
ताजा खबर










बिरसानगर: बिजली की बदइंतजामी से उबल रहे बिरसानगर का पारा अब सातवें आसमान पर है। भारतीय जनता पार्टी बिरसानगर मंडल ने गुरुवार को सीधी लड़ाई का बिगुल फूंक दिया। मंडल अध्यक्ष बापन बनर्जी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने गोविंदपुर विद्युत कार्यालय पर हुंकार भरी और अफसरों को ज्ञापन पकड़ा दिया।
जनता त्रस्त, विभाग मस्त
बिरसानगर के घर-घर में अंधेरा पसरा है। तार झूल रहे हैं, ट्रांसफार्मर हर घंटे जवाब दे रहे हैं और वोल्टेज इतना लो कि पंखे तक रेंग रहे हैं। इस आग उगलती गर्मी में जनता पसीने से तर है, मगर बिजली विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
बापन बनर्जी की दहाड़
ज्ञापन सौंपने के बाद मंडल अध्यक्ष बापन बनर्जी ने तीसरी धारा न्यूज़ से हुंकार भरी, “सुन लो बिजली विभाग के साहब, जनता को अंधेरे में रखोगे तो खुद अंधेरे में चले जाओगे। 7 दिन की मोहलत दे रहे हैं। 29 मई तक हर घर में करंट नहीं दौड़ा, तो बिरसानगर का बच्चा-बच्चा सड़क पर होगा। फिर जो तूफान आएगा वो कुर्सी समेत बहा ले जाएगा।”
भाजपा की आर-पार की मांगें
1. जर्जर तार फेंको: लटकती मौत को 7 दिन में हटाओ 2. ट्रांसफार्मर बदलो: जलते ट्रांसफार्मर की जगह नई मशीन लगाओ 3. कटौती बंद करो: रोस्टर के नाम पर लुका-छिपी का खेल बंद हो 4. जवाब दो: 24 घंटे में शिकायत निपटाओ, वरना अफसर जवाब देने तैयार रहें
विभाग की घिसी-पिटी सफाई
गोविंदपुर के सहायक अभियंता ने वही पुराना राग अलापा — “टीम भेज रहे हैं, काम चल रहा है।” भाजपाइयों ने दो टूक कहा कि अब कागजी घोड़े नहीं दौड़ेंगे, मीटर में करंट दौड़ना चाहिए।
29 मई के बाद संग्राम तय
भाजपा मंडल का रोडमैप तैयार है। पहला हमला: हर चौक-चौराहे पर हस्ताक्षर अभियान। दूसरा हमला: विद्युत कार्यालय का तालाबंदी घेराव। आखिरी हमला: पूरे बिरसानगर में चक्का जाम। बापन बनर्जी का साफ संदेश है — अब जनता के सब्र का बांध टूट चुका है।
तीसरी धारा न्यूज़ के लिए बिरसानगर से ग्राउंड जीरो रिपोर्ट
जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार व अप्रेंटिसशिप के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से श्रीनाथ विश्वविद्यालय एक बड़ी पहल करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के तत्वावधान में ‘आमधने’ के सहयोग से आगामी 26 मई 2026 को एक विशाल ‘मेगा जॉब कम अप्रेंटिसशिप फेयर 2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन सुबह 9:00 बजे से विश्वविद्यालय परिसर में शुरू होगा। सबसे खास बात यह है कि युवाओं की सुविधा के लिए इस जॉब फेयर में पंजीकरण (Registration) पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है।
तीसरी धारा न्यूज के संवाददाताओं के अनुसार, इस जॉब मेले में विभिन्न शैक्षणिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा:

मेले में देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित और दिग्गज कंपनियां युवाओं का साक्षात्कार (Interview) लेने पहुंच रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तीसरी धारा न्यूज के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वृहत आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना और उन्हें सीधे उद्योग जगत (Corporate World) से जोड़ना है, ताकि वे अपने करियर को एक सही दिशा दे सकें।
महत्वपूर्ण सूचना और पंजीकरण कैसे करें?
