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एक नई सोच, एक नई धारा

अयोध्या में त्रेता युग सा नजारा: रामलला का हुआ भव्य ‘सूर्य तिलक’, 4 मिनट तक मस्तक पर विराजे सूर्यदेव

अयोध्या/डेस्क: रामनवमी के पावन अवसर पर आज समूचा देश राममय हो गया है। रामनगरी अयोध्या में प्रभु श्री रामलला का जन्मोत्सव अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक दिन (27 मार्च) को अयोध्या के भव्य मंदिर में एक ऐसा चमत्कारिक दृश्य देखने को मिला, जिसने करोड़ों राम भक्तों को भावविभोर कर दिया—प्रभु रामलला का ‘सूर्य तिलक’।69c60e337db62 ram lala surya tilak 275717894 16x9 1

​विज्ञान और आध्यात्म का अद्भुत संगम

​ठीक दोपहर 12 बजे, जब भगवान राम का जन्म हुआ था, सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं। करीब 4 मिनट तक भगवान के मस्तक पर सूर्य की किरणें एक चमकते तिलक की तरह जगमगाती रहीं।

  • ​कैसे हुआ यह चमत्कार? वैज्ञानिकों ने दर्पण (मिरर) और लेंस की एक विशेष ऑप्टोमैकेनिकल प्रणाली विकसित की है, जिससे सूर्य की रोशनी को परावर्तित (Reflect) कर सीधे गर्भगृह तक पहुँचाया गया।
  • ​अभिजीत मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार, प्रभु का जन्म इसी मुहूर्त में हुआ था जब सूर्य अपनी पूरी शक्ति में होते हैं।1002518072

​पीएम मोदी ने लाइव देखा यह दिव्य नजारा

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भव्य घटना का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री आवास से उन्होंने न केवल दर्शन किए, बल्कि इस गौरवशाली क्षण पर तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह पल हर भारतीय के लिए गर्व और श्रद्धा का विषय है।n7061541171774597963232bbb000087e81b8ca4bd80a542254fcaa8b760a1308cad5e96c093a58340d5fd2

​56 भोग और विशेष पूजा

​इस खास अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे। सूर्य तिलक के दौरान विशेष मंत्रोच्चार और आरती की गई। इसके बाद प्रभु रामलला को 56 तरह के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया। ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरी अयोध्या नगरी गूंज उठी और भक्तों की भारी भीड़ अपने आराध्य की एक झलक पाने को बेताब दिखी।

​क्यों खास है सूर्य तिलक?

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम सूर्यवंशी हैं और सूर्यदेव उनके कुल देवता हैं। सूर्य को जीवन और शक्ति का स्रोत माना जाता है। मस्तक पर सूर्य की किरणों का अभिषेक इस बात का प्रतीक है कि सूर्यदेव स्वयं अपने वंशज का अभिनंदन करने धरती पर उतरे हैं।

​तीसरी धारा न्यूज़ की विशेष प्रस्तुति

​अयोध्या का यह ‘सूर्य तिलक’ केवल एक वैज्ञानिक प्रयोग नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का वह प्रकाश है जो नए भारत के उदय का प्रतीक है।

​रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

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