Site icon

तीसरी धारा न्यूज: सिस्टम पर सर्जिकल स्ट्राइक

झारखंड स्वास्थ्य विभाग में बड़ा खुलासा: नए साल के पहले महीने गायब रहे 4468 डॉक्टर-कर्मी; अब ‘जितनी हाजिरी, उतना वेतन’ का फॉर्मूला होगा लागू

रांची | विशेष संवाददाता

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के उपस्थिति पोर्टल (ACVMS) के विश्लेषण में यह चौंकाने वाला तथ्य मिला है कि जनवरी 2026 के पूरे 31 दिनों में राज्य के 4468 डॉक्टर और कर्मचारी एक भी दिन ड्यूटी पर नहीं आए। इनकी उपस्थिति ‘शून्य’ दर्ज की गई है। इस लापरवाही को देखते हुए सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है।

आंकड़ों की जुबानी: ड्यूटी से ‘हॉलिडे’ का खेल

​उपस्थिति पोर्टल पर कुल 28,781 कर्मी रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा पूरे महीने नदारद रहा:

पकड़े जाने के डर से नहीं करा रहे ‘निबंधन’

​विभाग को यह भी जानकारी मिली है कि कई डॉक्टर और कर्मी जानबूझकर उपस्थिति पोर्टल पर अपना निबंधन (Registration) नहीं करा रहे हैं। उनका मानना है कि बिना रजिस्ट्रेशन के उनकी मॉनीटरिंग नहीं हो पाएगी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने साफ कर दिया है कि:

  1. वेतन से लिंक होगा पोर्टल: अब अटेंडेंस पोर्टल को सीधे ट्रेजरी से जोड़ा जाएगा। ‘नो वर्क, नो पे’ के आधार पर केवल उतने ही दिनों का वेतन मिलेगा जितने दिन की हाजिरी पोर्टल पर दर्ज होगी।
  2. अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: सभी कर्मियों को पोर्टल पर आना होगा, ताकि एक क्लिक पर उनकी लोकेशन और टाइमिंग का पता चल सके।

आयुष्मान योजना: 30 दिन में दोबारा भर्ती पर जसास (JSAS) सख्त

​इधर, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को लेकर भी सख्ती बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य वित्तीय पदाधिकारी गयासुद्दीन अहमद ने समीक्षा बैठक में पाया कि कई अस्पतालों में मरीज 30 दिनों के भीतर ही दोबारा भर्ती (Re-admission) हो रहे हैं।

Exit mobile version