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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में शव भी सुरक्षित नहीं, कुतर रहे चूहे

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर की पार्किंग में मंगलवार की देर रात एक भिखारी की मौत हो गयी. रात भर शव पार्किंग में पड़ी रही. उसके हाथ की एक उंगली को चूहे ने कुतर दिया था.

बुधवार की सुबह जब होमगार्ड के जवानों ने शव देखा, तो इसकी जानकारी अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार को दी. उसके बाद उन्होंने शव को शीतगृह में रखवा दिया.

शव के हाथ का नाखून नोचा हुआ था

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि शव के हाथ का नाखून नोचा हुआ था.यह कैसे हुआ इस बारे में कहा नहीं जा सकता है. होमगार्ड के जवानों ने बताया कि मृतक भिखारी था. रात-दिन पार्किंग में पड़ा रहता था.

पहले भी हो चुकी है घटना

इससे पहले 30 नवंबर, 2015 को जुगसलाई के एक व्यक्ति के शव की हथेली को चूहों ने कुतर दिया था. वहीं 28 सितंबर, 2018 को एक मरीज की इमरजेंसी में मौत हो गयी थी. उसका शव अस्पताल के शौचालय के पास पड़ा मिला था. उस लाश के चहरे को चूहों ने कुतर दिया था. इस मामले में इमरजेंसी के दो नर्सों को शोकॉज भी हुआ था.

एमजीएम के शीतगृह से तीन अज्ञात शवों का हुआ अंतिम संस्कार

एमजीएम अस्पताल के शीतगृह में लगभग 15 दिनों से रखे तीन अज्ञात शव का बुधवार को पोस्टमार्टम कराकर साकची पुलिस व अस्पताल प्रबंधन ने अंतिम संस्कार कराया. अज्ञात होने के कारण उसका अंतिम संस्कार भी नहीं किया जा रहा था. शव से उठने वाली दुर्गंध से मरीज परेशान होते थे. उपायुक्त की पहल पर बुधवार को तीन शवों का अंतिम संस्कार कराया गया जबकि चार शवों का अंतिम संस्कार कराना बाकी है. नियम के अनुसार किसी भी अज्ञात शव को 72 घंटे रखने के बाद पुलिस की अनुमति से उस शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाता था. जो पुलिस केस होता था जैसे सड़क दुर्घटना या अन्य किसी कारण से मौत होती है. तो पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार होता था. अब अज्ञात शव का भी पोस्टमार्टम के बाद संस्कार होता है.

जमशेदपुर : दो बेटी, पत्नी व ट्यूशन टीचर के हत्यारे दीपक को फांसी की सजा

जमशेदपुर के कदमा थाना अंतर्गत तिस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर 97/99 निवासी बीना कुमारी, दीया कुमारी, सांधी कुमारी और रिंकी घोष की हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी दीपक कुमार को फांसी की सजा सुनाई है.

गुरुवार को को मामले की सुनवाई करते हुए ए़डीजे 4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने दीपक को फांसी की सजा सुनाई है. इसके पूर्व शनिवार को अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 302, 307, 379, 201 और 376(1) के तहत दोषी पाया था. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता जॉली दास, कार्तिक डे, हरविलास दास, दिलीप गोराई और जयंत कुमार ने बहस की थी. मामले में कुल 25 लोगों की गवाही हुई थी. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने पैरवी की.

12 अप्रैल 2021 को कदमा थाना अंतर्गत तीस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर 97-99 में दीपक ने अपनी पत्नी, दो बच्ची और ट्यूशन टीचर की हत्या कर दी थी. ट्यूशन टीचर की हत्या करने के बाद उसने दुष्कर्म भी किया था. घटना को अंजाम देने के बाद उसे अपने साथी प्रभु के साला अंकित पर भी हमला किया था. घटना को अंजाम देने के बाद वह अपनी बुलेट से राउरकेला गया था, जहां से कैब बुक कर वह धनबाद गया. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी धनबाद से की थी.

शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो की इलाज़ के दौरान मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

राँची : झारखंड सरकार में रही शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो की चेन्नई में इलाज के दौरान मौत हो गई इससे झारखंड की राजनीतिक में शोक का लहर दौड़ पड़ा है झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर दी जानकारी।

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जगरनाथ महतो एक भारतीय राजनीतिज्ञ और वर्तमान में झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री हैं। वे भारत के झारखण्ड राज्य की डुमरी विधानसभा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। 2019 के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लालचन्द महतो को 32481 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। जिसके बाद हेमंत सोरेन की सरकार ने उन्हें शिक्षा मंत्री का पद दिया था आपको बता दें उनकी तबीयत लगातार खराब होती रही है बीच-बीच में जिसको लेकर भी इलाजरथ थे जिसके बाद आज चेन्नई के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

समुंद्र मंथन के चौदह रत्नों में से एक कल्पतरु पेड़! जीवनी शक्ति के साथ कीडनी-लीवर जैसे गंभीर बीमारियों में लाभदायक

कल्पतरु पेड़ वातावरण में जीवनी शक्ति का संचार करता है. यह कई गंभार बीमारियों को जड़ से खत्म करने में फायदेमंद है. अपने इसी गुण के कारण इसके संरक्षण की आवश्यकता समाज में बढ़ गई है.

रांची: आपने पीपल, नीम, बरगद पेड़ों के बारे में सुना ही होगा. आज आपका परिचय एक ऐसे पेड़ से कराते है जो दुर्लभ है. नाम है कल्पतरु. जी हां इसकी चर्चा हमारे धर्म ग्रंथों में भी की जाती रही है. इतना ही नहीं समुंद्र मंथन के दौरन निकले चौदह रत्नों में से एक था कल्पतरु पेड़. यह वातावरण में जीवनी शक्ति तो उपलब्ध कराता ही है. साथ में यह कई बीमारियों को दूर करने में भी फायदेमंद है. अपने इन्हीं गुणों के कारण इसके संरक्षण की जरूरत महसूस होने लगी है. अफसोस कि पूरे रांची में इसके केवल तीन पेड़ ही शेष है. रांची के डोरंडा क्षेत्र और रिंग रोड में लगे हुए हैं.

कल्पतरु पेड़ के ये हैं लाभ: कल्पतरु पेड़ लोगों को भरपुर ऑक्सीजन तो देता ही है. वातावरण को शुद्ध रखने में भी मदद करता है. इस पेड़ के चारों ओर दूर-दूर तक वायरस या कीटाणु नहीं भटकते. इस पेड़ को जहां लगाया जाता है, यह नुकसानदायक वायरस को नष्ट कर देता है. उस एरिया के आस-पास कीड़े-मकोड़े भी नहीं रहते. इसी कारण इस पेड़ की डिमांड बढ़ गई है. साथ ही इसको संरक्षित करना महत्वपूर्ण हो गया है.

कीडनी की बीमारी में फायदेमंद: 

कल्पतरु का पेड़ बड़े-बड़े बीमारियों को नष्ट करने में भी उपयोगीहै. इसकी पत्तियां और छाल को आयुर्वेद के रूप में प्रयोग किया जाता है. यह कई गंभीर बीमारियों को जड़ मूल से खत्म करने में सहायक होता है. रांची के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ संजय ने बताया कि कल्पतरु का पेड़ पाइल्स, भगंदर, कीडनी, लीवर, फेफड़े जैसे खतरनाक बीमारियों को ठीक करने में सहायक है. इसके अलावा ये कफ, बाबासीर, पाचन, पेट से जुड़ी समस्या आदि में भी लाभदायक है. डॉ संजय ने कहा कि एलोपैथ में लीवर के लिए प्रत्यारोपण ही एक विकल्प हैं. कल्पतरु की मदद से लीवर और कीडनी की बीमारी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है.

संरक्षण के लिए हो रहे ये प्रयास: 

पेड़ के संरक्षण के लिए रांची वन विभाग लोगों में जागरूकता फैला रहा है. विभिन्न प्रकार के बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. फॉरेस्ट डिवीजन ने कई होर्डिंग लगा दी है जिसमें लिखा है- मैं कल्पतरु हूं, कृपया मेरी रक्षा करें. आम लोगों से कल्पतरु के संरक्षण के लिए आए दिन अपील की जाती रही है. कल्पतरु तीन पेड़ जो डोरंडा एरिया में बचे है उनमें फेंसिंग कर दिया गया है. ताकि जानवर या इंसान इसे नुकसान नहीं पहुंचा सके. रांची वन विभाग के श्रीकांत वर्मा ने बताया कि कल्पतरु बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का पेड़ है. इसके औषधीय व पर्यावरणीय गुण को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है.

ऐसे हो रहे है नए पौध के प्रयास: 

रांची वन विभाग के श्रीकांत वर्मा नेकहा कि कल्पतरु के नए पौधें उगाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं. इसे लेकर रिर्सच नर्सरी में इसके 300 से 400 पौधे को उगाये जाने को लेकर जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस पेड़ को उगाने में काफी मेहनत लगती हैं. यदि 100 छोटे छोटे पेड़ लगाए जाते हैं, उनमें से मात्र 5 से 10 पेड़ सफल हो पाते हैं. अगर यह प्रयास सफल रहा तो पूरे झारखंड को इसका लाभ मिलेगा. वातावरण को शुद्ध और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी.

250 सौ साल होती कल्पतरु की आयु: 

वन विभाग के अधिकारी श्रीकांत वर्मा बताते हैं कि कल्पतरु की आयु दो से ढाई सौ साल होती है. यह पेड़ रांची के डोरंडा क्षेत्र और रिंग रोड में लगे है. श्रीकांत वर्मा बताते हैं कि यह पेड़ मूल रूप से अफ्रीकी देशों में पैदा होता है. कई सौ वर्ष पहले व्यापारियों ने रांची में कल्पतरु कापेड़ लगाया था. उस समय भारत के व्यापारी अफ्रीकी देश आया जाया करते थे.

जमशेदपुर : 696 लाभुकों को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए गए प्रधानमंत्री आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बिरसानगर में बन रहे आवासों का आवंटन बुधवार को लॉटरी के माध्यम से किया गया. 9532 आवास में तीसरे चरण में 696 लाभुकों को किफायती आवास आवंटित किए गए हैं

हालांकि आवास का निर्माण अभी चल रहा है. आवंटन के संबंध में जानकारी देते हुए जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक-3 अन्तर्गत बिरसानगर में जी+8 भवन का निर्माण कराया जा रहा है. जिसमें 32 ब्लॉक में कुल 9592 आवासों का निर्माण किया जाना है. तीसरे चरण में 696 सक्षम लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए गए.

इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से रैंडमाइजेशन के माध्यम से लॉटरी निकाली गई. उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको को भूतल में 65 तथा समान्य वर्ग के 631 लाभुकों को प्रथम से छठा तल्ला में आवास आवंटित हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक, प्रतिनिधि, डीआरडीए निदेशक सौरभ सिंहा , एडीसी, एडीएम, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, जेएनएसी के नगर प्रबंधक, प्रधानमंत्री आवास (शहरी) के विशेषज्ञ समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी की हुई बैठक, बच्चों के खाते पोस्ट ऑफिस में खोलने हेतु दिए निर्देश

टाटा वर्कर्स यूनियन हाई स्कूल के सभाकक्ष में सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, एमआईएस को ऑर्डिनेटर की बैठक आहूत की गई। बैठक में सभी बच्चों का खाता पोस्ट ऑफिस में खोलने हेतु निर्देश दिए गए। इस बैठक में पोस्ट ऑफिस के सीनियर पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने खाता खोलने से संबंधित पूरी प्रक्रिया एवं फॉर्म का वितरण किया । साथ ही 2023 -24 में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई जिसमें 100% बच्चों का खाता खोलना, आधार में रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण करना, ज्ञान सेतु कार्यक्रम चलाना, सभी विद्यालय के लाइब्रेरी में सड़क सुरक्षा संबंधित पुस्तिका रखना, ई विद्या वाहिनी में सीआरपी, बीआरपी का प्रतिदिन मॉनिटरिंग प्रतिवेदन अपलोड करना इत्यादि विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित हुए।

विधानसभा की आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति की हुई बैठक, विभागीय योजनाओं को ससमय पूर्णता के दिए निर्देश

