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जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ‘पदार्थ प्रसंस्करण एवं कैरेक्टराइजेशन में नवीन प्रगति’ (RAMPC 2026) पर द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। संस्थान के DJLHC परिसर में आयोजित इस एक दिवसीय महाकुंभ में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पदार्थ प्रसंस्करण, कैरेक्टराइजेशन, सतत प्रौद्योगिकियों तथा उभरते अभियांत्रिकी अनुप्रयोगों से संबंधित नवीनतम शोध और तकनीकी प्रगति पर गहन विचार-विमर्श करना था।
सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं विशिष्ट अतिथियों के सम्मान समारोह के साथ हुआ। स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर रामकृष्ण ने RAMPC 2026 को उन्नत पदार्थ एवं प्रसंस्करण तकनीकों के क्षेत्र में कार्यरत शोधकर्ताओं के लिए एक मील का पत्थर और महत्वपूर्ण सहयोगात्मक मंच बताया।
उद्घाटन सत्र का समापन सम्मेलन संयोजक प्रोफेसर प्रकाश सरकार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किए:
1. एयरोस्पेस और उच्च तापमान अनुप्रयोगों हेतु सिरेमिक कम्पोज़िट्स
प्रोफेसर राहुल मित्रा ने अत्यधिक उच्च तापमान पर कार्य करने वाले सिरेमिक कम्पोज़िट्स तथा उनके औद्योगिक एवं एयरोस्पेस अनुप्रयोगों पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने ऑक्सीकरण प्रतिरोध, तापीय स्थिरता, एब्लेशन और थर्मल शॉक प्रतिरोध जैसे महत्वपूर्ण गुणों को समझाया। व्याख्यान में ज़िरकोनियम डाइबोराइड (ZrB_2) एवं हैफ्नियम डाइबोराइड (HfB_2) जैसे अल्ट्रा हाई टेम्परेचर सिरेमिक्स और उनकी प्रसंस्करण तकनीकों (जैसे प्रेशरलेस सिंटरिंग, हॉट प्रेसिंग एवं स्पार्क प्लाज़्मा सिंटरिंग) पर चर्चा की गई। उन्होंने गैस टरबाइन घटकों में सतत फाइबर प्रबलित सिरेमिक कम्पोज़िट्स (C_f/SiC) के उपयोग को भी स्पष्ट किया। सत्र के अंत में विभागाध्यक्ष ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
2. पर्यावरण-अनुकूल सॉलिड स्टेट वेल्डिंग प्रक्रियाएं
डॉ. मधुमंती भट्टाचार्य ने आधुनिक निर्माण एवं मरम्मत तकनीकों में प्रयुक्त सतत सॉलिड स्टेट वेल्डिंग प्रक्रियाओं पर व्याख्यान दिया। उन्होंने फ्रिक्शन स्टिर वेल्डिंग, डिफ्यूजन बॉन्डिंग, अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग एवं एक्सप्लोसिव वेल्डिंग जैसी तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से फ्रिक्शन स्टिर वेल्डिंग (FSW) को ऊर्जा-कुशल एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया, जो फिलर सामग्री की आवश्यकता और हानिकारक उत्सर्जन को कम करती है। सत्र के अंत में प्रोफेसर मोनालिसा मंडल द्वारा डॉ. भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया।
3. नैनोइंडेंटेशन मापन के लिए नई ‘थर्मल ड्रिफ्ट करेक्शन’ विधि
प्रोफेसर संध्या वर्मा ने उन्नत नैनोइंडेंटेशन तकनीकों एवं सटीक यांत्रिक गुणों के मापन में थर्मल ड्रिफ्ट करेक्शन के महत्व को समझाया। उन्होंने हार्डनेस एवं इलास्टिक मॉड्यूलस जैसे स्थानीय यांत्रिक गुणों के मूल्यांकन में आधुनिक नैनोइंडेंटेशन तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान का प्रमुख आकर्षण “Prior Drift Monitoring (PDM)” नामक नई पद्धति रही, जो नैनोइंडेंटेशन मापों की सटीकता एवं विश्वसनीयता को बढ़ाती है। सत्र के अंत में विभागाध्यक्ष द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
RAMPC 2026 सम्मेलन ने उन्नत पदार्थों, सतत प्रसंस्करण तकनीकों, आधुनिक वेल्डिंग पद्धतियों एवं नैनोइंडेंटेशन तकनीकों के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और नवाचारों को उजागर किया है। सम्मेलन का समापन अत्यंत सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसने सभी प्रतिभागियों को धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी के क्षेत्र में निरंतर शोध, आपसी सहयोग और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
– तीसरी धारा न्यूज
बिष्टुपुर छगनलाल सिग्नल पर ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप, मौके पर “डील” कर मामला रफा-दफा करने की चर्चा तेज
तीसरी धारा | डिजिटल रिपोर्ट
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित छगनलाल सिग्नल के पास चल रहे ट्रैफिक चेकिंग अभियान के दौरान कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक वाहन चालक पर लगभग ₹6000 का चालान बन रहा था, लेकिन मौके पर ही ₹300 लेकर मामला “सेट” कर दिया गया।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस पूरे मामले में ट्रैफिक विभाग के ASI सरोज सिंह और उनके सहायक सिपाही विकास कुमार झा का नाम सामने आ रहा है। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग ट्रैफिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अगर सरकारी चालान की जगह सड़क पर ही नकद लेकर मामले निपटाए जाएंगे, तो कानून और व्यवस्था पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या जमशेदपुर में ट्रैफिक नियमों का पालन कराया जा रहा है या फिर सड़क किनारे “रेट फिक्स” कर वसूली का खेल चल रहा है?
फिलहाल इस मामले में ट्रैफिक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
तीसरी धारा निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करता है।
जमशेदपुर:
टेल्को प्रखंड में रविवार (17 मई) को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल की मासिक बैठक स्थानीय बजरंग दल कार्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन की मजबूती, विस्तार और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने को लेकर गहन मंथन किया गया।

बैठक में मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने के लिए विहिप के महानगर अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता जी एवं महानगर मंत्री श्री चंद्रिका भगत जी विशेष रूप से उपस्थित हुए।

इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में विहिप और बजरंग दल के कई प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। उपस्थित रहने वालों में मुख्य रूप से:
— तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: जमशेदपुर के जाने-माने समाजसेवी श्री बच्चे लाल भगत ने पूर्वी सिंहभूम जिला के नवनियुक्त और माननीय उपायुक्त (डीसी) श्री राजीव रंजन जी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त को जमशेदपुर जिला मुख्यालय में अपना महत्वपूर्ण योगदान और पदभार संभालने हेतु फूलों का खूबसूरत गुलदस्ता प्रदान कर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।

मुलाकात के दौरान समाजसेवी बच्चे लाल भगत ने उपायुक्त के सफल कार्यकाल की कामना की। वहीं, माननीय उपायुक्त श्री राजीव रंजन जी ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए जिला के विकास और जन-समस्याओं के त्वरित निष्पादन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: ट्रेनों की अत्यधिक लेटलतीफी और रेलवे के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ जमशेदपुर में जन-आक्रोश भड़क उठा है. साकची गोलचक्कर पर ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित विशाल हस्ताक्षर अभियान में पहुंचे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे प्रशासन को आड़े हाथों लिया. रेलवे को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर रेल यात्री संघर्ष समिति फिलहाल शांतिपूर्ण आंदोलन के रास्ते पर है, तो इसे हमारी कमजोरी न समझा जाए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यात्रियों की सुध नहीं ली गई, तो जरूरत पड़ने पर समिति के सदस्य रेल ट्रैक पर भी बैठने से गुरेज नहीं करेंगे.
विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया कि रेलवे वर्तमान में तमाम नियम-कानूनों को ठेंगा दिखा रहा है और आम जनता की सहूलियत को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है.
साकची में उमड़े जन-समर्थन को संबोधित करते हुए विधायक सरयू राय ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से जन-समर्थित है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं से जुड़ा है. उन्होंने रेलवे प्रबंधन से तीखे सवाल पूछते हुए कहा:

रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ जनता का गुस्सा सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक साफ दिख रहा है. पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न इलाकों से लोग लगातार इस कुप्रबंधन का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा:
शिवशंकर सिंह ने साफ किया कि इस व्यापक हस्ताक्षर अभियान के बाद भी अगर सुधार नहीं हुआ, तो समिति सीधे रेलमंत्री के दरवाजे पर दस्तक देगी.
आंदोलन में शामिल विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी रेलवे की कार्यशैली पर जमकर भड़ास निकाली:

