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जमशेदपुर: नई श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने भरी हुंकार

जमशेदपुर, 10 फरवरी 2026: कोल्हान क्षेत्र के ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को साकची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनियनों ने घोषणा की कि 12 फरवरी को चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) और ‘श्रम शक्ति नीति-2025’ के विरोध में संपूर्ण भारत में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी।

​यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल श्रमिकों की नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने की है।

​मुख्य आपत्तियां और चिंताएं

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एटक (AITUC), सीटू (CITU) और बीमा व बैंक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार पर तीखे हमले किए:

​मांग पत्र की मुख्य बातें

​ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने निम्नलिखित मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है:

  1. ​चारों नए श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द किया जाए।
  2. समान काम के लिए समान वेतन और स्थायी रोजगार सुनिश्चित हो।
  3. ​ठेकाकरण और आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त किया जाए।
  4. ​कृषि क्षेत्र के लिए वैधानिक MSP और ऋण माफी की गारंटी दी जाए।
  5. ​परमाणु ऊर्जा विकास (SHANTI) अधिनियम जैसे कानूनों को वापस लिया जाए।

​आंदोलन की रूपरेखा: मशाल जुलूस से विशाल प्रदर्शन तक

​हड़ताल को सफल बनाने के लिए कोल्हान में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया है। आगामी कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

तिथिसमयकार्यक्रमस्थान
11 फरवरीशाम 5:30 बजेविशाल मशाल जुलूसआमबगान मैदान से साकची चौक
12 फरवरीसुबह सेकार्यस्थल पर धरनासभी औद्योगिक एवं निजी क्षेत्र
12 फरवरीदोपहर 12:00 बजेमहा-प्रदर्शनजुबली

​”सरकार काम को ‘अधिकार’ के बजाय ‘धर्म’ की संज्ञा देकर श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाहती है। यह हड़ताल कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष है।”

बिश्वजीत देब, सीटू प्रतिनिधि

​आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबुज ठाकुर, बिश्वजीत देब, सुभाष करण, हीरा अरकाने, वीरेंद्र कुमार, पीयूष गुप्ता और ओम प्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मंच ने समाज के सभी वर्गों से इस हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

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