तीसरी धारा न्यूज | 27 सितंबर 2026 | जमशेदपुर
‘कुछ मीडिया चैनलों’ पर भ्रामक खबर चलाने का आरोप, पावर ऑफ अटॉर्नी धारक विपिन तिवारी ने रखा पक्ष
जमशेदपुर के बागबेड़ा गणेश नगर स्थित 22 कट्ठा जमीन की घेराबंदी को लेकर कुछ मीडिया चैनलों द्वारा प्रसारित खबर पर बवाल खड़ा हो गया है। जमीन के वैध पावर ऑफ अटॉर्नी धारक विपिन तिवारी और कृष्ण उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए चलाए जा रहे समाचार को पूरी तरह गलत, निराधार और भ्रामक ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त खबर में बिना तथ्यों की जांच किए भ्रामक दावे पेश किए गए हैं।
न्यायालय के आदेश के बाद ही हो रही थी बाउंड्री, RTI दाखिल कर सच लाएंगे सामने
विपिन तिवारी ने बताया कि जमीन की घेराबंदी का काम माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में नियमानुसार कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि फर्जी व भ्रामक खबर चलाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है। इस संबंध में वे बहुत जल्द सूचना का अधिकार (RTI) दायर कर यह सवाल पूछेंगे कि आखिर किस आधार और तथ्य पर ऐसी खबर प्रकाशित की गई। साथ ही, इस मामले की निष्पक्ष जांच और भ्रामक खबर चलाने वाले मीडियाकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी करेंगे।
कृष्ण उपाध्याय और बलदेव सिंह के बीच आपसी विवाद हो चुका है सुलझ
मामले की स्पष्ट जानकारी देते हुए विपिन तिवारी और कृष्ण उपाध्याय ने बताया कि पूर्व में कृष्ण उपाध्याय और बलदेव सिंह के बीच जो विवाद था, वह पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत एवं आपसी मामला था। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में सुलह-समझौता पहले ही हो चुका है। इसके उपरांत ही जमीन पर विकास व अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी विपिन तिवारी को सौंपी गई है।
भू-माफिया या गैंगस्टर के शामिल होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया
खबर में किसी भू-माफिया या आपराधिक तत्व (गैंगस्टर) की संलिप्तता के दावों को विपिन तिवारी ने पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस जमीन विवाद या घेराबंदी में किसी भी माफिया या गैंगस्टर की कोई भूमिका नहीं है। यह पूरी तरह से एक कानूनी प्रक्रिया है जो अदालत के फैसले और आपसी सहमति के आधार पर संचालित हो रही है।
जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील, फर्जी खबरों पर उठे सवाल
विपिन तिवारी और कृष्ण उपाध्याय ने आम जनता और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या असत्यापित समाचार माध्यमों पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने मीडिया संस्थानों से भी जिम्मेदारी पूर्वक और निष्पक्ष पत्रकारिता करने का आग्रह किया है ताकि भ्रामक खबरों से सामाजिक शांति और किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस न पहुंचे।
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