एक नई सोच, एक नई धारा

नितिन गडकरी के झारखंड दौरे में 17 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

झारखंड वालों के लिए ये जरूरी खबर है। यहां के निवासियों को आगामी 23 मार्च को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। दरअसल, केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी झारखंड के 17 परियोजनाओं का शिलान्यास और दो का उद्घाटन इस दिन करने वाले हैं। जिसमें से 14 परियोजना झारखंड एनएच उपभाग और पांच परियोजना एनएचएआइ का है।

दरअसल, केद्रीय सड़क,परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी झारखंड दौरे पर आने वाले हैं। वो 23 मार्च को यहां आएंग। गडकरी सबसे पहले जमशेदपुर में दोपहर दो बजे फिर रांची के ओल्ड विधानसभा मैदान में शाम पांच बजे आयोजित शिलान्यास सह उदघाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इनके आगमन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी तैयारी में जुट गए हैं।

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गडकरी जमशेदपुर में कालीमंदिर से डिमना चौक बालीगुमा तक फोर लेन का डबल डेकर एलिवेटेड रोड.पश्चिमी सिंहभूम में एनएच के एनएच 320 -जी में 0 सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, पश्चिमी सिंहभूम में एनएच 75 पर झिंकपानी और तालाबुरू रेलवे स्टेशन के बीच आरओबी, एनएच 75 पर झिंकपानी से तालाबुरू रेलवे स्टेशन के बीच आरओबी, एनएच 75 पर सिंहपोखरिया से झिंकपानी रेलवे स्टेशन के बीच आरओबी का शिलान्यास करंगे।

इसके आलावा वो पश्चिमी सिंहभूम व सिमडेगा क्षेत्र में एनएच 320 जी पर सड़क निर्माण, पूर्वी सिंहभूम में भुईया सिनान से सुसनी भाया हाथीखेड़ा रोड का निर्माण, पूर्वी सिंहभूम में फुलडुंगरी (एनएच 33) से झांटीझरना भाया बुरुडीह तक सड़क निर्माण, बोकारो और रामगढ़ क्षेत्र में जैनामोड़ से गोला तक फोर लेन एक्सप्रेस वे,रामगढ़ और रांची क्षेत्र में ओरमांझी से गोला तक फोर लेन एक्सप्रेस वे, गुमला और सिमडेगा क्षेत्र में एनएच 23 पर सड़क निर्माण, लोहरदगा में लोहरदगा बाइपास का निर्माण, बोकारो और हजारीबाग में बनासो से बुडगड्डा रोड में सड़क निर्माण, गुमला में चैनपुर से महुआडांड़ (डुमरी तक) टू लेन सड़क निर्माण,रांची में एनएच 33 में भगवान आदित्यनाथ मंदिर का सड़क और गोला से चारू रोड के बीच आरओबी निर्माण शिलान्यास करंगे।

आपको बताते चलें कि,गडकरी जमशेदपुर से महुलिया फोर लेन सेक्शन में 233 से 277 के बीच छूटे हुए भाग का और एनएच 33 में रामगढ़ के पटेल चौक के पास वीयूपी का निर्माण का उद्घाटन भी करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले इस उद्घाटन को शिलान्यास के जरिए भाजपा वहां अपनी कम हो रही वोट बैंक को साथ लाने की कोशिश करेगी।

जेम्को यूनियन : सातवीं बार बने राकेश्वर पाण्डे अध्यक्ष, अमित छठी बार बने महामंत्री

जेम्को वर्कर्स यूनियन चुनाव में झारखंड इंटक अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय को सातवीं बार अध्यक्ष और अमित कुमार सरकार को छठी बार महामंत्री चुने गये। शनिवार को कंपनी परिसर स्थित नॉलेज सेंटर में यूनियन के 7 कमेटी मेंबर पद पर खड़े 15 प्रत्याशियों को चुनने के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान हुआ। जबकि दो सीट निर्वाचन क्षेत्र 4 से रमेश कुमार और निर्वाचन क्षेत्र 5 से अमित सरकार कमेटी मेंबर पद पर पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गये थे।

