जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद चुनाव की बिसात बिछ चुकी है और प्रत्याशी अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गए हैं। अध्यक्ष पद की सशक्त प्रत्याशी इंदु सिंह ने आज गुरुद्वारा रोड, घोड़ा चौक और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से सीधे संवाद कर अपने विजन को साझा किया।
प्रमुख वादे और प्राथमिकताएं
जनसंपर्क के दौरान इंदु सिंह ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी जीत के बाद जुगसलाई की तस्वीर बदलेगी। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल हैं:
गंदगी मुक्त नगर: जुगसलाई को कचरे और गंदगी से पूरी तरह निजात दिलाना।
बुनियादी ढांचा: सड़क, नाली और नागरिक सुविधाओं का विस्तार।
पेयजल की सुविधा: हर घर तक साफ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना।
जमशेदपुर: शहर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई दुस्साहसिक गोलीबारी की घटना ने अब एक घातक मोड़ ले लिया है। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर अपराधियों की गोली का शिकार हुए कन्हैया यादव की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई है।
अस्पताल में तोड़ा दम
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कन्हैया यादव को जब अस्पताल लाया गया था, तब उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने गहन उपचार (Intensive Treatment) शुरू किया और कई घंटों तक संघर्ष किया। हालांकि, तमाम चिकित्सा प्रयासों के बावजूद बुधवार शाम लगभग 7:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
घटना का घटनाक्रम
यह वारदात गोलमुरी पुलिस स्टेशन के बिल्कुल करीब घटित हुई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों के बुलंद हौसलों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमला: अज्ञात अपराधियों ने सरेराह कन्हैया यादव पर गोलियां बरसाईं।
समय: दिनदहाड़े/शाम के समय हुई इस घटना से बाजार क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी।
दूरी: पुलिस थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर हत्या की इस वारदात से स्थानीय निवासियों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल है।
पुलिस की कार्रवाई
कन्हैया यादव की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। अपराधियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस हत्याकांड के पीछे के कारणों (रंजिश या अन्य विवाद) की गहराई से जांच कर रहे हैं।
प्रमुख अपडेट:
मृतक: कन्हैया यादव
मौत का समय: बुधवार, शाम 7:30 बजे
स्थान: अस्पताल (इलाज के दौरान)
सुरक्षा: गोलमुरी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह के विरोध या तनाव को नियंत्रित किया जा सके।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी 10 पन्नों के नए प्रोटोकॉल के अनुसार, अब आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत का छह अंतरों वाला विस्तारित संस्करण (कुल समय: 3 मिनट 10 सेकंड) बजाया या गाया जाना अनिवार्य होगा।
अब तक केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए ही स्पष्ट प्रोटोकॉल मौजूद थे, लेकिन 28 जनवरी को जारी इस आदेश के बाद अब ‘वंदे मातरम्’ को भी वही औपचारिक गरिमा प्रदान की गई है।
📍 कब और कैसे होगा प्रस्तुतीकरण?
मंत्रालय के आदेशानुसार, राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के नियम तय कर दिए गए हैं:
क्रम: यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों होने हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ होगा और उसके बाद ‘जन गण मन’।
उपस्थिति: राष्ट्रीय गीत बजते समय सभी उपस्थित लोगों को ‘सावधान’ (Attention) की मुद्रा में खड़े होकर सम्मान देना अनिवार्य होगा।
अपवाद: यदि यह गीत किसी न्यूज़रील या डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी ताकि अव्यवस्था न फैले।
📂 तीन श्रेणियों में बांटे गए कार्यक्रम
सरकार ने कार्यक्रमों की प्रकृति के आधार पर नियमों को तीन वर्गों में विभाजित किया है:
श्रेणी 1 (केवल वादन): नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति/राज्यपाल का औपचारिक आगमन-प्रस्थान और परेड के दौरान।
श्रेणी 2 (वादन एवं सामूहिक गायन): ध्वजारोहण समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रम। यहाँ कोयर और साउंड सिस्टम का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
श्रेणी 3 (स्वैच्छिक गायन): स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से इस गीत के साथ की जा सकती है ताकि नई पीढ़ी में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़े।
📜 पृष्ठभूमि और महत्व
बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत को 1950 में राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला था। अब तक इसके केवल पहले दो अंतरों का ही प्रचलन अधिक था, लेकिन नए आदेश के साथ इसके मूल और विस्तारित स्वरूप (6 अंतरों) को आधिकारिक पहचान दी गई है।
विशेष तथ्य: हाल ही में गणतंत्र दिवस परेड का विषय भी ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ रखा गया था, जो इस गीत को जन-जन तक पहुँचाने की सरकार की मुहिम का हिस्सा है।
नई दिल्ली: भारत के डेयरी सेक्टर के सबसे बड़े नामों— अमूल (Amul), मदर डेयरी (Mother Dairy) और कंट्री डिलाइट (Country Delight)—को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वतंत्र लैब Trustified द्वारा किए गए परीक्षणों में इन ब्रांड्स के दूध के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दूध में बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है।
📊 लैब टेस्ट के चौंकाने वाले आंकड़े
परीक्षण में मुख्य रूप से Total Plate Count (TPC) और Coliform बैक्टीरिया की जांच की गई। नतीजे कुछ इस प्रकार रहे:
ब्रांड
प्रोडक्ट
बैक्टीरिया लेवल (पाया गया)
FSSAI मानक (सीमा)
स्थिति
मदर डेयरी
गाय का दूध
2,40,000 CFU/ml
30,000 CFU/ml
8 गुना अधिक
कंट्री डिलाइट
दूध
60,000 CFU/ml
30,000 CFU/ml
2 गुना अधिक
अमूल (Taaza)
दूध
980 CFU/ml (Coliform)
–
मानक से अधिक
अमूल दही में भी भारी गड़बड़ी
रिपोर्ट में केवल दूध ही नहीं, बल्कि अमूल दही पर भी सवाल उठाए गए हैं। जनवरी 2026 की जांच में पाया गया कि अमूल दही में:
Coliform बैक्टीरिया: मानक से 2,100 गुना अधिक।
यीस्ट और मोल्ड: मानक से 60 गुना अधिक।
⚠️ सेहत पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि दूध में बैक्टीरिया का इतना उच्च स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
यह बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की इम्युनिटी पर सीधा प्रहार कर सकता है।
Coliform की मौजूदगी संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का संकेत देती है।
ब्रांड्स और अथॉरिटी का पक्ष
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमूल ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उनके सभी उत्पाद FSSAI के कड़े मानकों का पालन करते हैं। वहीं, सरकारी नियामक संस्था FSSAI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
💡 उपभोक्ताओं के लिए सलाह: > जब तक इस मामले में आधिकारिक सफाई नहीं आ जाती, दूध को हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। पैकेट खरीदते समय उसकी तारीख (Expiry Date) और पैकेजिंग की बारीकी से जांच करें।
रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के बाद अब आठवीं की बोर्ड परीक्षा की तिथियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर शिक्षा विभाग की सहमति से यह निर्णय लिया गया है।
📌 परीक्षा का नया शेड्यूल
अब यह परीक्षा 2 मार्च को दो पालियों (Shifts) में आयोजित की जाएगी:
पहली पाली (09:45 AM – 01:00 PM): हिंदी, अंग्रेजी और अतिरिक्त भाषा।
दूसरी पाली (02:00 PM – 05:15 PM): गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान।
🗓️ जरूरी तारीखें और निर्देश
एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 20 फरवरी से जैक की आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment): स्कूलों को 5 मार्च से 15 मार्च के बीच अंकों की ऑनलाइन एंट्री करने का निर्देश दिया गया है।
सावधानी: जैक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की अन्य सभी शर्तें और नियम पहले की तरह ही रहेंगे।
जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: लौहनगरी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गोलमुरी थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी गई। बाइक सवार अपराधियों ने फल कारोबारी कन्हैया यादव पर हमला कर कई राउंड गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए।
पुलिस की नाक के नीचे हुई इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती: अचानक हुई फायरिंग से मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कन्हैया यादव अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त था, तभी तेज रफ्तार बाइक पर आए अपराधियों ने उसे निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़ी आसानी से फरार होने में सफल रहे।
घायल की स्थिति नाजुक, TMH में भर्ती
स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल कन्हैया यादव को तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कन्हैया को तीन से अधिक गोलियां लगी हैं और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल वे चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं।
कौन है कन्हैया यादव?
