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एक नई सोच, एक नई धारा

प्रेस विज्ञप्ति एनआईटी जमशेदपुर में एआईईआई 2026 का भव्य उद्घाटन जमशेदपुर, 26 मार्च 2026: इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एआई इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन (AIEI 2026) का आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार, आईएएस, निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग रहे। अपने संबोधन में उन्होंने तकनीकी प्रगति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा राष्ट्रीय विकास के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं विशिष्ट अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर ने सभा को संबोधित करते हुए संस्थान की उत्कृष्ट शोध एवं वैश्विक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर डॉ. मधु सिंह, अध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जमशेदपुर ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए और वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान हेतु एआई आधारित अनुसंधान एवं बहुविषयी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में प्रो. राजीव श्रीवास्तव, निदेशक, IIIT रांची; प्रो. एन. पी. पाध्य, निदेशक, MNIT जयपुर (ऑनलाइन); डॉ. एंडी चेन, अध्यक्ष, IEEE सिस्टम्स काउंसिल (ऑनलाइन); डॉ. त्रिदिबेश नाग, सचिव, IEEE कोलकाता सेक्शन; तथा श्री शुभमोय चक्रबर्ती, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, ABP प्रा. लि. सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन का नेतृत्व जनरल चेयर डॉ. वी. पी. मीणा, एनआईटी जमशेदपुर एवं चेयर, IEEE सिस्टम्स काउंसिल सिस्टम्स एजुकेशन टेक्निकल कमेटी तथा प्रो. केसी (केसी) संतोष, संस्थापक निदेशक, USD आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा, अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति में डॉ. दिनेश कुमार (CSE), डॉ. मृणाल कांति सरकार (EE), डॉ. सूर्य प्रकाश (EE), डॉ. स्वगतदेब साहू (ECE), डॉ. मृत्युंजय राउत (ECE), डॉ. संजय कुमार (EE) एवं डॉ. सुप्रियो दास (EE) आयोजक अध्यक्ष/सचिव के रूप में शामिल हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. मृणाल कांति सरकार, आयोजक अध्यक्ष ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सूर्य प्रकाश, आयोजक सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य (आईआईटी आईएसएम धनबाद) एवं श्री शुभमोय चक्रबर्ती (CTO, ABP प्रा. लि.) द्वारा दो मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उभरते रुझानों एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई। “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सुदीप्तो जेना, सत्य प्रिय दास एवं नारायण बसाक ने पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया तथा इसका संचालन श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने किया। इस चर्चा में विश्वसनीय, नैतिक एवं सुरक्षित एआई प्रणालियों के विकास के महत्व पर जोर दिया गया। सत्रों में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों की उत्साहपूर्ण भागीदारी एवं सार्थक संवाद देखने को मिला। सम्मेलन आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न विषयों पर मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार के विविध आयामों को समाहित करेंगे।

जमशेदपुर: भविष्य की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘AIEI-2026’ का गुरुवार को शानदार उद्घाटन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग (Electrical Engineering) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और उद्योग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।IMG 20260327 WA0029

​तकनीकी प्रगति से ही संभव है राष्ट्रीय विकास: सुनील कुमार (IAS)

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार (निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई (AI) केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान (Research) ही एकमात्र रास्ता है।IMG 20260327 WA0027

​वैश्विक सहयोग और शोध पर जोर

​एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैश्विक सहयोग के द्वार खोलते हैं। वहीं, इलेक्ट्रिकल विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने बताया कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों, जैसे ऊर्जा संकट और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग समय की मांग है।1002518072

​इन दिग्गजों ने साझा किए विचार

​उद्घाटन सत्र में तकनीक जगत की कई बड़ी हस्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ीं:

  • ​प्रो. राजीव श्रीवास्तव (निदेशक, IIIT रांची)
  • ​प्रो. एन. पी. पाध्य (निदेशक, MNIT जयपुर)
  • ​डॉ. एंडी चेन (अध्यक्ष, IEEE सिस्टम्स काउंसिल)
  • ​श्री शुभमोय चक्रबर्ती (CTO, ABP प्रा. लि.)

​इस सम्मेलन का नेतृत्व डॉ. वी. पी. मीणा (NIT जमशेदपुर) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा के प्रो. केसी संतोष कर रहे हैं।

​पहले दिन की खास चर्चा: क्या एआई पर भरोसा किया जा सकता है?

​सम्मेलन के पहले दिन “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण पैनल चर्चा हुई। इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि एआई प्रणालियों को न केवल स्मार्ट, बल्कि नैतिक (Ethical) और सुरक्षित बनाना भी जरूरी है।

  • ​मुख्य व्याख्यान: आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य और श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने एआई के औद्योगिक उपयोगों पर नई जानकारियां साझा कीं।

​आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

​कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. मृणाल कांति सरकार, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. स्वगतदेब साहू सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अगले दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र और शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए जाएंगे।

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