- पंजीकरण की अंतिम तिथि: 24 मई 2026
- कैसे करें आवेदन: इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करके अपना नि:शुल्क पंजीकरण करा सकते हैं।
- हेल्पलाइन नंबर: अधिक जानकारी या किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभ्यर्थी सीधे +91 90604 04989 पर संपर्क कर सकते हैं।
पल-पल की खबरों और सटीक विश्लेषण के लिए बने रहिए “तीसरी धारा न्यूज” के साथ।
चाईबासा/जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम की भाजपा जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गीता बालमुचु एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में चिंता की लहर दौड़ गई है। स्थानीय नेताओं और शुभचिंतकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
घटना की जानकारी मिलने पर जमशेदपुर टाइगर क्लब (Jamshedpur Tiger Club) के अध्यक्ष आजाद गिरी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि गीता बालमुचु जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों।
”गीता बालमुचु जी का सड़क दुर्घटना में घायल होना अत्यंत पीड़ादायक है। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं ताकि वे जल्द ही पूरी तरह ठीक होकर पुनः जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हो सकें। इस कठिन समय में मेरी पूरी संवेदनाएं गीता जी और उनके परिवार के साथ हैं।”
— आजाद गिरी, अध्यक्ष, जमशेदपुर टाइगर क्लब
गीता बालमुचु के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैलते ही जिले के कई वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होकर लौटने की कामना कर रहे हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है और शुभचिंतक लगातार उनकी सेहत की जानकारी ले रहे हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर / मानगो:
मानगो थाना क्षेत्र के पारडीह चौक स्थित एक गल्ला दुकान में बीती रात चोरों ने एसबेस्टस की छत काटकर बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोरों ने दुकान के अंदर प्रवेश कर लगभग 85 हजार रुपये नगद और 10 हजार रुपये मूल्य की कीमती सामग्री पर हाथ साफ कर दिया और फरार हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, पारडीह चौक पर महेश सिंह ‘मामा स्टोर’ नाम से गल्ला दुकान चलाते हैं। रोज की तरह वे बुधवार देर रात लगभग 11:00 बजे अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे। चूंकि दुकान में रोजाना की बिक्री अच्छी होती है, इसलिए सुबह सवेरे दूध, दही और अन्य कच्ची सामग्रियों का भुगतान करने के लिए उन्होंने 85 हजार रुपये नगद दुकान में ही एक बैग में रख दिए थे।
गुरुवार सुबह लगभग 6:00 बजे जब महेश सिंह ने अपनी दुकान खोली, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। दुकान का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। जब उन्होंने ऊपर देखा तो छत का एसबेस्टस कटा हुआ था। चोरों ने उसी रास्ते से अंदर घुसकर बैग में रखे 85 हजार रुपये और अन्य सामान पार कर दिए थे।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित दुकानदार महेश सिंह ने भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही विकास सिंह ‘मामा स्टोर’ पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय मानगो थाना को पूरे मामले से अवगत कराते हुए चोरों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना पर आक्रोश जताते हुए भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
”पूरा मानगो क्षेत्र इस समय नशा सामग्री और डेली लॉटरी की होलसेल मंडी बन चुका है। कोई ऐसा गली-मोहल्ला नहीं बचा है, जहां धड़ल्ले से नशे का अवैध कारोबार न चल रहा हो। जब स्थानीय लोग इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें इन अपराधियों की दबंगई और गुस्से का शिकार होना पड़ता है। हद तो तब हो जाती है जब लोग इसकी शिकायत थाने में करते हैं, लेकिन कथित मिलीभगत के कारण उन्हें वहाँ से भी निराशा ही हाथ लगती है।”
विकास सिंह ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में चोरी, नशे के अवैध धंधे और डेली लॉटरी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो वे जल्द ही स्थानीय लोगों को जागरूक और भयमुक्त करने के लिए एक विशाल पैदल मार्च निकालेंगे और जिला प्रशासन को आईना दिखाने का काम करेंगे।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
जमशेदपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर के DJLHC 212 सभागार में 19 मई 2026 को RAMPC 2026 का समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों, आयोजकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर अकादमिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4:45 बजे मंचासीन अतिथियों के गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान के साथ हुई। आयोजन सचिव ने अपने स्वागत भाषण में सभी उपस्थित गणमान्य लोगों का अभिनंदन किया और RAMPC 2026 के मुख्य उद्देश्यों व सफलताओं को रेखांकित किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. एस. तरफदार (NIT जमशेदपुर) ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवाचार (Innovation) और शोध गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अंतःविषयी अनुसंधान (Interdisciplinary Research) और नवाचार आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए युवा शोधकर्ताओं को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की सीख दी।
