उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निदेशानुसार खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु खनन टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनन कार्यालय द्वारा चलाये गए छापेमारी अभियान के दौरान श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम श्यामसुंदरपुर में 5 जनवरी को लगभग 10,000 सीएफटी बालू खनिज का अवैध भंडारण पाया गया। उक्त बालू खनिज को विधिवत जप्त करते हुए संबंधित मामले में श्यामसुंदरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षित एवं सशक्त महिला- सशक्त झारखंड के निर्माण के उद्देश्य से ‘बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान’ के अंतर्गत बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा, जमशेदपुर में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री पंकज सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती संध्या रानी समेत अन्य पदाधिकारी और मुखियागण, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, एएनएम, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविकाएं सहित विभिन्न प्रखंडों एवं अंचलों के पदाधिकारी शामिल हुए ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि परंपराएं तभी तक सम्मान के योग्य हैं, जब तक वे मानव गरिमा और अधिकारों की रक्षा करें । बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, इसे रोकने के लिए सामूहिक पहल की आवश्यकता है । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध समाज को आगे आना होगा और जागरूकता फैलानी होगी। यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह की सूचना देता है तो प्रशासन उसे रुकवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सभी संबंधित सरकारी तंत्र पूर्वी सिंहभूम को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करेंगे।
अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह से संबंधित कार्यशालाएं और चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन अब आवश्यकता है कि इन चर्चाओं को ज़मीनी स्तर पर अमल में लाया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि हममें से कितने लोग अपने आसपास हो रहे बाल विवाह का विरोध करते हैं या उसे रोकने के लिए आगे आते हैं। जिस दिन समाज स्वयं इस कुरीति के खिलाफ आवाज उठाने लगेगा, उसी दिन बाल विवाह में स्वतः कमी आएगी। कानून और सरकारी तंत्र अपना दायित्व निभा रहे हैं, अब समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य में बाल विवाह की दर 32.2 प्रतिशत है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त कार्रवाई के लिए कानून की जानकारी और उसका प्रभावी क्रियान्वयन दोनों ही आवश्यक हैं। बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध भी है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से पहली बार प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन 09 से 11 जनवरी 2026 तक गोपाल मैदान, जमशेदपुर में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय साहित्यिक आयोजन को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम अर्नव मिश्रा ने समाहरणालय सभागार में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी और जिलेवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
साहित्य, संस्कृति और जनजातीय विरासत पर केंद्रित उत्सव प्रेस वार्ता में अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि यह साहित्य उत्सव साहित्य, कला, संस्कृति और जनजातीय विरासत के संरक्षण व प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उत्सव में जिला, राज्य और देश के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, इतिहासकार, विचारक और सांस्कृतिक कर्मी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवाओं, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए सीखने और संवाद का एक अनूठा मंच बनेगा।
देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार होंगे शामिल साहित्य उत्सव में जिन प्रमुख साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है, उनमें पद्मश्री डॉ. जानुम सिंह सोय, पद्मश्री हलधर नाग, पद्मश्री डॉ. पुष्पेश पंत, डॉ. नारायण उरांव, डॉ. अनुज लुगुन, डॉ. पार्वती तिर्की, जेरी पिंटो, नीलोत्पल मृणाल, राहुल पंडिता, रणेन्द्र कुमार, रजा काजमी, जोबा मुर्मू सहित कई चर्चित नाम शामिल हैं।
तीन दिन, विविध विषयों पर संवाद उत्सव के प्रथम दिवस (9 जनवरी) को झारखंड की आदिवासी भाषा-साहित्य, आदिवासी इतिहास, लोककथाओं, मिट्टी की भाषा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर आधारित सत्र आयोजित होंगे। द्वितीय दिवस (10 जनवरी) को पुस्तकालय आंदोलन, कुड़ुख भाषा साहित्य, लोकस्वर, जाति-वर्ग और समकालीन भारत जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। तृतीय दिवस (11 जनवरी) को द्विभाषिक लेखन, महाश्वेता देवी की रचनाएं, जंगल और समाज, युवाओं से संवाद तथा समकालीन कथाकारों पर केंद्रित सत्र होंगे। अंतिम दिन समापन समारोह के साथ उत्सव का समापन किया जाएगा।
सांस्कृतिक गतिविधियां रहेंगी आकर्षण साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ उत्सव में लाइव पेंटिंग, लाइव पॉटरी, ग्लिटर आर्ट, लाइव बैंड परफॉर्मेंस, जनजातीय नृत्य, स्थानीय छऊ नृत्य, नाट्य प्रस्तुति ‘लोहे का आदमी और लोहारिन’, जनजातीय खेलों की प्रस्तुति और पुस्तक व कहानी स्टॉल भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होंगे।
जिलेवासियों से सहभागिता की अपील जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक साहित्य उत्सव में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और साहित्य-संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त करें।
टेल्को थाना क्षेत्र में जुगसलाई निवासी युवक की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर कांड का खुलासा कर दिया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल चार अभियुक्तों में से तीन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
गिरफ्तार अभियुक्तों में बिरसानगर जोन नंबर-6 निवासी ऋषि दलाई, जसबीर सिंह उर्फ जस्सू और लवप्रीत सिंह गिल शामिल हैं. पुलिस के अनुसार ऋषि दलाई का आपराधिक इतिहास भी रहा है. गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक चाइनीज चापड़, दो अन्य धारदार हथियार और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसे कांड में प्रयुक्त बताया जा रहा है.
मंगलवार को सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि टेल्को थाना क्षेत्र के खरकाई रोड स्थित बाउंड्री वॉल के अंदर झाड़ियों में युवक सोहेल अली का शव बरामद हुआ था. उसकी धारदार हथियार से निर्मम हत्या की गई थी. कांड की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में सिटी डीएसपी की अगुवाई में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था.
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मृतक सोहेल अली और गिरफ्तार अभियुक्त आपस में दोस्त थे तथा साथ में मादक पदार्थ का सेवन करते थे. कुछ दिन पहले सोहेल ने अभियुक्तों को जुगसलाई बुलाकर उनके साथ मारपीट की थी. इसके अलावा हाल ही में मादक पदार्थ के सेवन के दौरान सोहेल का मोबाइल फोन खो गया था, जिसे लेकर उसे संदेह था कि अभियुक्तों ने ही मोबाइल चोरी किया है. इसी बात को लेकर वह लगातार अभियुक्तों को धमकी दे रहा था.
पुलिस के अनुसार, पूर्व में हुई मारपीट और लगातार मिल रही धमकियों से आक्रोशित होकर अभियुक्तों ने बदला लेने की योजना बनाई. इसी साजिश के तहत उन्होंने सोहेल को टेल्को बुलाया और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी. फिलहाल पुलिस फरार अभियुक्त की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज पोक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में पुलिस ने मई महीने से फरार चल रहे अभियुक्त मोहित कुमार सिंह को जमशेदपुर कोर्ट परिसर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब अभियुक्त अपनी जमानत अर्जी दाखिल कराने के लिए कोर्ट पहुंचा हुआ था.
सूत्रों के अनुसार, मोहित कुमार सिंह पर पोक्सो अधिनियम के तहत गंभीर आरोप हैं. मामला दर्ज होने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर था. इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मोहित कोर्ट में बेल अर्जी देने आने वाला है.
सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना की पुलिस ने त्वरित रणनीति बनाई. सादे लिबास में पुलिसकर्मियों को कोर्ट परिसर और उसके आसपास तैनात किया गया. जैसे ही मोहित कुमार सिंह कोर्ट के बाहर पहुंचा, पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि की और बिना किसी अफरा-तफरी के उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया.
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को सिदगोड़ा थाना लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान मोहित कहां-कहां छिपा रहा और उसे किन लोगों का सहयोग मिला. पुलिस का कहना है कि फरारी में सहयोग करने वालों पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोक्सो जैसे संवेदनशील और गंभीर मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभियुक्त के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके.
