिशाली डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह फीचर PayU द्वारा संचालित है, जो ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और सुपर-फास्ट बनाता है। वर्तमान में यह सुविधा Android और iOS के सभी यूजर्स के लिए धीरे-धीरे रोलआउट की जा रही है।
कंपनी ने ऐप के इंटरफेस में बदलाव करते हुए होम स्क्रीन पर ही एक नया ‘₹’ आइकन जोड़ा है। यह एक ‘सेंट्रल डिजिटल हब’ की तरह काम करेगा। इस पर टैप करते ही यूजर्स को कई सुविधाएं मिलेंगी:
WhatsApp के जरिए रिचार्ज करना बेहद आसान है:
खबरों के मुताबिक, व्हाट्सएप जल्द ही अपना पेड वर्जन ‘WhatsApp Plus’ भी लॉन्च करने की तैयारी में है। इसमें यूजर्स को कुछ खास और एक्सक्लूसिव फीचर्स मिलेंगे, जो रेगुलर ऐप से अलग होंगे।
इस नई रिचार्ज सुविधा के जुड़ने से अब व्हाट्सएप फोनपे (PhonePe), गूगल पे (Google Pay) और पेटीएम (Paytm) जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेद अब एक बड़े विभाजन के रूप में सामने आए हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी के नेतृत्व के साथ सार्वजनिक विवाद के बाद शुक्रवार को ‘आप’ से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है। ये सभी नेता जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे।
इस घटनाक्रम ने पंजाब और दिल्ली की राजनीति में खलबली मचा दी है। इस्तीफा देने वाले नेताओं की सूची लंबी है, जिसमें पंजाब से प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े चेहरे शामिल हैं:
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, लेकिन अब यह पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिकता से भटक गई है। पार्टी अब राष्ट्रीय हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है।” चड्ढा ने आगे कहा, “मुझे अक्सर लोग कहते थे कि मैं ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ हूँ, और आज मुझे भी यही महसूस हो रहा है।”
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके इस समूह में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद शामिल हैं। कानून के जानकारों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का अलग होना दल-बदल विरोधी कानून के तहत बीजेपी के साथ विलय करने के संवैधानिक प्रावधानों को आसान बना सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और भी कई नेता उनके साथ जुड़ सकते हैं।
पंजाब से राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य थे। इस इस्तीफे के बाद अब उच्च सदन में पार्टी के पास केवल नारायण दास गुप्ता, संजय सिंह और संत बलबीर सिंह जैसे कुछ ही गिने-चुने सदस्य बचे हैं।
अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: शिक्षा और करियर निर्माण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी जमशेदपुर की नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के छात्रों ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित कैंपस ड्राइव में ‘अरीना एनिमेशन’ ने विभिन्न विभागों के 5 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन किया है।
चयनित छात्रों में बीबीए, एमबीए और बी.टेक के विद्यार्थी शामिल हैं। उनकी विशेषज्ञता और पेशेवर कौशल को देखते हुए कंपनी ने उन्हें ग्राफिक्स डिजाइनर और सेल्स मैनेजर जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए चुना है। इन सभी छात्रों को 2.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का आकर्षक सैलरी पैकेज ऑफर किया गया है।
छात्रों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा:
”हमारे छात्रों का तकनीकी और रचनात्मक दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना हमारे लिए गर्व की बात है। अरीना एनिमेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में चयन होना यह दर्शाता है कि यहाँ विद्यार्थियों को बहुमुखी प्रतिभा (Multi-talented) के लिए तैयार किया जाता है।”
वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कहा कि वर्तमान समय की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप छात्रों को प्रशिक्षित करना ही यूनिवर्सिटी का मुख्य लक्ष्य रहा है। बी.टेक और एमबीए के छात्रों का क्रिएटिव इंडस्ट्री और सेल्स में जाना उनकी बेहतरीन अनुकूलन क्षमता (Adaptability) को दर्शाता है।
इस चयन के बाद से ही विश्वविद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का वातावरण है। चयनित छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट सेल को दिया है, जो समय-समय पर छात्रों को बड़े कॉर्पोरेट अवसर प्रदान करता रहता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
हैदराबाद/जमशेदपुर: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ झारखंड के जमशेदपुर निवासी एक युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान जमशेदपुर के डिमना (NH-33) निवासी प्रेम प्रकाश उर्फ “राजू” के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रेम प्रकाश हैदराबाद में रहकर काम करता था। गुरुवार को जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों को संदेह हुआ। अंदर देखने पर उसका शव फंदे से लटका पाया गया। इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
घटना की जानकारी जमशेदपुर में रह रहे प्रेम प्रकाश के परिजनों को दे दी गई है। इस दुखद खबर को सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन हैदराबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
इस आकस्मिक घटना से डिमना क्षेत्र और मृतक के मित्रों के बीच शोक की लहर है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | प्रकाश नगर: शहर के बिरसानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रकाश नगर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक मकान पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जाधारियों को खदेड़ कर मकान को मुक्त करा लिया है।
यह मकान विजय गार्डन निवासी अभय नारायण सिंह का है। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मकान के फर्जी कागजात तैयार किए और पिछले कुछ समय से वहां अवैध रूप से डेरा जमाए हुए थे। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने हस्तक्षेप किया और जिला प्रशासन से इस पर तुरंत एक्शन लेने की मांग की।
सिटी DSP सुनील चौधरी के कड़े निर्देश पर बिरसानगर थाना पुलिस की एक विशेष टीम देर रात मौके पर पहुंची। पुलिसिया जांच में प्रथम दृष्टया दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद मकान में रह रहे अवैध कब्जाधारियों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने फिलहाल मकान को खाली कराकर उसे सुरक्षित कर लिया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका है। पुलिस अब उन जाली दस्तावेजों की कड़ियों को जोड़ रही है जिनके आधार पर इस संपत्ति को हथियाने की कोशिश की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है।
तीसरी धारा न्यूज से बात करते हुए अवधेश सिंह ने कहा कि शहर में भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से न्याय की जीत हुई है। उन्होंने किसी की भी निजी संपत्ति की सुरक्षा हेतु त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताया।
बने रहें तीसरी धारा न्यूज के साथ हर छोटी-बड़ी खबर की सटीक जानकारी के लिए।
पटना/पूर्णियां:
पूर्णियां सांसद पप्पू यादव के हालिया बयान ने बिहार समेत पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सांसद ने राजनीति, शिक्षा और पुलिस जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिसके बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि राजनीति में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए भारी दबाव और शोषण का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि:
पप्पू यादव ने समाज में बढ़ते अश्लील गानों और कंटेंट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की सामग्री महिलाओं के प्रति समाज की मानसिकता को विकृत कर रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद के इन आरोपों को बिहार महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इसे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला बताते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है।
इस पर पलटवार करते हुए पप्पू यादव ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जो लोग खुद विवादों के घेरे में हैं, वे मुझे नोटिस दे रहे हैं।” उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि उन्होंने नोटिस को ‘कूड़ेदान’ में फेंक दिया है और वे अपने बयान पर कायम रहते हुए इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
पप्पू यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति को दो धड़ों में बांट दिया है। विपक्षी दलों और महिला संगठनों का एक वर्ग इसे महिलाओं का अपमान बता रहा है, वहीं समर्थकों का कहना है कि उन्होंने व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को उजागर करने का साहस दिखाया है। फिलहाल, इस बयान ने आगामी चुनावों से पहले एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: लौहनगरी में सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही बिजली की आंख-मिचौली का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। गर्मी के शुरुआती दिनों में ही दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DBC) के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। हर साल की तरह इस बार भी डीबीसी प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार और निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आलम यह है कि गैर-टिस्को क्षेत्रों में रहने वाली एक बड़ी आबादी को भीषण बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। डीबीसी की ओर से अक्सर यह आश्वासन दिया जाता है कि गर्मियों में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये वादे सिर्फ फाइलों और अखबारों तक ही सिमट कर रह गए हैं।
बिजली की इस अनियमितता का सबसे बुरा असर बच्चों और छात्रों पर पड़ रहा है। रात के समय होने वाली अघोषित कटौती के कारण बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। भीषण गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के बीच रातें गुजारना दूभर हो गया है, जिसका सीधा असर अगले दिन उनके स्कूल जाने और पढ़ाई की एकाग्रता पर पड़ रहा है। अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
बिजली की इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं की चुप्पी ने जनता को और भी आहत किया है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े वादे करने वाले नेताओं को जनता की यह तकलीफ नजर नहीं आ रही है। क्या वे इस समस्या से अनजान हैं या जानबूझकर इस ओर से अपना मुंह फेर रहे हैं, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
जमशेदपुर के गैर-टिस्को क्षेत्रों की जनता अब प्रशासन और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रही है ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती से राहत मिल सके।
तीसरी धारा न्यूज
रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने आज एक बड़ा उलटफेर करते हुए कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी है। बिना किसी पूर्व निर्धारित सूचना के, बोर्ड ने गुरुवार दोपहर 2 बजे आधिकारिक तौर पर नतीजों का लिंक एक्टिव कर दिया, जिससे लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल तेज हो गई है।
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा में राज्य भर से 4 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रदेश में कुल 1,232 केंद्र बनाए गए थे। मार्च में परीक्षाएं समाप्त होने के बाद से ही छात्र बड़ी उत्सुकता से अपने परिणामों का इंतजार कर रहे थे।
छात्र अपना स्कोरकार्ड देखने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
बोर्ड मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अगले कुछ ही घंटों में प्रदेश की मैरिट लिस्ट (Toppers List) जारी की जाएगी। इसके साथ ही इस बार किस जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, इसके आंकड़े भी साझा किए जाएंगे। अचानक आए इस रिजल्ट ने उन छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह खोल दी है जो अगले सत्र में नामांकन के लिए प्रतीक्षारत थे।
तीसरी धारा न्यूज़