वहीं, CSIR–नेशनल मेटलर्जिकल लैबोरेट्री के मुख्य अतिथि डॉ. एस. शिवप्रसाद ने वैज्ञानिक प्रगति और औद्योगिक अनुसंधान के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को शोध के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।
सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति के सदस्यों को उनके कठिन परिश्रम और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इसके बाद संयोजक द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
समापन सत्र से पहले BIT मेसरा, रांची के छात्र अंकित साहू ने अपना सकारात्मक अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम के उत्कृष्ट समन्वय, प्रबंधन और अकादमिक माहौल की जमकर प्रशंसा की।
कार्यक्रम का औपचारिक समापन राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद एक सामूहिक छायाचित्र (ग्रुप फोटो) सत्र और हाई टी का आयोजन किया गया। यह पूरा आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायी और अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर:
उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कालीमाटी जेम्को (आजाद बस्ती) में तीन दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप के दूसरे दिन बुधवार को स्कूली बच्चों में गजब का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। ‘सीखें, खेलें और सृजन करें’ के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपे हुनर को पहचानना और उसे एक सही मंच देना है।
समर कैंप के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ शारीरिक फिटनेस को मजबूत करने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि अपनी रचनात्मकता का भी शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के बीच पोस्टर मेकिंग, स्वदेशी खेल प्रतिभा और कला-संस्कृति से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इसके साथ ही बच्चों ने कैरम बोर्ड, लूडो और शतरंज जैसे इंडोर गेम्स का भी जमकर आनंद उठाया।

बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक अनूठी पहल है। उन्होंने कहा, “यह कैंप बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है, जहाँ खेल और मनोरंजन के बीच उनकी रचनात्मकता निखर कर सामने आ रही है।”

इस पूरे समर कैंप को सफल बनाने और बच्चों का मार्गदर्शन करने में विद्यालय की शिक्षिका कंचन कुमारी, एंजेलिना टीगा और शिक्षक करनदीप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, विद्यालय की बाल संसद की ओर से नंदनी कुमारी और सोनू रजक भी पूरी सक्रियता के साथ व्यवस्था संभालने और बच्चों को प्रेरित करने में जुटे रहे।
तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर:
शहर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित “यूनिक कलेक्शन” कपड़ा दुकान पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जमशेदपुर के सिटी एसपी ललित मीणा ने बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस सनसनीखेज कांड का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात मनीष सिंह गैंग से जुड़े छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मैरून रंग की वैगनआर कार, चार अवैध देसी पिस्तौल, पांच जिंदा गोलियां, तीन खाली मैगजीन, एक खोखा और छह एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि बीते 15 मई को कार सवार अपराधियों ने जुगसलाई के नगर परिषद बाजार स्थित कपड़ा दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस वारदात के पीछे अपराधियों का मकसद इलाके में दहशत फैलाना, कारोबारियों से रंगदारी वसूलना और अपना वर्चस्व कायम करना था। घटना के बाद जुगसलाई थाना में मामला दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर तौकीर आलम के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
विशेष जांच टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर अपराधियों को चिन्हित किया। इसके बाद 19 मई को शहर के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर घटना में शामिल सभी छह आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार अपराधियों के नाम:
