एक नई सोच, एक नई धारा

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चेक बाउंस मामला: राजपाल यादव को मिली बड़ी राहत, भतीजी की शादी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

नई दिल्ली | 16 फरवरी, 2026

​बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडियन राजपाल यादव के लिए सोमवार का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन शाम होते-होते उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता की सजा को कोर्ट ने 18 मार्च, 2026 तक के लिए निलंबित करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है।

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​3 बजे की डेडलाइन और 1.5 करोड़ का भुगतान

​सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख बेहद कड़ा था। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने स्पष्ट किया था कि यदि राजपाल को अपनी भतीजी की शादी (जो 19 फरवरी को है) में शामिल होने के लिए जमानत चाहिए, तो उन्हें दोपहर 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) प्रतिवादी के नाम पर जमा करना होगा। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, अभिनेता की टीम ने समय सीमा के भीतर यह राशि जमा कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने उनकी रिहाई का रास्ता साफ किया।

​जमानत के लिए कोर्ट की शर्तें:

​अदालत ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ कुछ कड़ी शर्तें भी जुड़ी हैं:

  • पासपोर्ट सरेंडर: राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा।
  • देश छोड़ने पर रोक: वे बिना इजाजत देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
  • मुचलका: उन्हें 1 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की ज़मानत देनी होगी।
  • अगली सुनवाई: 18 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

​क्या है पूरा मामला?

​राजपाल यादव के इस कानूनी संकट की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उन्होंने अपनी बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए दिल्ली की एक कंपनी (मुरली प्रोजेक्ट्स) से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज की रकम ब्याज समेत करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भुगतान के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा।

​इस मामले में अभिनेता को पहले भी जेल की सजा काटनी पड़ी थी और हाल ही में 5 फरवरी, 2026 को उन्होंने फिर से सरेंडर किया था।

​साख पर सवाल और इंडस्ट्री का साथ

​बार-बार कोर्ट के चक्करों ने राजपाल की ‘क्रेडिबिलिटी’ पर भले ही सवाल उठाए हों, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री उनके साथ खड़ी नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू सूद, सलमान खान और वरुण धवन जैसे सितारों ने इस मुश्किल घड़ी में उनका समर्थन किया है।

विशेष नोट: यह मामला वित्तीय अनुशासन की अहमियत को रेखांकित करता है कि कैसे एक गलत व्यावसायिक फैसला किसी चमकते करियर को सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है।

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विशेष रिपोर्ट: अपराध की दलदल में फंसता बचपन; दिल्ली में डरा रहे नाबालिगों के बढ़ते आपराधिक आँकड़े

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था के सामने एक नई और भयावह चुनौती खड़ी हो गई है। दिल्ली पुलिस और सामाजिक विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट्स एक चिंताजनक सच उजागर कर रही हैं—दिल्ली के किशोर (12 से 17 वर्ष) तेजी से गंभीर अपराधों की राह पकड़ रहे हैं। विशेषकर झुग्गी-बस्तियों और पुनर्वास कॉलोनियों में स्थिति विस्फोटक होती जा रही है।

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आंकड़ों की जुबानी: बढ़ता ग्राफ

​दिल्ली पुलिस के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि नाबालिग अब केवल छोटी-मोटी चोरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हत्या और लूट जैसे जघन्य अपराधों में उनकी संलिप्तता बढ़ी है:

अपराध की श्रेणी2024 (पकड़े गए नाबालिग)2025 (पकड़े गए नाबालिग)
कुल आपराधिक मामले32703833
हत्या के मामले+17 (पिछले वर्ष से अधिक)
जानलेवा हमले+123 (पिछले वर्ष से अधिक)
लूटपाट+109 (पिछले वर्ष से अधिक)

हालिया वारदातों ने दहलाया दिल्ली का दिल

​फरवरी 2026 के शुरुआती पखवाड़े में हुई घटनाओं ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है:

  • 12 फरवरी: नरेला (बवाना) में एक 17 वर्षीय किशोर की चाकू गोदकर हत्या, जिसमें 4 नाबालिग शामिल थे।
  • 11 फरवरी: रोहिणी में मामूली विवाद में एक किशोर की हत्या।
  • 9 फरवरी: मंगोलपुरी में स्कूल के सामने 15 वर्षीय छात्र की हत्या, जिसे चार नाबालिगों ने अंजाम दिया।

क्यों बदल रहा है गलियों का माहौल?

