एक नई सोच, एक नई धारा

झारखंड को बचाना है, तो आदिवासियों-मूलवासियों को बचाना होगा : डॉ उरांव

वरिष्ठ पत्रकार व लेखक श्याम किशोर चौबे की पुस्तक ‘झारखंड एक बेचैन राज्य का सुख’ का लोकार्पण वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने प्रेस क्लब में किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी थे. मौके पर डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि वह इस बात के गवाह हैं कि झारखंड कैसे बना. झारखंड अलग राज्य का उद्देश्य बिहार के शोषण से मुक्ति थी. प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के समय से यहां विकास शुरू हुआ. शासन, प्रशासन और सरकार में बेईमानी नहीं के बराबर थी. वर्तमान समय में हम काफी आगे बढ़े हैं, लेकिन उतना नहीं, जितना होना चाहिए था. अगर इस राज्य को बचाना है, तो यहां के आदिवासियों और मूलवासियों को बचाना होगा. (जारी…)

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सिर्फ कृषि के आधार पर रोजगार नहीं दे सकते: इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में अच्छा हो, इसके लिए बेचैनी का होना जरूरी है. संतुष्ट होने से आगे काम करने की प्रेरणा समाप्त हो जाती है. अविभाजित बिहार की तुलना करने पर राज्य बेहतर स्थिति में है. विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा, दक्षता निर्माण और रोड कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देना जरूरी है. सिर्फ कृषि के आधार पर रोजगार नहीं दे सकते. (जारी…)

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झारखंड में आदिवासी-गैर आदिवासी की भावना ज्यादा

अध्यक्षीय संबोधन में पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि आज की दुनिया काफी बदल चुकी है. झारखंड में आदिवासी-गैर आदिवासी की भावना कुछ ज्यादा ही है, जबकि छत्तीसगढ़ में झारखंड से छह प्रतिशत अधिक आदिवासी आबादी है, लेकिन वहां ऐसी बात नहीं है. (जारी…)

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बाहरी को गाली देना बंद करें : इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सह कार्यक्रम के संचालनकर्ता बैजनाथ मिश्र ने कहा कि बाहरी को गाली देना बंद करें. कृष्ण की जन्मभूमि का दर्शन जिन मंत्रियों ने किया है, उनमें से एक का किसी एक का नाम बताइये, जो बाहरी है. राजनीति की रेखा खींच कर बात करना ठीक नहीं है. इस मौके पर लेखक श्याम किशोर चौबे, हिमांशु शेखर चौधरी, प्रो रमेश शरण और नीरज नाथ पाठक ने भी अपनी बात रखी.

जब तक नहीं मिलेगा तब तक…’ मनोज जारंगे के फिर बदले सुर

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने रविवार को कहा कि जब तक समुदाय के सदस्यों को महाराष्ट्र सरकार की प्रस्तावित अधिसूचना के तहत लाभ मिलना शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

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उन्होंने यह घोषणा नवी मुंबई में अपने प्रदर्शन को स्थगित करने के एक दिन बाद की है. जरांगे को कुछ वर्गों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. उनका दावा है कि सरकार ने जरांगे को केवल एक मसौदा प्रस्ताव दिया था न कि औपचारिक अधिसूचना. (जारी…)

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सरकार द्वारा उनकी मांगें स्वीकार किए जाने के बाद जरांगे ने मराठा आरक्षण के लिए अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया था. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि जब तक मराठा को आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक समुदाय के सदस्यों को ओबीसी को मिलने वाले सभी लाभ दिए जाएंगे. जालना में जब संवाददाताओं ने उनसे अगले कदम के बारे में पूछा तो जरांगे ने कहा, ”हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि राज्य द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के तहत समुदाय के कम से कम एक व्यक्ति को लाभ नहीं मिलता. (जारी…)

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राज्य सरकार ने मुझे मसौदा दिखाया है और अंतिम अधिसूचना अभी आना बाकी है. हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं.’ जरांगे ने कहा कि वह सोमवार को ऐतिहासिक रायगढ़ किले का दौरा करेंगे और मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा, ”मैं श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ही घर (जालना जिले में) जाऊंगा.’

