एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर रामनवमी 2026: 190 अखाड़ों के साथ मनेगा भव्य महोत्सव; केंद्रीय समिति ने उपायुक्त को सौंपा 5 सूत्री मांग पत्र

जमशेदपुर: लौहनगरी में आगामी रामनवमी महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में शहर की प्रमुख अखाड़ा समितियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) से मुलाकात की। इस बैठक में उत्सव के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।IMG 20260323 WA0040

190 स्थानों पर गूंजेगा जय श्रीराम, 28 मार्च को होगा विसर्जन

​केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर के लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इसके अलावा:

  • 16 स्थानों पर वासंती दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
  • दोमुहानी (सोनारी) और स्वर्णरेखा घाट (साकची) पर चैत्री छठ महापर्व संपन्न होगा।
  • ​शहर के 12 विसर्जन घाटों पर 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा।

प्रशासन के सामने रखी गई प्रमुख चुनौतियां और मांगें

​समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी और संरक्षक सुमन अग्रवाल ने उपायुक्त के समक्ष शहर की बुनियादी समस्याओं को मजबूती से रखा:

  1. अतिक्रमण मुक्ति: श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा (पाडी) के पूजन स्थल को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई ताकि वहां विधिवत पूजा हो सके।
  2. बिजली के तारों का जाल: सड़क मार्ग के ऊपर बिजली के तारों के जाल से बड़े झंडे ले जाने में होने वाली परेशानी के निवारण का आग्रह किया गया।
  3. नदी का जल स्तर: छठ महापर्व के दिन नदी घाटों की सफाई और स्वर्णरेखा डैम से पानी छोड़कर जल स्तर बढ़ाने की मांग की गई।
  4. पार्किंग और सड़क जाम: मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग और निर्माण सामग्री को हटाने का सुझाव दिया गया ताकि विसर्जन जुलूस में बाधा न आए।
  5. घाटों का सुदृढ़ीकरण: विसर्जन घाटों को पहले से बेहतर और सुरक्षित बनाने की अपील की गई।

बेहतर समन्वय की उम्मीद

​समिति के संरक्षक सुमन अग्रवाल ने कहा कि इस बार जिला प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बीच बेहतर तालमेल दिख रहा है। सभी अखाड़ा समितियां सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और गाइडलाइन्स का पूरी तरह पालन करेंगी।IMG 20260323 WA0043

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस, विहिप अध्यक्ष अजय गुप्ता, बंटी सिंह (जम्बो अखाड़ा), और अजीत सिंह (तरुण संघ अखाड़ा)।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: MGM के जूनियर डॉक्टरों का हल्ला बोल; स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध, 6 अप्रैल का अल्टीमेटम

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से डॉक्टरों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर काम करना शुरू किया है, जो सरकार की ‘अनदेखी’ के खिलाफ उनके आक्रोश का प्रतीक है।ec44ad654e5488946b2aeebb8a8cdb0abada29d04d9082c9ddc5098f59692e27.0

पड़ोसी राज्यों की तुलना में आधा मानदेय!

​आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जूनियर डॉक्टर राघवेंद्र ने बताया कि झारखंड में डॉक्टरों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए अपनी व्यथा साझा की:

  • झारखंड में स्टाइपेंड: मात्र ₹58,000
  • पड़ोसी राज्यों में स्टाइपेंड: ₹1,00,000 से अधिक

​डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।

6 अप्रैल तक का समय: अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

​जूनियर डॉक्टरों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल तक अगर स्टाइपेंड बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे झारखंड के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

मरीजों की सेवा के साथ संघर्ष

​फिलहाल डॉक्टरों ने मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए काम बंद नहीं किया है, लेकिन काला बिल्ला लगाकर वे अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कहा है कि यदि 6 अप्रैल के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

प्रमुख मांगें:

  1. ​जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाकर पड़ोसी राज्यों के बराबर किया जाए।
  2. ​मानदेय में बढ़ोतरी के लिए जल्द से जल्द अधिसूचना जारी हो।
  3. ​डॉक्टरों की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

