ताजा खबर
पूर्वी सिंहभूम: खाद्यान्न वितरण में लापरवाही पर डीसी राजीव रंजन सख्त, चार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को किया गया शो-कॉज•सरायकेला: समाजसेवी रंजन कारूवा की तबीयत बिगड़ी, ब्रह्मानंद अस्पताल के CCU में भर्ती; क्षेत्र में चिंता की लहर•जमशेदपुर में 108 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह ठप: हड़ताल के कारण मरीजों और परिजनों की बढ़ी मुश्किलें, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई•कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा: बारिश के बीच मची भगदड़ और पंडाल का हिस्सा ढहने से 17 की मौत, कई घायल•झींकपानी में बड़ा सवाल: नवागांव के शाखा डाकपाल का कुएं से मिला संदेहास्पद शव, जांच में जुटी पुलिस और डाक विभाग•टेल्को प्रखंड में दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति ने धूमधाम से मनाया शस्त्र पूजन कार्यक्रम, उमड़ी महिलाओं की भारी भीड़•‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ ने झारखंडवासियों को दी दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं, डीसी-एसएसपी से सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग•L4 एरिया दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: डीसी राजीव रंजन और टाटा स्टील वीपी डीबी सुंदररामम ने किया संयुक्त रूप से श्रीगणेश•चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) का ऐलान, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट•धर्म, अध्यात्म और पर्यावरण का अद्भुत संगम: बागबेड़ा के भव्य पूजा पंडाल का हुआ उद्घाटनपूर्वी सिंहभूम: खाद्यान्न वितरण में लापरवाही पर डीसी राजीव रंजन सख्त, चार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को किया गया शो-कॉज•सरायकेला: समाजसेवी रंजन कारूवा की तबीयत बिगड़ी, ब्रह्मानंद अस्पताल के CCU में भर्ती; क्षेत्र में चिंता की लहर•जमशेदपुर में 108 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह ठप: हड़ताल के कारण मरीजों और परिजनों की बढ़ी मुश्किलें, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई•कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा: बारिश के बीच मची भगदड़ और पंडाल का हिस्सा ढहने से 17 की मौत, कई घायल•झींकपानी में बड़ा सवाल: नवागांव के शाखा डाकपाल का कुएं से मिला संदेहास्पद शव, जांच में जुटी पुलिस और डाक विभाग•टेल्को प्रखंड में दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति ने धूमधाम से मनाया शस्त्र पूजन कार्यक्रम, उमड़ी महिलाओं की भारी भीड़•‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ ने झारखंडवासियों को दी दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं, डीसी-एसएसपी से सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग•L4 एरिया दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन: डीसी राजीव रंजन और टाटा स्टील वीपी डीबी सुंदररामम ने किया संयुक्त रूप से श्रीगणेश•चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) का ऐलान, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट•धर्म, अध्यात्म और पर्यावरण का अद्भुत संगम: बागबेड़ा के भव्य पूजा पंडाल का हुआ उद्घाटन

एक नई सोच, एक नई धारा

भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: शिवहर DDC बृजेश कुमार पर SVU का शिकंजा, पत्नी के नाम करोड़ों का ‘सफेद’ खेल

पटना/शिवहर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़े प्रशासनिक अधिकारी का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। शिवहर के उप विकास आयुक्त (DDC) बृजेश कुमार अब जांच के घेरे में हैं। मुजफ्फरपुर में SDO रहने के दौरान पद का दुरुपयोग कर काली कमाई करने और उसे पत्नी के नाम पर निवेश करने के गंभीर साक्ष्यों ने अफसर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।n70582814817743858981227e1ac928993dde22fbe0887242a294eb3d2e29e41ee3685ccf977d339960c7a9

​सगुना मोड़ की ‘आलीशान’ संपत्तियों ने खोला राज

​SVU की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा राजधानी पटना के प्राइम लोकेशन सगुना मोड़ को लेकर हुआ है। साल 2023 में जब बृजेश कुमार मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) के SDO थे, तब उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि कुमारी के नाम पर एक के बाद एक चार कीमती संपत्तियां खरीदीं।

  • ​बाजार मूल्य करोड़ों में: इन संपत्तियों का सरकारी मूल्य करीब 2.26 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि बाजार भाव इससे कहीं अधिक है।
  • ​कमर्शियल निवेश: दानापुर के ‘ओम गंगा परिसर’ और ‘प्रगति टावर’ जैसे नामी कमर्शियल सेंटरों में कीमती दुकानें खरीदी गईं।

​आय से 1.44 करोड़ अधिक की संपत्ति: बेनामी निवेश का जाल

​विशेष निगरानी इकाई द्वारा दर्ज कांड संख्या-11/26 के अनुसार, DDC बृजेश कुमार पर अपनी ज्ञात आय से 1 करोड़ 44 लाख 32 हजार 900 रुपये अधिक अर्जित करने का पुख्ता आरोप है।

​जांच का दायरा केवल अधिकारी तक सीमित नहीं रहा। SVU की टीम ने सीतामढ़ी में उनके ससुर (सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता) के आवास पर भी दबिश दी। जांच में निम्नलिखित निवेश सामने आए हैं:

  1. ​बैंक निवेश: विभिन्न वित्तीय संस्थानों में 21 लाख रुपये से अधिक के निवेश के सबूत।
  2. ​संदेहास्पद उपहार: नरकटियागंज में एक संबंधी से ‘उपहार’ के रूप में मिली 31 लाख रुपये की जमीन भी अब रडार पर है।

​सरकारी रिकॉर्ड में ‘साफ-सुथरे’, हकीकत में ‘करोड़पति’

​इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू पारदर्शिता का अभाव है। बृजेश कुमार ने हर साल सरकार को सौंपे जाने वाले अपने संपत्ति विवरण (Asset Declaration) में इन चल-अचल संपत्तियों का कोई जिक्र नहीं किया था। उन्होंने अपनी और पत्नी की बेनामी संपत्तियों को पूरी तरह गोपनीय रखा, जबकि SVU ने उनकी पत्नी के नाम से पांच संपत्तियों के डीड (दस्तावेज) बरामद किए हैं।

​अगला कदम: निगरानी इकाई अब उन गुप्त निवेशों और ‘बेनामी’ संपत्तियों की तलाश में है जो रिश्तेदारों के नाम पर छिपाई गई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

 

​रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

CCTV 2 CAMERA TWISTER 1
error: Content is protected !!