जमशेदपुर: बागबेड़ा क्षेत्र में स्थायी कचरा समाधान को लेकर बागबेड़ा वायरलेस मैदान में ग्राम प्रधान चुनका माड़ी की अध्यक्षता में ग्राम सभा का सफल आयोजन किया गया। ग्राम सभा में बागबेड़ा पंचायत के पंचायत प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
सभा में बागबेड़ा कॉलोनी, उत्तरी, पश्चिमी, दक्षिणी, पूर्वी, मध्य एवं उत्तरी-पूर्वी बागबेड़ा पंचायतों के पंचायत सचिव एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्राम प्रधान, मुखिया, उप मुखिया, वार्ड सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पूर्व जिला परिषद सदस्य तथा ग्रामीणों ने कचरा उठाव के स्थायी समाधान को लेकर अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
ग्राम सभा में टाटा स्टील द्वारा सीएसआर के तहत स्थायी कचरा उठाव की व्यवस्था, स्थानीय विधायक संजीव सरदार द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवालों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी तथा कचरा फेंकने के लिए उपयुक्त स्थान सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बागबेड़ा क्षेत्र में स्थायी कचरा समाधान के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। ग्राम सभा में प्रमुख रूप से मुखिया नीनू कुदादा, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, किशोर सिंह, उप मुखिया संतोष ठाकुर, मुखिया धनु माड़ी, उमा मुंडा, जमुना हांसदा, गोरी टोप्पो, पंचायत समिति सदस्य सुनीता देवी, मनीषा हाईबुरु, गीतिका साहू, जलसहिया चिंतामणि, जगजीत कौर, कमला शर्मा, कुंती देवी, उप मुखिया राकेश चौबे, सुरेश निषाद, पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव, वार्ड सदस्य सीमा पांडे, रीमा कुमारी, पूजा कुमारी, पंचायत सचिव चंद्र मोहन सोरेन, उर्मिला दोराई,अलबिला तिर्की, मनोज कुमार सोरेन सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र में स्थानीय लोग लंबे समय से धूल प्रदूषण, लगातार लगने वाले सड़क जाम और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समस्याओं से परेशान हैं। इन गंभीर समस्याओं के समाधान की बजाय टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में भारी वाहनों की पार्किंग बनाए जाने की साजिश से लोगों में भारी आक्रोश है।
आज एक बार फिर टाटा स्टील के पदाधिकारी एवं उनके साथ आए कथित असामाजिक तत्वों द्वारा दुर्गा पूजा मैदान में बड़ी गाड़ियों को खड़ा करने का प्रयास किया गया। इस प्रयास का बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों एवं स्थानीय निवासियों ने जोरदार विरोध किया।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से रामबाबू तिवारी, सतबीर सिंह, रितेश झा, दीपक झा, शशि सिंह, सौरव श्रीवास्तव, भोला सिंह, अनिल सिंह, गुड्डू सिंह सहित सैकड़ों बस्तीवासी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि दुर्गा पूजा मैदान क्षेत्र की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसे किसी भी सूरत में व्यावसायिक पार्किंग स्थल में तब्दील नहीं होने दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि बर्मामाइंस की मूलभूत समस्याओं—धूल प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा—पर तत्काल ध्यान दिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
टाटानगर रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज सड़क पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार महिला और पुरुष को पीछे से टक्कर मार दी. इस हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है, जब इलाके में स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोगों की भारी आवाजाही रहती है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय ऑफिस और स्कूल खुलने के कारण ओवरब्रिज पर भारी भीड़ रहती है. इसी दौरान भारी वाहनों की आवाजाही भी लगातार होती रहती है, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आए दिन हादसे होते रहते हैं.
बताया जा रहा है कि लीडिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी का एक ट्रक, जिसके पीछे मशीन लगी हुई थी, संकटा सिंह पेट्रोल पंप की ओर से स्टार टॉकीज की दिशा में जा रहा था. ट्रक का नंबर जेएच 05 डीएम 8103 बताया गया है. इसी दौरान ट्रक ने पीछे से स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी सवार युवक और महिला सड़क पर गिर गए और घायल हो गए.