बजट सत्र: लोकसभा में बोले PM मोदी— ‘पश्चिम एशिया संकट से घबराने की ज़रूरत नहीं, भारत की अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स मजबूत’

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया। करीब 20 मिनट के अपने विशेष संबोधन में पीएम मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इस संकट की तुलना COVID काल से करते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।IMG 20260323 175643

घरेलू LPG हमारी पहली प्राथमिकता

​प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट पर बात करते हुए बताया कि भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG इम्पोर्ट करता है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण जहाजों के आवागमन में बाधा आई है।

​”सप्लाई में अनिश्चितता के बावजूद, सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। हमने पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।” — PM मोदी

 

ऊर्जा के लिए अब 27 नहीं, 41 देशों पर निर्भर है भारत

​पीएम ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को डाइवर्सिफाई किया है। पहले हम 27 देशों से तेल आयात करते थे, लेकिन अब 41 देशों से कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोल रिजर्व’ सुरक्षित है। उन्होंने कोयले के पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हुए बिजली सप्लाई में किसी भी कटौती से इनकार किया।

डिप्लोमेसी और सुरक्षा: ‘होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट मंजूर नहीं’

​पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के नेताओं से दो बार बात की है।

  • कड़ा संदेश: कमर्शियल जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों (International Waters) को रोकना भारत को कतई मंजूर नहीं है।
  • अफवाहों पर लगाम: पीएम ने कालाबाजारी और झूठ फैलाने वालों के खिलाफ राज्य सरकारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
  • सुरक्षा चक्र: कोस्टल, बॉर्डर और साइबर सिक्योरिटी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

3.75 लाख भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी

​प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध क्षेत्र से अब तक 3,75,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अकेले ईरान से 1 लाख भारतीय वापस आए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। खाड़ी देशों में पढ़ रहे छात्रों के हित में CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

निष्कर्ष: ‘एकता ही सबसे बड़ी ताकत’

​प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। उन्होंने देश से अपील की कि जैसे कोरोना काल में हम एक होकर लड़े थे, वैसे ही इस वैश्विक संकट का सामना भी एकजुट होकर करेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

PSL 2026 पर आतंकी साया: विदेशी खिलाड़ियों को मिली हमले की धमकी; कराची-लाहौर में बिना दर्शकों के होंगे मैच!

इस्लामाबाद/खेल डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आगामी 2026 सीजन से पहले एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार की ओर से मिली संभावित धमकी ने पूरे टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस इनपुट के बाद विदेशी खिलाड़ियों के बीच डर का माहौल है और कई बड़े नामों के टूर्नामेंट से हटने की आशंका गहरा गई है।Official logo of Pakistan Super League

आतंकी संगठन की सीधी चेतावनी

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन ने विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी दी है। धमकी में साफ कहा गया है कि मौजूदा खराब हालातों में खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। बता दें कि ‘जमात-उल-अहरार’ पहले भी पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है, जिससे यह खतरा और भी गंभीर माना जा रहा है।

खाली स्टेडियमों में होगा आयोजन: दर्शकों की एंट्री बैन

​सुरक्षा चुनौतियों और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कुछ कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:

  • दर्शकों पर पाबंदी: स्टेडियम में किसी भी आम इंसान को आने की इजाजत नहीं होगी। पूरे मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
  • सीमित वेन्यू: टूर्नामेंट को केवल दो शहरों— कराची और लाहौर तक सीमित कर दिया गया है। अन्य किसी भी शहर में मैच आयोजित नहीं होंगे।

विदेशी खिलाड़ियों की बढ़ी चिंता, PCB के लिए बड़ी चुनौती

​सुरक्षा के इस नए इनपुट के बाद कई विदेशी खिलाड़ी अपने पाकिस्तान दौरे के फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। यदि बड़े खिलाड़ी अपना नाम वापस लेते हैं, तो PSL 2026 की ब्रांड वैल्यू और टीमों के संतुलन पर बुरा असर पड़ना तय है। अब पीसीबी और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि वे ‘बायो-बबल’ के साथ-साथ ‘सुरक्षा-बबल’ देने में भी सक्षम हैं।

क्या PSL पर पड़ेगा बुरा असर?

​विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा इनपुट और गंभीर होते हैं, तो टूर्नामेंट के आयोजन पर ही संकट आ सकता है। फिलहाल पीसीबी ने सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य’ बनाने का दावा किया है, लेकिन खिलाड़ियों का भरोसा जीतना अभी भी एक टेढ़ी खीर बना हुआ है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

S.E. Railway: सीनी पहुंचे महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा; मेन्स यूनियन ने सौंपा 8 सूत्री मांग पत्र, संबलेश्वरी एक्सप्रेस के ठहराव की उठी मांग

सीनी/जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) श्री अनिल कुमार मिश्रा अपने एकदिवसीय दौरे पर सीनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीनी क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (ZRT) में नवनिर्मित ‘प्रतिरूप कक्ष’ (Model Room) का विधिवत उद्घाटन किया। उनके इस दौरे को लेकर रेल कर्मियों और स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा गया।

जोरदार स्वागत और ‘ज्वलंतIMG 20260323 WA0036‘ मुद्दों पर चर्चा

​सीनी आगमन पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेन्स यूनियन की सीनी शाखा द्वारा महाप्रबंधक का भव्य स्वागत किया गया। यूनियन के सचिव श्री विश्वजीत बड़ाईक ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किया और रेल कॉलोनियों व यात्रियों से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया।

यूनियन ने उठाई ये प्रमुख मांगें:

​मेन्स यूनियन ने महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित आठ प्रमुख मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया:

  1. संबलेश्वरी एक्सप्रेस: इस ट्रेन का सीनी स्टेशन पर पुनः ठहराव सुनिश्चित करना।
  2. बिजली आपूर्ति: रेलवे कॉलोनियों में बिजली की लचर व्यवस्था में तत्काल सुधार।
  3. स्वास्थ्य सुविधा: रेल कर्मियों के लिए एम्बुलेंस की सुविधा बहाल करना।
  4. इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे कॉलोनियों की जर्जर सड़कों की मरम्मत और नए रेलवे क्वार्टरों का निर्माण।
  5. सुरक्षा: पंपू तालाब की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण कराना।
  6. रिजर्वेशन काउंटर: टिकट बुकिंग काउंटर का समय सुबह 9 बजे के स्थान पर 8 बजे से करना।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

​उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक के साथ चक्रधरपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) तरूण हुरिया सहित मंडल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यूनियन की ओर से अध्यक्ष संकू सरदार, कोषाध्यक्ष देवाशीष दास, रवि कुमार गुप्ता, संजय गांगुली, मितेंद्र सिंह, अभय, सूरज कुमार साहू और अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल हुए।IMG 20260323 WA0032

​महाप्रबंधक ने यूनियन की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित समाधान का आश्वासन दिया।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

एक्सक्लूसिव: बिष्टुपुर ट्रैफिक बना ‘वसूली’ का अड्डा! खाकी के साये में खुलेआम सौदेबाजी, ₹2000 का जुर्माना ₹200 में ‘सेट’

जमशेदपुर (बिष्टुपुर): लौहनगरी का सबसे व्यस्त इलाका बिष्टुपुर इन दिनों ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि वर्दी की आड़ में चल रही ‘खुली मंडी’ के लिए चर्चा में है। यहाँ कानून की धज्जियाँ सड़क पर नहीं, बल्कि ट्रैफिक पोस्ट के भीतर उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों ने बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।IMG 20260323 WA0025

कानून या सब्जी मंडी? ₹2000 की ‘डील’ ₹200 में फिक्स

​बिष्टुपुर से सामने आ रहे दृश्यों ने सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी-भरकम जुर्माने का डर दिखाकर जनता से सौदेबाजी की जा रही है। ₹2000 से शुरू होने वाली ‘जुर्माने की बातचीत’ महज ₹200-300 की रिश्वत पर आकर खत्म हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे बिष्टुपुर की सड़कों पर मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का ‘सौदा पत्र’ चल रहा है।

चर्चा में दो नाम: अधिकारी सरोज सिंह और सिपाही विकास झा

​इस पूरे प्रकरण में दो नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आ रहे हैं। आरोपों के घेरे में पुलिस अधिकारी सरोज सिंह और उनके कथित आदेश पर ‘पैसे की सेटिंग’ करते दिख रहे सिपाही विकास झा हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इन निचले स्तर के कर्मियों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है? या फिर शहर की नाक के नीचे यह गोरखधंधा बिना किसी डर के फल-फूल रहा है?https://youtube.com/shorts/j0t6qXOdbTI?si=g3ris4hQul_jLeyB

वर्दी पर दाग: न्याय नहीं, अब सौदेबाजी का प्रतीक?

​जनता से उम्मीद की जाती है कि वे हेलमेट पहनें, कागजात दुरुस्त रखें और नियमों का पालन करें। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो नियम किसके लिए?

  • ​क्या वर्दी अब न्याय दिलाने के बजाय जेब भरने का जरिया बन गई है?
  • ​क्या बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस के लिए कानून महज एक ‘मंडी’ का सामान है जिसे कम-ज्यादा करके बेचा जा सकता है?

जनता में आक्रोश: क्या होगी कार्रवाई?

​सोशल मीडिया पर #BistupurPoliceCorruption और #KanoonBikGaya जैसे हैशटैग के साथ लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिक अब जिला प्रशासन और एसएसपी से मांग कर रहे हैं कि आरोपी कर्मियों पर त्वरित जांच बैठाकर उन्हें सस्पेंड किया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: गोलमुरी में टिनप्लेट मस्जिद के पास दो पक्षों में संघर्ष, दोनों ओर से FIR दर्ज; पुलिस के लिए उलझी गुत्थी

जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी थाना अंतर्गत टिनप्लेट मस्जिद के समीप दो गुटों के बीच हुई मारपीट का मामला अब पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्षों के बयानों में समय और परिस्थितियों का भारी अंतर है, जिससे मामला पुलिस के लिए एक पहेली बन गया है।IMG 20260323 155934

पहला पक्ष: शाम की घटना और लूट का आरोप

​टिनप्लेट नीम रोड निवासी मो. सोहेल खान ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि घटना 17 मार्च की शाम करीब 4:45 बजे की है। उनके अनुसार, जब वे मस्जिद के पास थे, तभी आफताब आलम और हदिसुल्लाह ने उन पर हमला कर दिया। सोहेल का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनसे उनकी घड़ी और पास में रखी नकदी भी छीन ली।

दूसरा पक्ष: आधी रात का विवाद और मोबाइल लूट की शिकायत

​वहीं, दूसरे पक्ष से आफताब आलम ने भी थाने में मामला दर्ज कराया है, लेकिन उनकी कहानी बिल्कुल अलग है। आफताब का कहना है कि घटना 17 मार्च की शाम नहीं बल्कि आधी रात को हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सोहेल खान और जोहेब खान ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन व पर्स लूट लिया।

पुलिस के सामने चुनौतियों का पहाड़

​दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों ने गोलमुरी पुलिस की मुश्किल बढ़ा दी है। एक पक्ष शाम की बात कर रहा है तो दूसरा आधी रात की। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:

  • CCTV फुटेज: मस्जिद और आसपास लगे कैमरों की जांच की जा रही है ताकि सही समय और हमलावरों की पुष्टि हो सके।
  • मोबाइल लोकेशन: घटना के समय दोनों पक्षों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
  • चश्मदीद गवाह: स्थानीय लोगों से पूछताछ कर वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है।

​गोलमुरी थाना प्रभारी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

खाड़ी में छिड़ी जंग के बीच भारतीय नौसेना की बड़ी कामयाबी: ईरान से पहुंचा 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल, अब दूर होगी गैस की किल्लत

मैनपुरी/नई दिल्ली: खाड़ी देशों के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत में तेल के आयात और रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट के बीच भारतीय नौसेना और मर्चेंट नेवी के जांबाज अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत के लिए राहत की राह खोल दी है।n705590814177426079276923d37b0fa95caa403bb08b21745eb91ca42a4b4c001fd94b3fce360920c93491

मौत के साये में सफर: बिना रडार और GPS के पहुँचा जहाज

​होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरनाक रास्ते से होते हुए चीफ इंजीनियर हरिओम यादव की देखरेख में 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर भारतीय जहाज सुरक्षित बंदरगाह पहुंच गया है। नवीगंज (बेवर) निवासी हरिओम यादव और कैप्टन अजीत यादव ने युद्ध के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि वहां स्थिति बेहद नाजुक है।

  • मिसाइल हमलों का खतरा: सुरक्षा कारणों से जहाज के रडार और जीपीएस ट्रैकर बंद रखने पड़े।
  • सिर्फ 30 सेकंड का सिग्नल: लोकेशन भेजने के लिए मात्र कुछ सेकंड के लिए सिग्नल ऑन किया जाता था, क्योंकि 30 सेकंड से ज्यादा सिग्नल रहने पर मिसाइल हमले का डर बना रहता था।
  • भारतीय तिरंगे का गौरव: खुले समुद्र में भारतीय झंडे के साथ सिर्फ नेविगेशन के सहारे रास्ता तलाश कर 26 क्रू मेंबर्स की टीम ने इस मिशन को पूरा किया।

ईरान ने दिया भारत को विशेष रास्ता

​जंग के कारण जहां अन्य देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद हैं, वहीं भारत के साथ बेहतर संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की विशेष अनुमति दी है। अब तक ऐसे पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में ईंधन की किल्लत कम होने की उम्मीद है।n7055908141774260815760ec7570a1b9b6aa5d0f20bad13da9e4f63b5b598991d068706ea5fe5c12e1eb38

कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत होगी दूर

​पिछले 10 दिनों से बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही थी। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने राहत देते हुए सभी एजेंसियों को 20-20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की खेप रिलीज करने का आदेश दे दिया है। सोमवार शाम या मंगलवार दोपहर तक यह खेप एजेंसियों तक पहुंच जाएगी, जिससे व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में

  • तेल की खेप: 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल भारत पहुँचा।
  • मिशन की तारीख: 14 मार्च को जहाज बंदरगाह पहुँचा, 19 मार्च को खाली हुआ।
  • रणनीति: रडार/GPS बंद रखकर केवल सैटेलाइट और नेविगेशन का सहारा लिया गया।
  • राहत: कमर्शियल सिलेंडर की 20% आपूर्ति को सरकार ने दी हरी झंडी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

सोना-चांदी में ऐतिहासिक महा-गिरावट: दोपहर तक लगा लोअर सर्किट, चांदी 25 हजार तो सोना 12 हजार रुपये टूटा

नई दिल्ली/जमशेदपुर: आज 23 मार्च की सुबह भारतीय सर्राफा बाजार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। सुबह से ही सोने और चांदी की कीमतों में शुरू हुई गिरावट दोपहर 12 बजे तक इतनी बढ़ गई कि दोनों ही कीमती धातुओं में लोअर सर्किट (Lower Circuit) लगाना पड़ा। निवेशकों और खरीदारों के बीच इस भारी गिरावट को लेकर हड़कंप मच गया है।IMG 20260323 154029

चांदी में ऐतिहासिक गिरावट: 25 हजार से ज्यादा लुढ़की

​दोपहर 12:11 बजे तक 1 किलो चांदी की कीमत में लगभग 25,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक (12:21 PM), चांदी 26,000 रुपये से अधिक टूट चुकी थी और इसका भाव 2,05,630 रुपये प्रति किलो पर चल रहा था। आज के कारोबार में चांदी ने 11.27% तक की गोताखोरी की है।

सोना भी हुआ धड़ाम: ₹1.31 लाख के करीब पहुंचा भाव

​चांदी की राह पर चलते हुए सोने ने भी निवेशकों को चौंका दिया। दोपहर 12:24 बजे तक 10 ग्राम सोने के भाव में 12,833 रुपये की भारी कमी देखी गई। फिलहाल एमसीएक्स (MCX) पर सोना 1,31,659 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

एक्सपर्ट्स की राय: अभी और गिर सकते हैं दाम?

​बाजार में आई इस सुनामी को लेकर केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने ‘तीसरी धारा न्यूज़’ से खास बातचीत में बताया कि मध्य पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की स्थिति जब तक बनी रहेगी, बाजार में ऐसी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए नए सपोर्ट लेवल:

| धातु | नया सपोर्टिंग प्राइस (अनुमानित) | एक्सपर्ट |

| :— | :— | :— |

| सोना | ₹1,15,000 (प्रति 10 ग्राम) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |

| चांदी | ₹1,75,000 (प्रति किलो) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |

​कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी $50 और सोना $3450-3500 के स्तर तक गिर सकता है।

खरीदारों के लिए बड़ा मौका

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

(सोर्स: एमसीएक्स और केडिया एडवाइजरी)

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

चिटाही धाम: जहाँ रामनवमी पर अखाड़ा नहीं, बल्कि बदलता है ‘विशाल राम ध्वज’; जानें 100 साल पुराने मंदिर की महिमा

धनबाद/बाघमारा: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ की गूंज पूरे देश में है, लेकिन कोयलांचल के धनबाद जिले में स्थित चिटाही धाम (रामराज मंदिर) अपनी अनूठी परंपराओं और भव्यता के लिए एक अलग पहचान रखता है। यहाँ की रामनवमी आस्था और भक्ति का ऐसा संगम पेश करती है, जिसे देखने दूर-दराज से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।n7056114081774254400656357756102692847ae544348b313abcfc9d242cc92b55f2fd5c963c2a5c9c7dd2

एक पेड़ के नीचे से भव्य मंदिर तक का सफर

​चिटाही के रामराज मंदिर का इतिहास लगभग 100 वर्षों पुराना है। जानकारों के अनुसार, शुरुआत में यह मंदिर एक पेड़ के नीचे छोटे से स्वरूप में स्थापित था। स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा ने धीरे-धीरे इसे एक बड़े धार्मिक केंद्र में बदल दिया। वर्ष 2019 में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद ढुल्लू महतो के प्रयासों से करोड़ों की लागत से बने इस भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसके बाद इसकी ख्याति देशभर में फैल गई।

अनोखी परंपरा: कलंकी अखाड़ा नहीं, ध्वज परिवर्तन

​जहाँ रामनवमी पर हर जगह अखाड़े और जुलूस की धूम रहती है, वहीं चिटाही धाम की परंपरा थोड़ी अलग और खास है। यहाँ रामनवमी के दिन ‘कलंकी अखाड़ा’ नहीं निकाला जाता। इसके स्थान पर मंदिर के शिखर पर लगे विशाल राम ध्वज को विधि-विधान के साथ बदला जाता है। इस दृश्य को देखना श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य माना जाता है।

विशेष शृंगार और महाभंडारा

​रामनवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और माता सीता का दिव्य शृंगार किया जाता है। फूलों और रोशनी से नहाया मंदिर परिसर स्वर्ग सा प्रतीत होता है। पूजा-अर्चना के बाद यहाँ विशाल महाभंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।

मुख्य यजमान के रूप में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

​आयोजन की भव्यता में चार चाँद लगाने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। मुख्य यजमान के रूप में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो विशेष रूप से उपस्थित रहते हैं। उनकी उपस्थिति में होने वाली महाआरती आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है।

चिटाही धाम की खास बातें:

  • स्थापना: लगभग 100 साल पुराना इतिहास।
  • नया स्वरूप: 2019 में भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा।
  • विशेषता: अखाड़े की जगह ‘ध्वज परिवर्तन’ की परंपरा।
  • आकर्षण: वास्तुकला और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र।

​हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि चिटाही धाम अब केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का अटूट स्तंभ बन चुका है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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