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दो पदाधिकारी चुनाव हारे

चुनाव में यूनियन के दो पदाधिकारियों को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने वाले पदाधिकारियों में यूनियन के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट लखन मुर्मू और सहायक सचिव अमित कुमार सिंह शामिल है।

जेम्को वर्कर्स यूनियन की नयी कार्यकारिणी

अध्यक्ष : राकेश्वर पांडेय

महामंत्री : अमित सरकार

वाइस प्रेसिडेंट : मंजीत सिंह, मनोज कुमार

सहायक सचिव : समीर कुमार महतो, रमेश कुमार

कोषाध्यक्ष : रवींद्र सिंह

निर्वाचन क्षेत्र 1. सीट 04

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प्रत्याशी का नाम कुल मिले वोट

1. अमर महतो : 27 चुनाव जीते

2. जीजी पाल 19 चुनाव जीते

3. मंजीत सिंह 34 चुनाव जीते

4. मनोज कुमार 24 चुनाव जीते

5. अमित कुमार सिंह : 16

6. हंसराज : 08

7. रामचंद्र मोहाली : 04

8. विवेक कुमार सिंह : 12

निर्वाचन संख्या 2, सीट 02

प्रत्याशी का नाम – कुल मिले वोट

1. मोहन सरदार : 15 चुनाव जीते

2. समीर कुमार महतो : 11 चुनाव जीते

3. लखन मुर्मू : 10

4. शैलेंद्र त्रिपाठी : 06

निर्वाचन क्षेत्र 3, सीट – 01

प्रत्याशी का नाम – कुल मिले वोट

1. रविंद्र सिंह : 06

2. हरि गोपाल कृष्णा : 00

3. महेंद्रा नंद : 05

निर्वाचन क्षेत्र 4 : सीट 01

1. रमेश कुमार : निर्विरोध निर्वाचित

निर्वाचन क्षेत्र 5, सीट 01

1. अमित कुमार सरकार : निर्विरोध निर्वाचित

झारखंड : बारिश की वजह से गिरा पारा, ठनका से तीन की मौत

झारखंड में रांची समेत राज्य के कई इलाकों में शनिवार को भी बारिश हुई। बारिश और आंधी के कारण राज्य के कई शहरों में चार डिग्री तक पारा गिर गया। खराब मौसम का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा है। इस बीच, राज्य के विभिन्न इलाकों में ठनका की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। सिमडेगा के कुरडेग में वज्रपात की चपेट में आने से विजय साय नामक युवक की मौत हो गई। विजय इमली चुनने के लिए घर से बाहर निकला था। इसी दौरान ठनका की चपेट में आ गया। इधर,हजारीबाग के टाटीझरिया में वज्रपात से एक महिला देवंती देवी की मौत हो गई। बताया जाता है कि वह आम बागवानी में काम कर रही थी, तभी ठनका की चपेट में आ गई। वहीं रामगढ़ के दुलमी की उसरा पंचायत के गोड़ातु गांव में महुआ चुनने के दौरान तीन लोग वज्रपात की चपेट में आ गए। इसमें संतोष महतो नामक युवक की मौत हो गई जबकि पार्वती देवी व बबिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

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दो विमान कोलकाता डायवर्ट
खराब मौसम के कारण एयर एशिया की बेंगलुरु और इंडिगो की पुणे से रांची आ रही विमान सेवा कम दृश्यता के कारण डायवर्ट होकर कोलकाता चली गई। इसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दो दिन तक रहेंगे बादल
मौसम विभाग के कारण राजधानी समेत झारखंड के ऊपर अभी दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे। इससे राज्य के कई स्थानों गरज और तेज हवा के साथ बारिश होने की पूर्वानुमान है।

रामगढ़ के दुलमी में शनिवार को वज्रपात
लगातार तीन दिनों से बारिश होने के कारण पिछले 48 घंटों की तुलना में तापमान में चार डिग्री तक की कमी आयी है। रांची का अधिकतम 30.0 और न्यूनतम 16.5 डिग्री रहा। जबकि दो दिन पहले गुरुवार को रांची का अधिकतम 33.8 और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। जमशेदपुर में अधिकतम 32.8 और मेदिनीनगर में 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों के न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों चार डिग्री नीचे आ गए हैं।

प्रमुख शहरों के तापमान
शहर अधिकतम न्यूनतम
रांची 30.0 16.5
जमशेदपुर 32.8 18.3
डालटनगंज 32.0 19.1
देवघर 31.2 18.1
बोकारो 27.6 18.1

झारखंड : राँची के आनन्द और अंजनी ने रचा इतिहास, एवरेस्ट बेस कैम्प पर लहराया तिरंगा

रांची के रहने वाले आनंद व अंजनी ने एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा लहराने के बाद सकुशल वापसी कर ली है। अंजनी कुमारी ने अपने पति आनंद गौतम के साथ 13 मार्च को तिरंगा झंडा एवरेस्ट बेस कैंप पर लहराया। अंजनी कुमारी पेशे से डाटा साइंटिस है और शेल नाम के एमएनसी में कार्यरत हैं। उनके पिता का नाम डॉ. वीरेंद्र प्रसाद है और माता का नाम रंजू प्रसाद है। अंजनी के पिता रांची यूनिवर्सिटी के इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर रह चुके हैं। वहीं आनंद गौतम पेशे से कंसलटेंट हैं और केपीएमजी नामक एमएनसी में कार्यरत हैं। इनके पिता विजय कुमार केशरी और माता डॉ सबिता केशरी हैं।

गौरतलब हो कि एवरेस्ट बेस कैंप की ऊंचाई समुंद्री तल से 17598 फीट (5364 मी) है और उस ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा 50 फीसदी होती है। मार्च के महीने में वहां का तापमान लगभग शून्य से 20 डिग्री नीचे होता है। अंजनी और आनंद ने इस ट्रेक की तैयारी 4 महीने से कर रही थी। दोनों ने इस ट्रेक की शुरुआत 6 मार्च को लुक्ला नामक स्थान से की थी जो कि नेपाल में स्थित है। गौरतलब है कि लुक्ला एयरपोर्ट को दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट में माना जाता है। दोनों ने इस ट्रेक की शुरुआत लुक्ला से की और 7 किलोमटर तय करने के बाद दोनों अगले दिन फकडिंग पहुंचे, फकडिंग की ऊंचाई 2610 मी है। यहाँ रात गुजारने के बाद दूसरे दिन 7 मार्च को नामचे बाजार के लिए निकल पड़े। नामचे बाजार 3440 मी पर स्थित है, जिसकी दूरी फकड़िंग से 10 किलोमीटर है।

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अगले दिन दोनो देबुचे के लिए निकल पड़े, जिसकी ऊंचाई 3860 मी है और नामचे से 9 किलोमीटर दूर है और वहां खुखू छेत्र का सबसे विशाल बौद्ध मठ स्थित है। उसके अगले दिन 11 किलोमीटर की दूरी तय करके दोनो डिंगबोचे पहुंचे, जिसके ऊंचाई 4360 मी है। अब तक ऑक्सीजन का स्तर 75 फीसदी हो चुका था। अगले दिन 18 किलोमीटर की दूरी तय करके दोनों लोबुचे पहुंचे जो कि 4940 मी की ऊंचाई पर है। अगले दिन लोबूचे से गोरक्षेप होते हुए दोनो एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे और वहां भारत का झंडा लहराया। इस तरह से 80 किलोमीटर की दूरी एवं 2900 मी की ऊंचाई की पैदल यात्रा तय करके 5364 मीटर की ऊंचाई पर माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी बेस कैंप पर भारत का झंडा फहराया।

जानकारी के लिए बता दें कि 13 मार्च को वहाँ का तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे था और बर्फीली हवा के साथ बर्फबारी भी हो रही थी। यह रास्ता बेहद कठिन है और इन सभी कठिनाईयों को लांघते हुए दोनों ने एक मानसिक एवं शारीरिक साहस का कीर्तिमान स्थापित किया। दोनों ने बताया कि यह एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक एक जीवन भर का एक अनोखा अनुभव बन गया और यह उन्हें जिंदगी की दूसरी मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने का भी जज्बा देती है। यह चढ़ाई कई तरह से बहुत ही कठिन मानी जाती है। उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू करने से पहले ही ट्रेकर्स पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। इस यात्रा के लिए कई महीनों कि तैयारी करनी पड़ती है। यहां यह भी ध्यातव्य है कि आनंद का नानी घर पिठोरिया है। आनंद और अंजनी की सफलता पर दोनों के माता-पिता और परिजन खुशी व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