​विशेषज्ञों के अनुसार, अपराध के इस बढ़ते ग्राफ के पीछे सामाजिक और आर्थिक कारण गहराई से जुड़े हैं:

  1. संवाद की कमी: झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर माता-पिता बच्चों को समय नहीं दे पाते, जिससे बच्चे मार्गदर्शन के अभाव में गलत संगति का शिकार हो जाते हैं।
  2. आर्थिक असमानता: रिपोर्ट के अनुसार, 75% मामले पुनर्वास बस्तियों से आते हैं, जहाँ अभाव और उपेक्षा बच्चों को अपराध की ओर धकेलती है।
  3. मानसिक स्वास्थ्य: मनोचिकित्सकों का मानना है कि कई किशोर ‘कंडक्ट डिसऑर्डर’ से जूझ रहे हैं, जहाँ वे हिंसक व्यवहार को बहादुरी समझने लगते हैं।

विशेषज्ञों की राय और समाधान

​पुलिस अधिकारियों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि केवल ‘सख्ती’ इस समस्या का हल नहीं है। समाधान के लिए त्रिस्तरीय रणनीति की आवश्यकता है:

  • पारिवारिक स्तर पर: माता-पिता बच्चों की दैनिक गतिविधियों और सोशल मीडिया व्यवहार पर नजर रखें।
  • प्रशासनिक स्तर पर: स्कूलों में नियमित काउंसलिंग और खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
  • सामुदायिक स्तर पर: झुग्गी-बस्तियों में ‘स्किल डेवलपमेंट’ और रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिले।
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अलवर: भिवाड़ी की गत्ता फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड, 7 श्रमिकों की मौत; धमाकों से दहला खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र

भिवाड़ी (अलवर): राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी के खुशखेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। यहाँ एक बंद पड़ी गत्ता फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 श्रमिकों के झुलसे हुए शव बरामद किए जा चुके हैं।

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धमाकों से गूंजा परिसर, गैस सिलेंडरों में विस्फोट की आशंका

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयानक थी कि फैक्ट्री परिसर के भीतर से लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री के अंदर रखे गैस सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील रसायनों में विस्फोट होने के कारण आग ने तेजी से विस्तार किया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से काला धुआं देखा जा सकता था।

बंद फैक्ट्री में श्रमिकों की मौजूदगी ने खड़े किए सवाल

​हादसे ने प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जानकारी के अनुसार, यह प्लांट पिछले दो महीने से बंद पड़ा था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अगर फैक्ट्री बंद थी, तो अंदर श्रमिक किस हैसियत से मौजूद थे? क्या वहाँ अवैध रूप से काम चल रहा था या रखरखाव के नाम पर श्रमिकों की जान जोखिम में डाली गई थी?

रेस्क्यू ऑपरेशन में आईं मुश्किलें

​घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। भारी धुएं और रुक-रुक कर हो रहे धमाकों के कारण बचाव दल (SDRF/Fire Brigade) को अंदर प्रवेश करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर:

  • ​आसपास के इलाके को खाली करा दिया है।
  • ​पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा घेरा (Cordoned off) बना दिया गया है।
  • ​राहत कार्य अभी भी जारी है, क्योंकि कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

जांच के घेरे में सुरक्षा मानक

​स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. अग्नि सुरक्षा: क्या फैक्ट्री में फायर एनओसी (NOC) और सुरक्षा उपकरण मौजूद थे?
  2. अवैध संचालन: बंद फैक्ट्री के भीतर श्रमिकों की उपस्थिति का कानूनी आधार क्या था?
  3. विस्फोट का कारण: धमाके किस सामग्री की वजह से हुए?

प्रशासनिक आश्वासन

​घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और औद्योगिक संघों में आक्रोश देखा जा रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बुजुर्गों को प्रताड़ित करने वाले बेटा-बहू को घर में रहने का अधिकार नहीं

राँची: झारखंड हाई कोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि यदि बेटा और बहू अपने बुजुर्ग माता-पिता को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, तो उन्हें माता-पिता की अर्जित संपत्ति में जबरन रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

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उत्तराधिकार का मतलब तत्काल मालिकाना हक नहीं

​न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत ने सुनवाई के दौरान कानून की व्याख्या करते हुए कहा कि कानून का प्राथमिक उद्देश्य बुजुर्गों को उनके जीवन के अंतिम पड़ाव में एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करना है। अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की:

​”बेटा-बहू का अधिकार केवल ‘उत्तराधिकार’ पर आधारित होता है, उसे ‘तत्काल स्वामित्व’ (Immediate Ownership) नहीं माना जा सकता। यदि विवाद की स्थिति बनी रहती है, तो मकान का कब्जा वरिष्ठ नागरिकों को ही सौंपा जाना चाहिए।”

​कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए दोहराया कि सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना बुजुर्गों का मौलिक अधिकार है।

क्या था पूरा मामला?

​यह मामला रामगढ़ जिले के निवासी लखन लाल पोद्दार (75 वर्ष) और उनकी पत्नी उमा रानी पोद्दार (72 वर्ष) से जुड़ा है।

  • पीड़ित माता-पिता का आरोप: उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उनका बेटा जितेंद्र पोद्दार और बहू रितु पोद्दार उन्हें लगातार परेशान करते हैं और घर में शांति से रहने नहीं देते।
  • कानूनी लड़ाई: बुजुर्ग दंपत्ति ने 2022 में ‘मेंटेनेंस एक्ट’ के तहत एसडीएम के पास गुहार लगाई थी। 23 नवंबर 2022 को एसडीएम ने बेटे-बहू को मकान खाली करने का आदेश दिया था।
  • ट्विस्ट: इस आदेश के खिलाफ बेटा-बहू उपायुक्त (DC) के पास गए, जहाँ 23 फरवरी 2024 को डीसी ने एसडीएम के आदेश को बदलते हुए बेटा-बहू के पक्ष में फैसला सुनाया।

हाई कोर्ट ने रद्द किया उपायुक्त का आदेश

​बुजुर्ग माता-पिता ने उपायुक्त के उस संशोधित आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए रामगढ़ उपायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया और बुजुर्ग दंपत्ति की याचिका को स्वीकार कर लिया।

निष्कर्ष: वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी जीत

​यह फैसला समाज के उन हजारों वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो अपने ही बच्चों द्वारा अपनी संपत्ति से बेदखल या प्रताड़ित किए जा रहे हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण जीवन जीने का हक संपत्ति के वारिस होने के दावे से कहीं ऊपर है।

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सीनी: महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर पहुँचे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, भव्य शिव बारात में हुए शामिल

सीनी/जमशेदपुर: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा अपनी धर्मपत्नी मीरा मुंडा के साथ सीनी पहुँचे। उन्होंने सीनी बाजार स्थित पौराणिक शिव मंदिर में माथा टेका और विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

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शिव बारात में उत्साह के साथ हुए शामिल

​मंदिर में पूजन के पश्चात अर्जुन मुंडा सीनी में भव्य रूप से निकाली गई शिव बारात में शामिल हुए। बारात में उमड़े जनसैलाब के बीच उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। शिव भक्तों के उत्साह और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक शोभायात्रा का हिस्सा बनकर खुशियाँ साझा कीं।

जनसमस्याओं को सुना और दिया आश्वासन

​भ्रमण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अर्जुन मुंडा को क्षेत्र की विभिन्न मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। लोगों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर से इन समस्याओं के त्वरित और हरसंभव निदान के लिए प्रयास करेंगे।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

​इस धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:

  • ​मंटू शर्मा, मुरली प्रधान, किशनदेव चौधरी, मनोज कुमार सिंहदेव।
  • ​निरंजन सिंह, पंचू मुखी, नितेश चौधरी, बबलू दास, श्री मंडल एवं अन्य कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक।

प्रमुख अंश:

  • पौराणिक मंदिर: सीनी बाजार शिव मंदिर में माथा टेका।
  • भक्तिमय माहौल: शिव बारात में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का बढ़ाया उत्साह।
  • जनसंवाद: क्षेत्र की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा।
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स्वर्णरेखा और खरकई के संगम पर उतरी ‘काशी’, बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता ने किया भव्य नदी पूजन

जमशेदपुर: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सोमवार, 16 फरवरी 2026 को सोनारी दोमुहानी संगम तट पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की अगुवाई में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों शिव भक्तों का जुटान हुआ, जिससे पूरा लौहनगरी शिवमय हो गया।

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बनारस की तर्ज पर स्वर्णरेखा आरती

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनारस के अस्सी घाट की तर्ज पर हुई भव्य स्वर्णरेखा आरती रही। काशी से आए प्रसिद्ध आशुतोष महाराज और उनके पंडितों के समूह ने मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ नदी की आरती उतारी। दीपों की रोशनी और धूप की सुगंध ने संगम तट पर एक अलौकिक और दिव्य वातावरण निर्मित कर दिया।

नदी पूजन और भगवान शिव की स्तुति

​आरती से पूर्व पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी और मानगो नगर निगम की मेयर प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता के साथ मां स्वर्णरेखा का विधिवत नदी पूजन किया।

  • पुष्प वर्षा और आतिशबाजी: पूजन के दौरान आकाश अलौकिक पुष्प वर्षा और भव्य आतिशबाजी से सराबोर हो उठा।
  • भजनों की अमृत वर्षा: स्थानीय कलाकार कृष्ण मूर्ति के भजनों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

दोमुहानी संगम: बन्ना गुप्ता का ड्रीम प्रोजेक्ट

​गौरलतब है कि सोनारी दोमुहानी संगम क्षेत्र को बन्ना गुप्ता ने अपने मंत्री काल के दौरान एक पर्यटन और धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया है। यहाँ स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और कलाकृतियाँ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

बन्ना गुप्ता ने कहा: “नदी हमारी जीवनदायिनी है और महादेव इस सृष्टि के आधार। संगम तट पर श्रद्धालुओं का यह प्रेम और भक्ति जमशेदपुर की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।”

प्रमुख आकर्षण:

  • आशुतोष महाराज (बनारस) के नेतृत्व में भव्य आरती।
  • शिव की कलाकृतियाँ और संगम तट की सजावट।
  • ​हजारों की संख्या में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़
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मानगो वार्ड 9: ‘ब्लैक बोर्ड’ छाप के साथ राखाल सोरेन ने झोंकी ताकत, जनसंपर्क अभियान में उमड़ा जनसैलाब

जमशेदपुर: मानगो नगर निगम के वार्ड संख्या 9 में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी राखाल सोरेन का जनसंपर्क और प्रचार अभियान अब पूरी गति पकड़ चुका है। ‘ब्लैक बोर्ड’ चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरे राखाल सोरेन को क्षेत्र की जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

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सुबह से शाम तक सघन जनसंपर्क

​राखाल सोरेन अपने समर्थकों के साथ वार्ड के प्रत्येक मोहल्ले, गली और चौक-चौराहों पर दस्तक दे रहे हैं। अभियान की खास बात यह है कि प्रत्याशी स्वयं घर-घर जाकर नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं और उनकी स्थानीय समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुन रहे हैं।