पुलिस पूछताछ में सभी आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कुख्यात मनीष सिंह गैंग के सदस्य हैं और रंगदारी व दहशत फैलाने के इरादे से ही उन्होंने फायरिंग की इस घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधियों का पुराना और लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इनमें से बानेश्वर नामता के खिलाफ सरायकेला-खरसावां के चांडिल, चौका, आरआईटी, तिरुलडीह और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के अड़सा थाना में हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके अलावा अंकित सोनकर, राहुल उर्फ बडकू और हरप्रीत सिंह के खिलाफ भी जमशेदपुर के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बागबेड़ा स्थित बड़ौदा घाट के पास बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब खरकई नदी में एक नवजात बच्चे का शव तैरता हुआ पाया गया। इस हृदयविदारक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को बड़ौदा घाट पर नदी में नहाने गए स्थानीय लोगों की नजर सबसे पहले नदी में तैरते हुए नवजात के शव पर पड़ी। शव की स्थिति काफी क्षत-विक्षत थी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
जिस जगह पर नवजात का शव बरामद हुआ, वह क्षेत्र सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हालांकि, भौगोलिक समीपता के कारण बागबेड़ा पुलिस के साथ-साथ आरआईटी थाने की पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला और पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति को देखते हुए यह अंदेशा जताया जा रहा है कि नवजात का शव नदी के तेज बहाव के साथ किसी दूसरे स्थान से बहकर यहां आया है। संभावना है कि शव को पहले कहीं और नदी में फेंका गया था, जो बहते हुए बड़ौदा घाट के किनारे आकर लग गया।
इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। शुरुआती तौर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि किसी महिला या परिवार ने लोकलाज और सामाजिक भय के कारण नवजात को नदी में फेंक दिया हो।
पुलिस का बयान:
“फिलहाल यह सिर्फ एक प्रारंभिक संभावना है। पुलिस मामले के हर तकनीकी और सामाजिक पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। आसपास के क्षेत्रों के अस्पतालों, दाइयों और स्थानीय लोगों से हाल के दिनों में हुए नवजात के जन्म या किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास शुरू कर दिया है कि शव वहां कैसे पहुंचा। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आसपास के इलाकों से मिलने वाले इनपुट का इंतजार कर रही है।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
रोजगार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता और बेहतरीन प्लेसमेंट रिकॉर्ड को बनाए रखते हुए जमशेदपुर के पोखारी स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के 7 विद्यार्थियों ने बेंगलुरु की प्रतिष्ठित कंपनी ‘मैकफॉक्स’ (Macfox) में सफलता का परचम लहराया है। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित विशेष रिक्रूटमेंट ड्राइव में इन प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है, जिससे पूरे विश्वविद्यालय परिसर और उनके परिवारों में हर्ष का माहौल है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस बहु-विषयी (Multi-disciplinary) प्लेसमेंट ड्राइव में इंजीनियरिंग और प्रबंधन (मैनेजमेंट) विभागों के छात्रों ने हिस्सा लिया था। कड़े चयन मानदंडों और विभिन्न चरणों की परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पार करने के बाद बी.टेक, डिप्लोमा और एमबीए के 7 विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी और व्यावसायिक योग्यता के बल पर स्थान पक्का किया।
चयनित मेधावी फ्रेशर्स को कंपनी के बेंगलुरु स्थित कार्यस्थल के लिए पूर्णकालिक रोजगार (Full-Time Employment) दिया गया है। इन्हें कंपनी में डीईटी (DET – डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी) और जीईटी (GET – ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी) जैसी महत्वपूर्ण और कोर भूमिकाएं सौंपी गई हैं, जो विशेष रूप से मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा सेल्स और मार्केटिंग स्ट्रीम के लिए हैं।
सफलता हासिल करने वाले इन विद्यार्थियों को कंपनी की ओर से ₹3 लाख प्रति वर्ष की शुरुआती सैलरी का आकर्षक सालाना पैकेज दिया गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने छात्रों को एक और बड़ा अतिरिक्त लाभ देते हुए बेंगलुरु जैसे महानगर में उनके रहने के लिए सिंगल अकोमोडेशन (आवास) की मुफ्त सुविधा भी प्रदान की है। इस बेहतरीन पैकेज और सर्वसुविधायुक्त अवसर से छात्र और उनके अभिभावक बेहद प्रसन्न हैं।
इस खास उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने कहा:
”विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर प्राप्त हों। हमारा लक्ष्य न केवल छात्रों को रोजगार दिलाना है, बल्कि उनके भविष्य को एक नई ऊँचाई और स्वर्णिम चमक प्रदान करना है। मैकफॉक्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में आकर्षक पैकेज के साथ हमारे छात्रों का चयन होना हमारे इसी विजन को दर्शाता है।” उन्होंने सभी सफल छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की बधाई दी।
