Site icon

मानगो निकाय चुनाव: करोड़पति ‘महारानियों’ के सामने 16 हजार वाली चुनौती, शिक्षा और संपत्ति का दिलचस्प मुकाबला

IMG 20260207 092632

जमशेदपुर/मानगो: मानगो की ‘सरकार’ चुनने की घड़ी नजदीक आ रही है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशियों ने अपनी संपत्ति और शिक्षा का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। हलफनामों के अनुसार, चुनावी मैदान में एक ओर जहाँ 3.65 करोड़ की मालकिन हैं, वहीं दूसरी ओर अशिक्षित लेकिन सेवा के जज्बे से भरी महिलाएं भी ताल ठोक रही हैं।

संपत्ति का गणित: सुधा सबसे अमीर, सुशीला की पूंजी सबसे कम

​मानगो मेयर पद की दौड़ में धनबल का पलड़ा सुधा गुप्ता की ओर झुकता दिख रहा है, जबकि सुशीला सिंह सादगी की मिसाल बनी हुई हैं।

शिक्षा का स्तर: डिग्री बनाम जमीनी अनुभव

​उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता में भी भारी अंतर देखने को मिल रहा है:

  1. उच्च शिक्षित: सायस्ता परवीन (MA, B.Ed) और सोनामुनी सोरेन (LLB) जैसी प्रत्याशी अपनी प्रशासनिक और कानूनी समझ के साथ जनता के बीच हैं।
  2. साक्षर और अनुभवी: मैदान में वैसी महिलाएं भी हैं जिन्होंने स्कूल का मुंह नहीं देखा (जैसे इंदिरा मुंडी और सुशीला सिंह), लेकिन वे अपने सामाजिक जुड़ाव और जमीनी संघर्ष को अपनी ताकत मान रही हैं।

मानगो मेयर प्रत्याशी: एक नज़र में (तुलनात्मक चार्ट)

प्रत्याशी का नामशैक्षणिक योग्यताघोषित संपत्ति (₹ में)
सुधा गुप्तामैट्रिक3.65 करोड़
संध्या सिंहइंटर2.30 करोड़
वनीता सहायएमबीए1.24 करोड़
सायस्ता परवीनएमए, बीएड46.46 लाख
कुमकुम श्रीवास्तवस्नातकोत्तर38.48 लाख
सोनामुनी सोरेनएलएलबी6.73 लाख
सुशीला सिंहअनपढ़16 हजार

मतदाताओं के सामने बड़ी चुनौती

​मानगो की जनता अब इस कशमकश में है कि वे डिग्री (सरस्वती) को वोट दें, आर्थिक मजबूती (लक्ष्मी) को चुनें या सादगी और संघर्ष को। चुनावी गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या भारी-भरकम संपत्ति विकास की गारंटी बनेगी या उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाएगी।

Exit mobile version