बदलाव की लहर: महिलाओं और युवाओं का साथ

​वार्ड संख्या 9 में इस बार सकारात्मक बदलाव का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग राखाल सोरेन के अभियान से जुड़ रहे हैं। कई स्थानों पर तो स्थानीय नागरिक स्वयं बैठकें आयोजित कर “ब्लैक बोर्ड छाप” के पक्ष में माहौल तैयार कर रहे हैं। जनता का यह स्वतः स्फूर्त उत्साह क्षेत्र में एक नई ‘परिवर्तन की लहर’ का संकेत दे रहा है।

“जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति” – राखाल सोरेन

​जनता से मिल रहे स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राखाल सोरेन ने कहा:

​”यह चुनाव केवल एक पद का नहीं, बल्कि वार्ड संख्या 9 के भविष्य और विकास का चुनाव है। मेरा लक्ष्य एक सक्रिय, जवाबदेह और पारदर्शी प्रतिनिधित्व देना है। निर्वाचित होने पर बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य को मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।”

प्राथमिकताओं पर एक नज़र:

  • बुनियादी ढांचा: वार्ड की सड़कों और नालियों का सुदृढ़ीकरण।
  • स्वच्छता: नियमित साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन।
  • पारदर्शिता: जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक पारदर्शी कार्यप्रणाली।
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मानगो नगर निगम: प्रत्याशी सुधा गुप्ता ने झोंकी ताकत, घर-घर जाकर मांगा समर्थन

जमशेदपुर: मानगो नगर निगम चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इंडिया गठबंधन की ओर से मेयर पद की प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता ने रविवार, 15 फरवरी 2026 को अपने समर्थकों के साथ सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मानगो के विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूम कर लोगों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की।

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जवाहर नगर से बालीगुमा तक चला अभियान

​सुधा गुप्ता ने सुबह से ही जवाहर नगर, हाईवे और बालीगुमा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ‘डोर टू डोर’ (द्वार-द्वार) जनसंपर्क किया। अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। महिलाओं और युवाओं के बीच सुधा गुप्ता ने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं और क्षेत्र की समस्याओं को सुना।

“जनता का विश्वास ही मेरी ताकत” – सुधा गुप्ता

​जनसंपर्क के दौरान आम लोगों ने भी उनके समर्थन में आवाज बुलंद की। क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए सुधा गुप्ता ने कहा:

​”मानगो के सर्वांगीण विकास के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। आप सभी से अपील है कि लोकतंत्र के इस उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाएं। आपका सहयोग और अटूट विश्वास ही मुझे मानगो की निस्वार्थ सेवा करने की ऊर्जा प्रदान करेगा।”

विकास और सेवा का संकल्प

​समर्थकों के नारों के बीच सुधा गुप्ता ने विश्वास जताया कि मानगो की जनता विकास के नाम पर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएगी। उन्होंने वादा किया कि मेयर बनने के बाद मानगो की बुनियादी समस्याओं जैसे सड़क, पानी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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मानगो नगर निगम चुनाव: राजद ने दिया इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी सुधा गुप्ता को पूर्ण समर्थन

जमशेदपुर: मानगो नगर निगम चुनाव के रण में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रविवार, 15 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जमशेदपुर महानगर इकाई ने आधिकारिक तौर पर इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता को अपना समर्थन देने की घोषणा की।

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राजद नेतृत्व का बड़ा फैसला

​राजद के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में महानगर अध्यक्ष रमेश राय, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू शाह और युवा जिला अध्यक्ष कमलेश यादव ने संयुक्त रूप से सुधा गुप्ता की उम्मीदवारी पर अपनी सहमति जताई। राजद पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे गठबंधन के इस सशक्त उम्मीदवार को जिताने के लिए ‘तन-मन-धन’ से अपना पूर्ण योगदान देंगे।

विकास कार्यों के आधार पर समर्थन

​समर्थन की घोषणा करते हुए महानगर अध्यक्ष रमेश राय ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा:

​”स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता जी के कार्यकाल में जमशेदपुर को ‘फ्लाईओवर’ जैसा ड्रीम प्रोजेक्ट और भव्य ‘एमजीएम अस्पताल’ की सौगात मिली है। उनके विकासपरक कार्यशैली और विजन को देखते हुए राजद ने सुधा गुप्ता जी को अपना पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया है।”

बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर इंडिया गठबंधन की एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित थे:

  • परमिंद्र सिंह (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस)
  • मंजू शाह (प्रदेश उपाध्यक्ष, राजद)
  • कमलेश यादव (युवा राजद जिला अध्यक्ष)
  • सिंटू पांडे (अध्यक्ष, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ)
  • विजय ठाकुर (प्रधान महासचिव)
  • वरिष्ठ नेता: इंद्रदेव प्रजापति, नवीन यादव, करण गोस्वामी, धनजीत यादव और विनय कुमार चंद्रवंशी।

निष्कर्ष

​राजद के इस औपचारिक समर्थन के बाद मानगो नगर निगम चुनाव में इंडिया गठबंधन का पलड़ा और भारी होता दिख रहा है। कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने की रणनीति तैयार की है।

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घाटशिला में सजेगा ‘तृतीय बंग उत्सव’ का मंच, बंगाली कला और संस्कृति का होगा अनूठा संगम

जमशेदपुर: कोल्हान क्षेत्र की समृद्ध बंगाली संस्कृति, भाषा और साहित्य के संरक्षण हेतु बंग उत्सव समिति (कोल्हान) ने अपनी कमर कस ली है। रविवार, 15 फरवरी 2026 को जमशेदपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में समिति के नए पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया और आगामी ‘तृतीय बंग उत्सव’ की रूपरेखा तैयार की गई।

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नई कार्यसमिति का गठन

​बैठक में सर्वसम्मति से समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं:

  • संरक्षक (Patrons): देवीप्रसाद मुखर्जी, सांसद विद्युत वरण महतो, सुप्रिय भट्टाचार्य, पी. सेन, बी.एन. हाजरा, दिलजोय बॉस, तरुण डे, मनोरंजन बक्शी और चंडी चरण साव।
  • मुख्य पदाधिकारी: * चेयरमैन: अल्पना भट्टाचार्य
    • अध्यक्ष: तापस चटर्जी
    • कार्यकारी अध्यक्ष: संदीप रायचौधरी एवं मनिंद्र पालित
    • सचिव: राजेश रॉय
    • कोषाध्यक्ष: विश्वनाथ घोष

​यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न बंग संगठनों के प्रतिनिधि समिति में सलाहकार और उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

घाटशिला के सर्कस मैदान में होगा भव्य आयोजन

​साहित्यिक नगरी घाटशिला के सर्कस मैदान में आयोजित होने वाले इस तीसरे बंग उत्सव में बंगाल की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस बार उत्सव के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे:

  • सांस्कृतिक संगम: प्रसिद्ध झूमुर कलाकारों के साथ-साथ कोलकाता के नामचीन कलाकारों द्वारा संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ।
  • भाषा संरक्षण: बंगला भाषा के अस्तित्व और संरक्षण पर विशेष विचार-मंथन सत्र।
  • प्रतिभा प्रदर्शन: अपूर पाठशाला के विद्यार्थियों द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम।

जनसमुदाय से सहभागिता की अपील

​समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष तापस चटर्जी और सचिव राजेश रॉय ने संयुक्त रूप से कहा कि इस उत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और साहित्य से जोड़ना है। समिति ने कोल्हान के समस्त जनसमुदाय से इस उत्सव में सपरिवार शामिल होने का सादर आग्रह किया है।

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