
सरायकेला – खरसांवा : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुमन कारूवा ने न्याय की मूर्ति का नया स्वरूप का स्वागत किया है। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने “न्याय की देवी की मूर्ति” लगी हुई थी, अब इस मूर्ति को CJI डीवाई चंद्रचूड़ जी के पहल पर बदलाव कर दिये जाने का स्वागत सुमन कारूवा ने किया है। पूर्व में न्याय की मूर्ति के हाथ में तलवार थी, आंखों पर पट्टी बंधी थी लेकिन अब उस पट्टी को उतार दिया गया है, हाथों में तलवार की जगह संविधान पकड़ा दिया गया है।
गौरतलब हो कि न्याय की मूर्ति में बदलाव एक प्रतीकात्मक सराहनीय पहल है, जो न्यायिक प्रक्रिया में संविधान की सर्वोच्चता दर्शाता है, हालांकि न्याय व्यवस्था में वास्तविक सुधार प्रणालीगत लागू किए जाने से आने वाले समय तय करेगा कि देश में पीड़ितों, शोषितों, मुख्य धारा से भटके हुए को न्याय दिलाने में कोर्ट के द्वारा विशेष पहल पहले की अपेक्षा कितनी प्रभावी होगी। मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की है।

