तीसरी धारा न्यूज / रांची
बिना नोटिस सरकारी बंगला खाली कराने पर भड़कीं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद
झारखंड की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी और गरमाती हुई खबर सामने आ रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद को उनके सरकारी आवास से जिला प्रशासन द्वारा बाहर कर दिए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। दीपावली के ठीक पहले जिला प्रशासन द्वारा अचानक बंगला खाली कराने की इस कार्रवाई को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज अंबा प्रसाद ने प्रशासन के इस कदम को पूरी तरह से भेदभावपूर्ण करार दिया है। उनका सीधा आरोप है कि आवास खाली कराने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार का कोई नोटिस तक नहीं दिया गया था।
रांची में अपना घर नहीं, किराये पर आवास आवंटन का किया था आग्रह
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अंबा प्रसाद ने बताया कि वह इस सरकारी आवास में अकेली रह रही थीं। चूंकि रांची में उनका अपना कोई निजी आवास नहीं है, इसलिए उन्होंने सरकार से नियमानुसार किराये पर आवास आवंटित करने का आग्रह किया था। इस संबंध में उन्होंने अपनी पार्टी के उच्च स्तर पर भी पत्र लिखकर जानकारी दी थी। इसके बावजूद, जिला प्रशासन ने अचानक दबिश देकर आवास खाली कराने की कठोर कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद आवास पर ताला जड़ दिया गया है और मजबूरी में उनके समर्थकों व परिजनों को बाहर टेंट लगाना पड़ा है।
“कई पूर्व विधायक दो-दो आवासों में, फिर मेरे खिलाफ ही यह कार्रवाई क्यों?”
प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई पूर्व विधायक आज भी दो-दो सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए बैठे हैं और आराम से रह रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने तीखा सवाल किया कि आखिर सिर्फ उनके ही मामले में इस तरह की चुनिंदा और त्वरित कार्रवाई क्यों की गई? उन्होंने इसे साफ तौर पर राजनीतिक दुर्भावना और भेदभावपूर्ण रवैया बताया है।
भाई की शादी की तैयारियां प्रभावित, बोलीं- “टेंट लगाकर रहूंगी, पर घर नहीं छोडूंगी”
अंबा प्रसाद ने इस दर्द को साझा करते हुए बताया कि इसी सरकारी आवास से उनके भाई की शादी होनी थी, जिसकी वजह से घर में तमाम तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। लेकिन प्रशासन की इस अचानक की गई कार्रवाई से शादी की सारी व्यवस्थाएं और खुशियां ध धरी की धरी रह गईं। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे बड़े और पवित्र त्योहार से ठीक पहले हुई इस अमानवीय कार्रवाई से उन्हें और उनके परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुँचा है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में ऐलान किया है कि इस घर से उनका विशेष लगाव है और वह हर हाल में इसी आवास में दीपावली मनाएंगी। जरूरत पड़ी तो वह घर के बाहर टेंट लगाकर वहीं रहेंगी, लेकिन अपना घर छोड़कर कहीं नहीं जाएंगी। फिलहाल प्रशासनिक ताले और बाहर लगे टेंट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
📌 तीसरी धारा न्यूज
राजनीतिक उठापटक, प्रशासनिक कार्रवाई और झारखंड की हर बड़ी खबर — तीसरी धारा न्यूज



















