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एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: 18 अप्रैल को निकलेगी भगवान परशुराम की भव्य शोभा यात्रा, ब्राह्मण युवा शक्ति संघ ने कसी कमर

जमशेदपुर: ब्राह्मण युवा शक्ति संघ द्वारा इस वर्ष भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। संघ ने घोषणा की है कि 18 अप्रैल को शहर की सड़कों पर ब्राह्मण समाज की एकजुटता और भक्ति का भव्य संगम दिखेगा।IMG 20260414 WA0007

​कल परशुराम भवन में विराजेगी भव्य प्रतिमा

​उत्सव की शुरुआत कल यानी 15 अप्रैल से होने जा रही है। बागबेड़ा स्थित परशुराम भवन में भगवान श्री परशुराम जी की एक विशाल और आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संघ के सदस्यों के अनुसार, यह प्रतिमा पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और गौरव का केंद्र बनेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​18 अप्रैल: वीर कुंवर सिंह चौक से निकलेगा आस्था का सैलाब

​शोभा यात्रा के मुख्य कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि 18 अप्रैल को ‘वीर कुंवर सिंह चौक’ से विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए बागबेड़ा स्थित ब्राह्मण भवन में संपन्न होगी।

​“यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारे समाज की शक्ति और एकता का सशक्त प्रदर्शन है।” — ब्राह्मण युवा शक्ति संघ

 

​रणनीति तैयार, जुटे सैकड़ों परिवार

​हाल ही में संपन्न हुई बैठक में शोभा यात्रा को अनुशासित और भव्य बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में कमल किशोर जी, रामनाथ दुबे, हरेंद्र मिश्रा, डी.के. मिश्रा और मुन्ना मिश्रा सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस आयोजन को अब तक का सबसे भव्य जन्मोत्सव बनाने का संकल्प लिया।

​आमंत्रण और अपील

​तीसरी धारा न्यूज़ के माध्यम से संघ ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शोभा यात्रा में शामिल हों और इस धार्मिक उत्सव को यादगार बनाएं।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़।

जमशेदपुर: जुगसलाई से 17 वर्षीय युवक लापता, दवा लेने घर से निकला था शुभम

जमशेदपुर: लौहनगरी के जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक किशोर के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की खबर सामने आई है। लापता युवक की पहचान शुभम कैवर्तो (17 वर्ष) के रूप में हुई है, जो फिरंगी चौक, राम टेकरी रोड का निवासी है। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​घटना का विवरण

​परिजनों के अनुसार, शुभम बीते दिन सुबह करीब 11:30 बजे घर से दवा लेने के लिए निकला था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। दोस्तों और रिश्तेदारों के यहाँ काफी तलाश करने के बावजूद शुभम का कोई सुराग नहीं मिल सका है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​थक-हारकर परिजनों ने जुगसलाई थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

​पहचान के लिए विवरण

​लापता युवक की पहचान के लिए निम्नलिखित जानकारी साझा की गई है:

  • ​नाम: शुभम कैवर्तो (पिता: पालु कैवर्तो)
  • ​शारीरिक बनावट: सांवला रंग, काले बाल और काली आँखें।
  • ​अंतिम बार देखा गया पहनावा: सफेद टी-शर्ट, काला पजामा और सफेद चप्पल।

​मदद की अपील

​शुभम के परिवार ने आम जनता से भावुक अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस युवक के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया तुरंत निम्नलिखित नंबरों पर सूचित करें:

👉 7070256541

👉 7631256541

​आपकी एक छोटी सी जानकारी एक परिवार की खुशियाँ वापस ला सकती है। कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें।

अलविदा ‘सुरों की मलिका’: आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली महान गायिका आशा भोसले आज हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्षीय आशा ताई के निधन की खबर ने न केवल उनके करोड़ों प्रशंसकों, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डुबो दिया है।n7083014021776082981245397422cf9c5509d7ec870e2bb9e28c55274a1c4b98ed1cc6e66f10b1179b3175

​निधन का कारण और अंतिम सफर

​सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (शरीर के कई अंगों का काम बंद करना) की वजह से उनका निधन हो गया।

  • ​अंतिम दर्शन: आज सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहाँ फिल्मी हस्तियों और राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • ​राजकीय सम्मान: भारत सरकार ने उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सलामी दी गई।
  • ​अंतिम संस्कार: ताजा जानकारी के अनुसार, आशा ताई का पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंच चुका है, जहाँ कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​एक अद्वितीय करियर: 12,000 गानों का सफर

​आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जिसे तोड़ पाना नामुमकिन लगता है।