निवास: नामदाबस्ती ए-ब्लॉक, रेल लाइन किनारे (हनुमान मंदिर के पास)।
पेशा: परसुडीह मंडी से फल का व्यवसाय संचालित करते हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता (स्व. पहलवान) टिनप्लेट चौक पर फल का ठेला लगाते थे और क्षेत्र में काफी चर्चित थे।
पुलिसिया जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी सुधीर चौधरी और गोलमुरी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
CCTV फुटेज: पुलिस आसपास की दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
छापेमारी: अपराधियों की धरपकड़ के लिए शहर के बाहर निकलने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
जांच का केंद्र: पुलिस पुरानी रंजिश या व्यावसायिक विवाद जैसे पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
गैजेट डेस्क: क्या आप भी सालों से WhatsApp का वही पुराना सिग्नेचर ग्रीन इंटरफेस देखकर ऊब चुके हैं? यदि हाँ, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि मेटा (Meta) आपके चैटिंग एक्सपीरियंस को एक नया और कलरफुल मेकओवर देने जा रहा है। अब WhatsApp का मतलब सिर्फ ‘हरा रंग’ नहीं रह जाएगा।
जल्द ही आपके पास यह आजादी होगी कि आप अपने मूड और पसंद के हिसाब से ऐप का रंग, बटन और यहाँ तक कि उसका आइकन भी बदल सकेंगे।
14 नए अवतारों में दिखेगा WhatsApp आइकन
WABetaInfo की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.6.1 में कस्टमाइजेशन के कुछ धमाकेदार टूल्स देखे गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके आइकन में होने जा रहा है। अब आप होम स्क्रीन पर दिखने वाले हरे आइकन की जगह 14 नए विकल्प चुन सकेंगे:
सिंगल कलर्स: ब्लू, पिंक, ऑरेंज और पर्पल।
स्टाइलिश डिजाइन्स: Aurora, Galaxy और Neon जैसे ट्रेंडी लुक्स।
क्लासिक मोड: जो लोग पुराने WhatsApp को पसंद करते हैं, उनके लिए पुराने डिजाइन का विकल्प भी मौजूद रहेगा।
19 रंगों की थीम और एक्सेंट कलर्स
सिर्फ आइकन ही नहीं, ऐप के अंदर का नजारा भी बिल्कुल बदल जाएगा। WhatsApp यूजर्स को 19 अलग-अलग कलर शेड्स देने की तैयारी में है।
थीम कैटेगरी
संभावित शेड्स
रॉयल लुक्स
रॉयल ब्लू, डार्क ऑलिव ग्रीन
वाइब्रेंट कलर्स
कोरल, टील, पिंक
क्लासिक
ओरिजिनल ग्रीन
इन रंगों की मदद से आप ऐप के अंदर मौजूद बटन, टैब और नोटिफिकेशन बार का रंग बदल सकेंगे। इसके लिए आपको किसी असुरक्षित ‘थर्ड-पार्टी’ ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, यह फीचर खुद WhatsApp के सेटिंग्स में मौजूद होगा।
कब तक मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग मोड में है और केवल कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है। हालांकि, मेटा जिस तेजी से इस पर काम कर रहा है, उम्मीद है कि आगामी कुछ हफ्तों में इसे सभी आम यूजर्स (Global Rollout) के लिए जारी कर दिया जाएगा।
प्रो टिप: जैसे ही यह फीचर रोलआउट होगा, आप WhatsApp की Settings > Chats > Theme में जाकर अपना मनपसंद रंग चुन पाएंगे।
नई दिल्ली/जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: यदि आपका कल यानी 12 फरवरी को बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो उसे आज ही निपटा लें। देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई प्रमुख बैंकों ने कल होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर ग्राहकों को चेतावनी जारी की है।
विभिन्न बैंक यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को काम ठप रखने का फैसला किया है, जिससे देश भर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की पूरी आशंका है।
बैंकों ने जारी की एडवाइजरी: डिजिटल सेवाएं रहेंगी सहारा
SBI ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा है कि बैंक ने हड़ताल के दिन कामकाज सामान्य रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं, लेकिन फिर भी बैंकिंग सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
Bank of Baroda और IDBI: इन बैंकों ने भी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि हड़ताल के कारण शाखाओं और कार्यालयों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
डिजिटल बैंकिंग: बैंकों ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल बैंकिंग, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे नकद निकासी और चेक क्लियरिंग जैसे काम पहले ही पूरे कर लें।
क्यों हो रही है हड़ताल? (मुख्य मांगें)
यह हड़ताल केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे नीतिगत मुद्दे हैं:
नए श्रम कानूनों का विरोध: बैंक यूनियनें सरकार द्वारा लाए गए 4 नए श्रम कोड्स का विरोध कर रही हैं। उनका दावा है कि ये कानून कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और यूनियन बनाने की प्रक्रिया को कठिन बनाते हैं।
5-Day Work Week: लंबे समय से लंबित ‘5 दिन का कार्य सप्ताह’ (शनिवार की छुट्टी) लागू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।
निजीकरण पर रोक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की कोशिशों के खिलाफ यूनियनें एकजुट हैं।
ट्रेड यूनियन एकजुटता: इस हड़ताल को AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश नहीं है, इसलिए शाखाएं तकनीकी रूप से खुली रहेंगी। हालांकि, कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण निम्नलिखित सेवाएं बाधित हो सकती हैं:
खड़गपुर में फिर थमी सांसें: NH-16 पर बस और ट्रक की भीषण टक्कर, 15 यात्री घायल; ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा
खड़गपुर | जिला ब्यूरो
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को सांकुआ अंचल में हुए दर्दनाक बस हादसे की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि मंगलवार दोपहर खड़गपुर-बालेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-16) एक बार फिर खून से लाल हो गया। खड़िगेड़िया इलाके में एक निजी बस और ट्रक के बीच हुई जोरदार टक्कर में 15 यात्री घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा? (घटनाक्रम)
मंगलवार दोपहर मेदिनीपुर सेंट्रल बस स्टैंड से यात्रियों को लेकर ‘रामकृष्ण’ नामक निजी बस (WB-33 C-4572) बेलदा की ओर रवाना हुई थी।
टक्कर का कारण: चश्मदीदों के अनुसार, खड़िगेड़िया मोड़ पर बस चालक ने आगे चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बस अनियंत्रित हो गई और ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
असर: टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में बस चालक के साथ-साथ ट्रक के चालक और खलासी भी घायल हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही खड़गपुर ग्रामीण पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची।
अस्पताल में भर्ती: सभी 15 घायलों को तत्काल खड़गपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया।
रेफरल: गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया गया है।
पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और चालक की लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
यात्रियों का आरोप: “आगे निकलने की होड़ बनी जानलेवा”
बस में सवार यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस अक्सर तेज रफ्तार में रहती है। यात्रियों ने बताया कि चालक लगातार खतरनाक तरीके से ओवरटेक कर रहा था, जिससे मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया।
आदित्यपुर स्टेशन बनेगा ‘वर्ल्ड क्लास’: टाटानगर का बोझ होगा कम; एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और लिफ्ट-एस्केलेटर को मिली हरी झंडी
आदित्यपुर | ब्यूरो रिपोर्ट
एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी आदित्यपुर के निवासियों और यहां काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने के लिए उन्हें टाटानगर स्टेशन की भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मिश्रा के औचक निरीक्षण के बाद आदित्यपुर स्टेशन को एक ‘सैटेलाइट स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की योजना पर मुहर लग गई है।
स्टेशन का कायाकल्प: मिलेगी हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जीएम मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेशन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। इसके तहत स्टेशन पर निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) लगाई जाएंगी।
सुरक्षा व्यवस्था: पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
नया फुट ओवर ब्रिज (FOB): यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक नया और चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है।
शेड और पेयजल: प्लेटफार्मों पर नए शेड और पर्याप्त पेयजल (डीप बोरिंग के माध्यम से) की व्यवस्था की जाएगी।
एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव: टाटानगर पर घटेगा दबाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आदित्यपुर स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की तैयारी पूरी कर ली गई है।
लाभ: इससे आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले लाखों यात्रियों को सुविधा होगी।
ट्रेनों की लिस्ट: जल्द ही उन ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी की जाएगी जो यहाँ रुकेंगी। वर्तमान में स्वर्णरेखा एक्सप्रेस, आसनसोल एक्सप्रेस और हटिया-टाटा मेमू जैसी ट्रेनों को यहाँ से चलाने या ठहराव देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सैटेलाइट हब के रूप में विकास
निरीक्षण के दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के DRM तरुण हुरिया भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर को टाटानगर के ‘सैटेलाइट टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि मुख्य स्टेशन (टाटानगर) पर ट्रेनों और यात्रियों का बढ़ता दबाव कम किया जा सके। भविष्य में यहाँ से कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं।