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जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवनीत मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जुगसलाई स्थित चूना भट्ठा बस्ती एवं बलदेव बस्ती की बदहाली को लेकर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के विशेष पदाधिकारी श्री कृष्ण कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बस्तियों में पेयजल, बिजली, साफ-सफाई एवं शौचालय की गंभीर समस्या से उन्हें अवगत कराया।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष नवनीत मिश्रा ने विशेष पदाधिकारी को बताया कि जुगसलाई थाना के समीप बसी ये दोनों बस्तियाँ पिछले 60 वर्षों से अस्तित्व में हैं। इसके बावजूद आज के आधुनिक दौर में भी यहाँ के लोग पाइपलाइन से पानी, बिजली के पोल, नालियों की नियमित सफाई और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं।
स्थिति इतनी विकट है कि स्थानीय महिलाओं और बच्चों को आज भी करीब डेढ़ (1.5) किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। वहीं, बिजली न होने के कारण पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
युवा कांग्रेस के इस हस्तक्षेप और ज्ञापन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए JNAC के विशेष पदाधिकारी श्री कृष्ण कुमार ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने इन दोनों बस्तियों की समस्याओं के तत्काल समाधान हेतु एक स्पेशल टीम का गठन किया और जल्द से जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया।
विशेष पदाधिकारी का आश्वासन:
“विभाग इस मामले को लेकर गंभीर है। गठित टीम द्वारा जल्द ही स्थल निरीक्षण (Site Inspection) किया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर दोनों बस्तियों में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”
इस दौरान युवा कांग्रेस और स्थानीय स्तर पर भारी संख्या में लोग अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे थे। मुख्य रूप से:
तीसरी धारा न्यूज़ ब्यूरो, जमशेदपुर।
जमशेदपुर: अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को एक नई दिशा देते हुए जमशेदपुर के श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया की प्रतिष्ठित आईएनटीआई (INTI) इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भविष्य में विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, शोध और बेहतरीन अकादमिक अनुभव प्राप्त करने के द्वार खोलेगा।
इस ऐतिहासिक एमओयू पर मलेशिया में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान हस्ताक्षर किए गए। श्रीनाथ विश्वविद्यालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. जे. राजेश तथा आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर (ग्लोबल एंगेजमेंट) प्रो. डॉ. गोह खांग वेन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस वैश्विक कार्यक्रम में श्रीनाथ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए डॉ. जे. राजेश के साथ स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह भी विशेष रूप से जमशेदपुर से मलेशिया पहुंचे थे। इस अवसर पर आईएनटीआई यूनिवर्सिटी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए कई कार्यक्रमों पर काम करेंगे:
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह साझेदारी छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और विभिन्न संस्कृतियों को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगी। इससे विद्यार्थियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता (Global Competitiveness) मजबूत होगी और उन्हें विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का संदेश:
“यह सहयोग संस्थान की अंतरराष्ट्रीयकरण (Internationalization) की रणनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह समझौता न केवल छात्रों और शिक्षकों के समग्र विकास में सहायक होगा, बल्कि विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो, जमशेदपुर।
जमशेदपुर.
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर जमशेदपुर के बागुनहातु स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई. भाजपा बारीडीह मंडल के अध्यक्ष कुमार अभिषेक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया. इस अभियान के तहत परिसर में कुल 21 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए.

पौधारोपण के पश्चात वहां उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने और पर्यावरण की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया. मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक ने कहा कि धरती को हरा-भरा बनाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के जरिए हम प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं.
इस गौरवपूर्ण अवसर पर पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
सभी कार्यकर्ताओं ने इस मुहिम को आगे भी जारी रखने और लगाए गए पौधों की देखभाल करने का जिम्मा उठाया.
तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो, जमशेदपुर
जमशेदपुर: आज उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालिमाटी, जेम्को आजाद बस्ती में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी लोगों को वृक्षों के महत्व के बारे में बताया और कहा कि हम सभी को मिलकर पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। इसके बाद, विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में जामुन, आम, और अन्य फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया।

रोपण के साथ-साथ, विद्यार्थियों ने इन पौधों की देखभाल और नियमित सिंचाई करने का भी संकल्प लिया। विद्यालय के पर्यावरण मंत्री अनुराग मुंडा और अन्य छात्र-छात्राओं ने इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि सदस्य श्री करनदीप सिंह, श्री धर्मदेव राम, और रितु कुमारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना की।
यह वृक्षारोपण कार्यक्रम न केवल विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी पैदा करेगा। उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालिमाटी का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
तीसरी धारा न्यूज (डिजिटल डेस्क): झारखंड के रामगढ़ जिले से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोला थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक मछली व्यवसायी के बेटे के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है।
जानकारी के अनुसार, गोला-मुरी रोड स्थित पूरबडीह फुटबॉल मैदान के समीप गोला थाना पुलिस द्वारा वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मछली व्यवसायी के वाहन को पुलिसकर्मियों ने रोका।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ₹500 की अवैध मांग की। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि वाहन में लाखों रुपये मूल्य की जीवित मछलियां लदी हुई थीं, जिन्हें समय पर तालाब तक पहुंचाना बेहद जरूरी था। लेकिन इस विवाद और जबरन गाड़ी रोके जाने के कारण वाहन काफी देर तक खड़ा रहा, जिससे व्यवसाय को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रामगढ़ पुलिस और झारखंड पुलिस को टैग किया।
मुख्यमंत्री ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी:
“इस प्रकार की घटनाएं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन प्रभावी कदम उठाए।”
मामले की गंभीरता और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रामगढ़ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुणायत ने तत्काल पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। एसपी ने रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन को मामले की जिम्मेदारी सौंपते हुए जल्द से जल्द विस्तृत और निष्पक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वाहन जांच अभियान के दौरान आम जनता के साथ पूरी तरह से संवेदनशील, पारदर्शी और पेशेवर तरीके से पेश आएं।
रामगढ़ एसपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को अब तक की गई प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी साझा की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय जनता और व्यवसायियों की नजर टिकी हुई है।
– ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र में प्रकृति संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की गई। भाजपा बागबेड़ा मंडल द्वारा मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे के कुशल नेतृत्व में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से स्थानीय ‘अटल उद्यान’ सहित बागबेड़ा मंडल के विभिन्न सार्वजनिक और प्रमुख स्थानों पर फलदार और छायादार पौधे रोपे गए।
कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और असंतुलित होता पर्यावरण आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और हरित भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए बागबेड़ा मंडल के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि उनकी पूर्ण देखभाल और संरक्षण की भी जिम्मेदारी ली। उन्होंने स्थानीय निवासियों से भी अपील की कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

इस गरिमामयी पर्यावरण जागरूकता और पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कर्मठ कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

कार्यक्रम का समापन सभी कार्यकर्ताओं द्वारा पर्यावरण को स्वच्छ, सुंदर और हरियाली युक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अभियान की स्थानीय नागरिकों ने भी काफी सराहना की।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर शुक्रवार को भाजपा गोलमुरी मंडल द्वारा एक सराहनीय और प्रकृति-हितैषी पहल की गई। मंडल अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में केबुल टाउन स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य एवं प्रकृति संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित भाजपा पूर्वी सिंहभूम जिला प्रभारी दिनेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा:
”माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल एक औपचारिक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है। यह हमारी पूजनीय मातृशक्ति के प्रति अगाध सम्मान और प्रकृति मां के प्रति हमारी गंभीर जिम्मेदारी का अनूठा प्रतीक है।”
अपने संबोधन में दिनेश कुमार ने पर्यावरण की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण रूप से बड़ा होने तक उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो हम निश्चित रूप से अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण उपहार में दे सकते हैं।
भाजपा जिला प्रभारी ने जोर देकर कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का वास्तविक आधार हैं, जो हमें शुद्ध वायु प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधारोपण को अब एक जन आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने गोलमुरी मंडल की पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक, राष्ट्रीय और पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन में भी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं।
इस पर्यावरण जागरूकता और पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में शहर के कई गणमान्य नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
इसके साथ ही संगठन के मुख्य स्तंभ महामंत्री अशोक सामंता, समरेश कुमार, रंजीत गुप्ता, राकेश गिरी, हरेराम यादव, अनिल सिंह, अमरेंद्र कुमार, मनी मोहंती, डब्लू संतोष, संदीप आइच, दिलीप प्रमाणिक, रहीम, पंकज शर्मा और अमरेंद्र उपाध्याय सहित मंडल के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस महाभियान को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य “वॉक फॉर एनवायरमेंट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 400 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और समाज को प्रकृति बचाने का एक सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का शानदार शुभारंभ वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) समित पंकज और जमशेदपुर वन प्रमंडल के डीएफओ सभा आलम अंसारी मौजूद रहे। वॉक शुरू होने से पहले दोनों अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। इसके बाद अधिकारियों ने लगभग 5 किलोमीटर लंबी वॉक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हाथों में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़ी तख्तियां लिए जब सैकड़ों प्रतिभागी सड़कों पर उतरे, तो पूरा माहौल पर्यावरणमय हो गया। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने:
जैसे गगनभेदी नारों के साथ लोगों को जागरूक किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का जोश देखने लायक था।
”विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी निरंतर जिम्मेदारी को याद दिलाने का अवसर है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें।”
— समित पंकज, RCCF
”पर्यावरण संरक्षण को अब एक जन आंदोलन का रूप देने की सख्त आवश्यकता है। वन विभाग लगातार पौधारोपण, वन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।”
— सभा आलम अंसारी, डीएफओ
कार्यक्रम के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर वन विभाग के अधिकारियों ने सभी शहरवासियों और प्रतिभागियों का दिल से आभार व्यक्त किया। विभाग ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए इस तरह की जनभागीदारी सुनिश्चित की जाती रहेगी। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस 5 किलोमीटर लंबी वॉक ने जमशेदपुर वासियों के दिलों में प्रकृति संरक्षण की एक नई अलख जगा दी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर।
लौहनगरी में ट्रैफिक चालान को लेकर एक ऐसा अनोखा और बेहद विवादित मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। ड्रंकन ड्राइविंग (नशे में वाहन चलाने) के आरोप में चालान कटने से नाराज एक शख्स सीधे एसएसपी (SSP) कार्यालय पहुंच गया और दफ्तर के ठीक बाहर अपनी कार में बैठकर सरेआम शराब पीने लगा। इतना ही नहीं, उसने इस पूरी हरकत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद शहरभर में कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यशैली पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, बुधवार की रात बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा सोनारी स्थित साईं मंदिर के पास नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सोनारी के रहने वाले संजय सिंह को पुलिस ने जांच के लिए रोका। पुलिसकर्मियों ने ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) से उनकी जांच की, जिसमें उनके शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत उन पर 10,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना (चालान) लगा दिया।
चालान कटने के बाद वाहन चालक संजय सिंह ने ट्रैफिक पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय सिंह का कहना है:
”मैंने शराब नहीं पी थी, मैं सिर्फ शराब अपने साथ लेकर जा रहा था। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने 3-4 बार मेरे मुंह में जबरन मशीन लगाकर मेरे शराब पीने की पुष्टि दिखाई।”
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मोड़ तब आया जब संजय सिंह ने पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका दावा है कि चालान की 10 हजार रुपये की राशि को सरकारी खाते या आधिकारिक पोर्टल पर जमा कराने के बजाय, मौके पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने अपने निजी (Personal) बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिया।
संजय सिंह के मुताबिक, पैसे डलवाने वाले उस पुलिसकर्मी का नाम लाल बिहारी राम है। हैरान करने वाली बात यह है कि संजय सिंह ने उस पुलिसकर्मी का बयान भी रिकॉर्ड कर लिया है, जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में उक्त पुलिसकर्मी यह स्वीकार करता दिख रहा है कि उसने चालान का पैसा अपने निजी खाते में डलवाया है और वह बाद में इसे सरकारी खाते में डाल देगा। पुलिसकर्मी की यह स्वीकारोक्ति सीधे तौर पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चालान काटने के बाद मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे मजाक में या लापरवाही से कहा कि—“अब तुम्हारा चालान कट चुका है, तुम अगले 24 घंटे तक कहीं भी शराब पी सकते हो।”