वहीं, यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने भी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग और एमबीए के छात्रों का एक साथ डीईटी और जीईटी जैसी कोर भूमिकाओं के लिए चुना जाना विश्वविद्यालय के लिए बेहद गर्व की बात है। बेंगलुरु जैसे देश के सबसे बड़े तकनीकी केंद्र (Tech Hub) में करियर की शुरुआत करना इन युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह सफलता हमारे शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और छात्रों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।
कैंपस में मिली इस बड़ी सफलता के बाद चयनित छात्रों को कंपनी जल्द ही औपचारिक जॉइनिंग प्रक्रिया के लिए आमंत्रित करेगी।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर:
शहर के सोनारी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सुप्रसिद्ध कथावाचक सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की शिष्या रंजीता वर्मा और उनके परिवार पर एक युवती का जीवन बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित हेमलता और उसके परिवार को धोखे में रखकर पहले से शादीशुदा कुणाल वर्मा (कुंदन वर्मा) से दोबारा विवाह कराने, ₹5 लाख दहेज मांगने, तंत्र-मंत्र वाला जल पिलाने और बेटी पैदा होने पर बेरहमी से मारपीट कर घर से निकालने की लिखित शिकायत सोनारी थाना और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) से की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया लाइन सोनारी निवासी शिव प्रसाद वर्मा ने अपनी बेटी हेमलता का विवाह मीना देवी (अब मृत), रंजीता वर्मा, संगीता वर्मा, सुंदर प्रसाद वर्मा और संतोष वर्मा के अत्यधिक आग्रह पर नोआमुंडी निवासी कुंदन उर्फ कुणाल वर्मा के साथ तय किया था। विवाह के समय वधू पक्ष की ओर से ₹2 लाख नगद और ₹3 लाख के जेवरात व अन्य सामान स्त्री धन के रूप में दिए गए थे।
शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आ गया। मकान मरम्मत के नाम पर मायके से ₹5 लाख और लाने का दबाव बनाया जाने लगा। मना करने पर हेमलता को गर्भवती होने के बावजूद घर से निकाल दिया गया। बाद में सामाजिक समझौते के तहत पीड़िता के पिता ने ₹1 लाख नगद दिए, लेकिन ससुराल वाले बाकी के ₹4 लाख के लिए लगातार प्रताड़ित करते रहे।
पीड़िता हेमलता ने अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि नोआमुंडी ससुराल आते ही पति की बहन रंजीता वर्मा (जो खुद को प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिष्या बताती है) उसे तंत्र-मंत्र विद्या किया हुआ जल, बेलपत्र, भभूत और एक्सपायर्ड (अमानक) दवाइयां जबरन पिलाती थी। रंजीता का दावा था कि इससे जच्चा-बच्चा और परिवार सुखी रहेगा, लेकिन इसे पीने से हेमलता की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।
पीड़िता के पैरों तले जमीन तब खिसक गई जब उसका पति कुणाल वर्मा अचानक अपने साथ एक अन्य महिला अंजनी सिंह और उसके छोटे बच्चे को लेकर घर पहुंचा। विरोध करने पर कुणाल ने साफ कह दिया कि यह उसकी पहली पत्नी और बच्चा है और हेमलता को उसके साथ ही मिलकर रहना होगा। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता को यह भी पता चला कि उसके पति के कई अन्य महिलाओं के साथ भी अवैध संबंध हैं। जब उसने इसका कड़ा विरोध किया, तो ससुराल वालों ने उसे जान से मारने की नीयत से फिर एक्सपायर्ड दवा पिलानी चाही, जिसे हेमलता ने किसी तरह छीनकर अपने पास रख लिया।
जान बचाकर जमशेदपुर मायके आई हेमलता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका पूरा खर्च उसके पिता ने उठाया। बेटी पैदा होने की खबर मिलते ही ससुराल पक्ष आगबबूला हो गया। उन्होंने शर्त रखी कि ₹4 लाख मिलने और पहली पत्नी अंजनी के साथ रहने की सहमति देने पर ही वे उसे साथ रखेंगे।
हद तो तब हो गई जब गत 19 अप्रैल को सुबह लगभग 8 बजे आरोपी कुणाल वर्मा, रंजीता वर्मा, संगीता वर्मा, संतोष वर्मा और सुंदर प्रसाद वर्मा जबरन सोनारी स्थित हेमलता के मायके में घुस गए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए कहा, “साली थाना-पुलिस की धमकी देती है, आज इसे जान से मार देंगे।” रंजीता और संगीता ने बाल पकड़कर हेमलता को जमीन पर गिरा दिया, जबकि संतोष और सुंदर प्रसाद ने उसका गला दबाकर बेरहमी से मारपीट की। स्थानीय लोगों के जुटने पर आरोपियों के चंगुल से पीड़िता को बचाया जा सका, जिसके बाद उसका इलाज एमजीएम अस्पताल में कराया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना को लेकर दिनांक 2 मई 2026 को ही सोनारी थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हार मानकर पीड़ित परिवार ने जमशेदपुर के नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। सिटी एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को उचित कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया है। अब पीड़िता और उसके बुजुर्ग पिता को पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क