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पास स्थित हनुमान मंदिर परिसर में लिटाया. घायल महिला ने अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे.
सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है. फिलहाल घायलों के इलाज सदर में चल रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोक जा सके.
जमशेदपुर : कुड़मी समाज द्वारा अपनी संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से आज डहरे टुसु परब का आयोजन किया गया. इस दौरान आदित्यपुर कांड्रा मुख्य मार्ग पर जन सैलाब देखने को मिला. आदित्यपुर कांड्रा मुख्य मार्ग पर टोल ब्रिज मोड़ से लेकर खरकई पुल तक यह नजारा देखने को मिला, जहां अलग अलग स्थानों से आए महिला – पुरुष और युवक – युवती अलग अलग समूह में पूरे उल्लास के साथ झूमते और नाचते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे.
इस दौरान मुख्य मार्ग के अलग अलग स्थानों पर डहरे टुसू में शामिल लोगों के स्वागत के लिए शिविर भी लगाया गया था. इस क्रम में समाजसेवी बादल महतो के नेतृत्व में फुटबॉल मैदान, आदित्यपुर के पास आहूत शिविर के माध्यम से चना, पानी और चाय का वितरण भी किया गया. संपर्क करने पर बादल महतो ने डहरे टुसु को झारखंडी सभ्यता संस्कृति का परिचायक बताया. उन्होंने कहा कि डहरे टुसू की शुरुआत टुसू पर्व से पूर्व की जाती है. टुसू पर्व तक लोग नई फसल के स्वागत में खेत_खलिहान में नाचते झूमते हैं और अब यह परंपरा गांव से शहर की ओर आ रही है, जिसका हम सभी को स्वागत करना चाहिए.
सुनील महतो के समाधि स्थल से हुई डहरे टुसू की शुरुआत
वहीं, पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कुड़मी समाज के आह्वान पर दिवंगत सांसद सुनील महतो के गम्हरिया स्थित समाधि स्थल से निकले डहरे टुसू में शामिल महिला पुरुष ढोल और मांदर की थाप पर लोग थिरकते दिखे. जबकि डहरे टुसू में शामिल महिलाएं कुड़माली संगीत और डीजे की धुन पर थिरकती दिखी. कुड़मी समाज के प्रखर नेता (कांड्रा निवासी) विजय महतो ने बताया कि सभ्यता और संस्कृति का बचाव करने के उद्देश्य से डहरे टुसू का आयोजन किया गया है.
जमशेदपुर : सावित्रीबाई फुले सेवा दल जमशेदपुर के द्वारा KF-1 GP SLOPE क्लब हाउस कदमा में भारत कि प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी पुर्वी घोष, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र सोनकर, झामुमो के लालटू महतो, शहिद निर्मल सेवा सदन के महा सचिव गौतम बोस एवं माली मालाकार कल्याण समिति के पुर्व अध्यक्ष चंदेश्वर भगत उपस्थित थे।
सभी अतिथियों ने सावित्रि फुले की छवि पर फूल माला अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संस्था के द्वारा प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम के तहत स्वीटी कुमारी एमबीए गोल्ड मेडलिस्ट कोल्हन यूनिवर्सिट, विभा कुमारी शिक्षिका (के पी स्कूल बड़ामाइंस) , सोनी प्रभाकर, शिक्षिका (अवुद इंग्लिश स्कूल किताडीह), कविता कुमारी, शिक्षिका (भालुबास स्कूल) को बुके, अंगवस्त्र, मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश भगत, विनय कुमार भगत, रुपेश कुमार, धीरज मुखी, उमेश राम, सुमीत कुमार राम, अजीत कुमार भगत, अंजलि, खुशी, प्रशांत भगत, सुबोध प्रभाकर, संगीता रानी, गौरी देवी, विकास मुखी का सहयोग रहा। धन्यवाद ज्ञापन अनीता देवी द्वारा दिया गया।