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भाजपा नेता अभय सिंह के साथ साथ उनके भाइयों की भी जमानत याचिका खारिज, उच्च न्यायालय से लेनी पड़ेगी जमानत

जमशेदपुर : जमशेदपुर के कद्दावर भाजपा नेता अभय सिंह को जमशेदपुर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका आज खारिज़ कर दी। अभय सिंह के अलावा उनके बड़े भाई दिलीप सिंह और छोटे भाई निर्भय सिंह की भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है। अब अभय सिंह के साथ दोनों भाइयों को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी। बता दें कि अभय सिंह पिछले 10 अप्रैल से जेल में बंद है। पहले कदमा हिंसा मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उसमें जमानत मिलने के बाद अलग अलग मामले में प्रोडक्शन लगा कर उन्हें जेल में ही रखा गया था। बताया जाता है कि इस मामले में 4 अगस्त को सुनवाई हुई थी, जिसमें कोर्ट ने 11 अगस्त तक केस दायरी देने और अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की थी। पुलिस ने इस मामले में केस डायरी जमा किया, केस डायरी में अभय सिंह के साथ साथ निर्भय सिंह और दिलीप सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अपनी केस डायरी में बताया है कि मानगो निवासी मोहम्मद सागिर को अल्पसंख्यक होने की जांच की गयी, उसके साथ मारपीट की गयी और रंगदारी भी मांगी गयी थी। (जारी…)

करीब एक घंटे तक चली लंबी बहस के दौरान अभय सिंह और उनके दोनों भाईयों की ओर से प्रख्यात अधिवक्ता प्रकाश झा ने बहस की थी और पुलिस की ओर से लोक अभियोजक ने बहस की थी। इस बहस के बाद कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (जारी…)

अभय सिंह के अधिवक्ता प्रकाश झा ने बताया कि इस मामले में अब वे लोग हाईकोर्ट जायेंगे ताकि न्याय मिल सके। इस मामले में यह उम्मीद थी कि 11 अगस्त को अभय सिंह को जमानत मिल जायेगी। इसको लेकर भव्य स्वागत की तैयारी थी। कोर्ट में भी अभय सिंह के समर्थकों की भीड़ जुटी हुई थी, लेकिन कोर्ट ने उसके विपरीत फैसला सुनाया। आपको बता दें कि पहले दिलीप सिंह और निर्भय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गयी थी। गौरतलब है कि जमशेदपुर के मानगो निवासी मोहम्मद सागिर ने मानगो थाना में भाजपा के नेता अभय सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने जेल जाने के बाद केस दायर किया था।

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