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बर्थडे पर मुनव्वर फारूकी के सिर सजा जीत का ताज, डोंगरी पहुंची सलमान खान के बिग बॉस की ट्रॉफी

बिग बॉस के तमाम फैंस को जिस पल का इंतजार था, आखिरकार वो पल आ ही गया. बिग बॉस सीजन 17 को अपना विनर मिल गया. मुनव्वर फारूकी ने इस शो की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. सलमान खान के इस शो का सफर 17 कंटेस्टेंट के साथ शुरू हुआ था.

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बीच में वाइल्ड कार्ड के तौर पर भी कुछ सितारे इस शो का हिस्सा बने थे. वहीं सबको पीछे छोड़ते हुए मुनव्वर फारूकी, अंकिता लोखंडे, मन्नारा चोपड़ा, अभिषेक कुमार और अरुण महाशेट्टी ने फाइनल में जगह बनाई और अब मुनव्वर ने इस शो का खिताब अपने नाम कर लिया है. उन्होंने ये जीत अपने बर्थडे के मौके पर हासिल की है. 28 जनवरी को वो 32 साल के हो गए हैं. (जारी…)

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बिग बॉस का ये सीजन 15 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था. 107वें दिन चलने के बाद इस शो को अपना विनर मिला है. 28 जनवरी की शाम 6 बजे से ग्रैंड फिनाले एपिसोड की शुरुआत हुई. उसके बाद शो से बाहर हो चुके कई कंटेस्टेंट भी परफॉर्म करते नजर आए. एक-एक करके टॉप 5 फाइनलिस्ट कंटेस्टेंट में से बाकी चार बाहर हो गए और मुनव्वर ने इस सीजन में जीत हासिल कर ली. सबसे पहले अरुण महाशेट्टी शो से बाहर हुए. उसके बाद अंकिता लोखंडे और फिर मन्नारा चोपड़ा का भी पत्ता साफ हो गया. वहीं फिर अभिषेक और मुनव्वर में मुनव्वर को सबसे ज्यादा वोट मिले, जिसके बाद उन्हें इस सीजन का विजेता घोषित किया गया. (जारी…)

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बिग बॉस की ट्रॉफी और प्राइज मनी

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बिग बॉस जीतने पर मुनव्वर फारूकी को ट्रॉफी तो मिली ही, लेकिन उसके साथ-साथ उन्हें 50 लाख रुपये की कैश प्राइज मनी और एक कार भी दी गई. इस ट्रॉफी की सबसे खास बात ये है कि इसे शो की थीम दिल, दिमाग और दम के बेस्ड पर ही तैयार किया गया है. जीत के साथ ही वो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे और वो हर तरफ छा गए. फैंस की तरफ से उन्हें जमकर मुबारकबाद मिल रही हैं.

बिग बॉस 17 के कंटेस्टेंट

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मुनव्वर फारूकी, अंकिता लोखंडे, मन्नारा चोपड़ा, अभिषेक कुमार और अरुण महाशेट्टी के अलावा इस शो में और जो कंटेस्टेंट शामिल हुए थे उनके नाम- विक्की जैन, ईशा मालवीय, जिग्ना वोरा, नावेद सोले, ऐश्वर्या शर्मा, नील भट्ट, अनुराग डोभाल, सना रईस खान, सोनिया बंसल, खानजादी, सनी आर्या, रिंकू धवन हैं.

नीतीश मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे का फॉर्मूला.
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बिहार में सियासी उथल-पुथल के बीच फिर से एक बार एनडीए की सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.वहीं उनके साथ 8 अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गयी है. इन मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारे और कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चा तेज हो गयी है. सूत्रों के अनुसार मंत्रियों के विभागों से जुड़ी जो बड़ी जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक बिहार में विभाग का बंटवारा पिछली सरकार के फॉर्मूले पर ही हो सकता है. (जारी…)

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जेडीयू और बीजेपी कोटे के मंत्रियों के बीच विभाग जेडीयू और आरजेडी के पिछली सरकार के अनुसार दिए जाने की खबर मिल रही है. महागठबंधन की सरकार में जो विभाग जेडीयू के पास था इसी बार भी उनमें से अधिकांश विभाग जेडीयू के पास रहने की खबर है. आरजेडी कोटे वाले सारे विभागों पर बीजेपी के चेहरे नजर आ सकते हैं.नीतीश कुमार के अलावा डिप्टी सीएम की कुर्सी भाजपा कोटे से जिन दो चेहरों को मिली है उनमें सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा शामिल हैं. नीतीश कुमार एक बार फिर से गृह विभाग अपने पास ही रखेंगे. नयी सरकार में सम्राट चौधरी को नगर विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग, विजय सिन्हा को स्वास्थ्य और ग्रामीण कार्य विभाग मिल सकता है. (जारी…)

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विजय चौधरी को संसदीय कार्य और वित्त विभाग, श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास कार्य विभाग, प्रेम कुमार को कृषि विभाग, विजेंद्र यादव को ऊर्जा विभाग सौंपा जा सकता है. इस बार संतोष कुमार सुमन और सुमित सिंह को किसी बड़े विभाग की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है. बिहार में कैबिनेट का विस्तार भी 5 फरवरी के पहले ही कर लिया जाएगा. नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज मेरे साथ 8 अन्य लोगों ने शपथ ली है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा.

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नीतीश कुमार नौंवीं बार बने मुख्यमंत्री, BJP के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा होंगे उपमुख्यमंत्री

बिहार में एक बार फिर पाला बदलते हुए नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. नीतीश कुमार रिकॉर्ड नौंवीं बार मुख्यमंत्री बने हैं. उनके अलावा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं.

आज के इस शपथ ग्रहण में नीतीश के साथ कुल 8 विधायक मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और चिराग पासवान भी शामिल हुए. शपथ से पहले जय श्रीराम के नारे भी लगे.

मुख्यमंत्री और 2 उपमुख्यमंत्री के अलावा सुमित सिंह, श्रवण कुमार, संतोष सुमन, विजय चौधरी और प्रेम कुमार को मंत्री बनाए जाने की संभावना है. इससे पहले नीतीश कुमार ने आज रविवार सुबह राज्यपाल राजेन्द्र वी आर्लेकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया. इस्तीफा दिए जाने को लेकर नीतीश ने कहा, “अपनी पार्टी के लोगों से मिली राय के अनुसार मैंने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.”

सम्राट चौधरी बीजेपी विधायक दल के नेता

दूसरी ओर, बिहार में फिर से बने नए राजनीतिक समीकरण के बाद सम्राट चौधरी को राज्य में बीजेपी विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उपनेता चुना गया. सम्राट चौधरी बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैं. राज्य में फिर से एनडीए की सरकार बनने पर सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.

जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बिहार में बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े ने बताया कि रविवार सुबह हुई विधायक दल की बैठक में बीजेपी विधायकों ने जेडीयू के समर्थन से एनडीए सरकार बनाने के प्रस्ताव पर अपनी रजामंदी दे दी. सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता तो विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया.

“जिनकी ‘मोहब्बत की दुकान’ में नफरत दिखी, उन्हें बिखरना पड़ा”, अनुराग ठाकुर ने इंडिया गठबंधन में पड़ी ‘फूट’ को लेकर राहुल गांधी पर कसा तंज

साल 2024 के आम चुनाव का वक्त जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, विपक्षी गठबंधन इंडिया में ‘टूट’ के गहरे संकट दिखाई दे रहे हैं। इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सीधे राहुल गांधी पर निशाना साधा और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर तीखा तंज किया।

भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने बीते शनिवार को कहा कि इंडिया गठबंधन में बिखराव का सीधा मतलब है कि कांग्रेस अपने सहयोगियों के साथ न्याय करने में विफल रही है।

उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, “जो लोग अपने गठबंधन दलों के साथ न्याय नहीं कर सके, जिनकी ‘मोहब्बत की दुकान’ में अधिक नफरत दिखी, उन्हें बिखरना पड़ा। जो दूसरों को सम्मान नहीं दे सके, वे कैसे न्याय देंगे। देखें आगे क्या होता है।”

दरअसल केंद्रीय मंत्री ठाकुर का यह बयान उन खबरों के संबंध में आया है, जिनमें दावा किया ज रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी जेडीयू को ‘महागठबंधन’ से रिश्ता तोड़कर एक बार फिर पाला बदल सकते हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री भगवंत मान की घोषणा कि वह आगामी लोकसभा चुनावों में अपने राज्यों में कांग्रेस के साथ कोई भी गठबंधन नहीं करेंगे।

बिहार के सियासी उठापटक की बात करें तो बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में राजद के पास 79 विधायक हैं। उसके बाद भाजपा के 78, जदयू के 45, कांग्रेस के 19, सीपीआई (एम-एल) के 12, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के चार और एआईएमआईएम के एक विधायक के साथ एक निर्दलीय विधायक भी है।

मौजूदा घटनाक्रम में जैसा की अटकलों का बाजार गर्म है, अगर नीतीश कुमार पाला बदलते हैं तो यह चौथी बार होगा जब वो ऐसा करेंगे।

नीतीश कुमार पहली बाद साल 2000 में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के ‘जंगल राज’ के खिलाफ अभियान चलाने के बाद पहली बार सीएम बने थे। अब तक वह कुल आठ बार बिहार के सीएम रह चुके हैं।

नीतीश कुमार के साथ आज ये 8 मंत्री भी लेंगे शपथ, सामने आई लिस्ट

नीतीश कुमार नवीं बार बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर एनडीए की सरकार बनाने दावा पेश कर दिया है. बताया जा रहा है कि कुल 128 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा गया है.

आज शाम पांच बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा. इस बीच नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है. बिहार में कुल 9 लोगों के शपथ लेने की संभावना है जिनके संभावित नाम नीचे दिए गए हैं.

बताया जा रहा है कि कुल 9 लोग शपथ लेंगे. इनके संभावित नाम नीचे दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इसमें जदयू के तीन और भाजपा के तीन मंत्री होंगे. वहीं एक निर्दलीय और एक जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के एक मंत्री शपथ ले सकते हैं. संभावित सूची निम्नलिखित है.

नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री)
सम्राट चौधरी (भाजपा)
विजय सिन्हा (भाजपा)
डॉ प्रेम कुमार (भाजपा)
विजय कुमार चौधरी (जेडीयू)
विजेन्द्र प्रसाद यादव (जेडीयू)
श्रवण कुमार (जेडीयू)
संतोष कुमार सुमन (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा)
सुमित कुमार सिंह (निर्दलीय)

बता दें कि नीतीश कुमार ने अपने साथ 128 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है. नीतीश के दावों पर भरोसा जताते हुए राज्यपाल ने उन्हें आज शाम शपथ लेने का न्योता दिया है. नीतीश के साथ जो पार्टियां हैं उनमें सबसे ज्यादा विधायक बीजेपी के पास है. बीजेपी के 78 विधायक हैं. वहीं जेडीयू के पास 45 विधायक हैं.

वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी हम के 4 विधायकों का समर्थन नीतीश कुमार के पास है. इन सबके अलावा एक निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह का भी समर्थन नीतीश कुमार के पास है. इन सबों को मिलाकर संख्या 128 पहुंच जाती है.

खरगे के ‘आया राम-गया राम’ और जयराम के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर जेडीयू ने किया पलटवार
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महागठबंधन के नेता के तौर पर नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद दोनों ही तरफ से आरोप प्रत्यारोप का नया दौर भी शुरु हो गया है।

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कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार को देश में ‘आया राम-गया राम’ का प्रतीक बता दिया तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नीतीश कुमार को गिरगिट तक कहा।

खरगे और जयराम रमेश के बयान पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू के प्रवक्ता एवं राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के कारण ही एनडीए में जाना पड़ा और कांग्रेस का एक धड़ा तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को ही हड़पना चाहता है और गठबंधन में शामिल क्षेत्रीय दलों को समाप्त करना चाहता है।

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नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोलते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और लालू यादव ने यह सूचना उन्हें पहले ही दे दी थी जो आज सच हो गया। खरगे ने नीतीश कुमार को देश में ‘आया राम-गया राम’ का प्रतीक बताते हुए यहां तक कह दिया, “देश में ‘आया राम-गया राम’ जैसे कई लोग हैं। पहले वो और हम मिलकर लड़ रहे थे। जब मैंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से बात की तो उन्होंने भी कहा कि नीतीश जा रहे हैं। अगर वह रुकना चाहते तो रुक जाते लेकिन वह जाना चाहते हैं, इसलिए ये बात हमें पहले से ही पता थी, लेकिन इंडिया गठबंधन को बरकरार रखने के लिए हमने कुछ नहीं कहा।”

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वहीं जयराम रमेश ने नीतीश कुमार को गिरगिट बताते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा, “बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इस विश्वासघात के विशेषज्ञ और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को बिहार की जनता माफ़ नहीं करेगी। बिलकुल साफ़ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक ड्रामा रचा गया है।”

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कांग्रेस के दोनों नेताओं — खरगे और जयराम रमेश के बयान पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू के प्रवक्ता एवं राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी ने कांग्रेस को ही इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार को कांग्रेस के कारण ही एनडीए में जाना पड़ा और कांग्रेस का एक भाग तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को ही हड़पना चाहता है।

उन्होंने कहा कि उन्हें अफसोस है कि देश की राजनीति में अछूत हो चुकी कांग्रेस को उन्होंने (जेडीयू ) देश की राजनीति में स्वीकार्यता दिलाई। टीएमसी,आप और सपा सहित सभी पार्टियां गैर भाजपा- गैर कांग्रेस गठबंधन बनाना चाहती थी लेकिन सिर्फ नीतीश कुमार की वजह से ये सभी दल कांग्रेस के साथ आने को तैयार हुए और इंडिया गठबंधन बना।

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त्यागी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का एक धड़ा इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को हड़पना चाहता है और 19 दिसंबर को अशोका होटल में हुई गठबंधन की बैठक में एक साजिश के तहत गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सुझाया गया, जबकि इससे पहले मुंबई की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ था कि यह गठबंधन किसी भी नेता का चेहरा आगे रखे बिना ही काम करेगा।

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जेडीयू नेता ने आगे कहा कि सपा, बसपा, लोकदल, जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी और एनसीपी सहित अन्य गैर कांग्रेसी दल कांग्रेस से ही लड़कर मजबूत हुए हैं और अब कांग्रेस पार्टी इन्ही क्षेत्रीय दलों के नेतृत्व को समाप्त करना चाहती है। इसलिए जानबूझकर कांग्रेस ने टिकट बंटवारे की प्रक्रिया को लंबा खींचने का काम किया।

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बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है’, सियासी घमासान के बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने रखी ये मांग

बिहार में बदलते सियासी घमासान के बीच जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपनी ये मांग रखी है. HAM के नेता श्याम सुंदर ने कहा कि हमारी पार्टी जिस प्रकार से गरीबों की बात करती है और गरीबों के बीच में काम करती है वैसी परिस्थिति में हमें लगता है कि हमारी पार्टी को कम से कम दो मंत्री तो चाहिए.

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अगर पार्टी के पास मंत्री रहेंगे तो हम जनता को बेहतर सेवा दे सकेंगे.

श्याम सुंदर ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं की जो एक आकांक्षा है उसकी पूर्ति होनी चाहिए. हमारे नेता प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं लेकिन हमारी इच्छा है कि पार्टी को कम से कम दो मंत्री मिले. बता दें कि बिहार में सियासी उथल पुथल के बीच जीतन राम मांझी के आवास के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में लिखा है, ‘बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है.’

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जहां प्रधानमंत्री मोदी वहां हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा

बता दें कि बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के आवास पर पार्टी की बैठक के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जैसे हमलोग एनडीए में थे और एनडीए में हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA गठबंधन का जो फैसला होगा, उसके साथ हम मजबूती से खड़े रहेंगे. बिहार में चल रहे सियासी घमासान में जीतन राम मांझी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

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मांझी की पार्टी के पास 4 विधायक

बता दें कि जीतन राम मांझी की पार्टी के पास चार विधायक हैं. अगर ये विधायक आरजेडी के पाले में चले जाते है, तो महागठबंधन 118 सीटों का आकंड़ा छू लेगा. इसमें आरजेडी के 79, कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक भी शामिल हैं. वहीं अगर ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक और एक निर्दलीय विधायक भी लालू-राहुल के साथ आ जाते हैं तो ये आंकड़ा 120 तक पहुंच जाएगा. हालांकि सरकार बनाने के लिए दो और विधायकों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा 122 है.

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पद से दिया इस्तीफा

बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार ने राज्यपाल राजेंद्र वी आर्लेकर को इस्तीफा सौंपा.

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नीतीश कुमार ने पाला बदलने की पूरी रणनीति बना ली है. कुछ देर में बीजेपी, हम और जेदीयू की संयुक्‍त बैठक होने वाली है. नीतीश कुमार को बीजेपी और हम विधायक समर्थन पत्र सौंपेंगे. इसके बाद नीतीश कुमार, एक बार फिर मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे. नीतीश के साथ उनके नए सहयोगी भी शपथ ग्रहण कर सकते हैं. राजभवन अधिकारी ने बताया कि बिहार के राज्यपाल ने नीतीश कुमार का इस्तीफा स्वीकार किया, नयी सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है.

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नीतीश कुमार ने आज बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ दो साल का रिश्ता खत्म हो गया. नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में लौट रहे हैं, जिसने पहले ही जद (यू) नेता के लिए समर्थन पत्र एकत्र कर लिया है. सुनने में यह भी आ रहा है कि भाजपा और जदयू ने तीन महीने के भीतर होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया है.

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नीतीश कुमार ने 2022 में बीजेपी से नाता तोड़कर और लालू यादव की राजद, कांग्रेस और वाम दलों के साथ ‘महागठबंधन’ में सरकार बनाई. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद वर्तमान में 79 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन राजद भी बहुमत के आंकड़े- 122 से 43 सीटें पीछे है. 78 विधायकों की संख्या के साथ भाजपा विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है.

बिहार विधानसभा सीटों का गणित

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राजद- 79 विधायक
बीजेपी- 78 विधायक
जद(यू)-45
कांग्रेस – 19
सीपीआई (एम-एल) – 12
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) – 4
सीपीआई-2
सीपीआई (एम) – 2
एआईएमआईएम – 1
निर्दलीय विधायक- 1

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नीतीश कुमार के जाने पर अब ‘महागठबंधन’ का क्या होगा?

जद (यू) सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग हो गया है, तो उसके पास बहुमत के आंकड़े से आठ विधायक कम हो गए हैं. राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हालांकि, संकेत दिया है कि वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन से गठबंधन के पास 114 विधायक होंगे – जो बहुमत से आठ कम है.

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