झारखंड विधानसभा की आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति ने समापति माननीय विधायक श्री इरफान अंसारी की अध्यक्षता में परिसदन में जिले के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समिति सदस्य के रूप में माननीय विधायक श्री सोनाराम सिंकू बैठक में मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, राजस्व संग्रहण की स्थिति व विकास योजनाओं की समीक्षा तथा केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए । सभापति श्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने तथा सभी जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे इस दिशा में कृतसंकल्पित है । उन्होने गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में किसी प्रकार से पेयजल की समस्या उत्पन्न नहीं हो इसपर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विभागीय पदाधिकारी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में विशेष टीम गठित कर खराब पड़े चापाकल, जलमीनार के मरम्मती का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रखंडवार टीम गठित की गई है जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पेयजल स्रोत के मरम्मती का कार्य करती है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम एक्टिव है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों से भी खराब पड़े चापाकल, जलमीनार का फीडबैक लिया जा रहा । प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी से जिले में संचालित उद्योगों के प्रदूषण सर्टिफिकेट, नदियों के पानी की क्वालिटी की जानकारी ली गई। विभिन्न विभागों में आंतरिक संसाधन से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की गई। माननीय सभापति ने कहा कि विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन में सरकार को प्राप्त होने वाले राजस्व की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में गत वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए राजस्व संग्रह की समीक्षा समिति द्वारा की गई। सभी विभागों से रिपोर्ट प्राप्त किया गया है, जिसका अध्ययन करने के बाद समिति द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे ताकि राज्य में विकास कार्य और तेज गति से क्रियान्वित हो । समिति ने योजनाओं को ससमय पूर्ण करने पर बल दिया । पेयजल, सड़क निर्माण व विकास से जुड़ी अन्य योजनाएं जो 2 वर्ष या इससे पहले स्वीकृत हुईं लेकिन अबतक पूर्ण नहीं हो पाई हैं इसपर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से कारण पूछा गया तथा जल्द से जल्द पूर्ण करने का निदेश दिया गया । बैठक में निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी श्रीमती ज्योत्सना सिंह, अपर उपायुक्त श्री जयदीप तिग्गा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राजीव रजंन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री दीपू कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री दिनेश रंजन समेत अन्य सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

टेल्को गुरुद्वारा के चुनाव में सर्वसम्मति से बलविंदर सिंह बने नए प्रधान, गुरशरण सिंह महासचिव

जमशेदपुर : जमशेदपुर के गुरुद्वारों में इन दिनों चुनावी माहौल बना हुआ है। 2023 की अप्रैल से पूर्व नई कमेटियों की घोषणा की जा रही है। पिछले दिनों मानगो गुरुद्वारा में भगवान सिंह को तीसरी बार प्रधान चुना गया था, जिसका विरोध भी हुआ था। इसी क्रम में बुधवार को टेल्को गुरुद्वारा का चुनाव कराया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से बलविंदर सिंह को नया प्रधान चुना गया। वहीं गुरशरण सिंह को महासचिव की सेवा सौंपी गई। नए प्रधान का कार्यकाल 2023 से 2026 तक के लिए तीन साल का होगा। शांतिपूर्ण ढंग से लॉटरी के द्वारा हुई चुनावी प्रक्रिया को लोग सराह रहे हैं। इधर, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने अपनी कमेटी भंग की। उसके बाद प्रधान पद के लिए बलविंदर सिंह और गुरशरण सिंह के नाम सामने आये। तब लॉटरी के माध्यम से नया प्रधान चुना गया। ग्रंथी कश्मीर सिंह ने लॉटरी निकाली, जिसमें बलविंदर सिंह का नाम सामने आया। उसके बाद उन्हें प्रधान चुन लिया गया। दूसरे दावेदार को महासचिव बनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में संगत, सिख स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा और कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें की पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने प्रधान पद के दो कार्यकाल में अच्छी सेवा निभाई है। इन छह सालों में विवाद उनसे कोसों दूर रहें। नए प्रधान बलविंदर सिंह अकाली दल जमशेदपुर के रामकिशन सिंह के बड़े पुत्र हैं। वह तोते की कमेटी में भी जॉइन्ट सेक्रेटरी के पद पर थे। रामकिशन सिंह भी इससे पूर्व छह सालों तक गुरुद्वारा के प्रधान रह चुके हैं।

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ये थे मौजूद

चुनावी प्रक्रिया के दौरान टेल्को गुरुद्वारा में पूर्व प्रधान तोते के अलावा रामकिशन सिंह, सुखदेव सिंह खालसा, अजीत सिंह, कुलदीप सिंह, कुलवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, बलकार सिंह, सुखदेव सिंह ग्रेवाल, हीरा सिंह, निरंजन सिंह, जगजीत सिंह, मनरूप सिंह, जसरूप सिंह, स्त्री सभा की अमृता कौर, कुलविंदर कौर, रानी कौर, नौजवान सभा के प्रधान मनिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह काके आदि उपस्थित थे।

गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर राज्य सरकारों को जारी किया एडवाइजरी

गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती की तैयारी को लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाले किसी भी कारक की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

दरअसल, रामनवमी पर बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसा के बाद से केंद्र सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर है। इसलिए पहले ही सभी राज्यों को त्योहार के दौरान कड़ी निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बार केंद्र किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं करेगी।
रामनवमी पर शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब तक थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल के हुगली में देखने को मिला। अब भी पश्चिम बंगाल और बिहार के शहरों में हिंसा की आग रह-रहकर दोबारा भड़क रही है।

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उधर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी हनुमान जयंती को लेकर बुधवार (5 अप्रैल) को आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा कि आप केंद्र सरकार से फोर्स मांगिए। अगर राज्य में पुलिस बल पर्याप्त नहीं है तो आप पैरामिलिट्री फोर्स की मदद ले सकते हैं। आखिरकार हम अपने नागरिकों की सुरक्षा चाहते हैं।

वहीं, दिल्ली में भी हनुमान जयंती से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने 6 अप्रैल को हनुमान जयंती पर जहांगीरपुरी इलाके में जुलूस निकालने के लिए विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य समूह को अनुमति देने से मना कर दिया।

झामुमो विधायक ने अपनी ही पार्टी पर साधा निशाना, कहा ‘भटक गए हैं हेमंत सोरेन..’

झारखंड : लगातार पांच बार बोरियो विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे विधायक लोबिन हेम्ब्रम अपने बेबाक रवैये और बयानबाजियों से कारण चर्चा में बने रहते हैं। कई बार वे अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ होते हैं और उनके खिलाफ मीडिया में खुलकर बयानबाजी करते हैं। हेम्ब्रम का ऐसा ही एक बयान इस वक्त सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें वे सीएम हेमंत सोरेन के रास्ते से भटकने की बातें कहते नजर आ रहे हैं।

‘आदिवासियों को गुमराह कर रहे सोरेन’

हेम्ब्रम ने खुलकर कहा है कि, ‘सीएम सोरेन उनके नेता नहीं, बल्कि नेता सिर्फ एक है जो गुरुजी शिबू सोरेन है। उनका मानना है कि गुरुजी ने जो मार्ग बताया वही सही है। मगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उस मार्ग से भटक चुके हैं। गुरुजी शुरू से आदिवासियों के लिए लड़ते आए हैं, इसलिए आदिवासी उनको अपना नेता मानते हैं। मगर हेमंत सोरेन आदिवासी को गुमराह कर रहे हैं। खुद को आदिवासी का चेहरा बताते हैं, मगर फायदा बाहरियों को दिलाने का काम करते हैं।’ उन्होंने खुलकर कहा है कि, ‘वे सदन के नेता हो सकते हैं, मगर वे हेमंत को अपना नेता नहीं मानते हैं।’

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झामुमो तलाश रहा लोबिन का विकल्प?

दरअसल, 2024 का चुनाव अब निकट आ चुका है और सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने में लग चुकी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए लोबिन स्पीड ब्रेकर का काम कर रहे हैं। इधर लोबिन ने झारखंड बचाव मोर्चा के गठन कर लिया है। उन्होंने इसके गठन के पीछे झारखंड में हो रही जल, जंगल, जमीन की लूट बताया है। हालांकि बनाए गय मोर्चा को अभी राजनीतिक रूप नहीं दिया गया है। मगर विशेषज्ञों की मानें तो अगर लोबिन का झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ ऐसे ही नोक झोंक चलती रही तो हो सकता है लोबिन 2024 के लिए इस मोर्चा को राजनीतिक दल में तब्दील कर दे। हालांकि ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि जेएमएम ने भी लोबिन के बगावत को भांपते हुए उनका विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है।

कार्रवाई हुई तो भाजपा ज्वाइन करेंगे लोबिन?

लगातार झामुमों के साथ बगावत करते लोबिन पर अब भाजपा मेहरबान होती दिख रही है। भाजपा के कई बड़े नेता अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोबिन का समर्थन करते देखे जा सकते हैं। लोबिन ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जो भाषण दिए हैं उस क्लिप को भाजपा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री और सरकार को घेरने में लग गई है। कहा ये भी जाने लगा है कि कहीं झामुमो द्वारा लोबिन पर कार्रवाई की गई तो लोबिन कहीं भाजपा में शामिल होकर संस्थान के लिए भाजपा का चेहरा न बन जाएं। हालांकि लोबिन हेम्ब्रम को आदिवासियों का साथ और भरोसा हमेशा मिलता रहा है। अगर ऐसी परिस्थिति बन भी जाती है तो निर्दलीय वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

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