  • ​सबसे महंगी गायिका: वह अपने दौर की सबसे महंगी और व्यस्त सिंगर थीं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में उनके म्यूजिक टूर हमेशा ‘हाउसफुल’ रहते थे।
  • ​सफल बिजनेसवुमन: गायकी के अलावा, आशा जी एक कुशल बिजनेसवुमन भी थीं। उनके कई सफल रेस्टोरेंट बिजनेस (Asha’s) दुनिया के विभिन्न शहरों में फैले हुए हैं, जिससे उनकी एक अलग पहचान बनी।

​संगीत जगत की अपूरणीय क्षति

​उनकी आवाज में वो खनक थी जो शास्त्रीय संगीत से लेकर आधुनिक पॉप और कैबरे गानों तक, हर विधा में फिट बैठती थी। आज भले ही वह भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए कालजयी गीत आने वाली कई पीढ़ियों के कानों में रस घोलते रहेंगे।

अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह में ‘कृत्रिम ज्योति’ पर छिड़ा विवाद, परंपरा बनाम आधुनिकता की बहस तेज

अयोध्या: भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, इस बार कारण कोई उत्सव नहीं, बल्कि गर्भगृह में स्थापित एक “प्रतीकात्मक ज्योति स्वरूप” को लेकर उठा विवाद है। सोशल मीडिया पर इस ज्योति की प्रमाणिकता और पारंपरिकता को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।n70826291417760820539341111a4daaf052f38b7fa0e2241a0083a900f1f183b99bf63221f1b5dd8ade3f5

​विवाद की जड़: क्या है यह ‘ज्योति स्वरूप’?

​राम मंदिर परिसर में जिस स्थान पर रामलला की मूर्ति अस्थायी रूप से (टेंट और फिर अस्थायी मंदिर में) स्थापित थी, मंदिर ट्रस्ट ने उस स्थान की स्मृति को जीवंत रखने के लिए वहां एक ‘ज्योति स्वरूप’ की स्थापना की है। ट्रस्ट का दावा है कि यह स्थापना पूरी तरह से वैदिक अनुष्ठानों और धार्मिक विधि-विधान के साथ की गई है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​सोशल मीडिया पर नाराजगी: “आस्था या तकनीक?”

​जैसे ही इस ज्योति की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, लोगों की प्रतिक्रियाएं दो धड़ों में बंट गईं:

  • ​आलोचकों का तर्क: कई यूजर्स ने इसे “LED आधारित टॉय लाइट” या “प्लास्टिक की कृत्रिम रोशनी” करार देते हुए इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि हिंदू धर्म में ‘अग्नि’ और ‘दीपक’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिसकी जगह कृत्रिम रोशनी नहीं ले सकती।
  • ​समर्थकों का पक्ष: वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर के आधुनिक प्रबंधन, सुरक्षा कारणों और धुएं से संगमरमर को बचाने के लिए यह एक व्यावहारिक और सुरक्षित प्रतीकात्मक विकल्प है।

​मंदिर ट्रस्ट की सफाई: “यह केवल प्रतीकात्मक है”

​श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि:

  1. ​यह स्थापना किसी परंपरा को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पवित्र स्थान की स्मृति को सम्मान देने के लिए है जहाँ प्रभु श्रीराम पहले विराजमान थे।
  2. ​ज्योति की स्थापना से पहले वैदिक आचार्यों द्वारा विधिवत पूजन और अनुष्ठान संपन्न कराया गया है।
  3. ​ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की धार्मिक अवहेलना नहीं की गई है और यह केवल एक प्रतीकात्मक व्यवस्था है।

​परंपरा और आधुनिकता की टकराहट

​यह विवाद एक बड़े सवाल को जन्म देता है—धार्मिक स्थलों में आधुनिक तकनीक का प्रवेश किस सीमा तक जायज है? एक पक्ष इसे समय के साथ होने वाला बदलाव मानता है, तो दूसरा पक्ष इसे मूल धार्मिक मान्यताओं से समझौता समझता है। फिलहाल, मंदिर प्रशासन इस मामले पर शांति बनाए हुए है, लेकिन डिजिटल दुनिया में यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।

अजब-गजब: एक सीट, एक चेहरा और तीन ‘दुश्मन’ पार्टियां! दाहोद के सियासी ड्रामे ने सबको चौंकाया

दाहोद (गुजरात): भारतीय राजनीति में दलबदल की खबरें तो आम हैं, लेकिन गुजरात के दाहोद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर राजनीतिक पंडित भी सिर पकड़ कर बैठ गए हैं। यहां जिला पंचायत की पीपेरो (Pipero) सीट पर एक स्थानीय नेता ने ऐसा ‘पॉलिटिकल थ्रिलर’ रच दिया है, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।n70819338717760818197424fca1e755d9eddb7bed1bffab5ed66cccede511ee7e7180e92f9d9af3395acf8

​स्थानीय दिग्गज नेता भरत सिंह वाखला ने एक ही सीट के लिए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP)—इन तीनों कट्टर विरोधी दलों के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पर्चा भरकर सबको हैरत में डाल दिया है।

​नामांकन का ‘नंबर गेम’ और वाखला का जाल

​जब चुनाव अधिकारियों ने पीपेरो सीट के 11 नामांकन फॉर्मों की जांच (Scrutiny) शुरू की, तो आंकड़ों ने सबको चौंका दिया:

  • ​भाजपा: कुल 5 फॉर्म (भरत सिंह वाखला का नाम शामिल)
  • ​कांग्रेस: 2 फॉर्म (यहाँ भी वाखला मौजूद)
  • ​आम आदमी पार्टी: 1 फॉर्म (यह भी वाखला के ही नाम)
  • ​अन्य: 2 निर्दलीय और 1 बीआरपी।

​कौन हैं भरत सिंह वाखला?

​भरत सिंह वाखला का पाला बदलने का इतिहास काफी पुराना रहा है। वह पहले कांग्रेस में थे, फिर ‘आप’ में गए और पिछला विधानसभा चुनाव ‘आप’ के टिकट पर लड़कर भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। हाल ही में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं थीं, लेकिन एक साथ तीनों पार्टियों से फॉर्म भरकर उन्होंने सबको उलझा दिया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​क्या कहता है चुनाव नियम? फैसला 15 को!

​तकनीकी रूप से कोई भी व्यक्ति कितनी भी पार्टियों से फॉर्म भर दे, लेकिन उसकी उम्मीदवारी तभी वैध मानी जाती है जब वह पार्टी का आधिकारिक ‘मैंडेट’ (फॉर्म-बी) जमा करता है।

​चुनाव अधिकारी का बयान: “पूरी तस्वीर 15 तारीख को साफ होगी। नाम वापसी और मैंडेट जमा करने के आखिरी दिन ही पता चलेगा कि वाखला किस पार्टी का ‘फॉर्म-बी’ पेश करते हैं। बाकी पार्टियों के नामांकन या तो वापस लिए जाएंगे या नियमों के तहत खारिज हो जाएंगे।”

 

​यह सीट पारंपरिक रूप से वरिष्ठ नेता बच्चूभाई खाबड़ का गढ़ मानी जाती है, लेकिन वाखला की इस ‘ट्रिपल चाल’ ने इस चुनाव को पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सबकी नजरें 15 तारीख पर टिकी हैं कि वाखला आखिर किस ‘हाथ’ का साथ देंगे, ‘झाड़ू’ थामेंगे या ‘कमल’ खिलाएंगे।

21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला: पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में भरी हुंकार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का निर्णायक मोड़ बताते हुए इसे “21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक” करार दिया।n708266641177608101760490c354395033da96d79a66233bac84daecedf665cc2326c6eaa65c195663c2f8

​प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति देश का वंदन है जो भविष्य की राजनीति और सामाजिक न्याय की दिशा तय करेगा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​संबोधन की 10 मुख्य बातें:

  1. ​ऐतिहासिक निर्णय: पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसे पड़ाव पर है जहां वह अपनी नियति बदलने वाला फैसला लेने जा रहा है, जो पूरी तरह से देश की महिलाओं को समर्पित है।
  2. ​बैसाखी और नववर्ष की शुभकामनाएं: अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने देशवासियों को बैसाखी और नववर्ष की बधाई दी, साथ ही जलियांवाला बाग के शहीदों को नमन किया।
  3. ​अतीत के संकल्प, भविष्य के लक्ष्य: उन्होंने कहा कि संसद एक ऐसा इतिहास रचने जा रही है जो दशकों पुराने संकल्पों को हकीकत में बदलेगा।
  4. ​सामाजिक न्याय का नया स्वरूप: पीएम मोदी के अनुसार, महिला आरक्षण से सामाजिक न्याय केवल एक नारा न रहकर शासन और कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनेगा।
  5. ​प्रतीक्षा का अंत: उन्होंने 16, 17 और 18 अप्रैल के दिनों को महिला आरक्षण की दशकों लंबी प्रतीक्षा के सुखद अंत के रूप में रेखांकित किया।
  6. ​विशेष बैठक का आयोजन: लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने के लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक बुलाई गई है।
  7. ​आशीर्वाद की कामना: प्रधानमंत्री ने विनम्रतापूर्वक कहा, “मैं यहां उपदेश देने नहीं, बल्कि देश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं।”
  8. ​चार दशक का संघर्ष: उन्होंने याद दिलाया कि इस कानून के लिए लगभग 40 वर्षों से संघर्ष और चर्चा चल रही थी, जिसमें कई पीढ़ियों का योगदान रहा है।
  9. ​सर्वसम्मति का समर्थन: पीएम ने बताया कि 2023 में जब यह अधिनियम लाया गया, तब विपक्ष सहित सभी दलों ने इसे 2029 तक लागू करने के लक्ष्य का समर्थन किया था।
  10. ​वैश्विक मंच पर बढ़ता गौरव: उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति में महिलाओं की सक्रियता देखकर दुनिया के बड़े नेता हैरान हैं। अध्ययनों से साबित हुआ है कि महिलाओं की भागीदारी से व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता आती है।
धनबाद: शादी की खुशियों में घुला दहशत का जहर; धमकी भरे पर्चों ने रुकवाई शहनाई, जांच में जुटी पुलिस

धनबाद: कोयलांचल धनबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ 21 अप्रैल को होने वाली एक शादी सिर्फ इसलिए टूट गई क्योंकि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने धमकी भरे पर्चे फेंककर परिवार को दहशत में डाल दिया। इस घटना के बाद से दोनों परिवारों में मातम और इलाके में डर का माहौल है।IMG 20260413 WA0016

​तैयारियां पूरी थीं, पर लौट आई खुशियां

​जानकारी के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां अंतिम चरण में थीं। कार्ड बांटे जा चुके थे और घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। इसी बीच अचानक कुछ अज्ञात लोगों द्वारा भेजे गए धमकी भरे पर्चों ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी। पर्चों में दी गई धमकी इतनी गंभीर थी कि युवक के परिवार ने सुरक्षा कारणों और अनहोनी के डर से शादी से पीछे हटने का फैसला कर लिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​लड़की पक्ष में पसरा सन्नाटा

​वर पक्ष के इस अचानक लिए गए फैसले से लड़की के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटी की विदाई की तैयारी कर रहे पिता और परिजनों का कहना है कि उन्होंने सारी जमा-पूंजी इस शादी में लगा दी थी, लेकिन इन शरारती तत्वों की वजह से उनकी खुशियां उजड़ गईं। फिलहाल लड़की पक्ष के लोग गहरे सदमे और निराशा में हैं।

​पुलिस की कार्रवाई: दोषियों की तलाश जारी

​मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और धमकी भरे पर्चों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय इनपुट के आधार पर उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने ये पर्चे भेजे थे।

​पुलिस प्रशासन का बयान:

​”यह एक गंभीर मामला है। किसी की व्यक्तिगत खुशी में बाधा डालने और डराने-धमकाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

 

​दहशत के साये में सामाजिक आयोजन

​इस घटना ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है कि आखिर किस मंशा से इन पर्चों को फेंका गया। क्या यह कोई आपसी रंजिश है या किसी बड़े गिरोह की शरारत, इसका खुलासा पुलिसिया जांच के बाद ही हो पाएगा।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: मासूम मेंहदी पर खौलती चाय फेंकने के मामले में विधायक पूर्णिमा साहू की बड़ी पहल, TMH प्रबंधन को मिले कड़े निर्देश

जमशेदपुर (बिस्टुपुर): शहर के बिस्टुपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों मासूम बच्ची ‘मेंहदी’ पर असामाजिक तत्वों द्वारा खौलती चाय फेंकने की जघन्य वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस हृदयविदारक घटना में बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिसका वर्तमान में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में उपचार चल रहा है।

​अब इस मामले में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने हस्तक्षेप करते हुए बच्ची के बेहतर इलाज और परिजनों को राहत दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

​परिजनों ने लगाया था दबाव बनाने का आरोप

​अस्पताल में भर्ती बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया था कि मासूम की स्थिति अभी भी नाजुक है और उसे निरंतर चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है। बावजूद इसके, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज के लिए लगातार पैसे जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था और बच्ची को समय से पहले ही डिस्चार्ज करने की बात कही जा रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों के लिए यह दोहरी मार के समान था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​विधायक की सक्रियता: DC और टाटा स्टील VPCS से की बात

​मामला संज्ञान में आते ही विधायक पूर्णिमा साहू हरकत में आईं। उन्होंने तुरंत टाटा स्टील के VPCS (Vice President Corporate Services) और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) से संपर्क साधा। विधायक ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट रूप से मांग रखी कि:

  • ​बच्ची का इलाज पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
  • ​बच्ची जब तक पूरी तरह स्वस्थ न हो जाए, उसे डिस्चार्ज न किया जाए।
  • ​परिजनों पर किसी भी तरह का आर्थिक दबाव या शुल्क अदायगी का बोझ न डाला जाए।

​अधिकारियों ने दिया भरोसा: “स्वस्थ होने के बाद ही मिलेगी छुट्टी”

​विधायक के हस्तक्षेप के बाद दोनों ही उच्च अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मेंहदी के इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उसे अस्पताल में हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही घर भेजा जाएगा। प्रशासन और प्रबंधन द्वारा मिले इस आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

​सामाजिक आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल

​गौरतलब है कि बिस्टुपुर जैसे व्यस्त इलाके में एक मासूम पर इस तरह का जानलेवा हमला पुलिस गश्ती और असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हमलावरों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बन सके।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

बोकारो पुलिस में बड़ा हड़कंप: अपहरण मामले में लापरवाही पर थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिंड्राजोरा थाना के कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक ही थाने के इतने बड़े पैमाने पर कर्मियों के निलंबन से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।IMG 20260413 WA0017

​क्या है पूरा मामला?

​यह मामला पिछले साल 24 जुलाई 2025 का है, जब पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक 18 वर्षीय युवती के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने पुलिस पर शुरू से ही जांच में सुस्ती बरतने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई SIT (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही की पुष्टि हुई है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​SIT जांच में खुली पोल: नियमों की जमकर हुई अनदेखी

​विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि:

  • ​जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।
  • ​केस डायरी और अनुसंधान की प्रक्रियाओं में गंभीर नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • ​अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय कर्तव्य में कोताही बरती गई।

​पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्रवाई

​SIT की रिपोर्ट के आधार पर बोकारो एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और जवानों को दोषी माना। जारी आदेश के तहत पिंड्राजोरा थाने के 28 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले के अन्य थानों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​विभाग में मचा हड़कंप

​एक साथ 28 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज ने जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। फिलहाल, पिंड्राजोरा थाने में कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए नए कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को पुलिस की कार्यशैली में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: IDTR गम्हरिया में छात्रों का भारी बवाल, प्लेसमेंट इंचार्ज के तबादले के विरोध में मुख्य गेट जाम

गम्हरिया/जमशेदपुर: औद्योगिक क्षेत्र गम्हरिया स्थित प्रतिष्ठित इंडो डेनिश टूल रूम (IDTR) में सोमवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। संस्थान के प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली के अचानक किए गए तबादले (ट्रांसफर) से छात्र आक्रोशित हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने संस्थान के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी।IMG 20260413 WA0005

​शिक्षकों और कर्मचारियों को रोका, गेट पर जड़ा ताला

​सोमवार सुबह से ही छात्र आईडीटीआर के मुख्य गेट पर जुटने लगे थे। उग्र प्रदर्शन के कारण माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि छात्रों ने किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को संस्थान के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन जानबूझकर बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को हटा रहा है, जिससे उनके भविष्य और प्लेसमेंट पर बुरा असर पड़ेगा।

​“सुमित कोली वापस लाओ” के लगे नारे

​प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सुमित कोली पिछले काफी समय से छात्रों के प्लेसमेंट और करियर के लिए शानदार कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा:

​”सुमित सर का व्यवहार और उनका कार्य करने का तरीका छात्रों के हित में रहा है। ऐसे समय में जब प्लेसमेंट का दौर महत्वपूर्ण होता है, उनका अचानक ट्रांसफर किया जाना समझ से परे और गलत है। जब तक यह फैसला वापस नहीं होता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

 

​सुमित कोली ने जोड़ हाथ, छात्रों से की अपील

​हंगामे की सूचना मिलते ही खुद सुमित कोली छात्रों के बीच पहुँचे। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की और भावुक होकर हाथ जोड़कर छात्रों से आंदोलन समाप्त करने और पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की। हालांकि, छात्रों पर उनकी अपील का खास असर नहीं दिखा और वे अपनी मांग पर अड़े रहे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​प्रबंधन की चुप्पी और बढ़ता तनाव

​फिलहाल खबर लिखे जाने तक संस्थान परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों की जिद है कि प्रबंधन लिखित में सुमित कोली का ट्रांसफर रद्द करने का आश्वासन दे। इस पूरे घटनाक्रम पर IDTR प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौके पर तनाव को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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