पुलिस की इसी बात से आक्रोशित होकर संजय सिंह सीधे बिष्टुपुर स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। वहां कार्यालय के बाहर अपनी कार खड़ी कर उन्होंने सरेआम शराब पी और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। एसएसपी कार्यालय जैसे सुरक्षित और वीआईपी क्षेत्र के बाहर कार में बैठकर शराब पीते युवक को देखकर वहां मौजूद आम लोग और सुरक्षाकर्मी भी हक्के-बक्के रह गए।
एसएसपी कार्यालय के बाहर का वीडियो और पुलिसकर्मी द्वारा निजी खाते में पैसे लेने का ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई औपचारिक लिखित बयान या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लेकिन सूत्रों के अनुसार, मामला सीधे तौर पर खाकी की छवि और भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपी पुलिसकर्मी पर क्या कार्रवाई होती है।
इस बेहद संवेदनशील और दिलचस्प मामले की हर परत को ‘तीसरी धारा न्यूज’ लगातार उजागर करता रहेगा।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर।
लौहनगरी के स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खुद को स्वास्थ्य मंत्री का करीबी बताने वाले रसूखदारों के संरक्षण में जिला सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़े टेंडरों में लगातार वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही हैं। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी जांच और कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक खानापूर्ति की ही सुगबुगाहट है। अब तक जिला प्रशासन या विभाग की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं दिखा है, जिससे यह कहा जा सके कि मंशा ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने की है।
लेकिन, इस बीच सदर अस्पताल में दवाओं की खरीद में हुए बड़े गोलमाल की शिकायतों पर आखिरकार जांच शुरू हो गई है। इस जांच की आंच से सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) के चेहरों पर साफ तौर पर तनाव देखा जा सकता है।
सदर अस्पताल के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत टेंडर कर दवाओं की खरीद में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का खुलासा सबसे पहले मीडिया ने बीती 6 अप्रैल 2026 की अपनी रिपोर्ट में किया था। मामला राज्य स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने के बाद जमशेदपुर सिविल सर्जन कार्यालय में चल रहे इस खेल की परत दर परत कड़ियां खुलने लगी हैं।
फिलहाल, जिला उपायुक्त (DC) के निर्देश पर एडीएम (ADM) को इस टेंडर फिक्सिंग और दवा खरीद घोटाले की जांच सौंपी गई है। अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले एडीएम ने सोमवार को सिविल सर्जन को नोटिस भेजकर टेंडर से जुड़े सभी मूल दस्तावेजों (Original Documents) के साथ तलब किया है।
दवाओं की खरीद में किस कदर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है, इसका अंदाजा आप इन आंकड़ों से लगा सकते हैं:
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दवा का नाम (Medicine) |
पिछले साल की दर (प्रति यूनिट) |
इस साल की खरीद दर (प्रति यूनिट) |
|---|---|---|
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Resperidon 4mg |
₹ 0.90 |
₹ 6.36 |
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Olanzapine 10 mg |
₹ 0.58 |
₹ 6.76 |
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Sodium Valporate 500 |
₹ 2.45 |
₹ 7.73 |
इन अलग-अलग लॉट में हुई खरीद से साफ है कि जो दवाएं चंद पैसों में मिल सकती थीं, उन्हें कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया।
शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे टेंडर प्रक्रिया को लेकर सीधे डीसी से शिकायत की थी। आरोप है कि अपनी चहेती एजेंसी को काम देने के लिए टेंडर के नियमों और शर्तों के साथ सीधे तौर पर छेड़छाड़ की गई। GeM Portal पर ऑनलाइन टेंडर होने के बावजूद, नियमों के विपरीत जाकर ऑफलाइन ‘हार्डकॉपी’ जमा ली गई। इतना ही नहीं, टेंडर का BOQ (Bill of Quantities) भी इस तरह से तैयार किया गया था कि कोई दूसरी बाहरी एजेंसी इस रेस में शामिल ही न हो सके। आशंका जताई जा रही है कि एक ही व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अलग-अलग नाम से कई फर्में बनाईं और टेंडर हासिल कर लिया।
इस पूरे मामले में घिरे डीपीएम अब मीडिया के सामने अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनका अजीबोगरीब बयान सामने आया है कि उनके प्रयास से ही इस गोलमाल पर रोक लगी है। डीपीएम का कहना है कि:
”अब तक अस्पताल में 1.30 रुपये की दवा 8 रुपये में खरीदी जा रही थी। मैंने ही कोटेशन प्रक्रिया को बंद कराकर पारदर्शी ऑनलाइन टेंडर शुरू कराया।”
हालांकि, दस्तावेज और बढ़े हुए दाम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं, जिससे फिलहाल डीपीएम ही सीधे निशाने पर हैं।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला फैसला जिला प्रशासन का रहा है। डीसी द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच कमेटी में एडीएम के साथ सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल को भी शामिल किया गया है। अब इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक, टेंडर करने वाले डीपीएम सीधे सिविल सर्जन को रिपोर्ट करते हैं। ऐसे में विभाग के भीतर हुए किसी भी घोटाले की जिम्मेदारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सिविल सर्जन की भी बनती है। जब सिविल सर्जन खुद जांच के दायरे में आ सकते हैं, तो उन्हें ही जांच कमेटी का हिस्सा बना देना जांच की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
मांग: शिकायतकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने मांग की है कि इस टेंडर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और किसी स्वतंत्र एजेंसी से सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि इस सिंडिकेट का सच सामने आ सके।
– तीसरी धारा न्यूज मीडिया डेस्क