रांची/जमशेदपुर: आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (Investigation Wing) ने गुरुवार तड़के झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ बड़ी छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई ‘बाबा राइस मिल’ समूह और उससे जुड़े कारोबारियों के खिलाफ आय छिपाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के तहत की जा रही है।
जमशेदपुर के प्रमुख ठिकानों पर दबिश
लौहनगरी जमशेदपुर में आयकर विभाग की टीम ने संजय अग्रवाल (जुगसलाई नया बाजार निवासी) के आवास और सीएच एरिया (CH Area) स्थित उनके अन्य ठिकानों पर दस्तक दी है। संजय अग्रवाल भालोटिया परिवार से संबद्ध हैं और चावल के बड़े कारोबारी माने जाते हैं। सुबह से ही उनके आवास और कार्यालयों को खंगाला जा रहा है।
छापेमारी का दायरा: एक दर्जन से अधिक स्थान
आयकर विभाग की यह कार्रवाई केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका जाल कई शहरों में फैला है:
- झारखंड: रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग के विभिन्न ठिकाने।
- बिहार: औरंगाबाद के महाराजगंज रोड स्थित धान कारोबारी विश्वजीत जायसवाल का आवास।
- रडार पर अन्य कारोबारी: राइस मिल संचालक नितेश कुमार भी आयकर विभाग की इस जांच के दायरे में हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार, बाबा राइस मिल समूह पर आय से अधिक संपत्ति रखने और कर चोरी (Tax Evasion) के लिए वास्तविक आय को छिपाने का गंभीर आरोप है। छापेमारी के दौरान विभाग ने अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सभी चिन्हित स्थानों पर सुबह 4-5 बजे के करीब ही टीमें पहुंच गई थीं। छापेमारी वाली जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। संजीव अग्रवाल और उनके करीबियों से जुड़े हर व्यावसायिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