झारखंड : सदन में उठा पूर्ण शराबबंदी करने का मामला, विधायक ने कहा- शराब की वजह से परिवार नष्ट हो रहे हैं

झारखंड : विधानसभा में चल रहे सत्र के शून्यकाल के दौरान शनिवार को गोमिया विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने बिहार के तर्ज पर झारखंड में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने का मामला सदन उठाया। उन्होंने कहा कि शराब के सेवन की आदत के कारण बड़ी संख्या में परिवार नष्ट हो रहे हैं। प्रदेश के हज़ारों लोग गम्भीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लोग लिवर कैंसर, लिवर सिरोसिस जैसी गम्भीर बीमारियों से पीड़ित होकर काल के गाल में समा जा रहे हैं। झारखंड में ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण भी काफी लोगों की मृत्यु हो रही है।

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विधायक ने कहा कि सरकार को पड़ोसी राज्य बिहार से सीख लेनी चाहिए। जहां नीतीश सरकार ने शराब से होने वाले वित्तीय लाभ की परवाह न कर राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगाया। ऐसा कदम झारखंड में भी उठाया जाना चाहिए।

3D तकनीक से झारखंड – बिहार में पहली बार हुआ कैंसर मरीज़ के पूरे जबड़े का प्रत्यारोपण

झारखंड-बिहार में पहली बार रांची में एक मरीज के पूरे जबड़े का सफल प्रत्यारोपण किया गया है। पहले कृत्रिम जबड़ा बनाया गया। इसके बाद 3D तकनीक से मेडिका के डॉक्टरों की टीम ने पूरे जबड़े का सफल प्रत्यारोपण किया है। आपको बता दें कि कैंसर की वजह से उस मरीज का जबड़ा पहले निकाल दिया गया था। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत ये सर्जरी की गयी है। सर्जिकल टीम में ओंकोसर्जन डॉ मदन गुप्ता, मैक्सिलोफेसियल सर्जन डॉ अनुज कुमार, एनेस्थेटिस्ट डॉ नांगसे लामा और मेडिका के ओटी स्टाफ मौजूद थे।

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3D तकनीक से पूरे जबड़े का प्रत्यारोपण

राजधानी रांची के मेडिका अस्पताल में आज शनिवार को 3D तकनीक से पहली बार पूरे जबड़े का प्रत्यारोपण किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने पहली बार पूरे जबड़े का प्रत्यारोपण करने में सफलता हासिल की है। ये ऑपरेशन 3D तकनीक द्वारा संभव हो पाया है। इसकी मदद से मरीज का कृत्रिम जबड़ा बनाया गया। इसके बाद उसका प्रत्यारोपण किया गया।

झारखंड-बिहार में पहली सर्जरी

रांची के निजी अस्पताल मेडिका के मैक्सिलोफेसियल सर्जन डॉ अनुज कुमार ने जानकारी दी कि ये पूरे बिहार-झारखंड में पहली सर्जरी है, जहां मरीज के पूरे जबड़े का प्रत्यारोपण किया गया है। उन्होंने बताया कि ये ऑपरेशन 3D तकनीक द्वारा संभव हो पाया है। इसकी मदद से मरीज का कृत्रिम जबड़ा बनाया गया। इसके बाद उसका प्रत्यारोपण किया गया।

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कैंसर के कारण निकाल दिया गया था मरीज का जबड़ा

मेडिका के ओंकोसर्जन डॉ मदन गुप्ता ने जानकारी दी कि कैंसर की वजह से एक मरीज का जबड़ा पूरी तरह से निकाल दिया गया था। फिर मरीज के सीटी स्कैन और 3D तकनीक की मदद से बिल्कुल मरीज के आकार का जबड़ा बनाया गया और उसका सफल प्रत्यारोपण किया गया। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत ये सर्जरी की गयी है।

हिन्दू नववर्ष पर सनातनियों का जनसैलाब देखना है:- डॉ: सुमन

जमशेदपुर। आरएसएस के प्रचारक हिन्दू जागरण मंच, झारखंड-बिहार के संगठन मंत्री डॉ सुमन ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या नववर्ष यात्रा पर 21 मार्च को डिमना से सुभाष मैदान के सड़कों पर भगवा ध्वज के साथ मुझे जमशेदपुर की लौहनगरी मे सनातनियों का जनसैलाब देखना है।यह जनसैलाब अखंड भारत का निर्माण करेंगे। उन्होंने हिंदू नववर्ष यात्रा के नगर सज्जा कर रहे बजरंगियों का उत्साह बढ़ाया।वे शुक्रवार को बर्मामाइंस में हिंदू नववर्ष यात्रा डिमना से नेताजी सुभाष मैदान के शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। नववर्ष यात्रा के संस्थापक मृत्युंजय कुमार ने कहा कि डिमना रोड भगवामय हो चुका है। सभी हिन्दू भगवा स्नान के लिए अधिक से अधिक संख्या में डिमना रोड आएं। यात्रा के अध्यक्ष राम बाबू तिवारी ने कहा कि नववर्ष यात्रा में संख्या की बात किलोमीटर से होगी। शोभा यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री कर्मवीर रहने वाले है। यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रशासन से निरंतर वार्ता भी चल रही है। यात्रा के प्रवक्ता सरबजीत ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम मे भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, भाजपा महानगर युवा अध्यक्ष अमित अग्रवाल, विक्रम शर्मा, दशरथ चौबे सहित अन्य लोग मौजूद थे।

टुना सबर को अस्पताल से दी गई छुट्टी, उपायुक्त ने जताई खुशी

जिस टुना सबर को मरणासन्न हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था उसका सफलतापूर्वक इलाज करते हुए आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। गौरतलब है कि भयावह रूप से चर्म रोग से पीड़ित डुमरिया प्रखंड के दंपाबेड़ा के रहने वाले टुना सबर का मामला सामने आने के बाद उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने तत्काल संज्ञान में लिया था । एक महीने से ज्यादा चले इलाज के बाद टुना को आज घर भेजा गया तो टुना के चेहरे की चमक नया जीवन मिलने की खुशियां बयां कर रही थी ।

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टुना स्वस्थ होकर घर लौटेगा हमें पूर्ण विश्वास था- सिविस सर्जन

हीमोग्लोबिन निम्नतम स्तर पर तथा किसी तरह सिर्फ सांस ले रहे, चलने-फिरने में असमर्थ टुना सबर की जान बच जाये इसको लेकर सभी की संवेदना थी। सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी कहते हैं कि कि टुना की हालत ऐसी थी कि इतनी जल्दी ठीक होने का भरोसा भी किसी को नहीं था, हालांकि इलाज कर रहे चिकित्सकों की टीम ने पहले दिन से ही आश्वस्त किया था कि देर भले हो सकता है लेकिन टुना को बिल्कुल स्वस्थ हालत में घर भेजेंगे । चिकित्सकों के विश्वास एवं जिलेवासियों की दुआ से टुना सबर अब पूरी तरह स्वस्थ है ।

टुना को स्वस्थ व खुशहाल जीवन की शुभकामनायें – उपायुक्त

मुख्यधारा से दूर रहने वाले सबर जनजाति के उत्थान के प्रति जिले की उपायुक्त शुरू से संवेदनशील रहीं हैं । टुना को सदर अस्पताल में भर्ती कराने के बाद रात हो या दिन उन्होने खुद उसके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की । सदर अस्पताल जाकर टुना के स्वास्थ्य में प्रगति की जानकारी लेनी हो या चिकित्सकों से संपर्क में रहकर दिशा-निर्देश देना, उन्होने टुना के हालात सामान्य होने तक 24×7 इसकी निगरानी की। अब जब टुना सबर को अस्पताल से छुट्टी मिली है तो उन्होने प्रसन्नता जाहिर करते हुए टुना के स्वस्थ व खुशहाल जीवन की शुभकामनायें दी हैं। साथ ही उन्होने सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी के नेतृत्व में टुना का इलाज कर रहे चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम को बधाई दी है।

इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स 2023 के ग्लोबल कांफ्रेस का हुआ आयोजन

नई दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर में इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स (मोटे अनाज) वर्ष 2023 के ग्लोबल कांफ्रेस का आयोजन हुआ। जिसका लाइव प्रसारण जिला के सभी प्रखण्डों में कृषि विभाग एवं आत्मा के प्रसार कर्मी के सहयोग से कृषकों को दिखाया गया । इसमें बताया गया कि भारत सरकार के प्रस्ताव एवं प्रयासों के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है।

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कांफ्रेस में वक्ताओं ने कहा मिलेट्स सिर्फ खेती करने और खाने तक ही सीमित नहीं है। मिलेट्स अब लोगोें के लिए रोजगार का जरिया बन रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रहा है। भारत विश्व में मिलेट्स उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है। ग्लोबल कांफ्रेस के माध्यम से मिलेट्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने एवं हमारे यहाँ के किसानों को विश्व बाजार के हिसाब से अपनी तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित करने का यह एक अच्छा अवसर है। मिलेट्स की उपयोगिता, उत्पादन एवं विपणन को आम जनमानस के बीच में बढ़ावा देने हेतु इस कार्यक्रम का प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव प्रसारण 200 से अधिक किसानों ने देखा।

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कृषि विभाग अन्तर्गत आत्मा संस्थान द्वारा मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती करने के लिए एवं इससे तैयार होने वाले मूल्य सवंर्धित सामग्री की जानकारी किसानों को विभिन्न कृषक गोष्ठी एवं बैठकों के माध्यम से दी जा रही है।

दर्दनाक मौत : काम शुरू होते ही ज़िन्दगी ख़त्म, धान कूटने की मशीन में फंसा दुपट्टा, सर धड़ से हुआ अलग

गुमला : धान कूटने वाली मशीन के संपर्क में आने से एक महिला का सर धड़ से अलग हो गया है। जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के केंदटोली गांव की 40 वर्षीय नैहरी देवी शुक्रवार को धान कूटने वाली मशीन लाकर धान कुटवा रही थी। इसी दौरान नैहरी का दुपट्टा मशीन की चक्की में फंस गया और नैहरी का सर धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना घाघरा थाना को दी।

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काम शुरू होने के साथ ही जिंदगी खत्‍म

खबर मिलने के बाद थानेदार अमित कुमार चौधरी व एसआई अभिषेक कुमार घटनास्थल पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। धान कुटने वाले ने बताया कि धान कुटना प्रारंभ हुआ ही था कि महिला मशीन की चपेट में आ गई।

धान कूटने के लिए भाड़े पर मंगाई थी मशीन

घटना के बाद परिजनों व गांव में मातम का माहौल है। इस संबंध में थानेदार अमित कुमार चौधरी से पूछने पर उन्होंने कहा पति रामलाल भगत व पत्नी नैहरी दोनों ने धान कूटने के लिए मशीन भाड़े पर मंगाया था। दोनों मिलकर धान कूटवाना प्रारंभ किया ही था कि इसी दौरान नैहरी का दुपट्टा मशीन के चक्की में फंस गया और महिला पूरी तरह से मशीन की चपेट में आ गई जिससे महिला का सर धड़ से अलग हो गया।

मशीन से होते रहे हैं कई हादसे

हालांकि, ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती हैं। कभी साड़ी का पल्‍लू, तो कभी दुपट्टा या चुनरी फंसकर महिलाओं की दर्दनाक मौत हो जाती है। ऐसे में इस तरह के काम में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बता दें कि इस मशीन की बनावट कुछ ऐसी होती है जिससे कि धान के दाने में से मिट्टी के छोटे-छोटे कण और धूल बाहर गिर जाते हैं।

धान की कुटाई घास-फूस तथा पुआल को निकाल रबर के सहारे होती है, जिसमें चावल के ऊपरी परत ब्रान को हटाया जाता है। इसे मवेशियों को चारा के साथ मिलाकर खिलाने के काम आता है। साथ ही, रिफाइंड तेल व कई खाद्य पदार्थो में राइस ब्रान का प्रयोग कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। वहीं, धान का बाहरी हिस्सा भूसी जलावन के काम आ जाता है।

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