अभियान की शुरुआत में विधायक सरयू राय, सुबोध सिंह, पप्पू सिंह, नीरज सिंह, सुनील सिंह, कुंअर अतुल सिंह और राजन राजपूत आदि ने साकची से गुजरने वाले राहगीरों और आम लोगों के बीच पर्चे बांटे. नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे घर जाकर पर्चे पर दिए गए स्कैनर कोड (QR Code) को स्कैन करें और डिजिटल माध्यम से रेलवे के खिलाफ अपनी बात व शिकायत दर्ज कराएं.
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक के रूप में नीरज सिंह और सुनील सिंह की महती भूमिका रही. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन विवेक पांडेय द्वारा किया गया.
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी के युवा वैज्ञानिक डॉ. निखिल कुमार सिंह को जीनोमिक्स और बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। बागबेड़ा कॉलोनी स्थित कुंवर सिंह मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ. सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण क्षण में उनके माता-पिता, ओमप्रकाश सिंह को भी विशेष रूप से शॉल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि डॉ. सिंह की यह सफलता पूरे बागबेड़ा क्षेत्र और जमशेदपुर के लिए अत्यंत गौरव की बात है।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने डॉ. सिंह की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हाल ही में उनका चयन भारत सरकार की बेहद प्रतिष्ठित “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग प्रेरणा संकाय फेलोशिप” के लिए हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्हें “अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान” की ओर से “प्रधानमंत्री प्रारंभिक शोध अनुदान” भी प्राप्त हुआ है।
वर्तमान में डॉ. सिंह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान में सहायक प्राध्यापक एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग प्रेरणा संकाय फेलो के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका मुख्य शोध कार्य जीनोमिक्स, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि अनुसंधान पर केंद्रित है।
बागबेड़ा के एक साधारण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों तक पहुंचने वाले डॉ. सिंह की शैक्षणिक यात्रा प्रेरणादायक है। उन्होंने:

