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एक नई सोच, एक नई धारा

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आयोजक अरब सागर के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को मिले रैंप वॉक और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के टिप्स; अतिथियों ने बांटे सर्टिफिकेट

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 9 अगस्त 2026

​A.S Creations के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय विशेष मॉडलिंग वर्कशॉप का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। WorkShop का आयोजन संस्था के निर्देशक अरब सागर के कुशल मार्गदर्शन में किया गया, जहां शहर की उभरती प्रतिभाओं को फैशन इंडस्ट्री के आधुनिक मानकों के अनुरूप निखारा गया।IMG 20260809 WA0005

​रैंप वॉक और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का मिला प्रशिक्षण

​कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, बॉडी लैंग्वेज और फैशन इंडस्ट्री से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों का गहन व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। निर्देशक अरब सागर ने युवाओं को ग्रूमिंग और स्टेज प्रेजेंस के संदर्भ में विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया।b 1

​मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

​समापन समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता सिमरन भाटिया एवं समाजसेवी सावन मुखी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। अतिथियों ने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) सौंपकर उनका उत्साहवर्धन किया।a 2

​सपनों को साकार करने का दिया संदेश

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी सावन मुखी ने युवाओं से सीधा संवाद किया और उन्हें कड़ी मेहनत व लगन के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। अतिथियों ने स्थानीय युवा प्रतिभाओं को सही दिशा और बेहतर मंच प्रदान करने के लिए आयोजक अरब सागर के इस प्रयास की सराहना की तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: गोविंदपुर में अनियंत्रित स्कूल बस ने बच्ची को कुचला, मौके पर मौत; पिता-पुत्र समेत 3 घायल

तीसरी धारा न्यूज़ | 8 अगस्त 2026 | जमशेदपुर

​जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित अन्ना चौक के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एसडी पब्लिक स्कूल (SD Public School) की एक तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से छह वर्षीय बच्ची आरोही कुमारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना में बच्ची के पिता रेशु कुमार, 11 वर्षीय भाई रेहान और कार वाशिंग सेंटर का एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।0429affb896a75855430cfb7b492726d74acff729872b94d038f4aa52f063cbe.0

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल बस का चालक अत्यधिक नशे में धुत था और बेहद तेज गति में वाहन चला रहा था। अन्ना चौक के पास एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को ओवरटेक करने के प्रयास में बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे कार वाशिंग कराने आए पिता, उनके दो बच्चों तथा वाशिंग सेंटर के एक कर्मचारी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बच्ची का सिर कुचल जाने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसके भाई रेहान के पेट पर पहिया चढ़ जाने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना में वाशिंग सेंटर कर्मी का पैर भी टूट गया है।5faa3a832aad44b18d32e84c5f62a0a4e9143c809ee5e4bfcd7a543ecbb31b99.0b 1

​हादसे के बाद चालक बस समेत मौके से भागने लगा। हालांकि, वाशिंग सेंटर के कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने पीछा कर बिरसानगर स्थित बीएड कॉलेज के पास दबाव बनाकर उसे पकड़ लिया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों की मदद से सभी घायलों को टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।a 2

​घटना के बाद लोगों का हंगामा, सड़क जाम

​दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही अन्ना चौक पर भारी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। नशेड़ी बस चालक की लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है और आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

​तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर पहुंचे आजसू प्रमुख सुदेश महतो: सिदगोड़ा में दो दिवसीय राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन का हुआ आगाज

तीसरी धारा न्यूज | 07 अगस्त 2026, जमशेदपुर

​जमशेदपुर: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो शुक्रवार को दो दिवसीय राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन में शिरकत करने के लिए रांची से सड़क मार्ग द्वारा जमशेदपुर पहुंचे। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया और उनके आगमन को लेकर पूरे शहर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।n72242805117860996317187fa0473de3dd63d1f4eb83999a0c053d176235021d59139b2ef1cfdbd0ae871c

​बिरसा मुंडा टाउन हॉल में युवा शक्ति का समागम

​आजसू पार्टी के इस दो दिवसीय राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन की शुरुआत शुक्रवार को सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में हुई। सुबह 11 बजे आयोजित अधिवेशन के पहले सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सुदेश महतो शामिल हुए। उनके साथ मंच पर आजसू पार्टी के सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कई केंद्रीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।b 1

​अधिवेशन में झारखंड के कोने-कोने से हजारों युवा कार्यकर्ता पहुंचे हैं। सम्मेलन के दौरान युवाओं के अधिकार, राज्य में संगठन की मजबूती, रोजगार और झारखंड के ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। साथ ही आने वाले चुनावों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर आगामी रणनीति पर भी मंथन किया जा रहा है।

​झंडे-बैनरों से पटा शहर, प्रतिनिधियों के लिए पुख्ता इंतजाम

​कार्यक्रम को लेकर सिदगोड़ा और कदमा क्षेत्र को आजसू के झंडों, होर्डिंग्स और बैनरों से पाट दिया गया है। बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने, भोजन, पंजीकरण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पार्टी स्तर पर अलग-अलग विशेष कमेटियों का गठन किया गया है ताकि किसी भी कार्यकर्ता को असुविधा न हो।a 2

​शनिवार को अमर शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि और विशाल खुला सम्मेलन

​अधिवेशन के दूसरे दिन, यानी शनिवार को कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उलियान (कदमा) स्थित अमर शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल से होगी। यहां सुदेश महतो सहित तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात कदमा में एक विशाल खुले सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राज्य भर से जुटा युवा जनसैलाब शामिल होगा।

​तीसरी धारा न्यूज

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NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से बड़ा खुलासा: NTA के ही एक्सपर्ट्स ने कराया था पेपर लीक, लाखों में हुई थी डील

तीसरी धारा न्यूज | 07 अगस्त 2026, जमशेदपुर

​नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में हड़कंप मच गया है। CBI ने अपनी जांच में सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया है कि प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) ने ही बाहर निकाला था। इस पूरे खेल के लिए लाखों रुपये की डील की गई थी।n722438295178609928089668d7b70b5eadf786c3f5be5f70eb91038c39d103f2370478335869b81cc7a6ec

​कैश में लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य

​जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने भुगतान के डिजिटल रिकॉर्ड छिपाने के लिए ज्यादातर लेन-देन नकद (कैश) में किया था। CBI को जांच के दौरान डॉ. शिरुरे के परिवार से 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन भुगतान के डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं। फोरेंसिक जांच, डिजिटल डेटा और कागजी सबूतों के जरिए CBI ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।b 1

​गोपनीय विंग में CCTV की खामी और डिलीट हुआ बैकअप

  1. ​जांच में सामने आया कि NTA कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित गोपनीय विंग में लाइव CCTV निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। NTA के CCTV सिस्टम में केवल 20-25 दिनों का ही बैकअप रहता था। NEET-UG 2026 से जुड़ा गोपनीय कार्य 7 अप्रैल 2026 को ही पूरा हो चुका था, जबकि CBI ने मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया। समयावधि बीत जाने के कारण घटना के समय की CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं हो सकी।a 2

​अस्पताल में याद कराए गए प्रश्न, जयपुर से छपे पर्चे

​CBI के मुताबिक, तीन अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों ने दिल्ली स्थित NTA कार्यालय से प्रश्नपत्र निकाले:

  • ​अस्पताल में क्लास: आरोपी पी.वी. कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और डॉ. मनोज शिरुरे ने अभ्यर्थियों को अस्पताल बुलाकर परीक्षा से पहले पूरा प्रश्न बैंक रटवाया।
  • ​फिजिक्स का पेपर लीक: फिजिक्स के प्रश्न तेजस शाह को दिए गए, जिन्होंने उनकी फोटो खींचकर लातूर स्थित RCC तक पहुंचाई।
  • ​राजस्थान तक नेटवर्क: प्रश्नपत्र महाराष्ट्र से हरियाणा और फिर राजस्थान पहुंचा। जयपुर में इसकी प्रिंट कॉपी निकालकर छात्रों और प्राइवेट ट्यूटर्स में बांटी गई।
  • ​फॉरेंसिक मिलान: CFSL और GEQD की जांच में बरामद नोटबुक के प्रश्न-उत्तर असली NEET-UG प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खा गए।

​जांच एजेंसी ने बताया कि एक आरोपी ने कागज की पर्चियों पर प्रश्न लिखकर छिपाए थे, वहीं अन्य आरोपियों ने होटल लौटकर NCERT की किताबों में संबंधित उत्तरों को चिन्हित किया था।

​दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को CBI द्वारा दाखिल इस चार्जशीट पर संज्ञान लेगी।

​तीसरी धारा न्यूज

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चार दशकों बाद ‘बोफोर्स विवाद’ का कानूनी अंत: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अंतिम याचिका, इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ मामला

तीसरी धारा न्यूज

7 अगस्त 2026, नई दिल्ली।

​न्यूज डेस्क:

भारतीय राजनीति और न्याय व्यवस्था में करीब चार दशकों तक सबसे चर्चित और विवादित विषयों में से एक रहे ‘बोफोर्स घोटाले’ का आखिरकार पूर्ण रूप से कानूनी अंत हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने वर्ष 2005 के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अंतिम लंबित याचिका को खारिज कर दिया है।file 00000000b970820da0e15cd4e381dc94

​अदालत के इस फैसले के साथ ही हिंदुजा बंधुओं और स्वीडिश हथियार निर्माता कंपनी एबी बोफोर्स (AB Bofors) से जुड़े इस मामले को दोबारा खोलने की तमाम कोशिशों पर पूरी तरह विराम लग गया है। शीर्ष अदालत की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए इतने लंबे अंतराल के बाद मामले में आगे की सुनवाई की औचित्यहीनता पर सवाल उठाया। इस निर्णय के साथ ही बोफोर्स केस की फाइल हमेशा के लिए बंद होकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है।b 1

​क्या था बोफोर्स समझौता और विवाद?

​बोफोर्स विवाद की नींव 24 मार्च 1986 को रखी गई थी, जब तत्कालीन भारत सरकार ने स्वीडन की कंपनी एबी बोफोर्स के साथ 155 एमएम की 400 हॉवित्जर तोपों की खरीद के लिए लगभग 1,437 करोड़ रुपये का करार किया था।

​हालांकि, इसके अगले ही वर्ष 1987 में स्वीडिश रेडियो की एक रिपोर्ट ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस रक्षा सौदे को हासिल करने के लिए कंपनी ने भारत के शीर्ष राजनीतिज्ञों और रक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को करीब 64 करोड़ रुपये की अवैध दलाली (रिश्वत) दी थी।

​जिसने हिला दी थी राजीव गांधी सरकार की नींव

​स्वीडिश रेडियो के खुलासे के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी सरकार सीधे तौर पर विपक्ष के निशाने पर आ गई। इस राजनीतिक घमासान के बीच तत्कालीन रक्षा मंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वीपी सिंह) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।a 2

​बोफोर्स के मुद्दे ने 1989 के आम चुनावों में केंद्रीय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी और वीपी सिंह देश के प्रधानमंत्री बने। यद्यपि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित कई प्रमुख हस्तियों पर आरोप लगे, लेकिन जांच एजेंसियां अदालत में इन आरोपों को साबित करने वाले पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकीं।

​2005 में ही हाईकोर्ट से मिली थी राहत

​मामले की जांच सीबीआई ने जनवरी 1990 में प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की थी। लगभग एक दशक की लंबी जांच के बाद 1999 में चार्जशीट दाखिल की गई। हालांकि, 31 मई 2005 को दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं और बोफोर्स कंपनी के खिलाफ जारी सभी आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि अभियोजन पक्ष के पास आरोपों को सिद्ध करने के लिए कोई ठोस आधार या सबूत मौजूद नहीं है।

​सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और अंतिम निर्णय

​दिल्ली हाईकोर्ट के 2005 के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने भी 2018 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने 4,522 दिनों की अत्यधिक देरी का पर्याप्त कारण न होने के आधार पर अपील को खारिज कर दिया था।

​अब, सीबीआई और अन्य पक्षों की ओर से केस को दोबारा पुनर्जीवित करने की अंतिम कानूनी कोशिश भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई है। चार दशकों तक देश की राजनीति, रक्षा सौदों की पारदर्शिता और सत्ता की जवाबदेही पर बहस का केंद्र रहा यह मामला अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है।

​तीसरी धारा न्यूज

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सुंदरनगर में DLSA का विशेष जागरूकता अभियान: हेल्पलाइन नंबरों और मुफ्त कानूनी सहायता की दी गई जानकारी

तीसरी धारा न्यूज

7 अगस्त 2026, जमशेदपुर।

​जमशेदपुर (ब्यूरो):

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), जमशेदपुर द्वारा सुंदरनगर क्षेत्र में मोबाइल वैन के माध्यम से एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान आम लोगों और स्कूली बच्चों को नालसा (NALSA) की निःशुल्क कानूनी सलाह एवं परामर्श योजनाओं के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में काम आने वाले विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई।2023122111 300x255 1

​डीएलएसए, जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के दिशा-निर्देशन में यह जागरूकता कार्यक्रम सुंदरनगर स्थित मध्य विद्यालय, जयपाल सिंह मुंडा इंस्टीट्यूट ऑफ एडुकेशन (इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल) तथा करनडीह में आयोजित किया गया।

​बांटे गए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर

​कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को संकट के समय तुरंत मदद पाने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर साझा किए:b 1

  • ​निःशुल्क कानूनी सहायता एवं परामर्श (NALSA): 15100
  • ​चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline): 1098
  • ​पुलिस आपातकालीन सेवा: 100 / 112
  • ​महिला उत्पीड़न/हिंसा हेल्पलाइन: 181
  • ​साइबर क्राइम सेल: 1930
  • ​एल्डर हेल्पलाइन (वरिष्ठ नागरिकों के लिए): 14567

​कानूनी अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

​इस जागरूकता अभियान में लीगल एड डिफेंस कौंसिल की सदस्य रंजना पांडेय, पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर) सह अधिकार मित्र दिलीप जायसवाल, सुनील पांडेय एवं अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वक्ताओं ने उपस्थित छात्रों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी जानकारी के अभाव में कई बार लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। डीएलएसए का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाना है।a 2

​अभियान के दौरान पम्फलेट बांटकर लोगों को बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की गई।

​तीसरी धारा न्यूज

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इनकमिंग कॉल्स (Incoming Calls) एसएमएस (SMS) इमरजेंसी कॉल्स (Emergency SOS) यानी सुरक्षा से जुड़ी ये जरूरी सेवाएं हर हाल में चालू रहेंगी. रिकवरी एजेंटों पर नकेल और प्राइवेसी की सुरक्षा RBI ने साफ निर्देश दिया है कि बैंक रिकवरी एजेंटों को ग्राहकों या गारंटरों की उतनी ही पर्सनल डिटेल्स देंगे, जितनी रिकवरी के लिए बहुत जरूरी हो. बेवजह डेटा शेयरिंग पर रोक लगा दी गई है ताकि आपकी प्राइवेसी सुरक्षित रहे. इसके अलावा, डिवाइस लॉक करने के लिए जिस भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होगा, उसका डिवाइस बनाने वाली कंपनी (OEM) या ऑपरेटिंग सिस्टम से सर्टिफाइड होना अनिवार्य होगा. मई 2026 में आए ड्राफ्ट के बाद अब RBI ने फाइनल नियम जारी कर दिए हैं. 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन नियमों का मकसद रिकवरी प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाना है. अब कोई भी बैंक या एजेंट टेक्नोलॉजी का गलत फायदा उठाकर ग्राहकों पर दबाव नहीं बना सकेगा.

तीसरी धारा न्यूज

7 अगस्त 2026, जमशेदपुर।

​न्यूज डेस्क:

अगर आपने कभी पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन लिया है और किसी वजह से आपकी EMI मिस हो गई है, तो रिकवरी एजेंटों के कड़े और मनमाने रवैये से आप जरूर वाकिफ होंगे। कई मामलों में तो रिकवरी एजेंट हद पार करते हुए ग्राहकों का पर्सनल मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप तक सॉफ्टवेयर के जरिए लॉक कर देते थे। लेकिन अब लोन डिफॉल्टर्स और आम ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस तरह के हथकंडों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।n7223958541786093759396d78d4a71add2ff470dfb3cd007c013a281f992367cca0e3fd79e751d80f4e73c

​RBI के नए नियमों के अनुसार, सिर्फ लोन न चुका पाने की वजह से कोई भी बैंक या फाइनेंस कंपनी (NBFC) आपका पर्सनल फोन, टैबलेट या लैपटॉप ब्लॉक नहीं कर सकती। रिजर्व बैंक का यह आदेश लोन रिकवरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मानवीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​RBI को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?

​बीते कुछ समय से रिजर्व बैंक को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रिकवरी एजेंट लोन वसूली के लिए गलत रास्ते अपना रहे हैं। इसमें ग्राहकों को डराना-धमकाना, सोशल मीडिया के जरिए मानसिक दबाव बनाना, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना और रिमोट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डिजिटल डिवाइसेज को लॉक कर देना शामिल था। इन्हीं गंभीर शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए RBI ने लोन रिकवरी गाइडलाइंस को संशोधित किया है। यह नई नियमावली 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।b 1

​किन लोन पर लागू होगा यह नियम?

​अगर किसी व्यक्ति ने सामान्य पर्सनल लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन या होम लोन लिया है और किसी कारणवश किश्त भरने में असमर्थ है, तो बैंक उसके निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर को लॉक या ब्लॉक करने के लिए किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

​कब और किस स्थिति में लॉक हो सकता है डिवाइस?

​RBI ने इस नियम में एक स्पष्ट अपवाद (Exception) भी रखा है:

  • ​कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन (Consumer Durable Loan): अगर ग्राहक ने उसी विशिष्ट मोबाइल या लैपटॉप को खरीदने के लिए फाइनेंस या लोन लिया है और उसकी EMI नहीं चुका रहा है, तो संबंधित बैंक या फाइनेंस कंपनी उस डिवाइस की सुविधाओं को सीमित कर सकती है।
  • ​चरणबद्ध कार्रवाई: डिवाइस लोन के मामले में भी बैंक एक बार में पूरा फोन बंद नहीं करेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से एक्सेस सीमित करेगा।a 2

​इमरजेंसी कॉल्स और बेसिक सर्विसेज रहेंगी चालू

​डिवाइस लोन डिफॉल्ट के मामले में अगर फोन पर रिस्ट्रिक्शन लगाए भी जाते हैं, तब भी RBI के नियमानुसार निम्नलिखित बेसिक सुविधाएं किसी भी स्थिति में बंद नहीं की जा सकतीं:

  1. ​इनकमिंग कॉल्स (Incoming Calls)
  2. ​जरूरी एसएमएस (SMS)
  3. ​इमरजेंसी कॉल्स (Emergency SOS Services)

​अर्थात, आपातकालीन और सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं हर हाल में एक्टिव रहेंगी ताकि ग्राहक किसी बड़ी विपत्ति में न पड़े।

​डेटा प्राइवेसी और सर्टिफाइड सॉफ्टवेयर अनिवार्य

​RBI ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे रिकवरी एजेंटों के साथ ग्राहकों या गारंटरों की केवल उतनी ही पर्सनल डिटेल्स शेयर करें, जितनी रिकवरी प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी हो। बिना वजह डेटा शेयरिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

​इसके अलावा, डिवाइस लोन मामलों में एक्सेस सीमित करने के लिए जिस भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा, उसका डिवाइस बनाने वाली मूल कंपनी (OEM) या ऑपरेटिंग सिस्टम से आधिकारिक रूप से सर्टिफाइड होना अनिवार्य होगा।

​मई 2026 में जारी किए गए ड्राफ्ट गाइडलाइंस के बाद अब RBI ने यह फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन दिशानिर्देशों से डिजिटल रिकवरी के नाम पर होने वाली मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।

​तीसरी धारा न्यूज

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नीट यूजी पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा खुलासा: NTA के 3 एक्सपर्ट्स ने याद करके लीक किए थे सवाल, 94 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

तीसरी धारा न्यूज | 7 अगस्त 2026 | जमशेदपुर

​नई दिल्ली/जमशेदपुर: देश भर में चर्चित नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच टीम ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई ने अदालत में 94 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें यह विस्तृत ब्योरा दिया गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एक्सपर्ट्स ने बेहद साधारण तरीके से परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक किया था।file 0000000030c08211a7bc0bcd7fd71ae6

​एनटीए के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की भूमिका आई सामने

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, नीट यूजी परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने और मॉडरेशन की प्रक्रिया से जुड़े तीन मुख्य विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। इन मुख्य आरोपियों में:

  1. ​पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री एक्सपर्ट)
  2. ​मनीषा मंधारे (बॉटनी एक्सपर्ट)
  3. ​मनीषा हवलदार (फिजिक्स एक्सपर्ट)

​मामले की जांच के तहत गिरफ्तार किए गए कुल 13 आरोपियों में ये तीनों विशेषज्ञ भी शामिल हैं।b 1

​याद करके पर्चियों पर उतारे सवाल, NCERT की किताबों में किए मार्क

चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि प्रश्न पत्र के मॉडरेशन और अनुवाद की प्रक्रिया के दौरान इन विशेषज्ञों के पास आधिकारिक पहुंच थी। इसका फायदा उठाते हुए तीनों एक्सपर्ट्स रोज आसान और महत्वपूर्ण सवालों को याद कर लेते थे। रात में जब वे अपने कमरों में लौटते, तो याद किए गए सवालों को कागज की पर्चियों पर लिख लेते थे।

​इसके बाद, उन्होंने NCERT की संबंधित किताबों के अध्यायों और पैराग्राफों पर निशान लगाए। फिर कोचिंग नेटवर्क और अपने भरोसेमंद बिचौलियों के माध्यम से परीक्षा की तारीख से पहले ही इन प्रश्नों को छात्रों तक पहुंचा दिया गया।a 2

​इस मामले में पहले भी बड़े पैमाने पर छात्रों का प्रदर्शन हुआ था और पुनरपरीक्षा (Re-exam) आयोजित की गई थी। अब सीबीआई द्वारा दाखिल इस 94 पन्नों की चार्जशीट ने परीक्षा प्रणाली और एनटीए की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​— तीसरी धारा न्यूज

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AC ट्रेनों में RAC यात्रियों को मिलेगा पूरा बेडरोल किट, रेलवे बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश

तीसरी धारा न्यूज | 6 अगस्त 2026, जमशेदपुर

​भारतीय रेलवे ने AC कोचों में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि RAC टिकट धारकों को भी कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की तरह चादर, कंबल, तकिया और तौलिया समेत पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराया जाए।n7223246211786017717884b190d20aa82276803206be26525d3d42b364e86127483b061c35009d360a5252

​4 अगस्त को सभी जोनल रेलवे को भेजा गया पत्र

4 अगस्त 2026 को रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को जारी किए गए पत्र में निर्देश दिया गया है कि AC चेयर कार को छोड़कर सभी AC श्रेणियों (1AC, 2AC, 3AC और 3-इकोनॉमी) में यात्रा कर रहे प्रत्येक RAC यात्री को बेडरोल किट देना अनिवार्य है।b 1

​रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि AC श्रेणियों के किराए में बेडरोल का शुल्क पहले से ही शामिल रहता है, इसलिए RAC यात्रियों को इस सुविधा से वंचित रखना नियमों के खिलाफ है। बोर्ड को विभिन्न माध्यमों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि ट्रेन में RAC यात्रियों को या तो बेडरोल दिया ही नहीं जा रहा है या फिर अधूरा सामान दिया जा रहा है। इन्हीं शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

​2009 के सर्कुलर का दिया गया हवाला

रेलवे बोर्ड ने अपने निर्देश में 23 सितंबर 2009 को जारी कमर्शियल सर्कुलर संख्या 50/2009 का हवाला देते हुए याद दिलाया कि यह नियम वर्षों से लागू है। बोर्ड ने कहा कि AC कोच में सफर करने वाले हर RAC यात्री को कन्फर्म यात्री की तरह ही समान सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाएं।a 2

​जानें किस कोच में कितने RAC यात्री होते हैं समायोजित

साल 2016 में रेल मंत्रालय द्वारा बढ़ाए गए कोटे के अनुसार, ट्रेनों के विभिन्न कोचों में RAC सीटों का आवंटन इस प्रकार होता है:

  • ​थर्ड एसी (3AC): 4 साइड लोअर बर्थ के जरिए कुल 8 RAC यात्री।
  • ​सेकेंड एसी (2AC): 3 साइड लोअर बर्थ के जरिए कुल 6 RAC यात्री।
  • ​स्लीपर क्लास: 7 साइड लोअर बर्थ के जरिए कुल 14 RAC यात्री।

​कैंसर मरीजों के लिए इमरजेंसी कोटा की सुविधा बरकरार

दूसरी ओर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में जानकारी दी कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, विशेषकर कैंसर रोगियों को इलाज के लिए तत्काल यात्रा हेतु इमरजेंसी कोटा (EQ) उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उन्हें यात्रा के लिए कन्फर्म टिकट आसानी से मिल सके।

​तीसरी धारा न्यूज

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लातेहार: मनिका प्रखंड का पंचायत सचिव 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई से मचा हड़कंप

तीसरी धारा न्यूज

6 अगस्त 2026, लातेहार

​झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती दिख रही है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने लातेहार जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनिका प्रखंड अंतर्गत बड़काडीह पंचायत के पंचायत सचिव नागेश्वर रजक को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।IMG 20260806 165459

​योजना के काम के बदले मांगी थी घूस

​जानकारी के अनुसार, बड़काडीह पंचायत में जारी एक विकास योजना से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बदले पंचायत सचिव नागेश्वर रजक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत एसीबी (ACB) से की गई थी।b 1

​जाल बिछाकर ACB ने किया ट्रैप

​शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर टीम ने पंचायत सचिव को पकड़ने के लिए रणनीतिक रूप से ट्रैप बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि के अनुसार ₹10,000 आरोपी सचिव को सौंपे, पास में ही मुस्तैद ACB की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ धर दबोचा।a 2

​आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

​गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी पंचायत सचिव को अपने साथ ले गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ की जा रही है।

​एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई से मनिका प्रखंड सह अंचल कार्यालय और आसपास के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

​तीसरी धारा न्यूज

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