रेलवे ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक (Divisional Railway Manager) पर बड़ा एक्शन लिया है. DRM को पद से हटा दिया गया है. बताया जा रहा है कि हाल ही में जसीडीह झाझा के बीच मालगाड़ी पटरी से उतर गयी थी.
इसके कई कोच ब्रिज से नीचे गिए गए थे. रेलवे बोर्ड ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे. रेलवे ने इतने बड़े लेवल पर लिए एक्शन से ये स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
रेल मंत्रालय के जारी आदेश में पूर्व रेलवे के आसनसोल डिवीजन की DRM विनीता श्रीवास्तव को पद से हटा दिया गया है. बोर्ड के रविन्द्र पाण्डेय द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि विनीता श्रीवास्तव पश्चिमी मध्य रेलवे के वापस कैडेर में भेजा जा रहा है. उनकी जगह सुधीर कुमार शर्मा को DRM कार्यभार सौंपा गया है. रेल मंत्रालय के आदेश में बताया गया कि तत्काल दोनों अधिकारी इस आदेश पर अमल करें.
अगस्त 2025 में संभाला था कार्यभार
अगस्त 2025 में DRM पद के लिए पहले जयंत कुमार के नाम का पत्र जारी हुआ था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था. इसके बाद विनीता श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी दी गई थी. अब महज पांच महीने के भीतर उनके तबादले को रेल दुर्घटना की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, हादसे की जांच और सुरक्षा मानकों में ढिलाई को लेकर रेलवे बोर्ड बेहद गंभीर है, और यह प्रशासनिक फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम है.
27 दिसंबर की रात जमुई में हुआ था रेल हादसा
बिहार के जमुई जिले में 27 दिसंबर की देर रात बड़ा रेल हादसा हुआ था. जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बधुआ (बरुआ) नदी के पुल (पुल संख्या 676) पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इसमें 8 से 19 डिब्बे पटरी से उतरे, जिनमें से 3 से 10 डिब्बे पुल से नीचे नदी में गिर गए. कई डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए और ट्रैक बिखर गए. इसके बाद ट्रैक सुधार के बाद 30-31 दिसंबर तक यातायात बहाल होने लगा. बताया जाता है कि इस हादसे से हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी.
झारखंड सरकार ने राज्य में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली (पेसा कानून-2025) लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही झारखंड में ग्राम सभाओं के पास असीमित अधिकार आ गए हैं।
राजस्व ग्राम की भूमिका के साथ-साथ गांवों में हर तरह के विवादों का निपटारा अब ग्राम सभा में होगा। इस एक्ट में ग्रामसभाओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में उल्लेख किया गया है प्रत्येक जिले के उपायुक्त की जिम्मेदारी होगी कि वे पारंपरिक ग्राम, ग्राम सभाओं और उनकी सीमाओं की मान्यता का प्रकाशन करें। सामान्यत: प्रत्येक पारंपरिक ग्राम सभा, राजस्व ग्राम के समान होगी। प्रत्येक गांव की एक ग्राम सभा होगी, जिसका गठन ग्राम सभा निर्वाचक नामावली में निबंधित व्यक्तियों से होगी। उपायुक्त द्वारा प्रखंड स्तर पर एक टीम का गठन किया जाएगा। जो पारंपरिक ग्राम सभा के प्रधान और सदस्यों के साथ मिलकर पारंपरिक ग्राम सभा की सीमाओं की पहचान और उसका अभिलेखन करेगी। उक्त टीम पारंपरिक ग्राम सभा क्षेत्रों की सीमाओं की अधिसूचना के लिए एक प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसमें ग्राम सभा अंतर्गत आने वाली टोलास्तरीय ग्राम सभाओं का विवरण शामिल होगा। उपायुक्त इसे एक माह के लिए सार्वजनिक कर आपत्ति मांगेंगे। आपत्ति निराकरण के बाद तीन माह के भीतर सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग द्वारा जारी उक्त अधिसूचना में पेसा कानून को लेकर विभिन्न प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है। इस अधिसूचना में पारंपरिक ग्राम सभा से लेकर उच्चतर स्तर की सभा, ग्राम सभी की बैठक, बैठक की तारीख व समय, ग्राम सभा अध्यक्ष एवं सहायक सचिव के कर्तव्य, ग्राम सभा की बैठक का संचालन और निर्णय की प्रक्रिया, ग्राम सभा कोष, सामुदायिक संसाधनों का प्रबंधन, परंपराओं संरक्षण एवं विवादों का निपटारा, पुलिस की भूमिका, ग्राम सभा के द्वारा दंड, निर्णय पर अपीलीय अधिकार, विकास योजना का प्रस्ताव एवं अनुमोदन, ग्राम सभा द्वारा सामाजिक अंकेक्षण, भू अर्जन एवं पुनर्स्थापन, लघु जल निकायों का प्रबंधन, लघु खनिज, मादक द्रव्यों का नियंत्रण, लघु वनोपज, संक्रमित भूमि का प्रत्यावर्तन, बाजारों का प्रबंधन, उधार पर नियंत्रण आदि का जिक्र प्रमुखता सेकिया गया है।
माह में एक बार होगी बैठक
प्रत्येक ग्राम सभा की बैठक माह में कम से कम एक बार होगी। यह बैठक सभा के सदस्यों की कुल संख्या के 1/10 सदस्यों अथवा 50 सदस्यों, जो भी कम हो, उसके लिखित या ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद या उपायुक्त द्वारा अपेक्षा किए जाने के सात दिनों के अंदर होगी। बैठक और कार्यवाही सार्वजनिक रूप से आयोजित की जाएगी। बैठकों की तारीख, समय तथा स्थान पारंपरिक रूप से ग्राम सभी की अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान या उसके द्वारा नामित व्यक्ति द्वारा किया जाएगा। बैठक की कार्यवाही के संचालन की शक्ति ग्राम प्रधान के पास होगी। बैठकों का संचालन अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसे अध्यक्ष के नाम से संबोधित किया जाएगा। ग्राम पंचायत का कार्यालय ही ग्राम सभा का कार्यालय होगा। बैठक के समस्त विषय पर निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाएंगे। ग्राम सभा अलग-अलग योजनाओं की निगरानी करेगी, कार्य की गुणवत्ता, खर्च और मस्टर रोल की जांच करेगी तथा प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी।
बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
और बाहर ले जाए जाने वाले श्रमिकों की पूरी जानकारी ग्राम सभा को देनी होगी। लाभार्थियों की पहचान का अधिकार ग्राम सभा को दिया गया है। पात्रता मानदंडों के अनुसार पारदर्शी और सर्वसम्मत चयन होगा तथा प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाएगी। आपात स्थिति में प्राथमिकता बदलने का प्रावधान भी रखा गया है। सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकान आदि की निगरानी से संबंधित है। ग्राम सभा नियमित समीक्षा, सामाजिक अंकेक्षण और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश जारी कर सकेगी।
क्या मिला अधिकार
● बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध, बाहर ले जाने वाले श्रमिकों की जानकारी देनी होगी
● ग्राम सभा की सहमति के बिना शराब निर्माण, भंडारण और विक्रय नहीं
● पुलिस द्वारा यथाशीघ्र गिरफ्तारी के संबंध में पूरी जानकारी ग्राम सभा को देनी होगी
● विकास योजनाओं, संसाधनों के उपयोग और सामाजिक संस्थाओं की निगरानी
● ग्राम सभा को लघु वनोपज के स्वामित्व, संग्रहण, उपयोग और विपणन का भी पेसा में अधिकार दिया गया है
● ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और पीडीएस दुकान आदि की निगरानी का अधिकार ग्रामसभा को
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने विभिन्न प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। इस दौरान नागरिकों द्वारा पुश्तैनी जमीन पर अवैध दखल, जमीन विवाद, स्वास्थ्य समस्या, मुख्य सड़क पर पार्किंग, स्कूल फीस में रियायत, चारदिवारी पर आपत्ति समेत अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं और मांगपत्र को रखा ।
उपायुक्त द्वारा सभी नागरिकों की समस्याओं को क्रमवार सुनते हुए प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अग्रसारित कर स्पष्ट निर्देश दिया गया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें । कई आवेदनों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया । उपायुक्त द्वारा सभी विभागीय पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता से करेंगे। विभागीय समीक्षा के क्रम में जनशिकायत में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा नियमित की जा रही है ताकि जनसमस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जा सके।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2023 बैच के पदाधिकारी श्री अर्नव मिश्रा ने धालभूम अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के रूप में आज पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण के पश्चात नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी ने जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने उपायुक्त को अपनी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
शिष्टाचार भेंट के दौरान उपायुक्त द्वारा श्री मिश्रा को उनके नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी गईं एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन, जनहित से जुड़े विषयों के प्रभावी निष्पादन तथा अनुमंडल क्षेत्र में बेहतर विधि-व्यवस्था संधारण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने दो दिवसीय विंटर स्टडी टूर के समापन अवसर पर समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत करते हुए जिले की प्रशासनिक संरचना, औद्योगिक विकास, जनजातीय बहुल क्षेत्र में प्रशासनिक चुनौतियों, नवाचार आधारित शासन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।
उपायुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्तर का प्रशासनिक अनुभव नीति निर्माण की नींव होता है और ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अधिकारियों को जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जमशेदपुर के औद्योगिक मॉडल, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, संसाधन प्रबंधन तथा सामाजिक समावेशन पर भी अपने अनुभव साझा किए। शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी श्री हरिप्रसाथ एम, श्री सुशांत कुमार, सुश्री शिवानी मोहन, श्री सक्षम भाटिया, श्री पाटिल कृष्णा बाबरुवान, सुश्री कुमुद मिश्रा, सुश्री फरखंदा कुरैशी, श्री दिव्यांश मीणा, श्री अभिषेक कुमार सिंह, सुश्री गोवसिका पी.आर. एवं श्री अंकित पांडेय उपस्थित रहे।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने जिले में प्राप्त सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अध्ययन भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को अपने प्रशासनिक प्रशिक्षण में अत्यंत उपयोगी बताया। यह संवादात्मक बैठक प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रही।
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा से समाजसेवी करनदीप सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की।
इस अवसर पर उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर एसडीओ का स्वागत किया और उन्हें नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के दौरान वरिष्ठ नागरिक भवन के सदस्य शिवाजी पांडे भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। करनदीप सिंह ने नए एसडीओ के उज्जवल कार्यकाल की कामना करते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा की। एसडीओ अर्णव मिश्रा ने भी इस शुभकामना के लिए आभार व्यक्त किया।
आदित्यपुर थाना अंतर्गत हरिओम नगर में पत्रकार अंकित शुभम और उनके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना रात करीब 11:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है, जब कथित तौर पर सुभाष यादव के परिवार के सदस्यों ने मारपीट कर पत्रकार और उनके परिजनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
अंकित शुभम के पिता के अनुसार, घटना के दौरान उन्होंने अपने बेटे को बचाने की कई बार कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। आरोप है कि हमलावरों ने चार पहिया वाहन से चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश भी की। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से किसी तरह स्थिति संभली और बड़ी अनहोनी टल गई।
परिजनों का कहना है कि मारपीट के बाद अंकित शुभम से सोने की चेन छीनने का प्रयास किया गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुभाष यादव का घर गली के अंतिम छोर पर है, जहां वाहन खड़े करने को लेकर पहले हल्की बहस हुई थी। इसके बाद आरोप है कि सुभाष यादव ने अपने रिश्तेदार, कथित तौर पर सीआरपीएफ जवान संजीव कुमार को बुलाया और लाठी-डंडों के साथ घर में घुसकर अंकित शुभम के पिता, माता और बहन के साथ मारपीट की गई।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सुभाष यादव पर पहले भी आसपास के लोगों से बदतमीजी करने के आरोप लगते रहे हैं। बताया गया कि रास्ते में वाहन खड़े होने पर वह कई बार मनमाने तरीके से गाड़ियों को पलट देता है, जिससे इलाके में पहले से असंतोष था।
आदित्यपुर थाना पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पार्किंग को लेकर नोकझोंक के बाद मारपीट की बात सामने आई है। अंकित शुभम को गंभीर चोटें आई हैं, खासकर नाक से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। थाना प्रभारी ने कहा कि लिखित आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
घटना की जानकारी जुटाने पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर सुभाष यादव के परिवार के सदस्यों द्वारा बदतमीजी किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। ऑटो और टैंकर की जोरदार भिड़ंत हो गयी। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 5 लोगों की हालत गंभीर है। घटना बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास की है। घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी दुख जताया है। मरने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
पुलिस के मुताबिक बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ ऑटो और तेल टेंकर में भिड़ंत हो गयी। ऑटो बरहड़वा की तरफ जा रहा था, जबकि दूसरी दिशा से तेल टैंकर आ रहा था। टैंकर और आटो में जोरदार टक्कर हो गयी। इस दुर्घटना में 4 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। हादसे का शिकार हुए सभी लोगों को तत्काल अस्पातल ले जाया गया।
इस बीच इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने रांगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतना में तोड़फोड़ भी की। अस्पताल की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालांकि पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। पुलिस शवों को पाेस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया है। हालांकि प्रशासन के साथ पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है।
मृतकों में रांगा थाना क्षेत्र के बड़ा रांगा गांव का 40 वर्षीय समरा साह, घटियारी की 30 वर्षीय रंदनी सोरेन, डाहूजोर की छह वर्षीय शांति हेम्ब्रम और ऑटो चालक बरहड़वा थाना क्षेत्र का बिशनपुर निवासी 34 वर्षीय अमल दत्ता शामिल है। पुलिस के मुताबिक घायलों में डाहूजोर निवासी 8 वर्षीय सगुन हांसदा, 8 साल की नेहा मुर्मू, बड़ा रांगा निवासी 35 वर्षीय भोला साहा, अठगावां निवासी तालामय हेम्ब्रम और आठ वर्षीय बाबूराम शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि सभी घायलों की हालत गंभीर है। सभी यात्री डहुआजोड़ चौक पर उतरने वाले थे लेकिन उससे पूर्व ही हादसा हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने घटना को लेकर कहा कि घटना की सूचना मिलते ही मैंने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन, साहिबगंज को तत्काल रांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजने का निर्देश दिया है, ताकि घायलों को हर संभव और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मौके पर सभी आवश्यक डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी पहुंच चुके हैं और घायलों की जान बचाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा रहा है।
निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खास सहयोगी आटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को रिमांड पर सात दिनों की पूछताछ के बाद एसीबी ने शुक्रवार को पुन: हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में भेज दिया है।
विनय सिंह हजारीबाग में वन भूमि घोटाला केस में गिरफ्तार होने के बाद से ही जेल में बंद है। इस केस में उसकी पत्नी स्निग्धा सिंह अभी फरार हैं, जिसकी तलाश में एसीबी ने बिहार से लेकर दिल्ली तक छापेमारी कर ली है, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका है।
विनय सिंह शराब घोटाला, जमीन घोटला व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित है। रांची स्थित एसीबी मुख्यालय में विनय सिंह से सर्वाधिक प्रश्न आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूछे गए। रिमांड पर की गई पूछताछ से एसीबी संतुष्ट नहीं है।
एसीबी ने पूर्व में जब्त दस्तावेजों के आधार पर विनय सिंह से सवाल पूछे, वित्तीय लेन-देन, करोड़ों की चल-अचल संपत्ति की खरीद आदि से संबंधित मामले में दस्तावेज के आधार पर विनय सिंह से एसीबी ने सवाल-जवाब किया, लेकिन उसने हर प्रश्न पर एक ही जवाब दिया कि उसे कुछ याद नहीं है।
कोविड काल में डोरंडा में खरीदे गए डेढ़ करोड़ रुपये के फ्लैट के मामले में उसने बताया कि पूर्व में व्यवसाय से किए गए बचत के पैसे से उसने फ्लैट खरीदा था। कोविड काल में इसके अतिरिक्त भी कई जगहों पर भारी मात्रा में रुपयों के निवेश की जानकारी एसीबी को मिली है।
एसीबी को शक है कि सभी रुपये निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे से जुड़े काले धन हैं।
रिमांड पर पूछताछ के क्रम में ही कार के शोरूम में भी छापा
विनय सिंह से पूछताछ के क्रम में ही एसीबी ने विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह के नियंत्रण वाले कार के छह शोरूम में भी छापेमारी की। इन शोरूम से एसीबी ने डिजिटल उपकरण, निवेश व आइटीआर से संबंधित कागजात को भी जब्त की है, जिसके आधार पर एसीबी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
एसीबी ने जिन शोरूम में छापेमारी की थी, उनमें रांची में करमटोली चौक के समीप निदान बिल्डिंग स्थित महिंद्रा नेक्सजेन सोल्यूसंस, डिबडिह स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड (टाटा मोटर्स शोरूम), कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड, देवघर के मोहनपुर लोटवावर्न स्थित टाटा मोटर्स शोरूम, मोटोजेन, धनबाद के बरवाड्डा कशियाटर्न स्थित मोटोजेन शोरूम, एचएन मोटर्स शोरूम पंडुकी शामिल थे।
श्रवण जालान ने अब तक नहीं दिया राणी सती डेकोर के आय-व्यय का ब्यौरा
एसीबी ने शुक्रवार को भी टिंबर कारोबारी श्रवण जालान से पूछताछ की। एसीबी ने उससे उसके फर्म श्री राणी सती डेकोर के आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा मांगा था। श्रवण जालान से आयकर रिटर्न से संबंधित कागजात भी मांगा गया था। उसने एसीबी को अब तक उपरोक्त कागजात उपलब्ध नहीं कराया है।
एसीबी ने श्रवण जालान के रिश्तेदार व दुमका के टायर कारोबारी नवीन पटवारी से भी आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा के साथ एसीबी में उपस्थित होने के लिए कहा था। नवीन पटवारी केवल एक ही दिन एसीबी के कार्यालय में आया, उसके बाद अब तक उपरोक्त कागजात के साथ नहीं पहुंचा है।
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 जनवरी को शहर में यातायात व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया गया है। पर्व के दौरान शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जनवरी को सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन पूर्णतः वर्जित रहेगा। हालांकि, यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।