डॉ. सिंह अब तक लगभग 10 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने जीनोमिक्स और बायोइन्फॉर्मेटिक्स विषय पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखी हैं। उनकी पुस्तक “जीनोम विश्लेषण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जैव सूचना उपकरण” छात्रों और शोधार्थियों के बीच काफी लोकप्रिय है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जीनोमिक्स के आधुनिक उपयोगों को बेहद सरल भाषा में समझाया गया है।
“विदेश के आकर्षक अवसरों को छोड़, देश के ग्रामीण छात्रों के लिए लौटे भारत”
विदेश में बेहतरीन अवसर मिलने के बावजूद डॉ. सिंह ने अपनी मातृभूमि लौटकर भारत में कृषि जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक का लाभ ग्रामीण और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे शहरों के छात्र भी कड़ी मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छाशक्ति से वैश्विक विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
इस सम्मान समारोह में मुख्य रूप से:
बागबेड़ा के ग्राम प्रधान चुनका मार्डी, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उप मुखिया संतोष ठाकुर, मुखिया उमा मुंडा, मायावती टुडू, धनमुनी मार्डी, उपमुखिया धनंजय कुमार, कुमोद यादव, वार्ड सदस्य सीमा पांडे, कुमुद रंजन सिंह, पूजा कुमारी, समाजसेवी भोला झा, दिग्विजय सिंह, अनिल मिश्रा, पवन ओझा, राजीव चौधरी, विजय झा, मिथिलेश सिंह, अरविंद पांडेय, अनुरोध पांडेय, गुड्डू ओझा, रिंकू शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर केस) में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम मुख्य आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह के लगातार बदलते और विरोधाभासी बयानों से परेशान हो चुकी है। जांच को गुमराह करने की आरोपी की कोशिशों को नाकाम करने के लिए अब पुलिस ने उसका लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने का फैसला किया है।
वैज्ञानिक पद्धति से मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने स्थानीय अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की औपचारिक अनुमति प्राप्त कर ली है। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद जांच टीम ने रांची स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से संपर्क साधा है। जैसे ही टेस्ट की तारीख तय होगी, पुलिस आरोपी को रांची ले जाने के लिए अदालत से ट्रांजिट अनुमति की मांग करेगी।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में हत्या की वजह पारिवारिक संपत्ति और पैसों का विवाद बनकर उभर रही है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह करीब छह महीने पहले ही टाटा स्टील से सेवानिवृत्त (रिटायर) हुआ था। रिटायरमेंट के बाद उसे फाइनल सेटलमेंट के रूप में लगभग 1.49 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मिली थी।
आशंका जताई जा रही है कि इसी मोटी रकम के बंटवारे और इस्तेमाल को लेकर परिवार में पिछले कुछ समय से गंभीर कलह चल रही थी। पुलिस को पुख्ता शक है कि इसी विवाद के खूनी मोड़ लेने के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रवि की बेरहमी से हत्या कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस केवल आरोपी के बयानों पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कोर्ट में केस को मजबूती से पेश करने के लिए वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। घटनास्थल और आरोपी के पास से बरामद किए गए मोबाइल फोनों को तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है।
साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स को रिकवर किया जा रहा है, ताकि हत्या की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके और इस खूनी खेल के पीछे की असली वजह को पूरी तरह साफ कर एक मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके।
– तीसरी धारा न्यूज
रतलाम/कोटा: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद गंभीर रेल हादसे की खबर सामने आ रही है। तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही ट्रेन संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू होने से एक बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया। 
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह करीब 5:15 बजे उस समय हुआ जब ट्रेन कोटा रेल मंडल के लूनी और आलोट रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। सुबह के वक्त जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, तभी अचानक लगी आग की लपटों ने देखते ही देखते ट्रेन की दो बोगियों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। बोगियों के भीतर धुआं भरते ही सो रहे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई और पूरी ट्रेन में चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह है कि इस भयानक हादसे में सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी और प्रभावित कोच के यात्रियों के लिए घटनास्थल पर ही प्राथमिक जांच और जलपान की व्यवस्था कराई।
प्रभावित बोगियों के यात्रियों को फिलहाल ट्रेन के अन्य कोचों में एडजस्ट कर आगे रवाना किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस ट्रेन को कोटा ले जाया जा रहा है, जहां स्टेशन पर ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां जोड़ी जाएंगी ताकि यात्री बिना किसी असुविधा के अपनी आगे की यात्रा पूरी कर दिल्ली पहुंच सकें। कोटा से रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और आग लगने के असली कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
इस बड़े हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। रेलवे ने एहतियात के तौर पर मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट समेत इस रूट पर चलने वाली कई बड़ी और प्रमुख ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया है। ट्रैक को साफ कर रूट को जल्द से जल्द सुचारु करने का काम रेलवे की तकनीकी टीमों द्वारा युद्धस्तर पर जारी है।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: बागबेड़ा के बजरंग टेकरी मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 9 बजे एक सरकारी बिजली पोल में अचानक भीषण आग लग गई। चिंगारियां और उठती लपटें देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और डर के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड नंबर 3 के युवा समाजसेवी विक्की गिरी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना वक्त गंवाए बागबेड़ा की जिला पार्षद कविता परमार को फोन पर मामले की गंभीरता से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही जिला पार्षद कविता परमार ने त्वरित कार्रवाई की और बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) से संपर्क कर सबसे पहले पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई। पावर कट होने के बाद ही स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए पोल में लगी आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
विक्की गिरी सिर्फ सूचना देकर हटे नहीं, बल्कि सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6:45 बजे तक (जब तक बिजली सेवा पूरी तरह बहाल नहीं हो गई) मौके पर डटे रहे और स्थानीय लोगों की मदद करते रहे। उनकी इस सक्रियता और जिम्मेदारी को देखकर बस्ती के लोगों ने उनकी जमकर सराहना की।
इस मौके पर विक्की गिरी ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा:
”मैं हमेशा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए खड़ा रहूंगा। मेरा उद्देश्य सिर्फ राजनीति करना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की सेवा और विकास करना है।”
इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वे आने वाले वार्ड चुनाव में जनता के भरोसे और अपने कार्यों के दम पर चुनावी मैदान में उतरेंगे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली सप्लाई बंद नहीं की जाती, तो कोई गंभीर अप्रिय घटना घट सकती थी। मोहल्ले के लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि क्षेत्र के जर्जर तारों और खराब पोलों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे खतरों से बचा जा सके।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर
जमशेदपुर: जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों को जागरूक करने और आगामी प्रशासनिक कार्यों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। समाहरणालय परिसर से ‘भवन गणना एवं जनगणना-2027’ के साथ-साथ ‘वज्रपात (बिजली गिरना) एवं लू’ से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा अभियानयह जागरूकता रथ जिले के तमाम शहरी और ग्रामीण इलाकों का भ्रमण करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता तक दो महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना है:


इस अवसर पर अधिकारियों ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों का सहयोग करें और उन्हें सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही, बढ़ते तापमान और मौसम विभाग द्वारा जारी सावधानियों का गंभीरता से पालन करने का आग्रह किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
प्रशासन का मानना है कि इस रथ के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी जरूरी जानकारी आसानी से पहुँच सकेगी।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज